प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रि‍यों की बैठक की अध्यक्षता की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के मुख्‍यमंत्रि‍यों के साथ एक बैठक की। इसमें क्षेत्र में चल रही ढांचागत परि‍योजनाओं की प्रगति‍की समीक्षा की गई। यह बैठक योजना आयोग द्वारा आयोजि‍त की गई जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में वि‍कासात्‍मक कार्य को शुरू करने वाली और उन पर नजर रखने वाली शीर्ष केन्‍द्रीय एजेंसी है।

बैठक का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि‍सरकार पूर्वोत्तर में ढांचागत वि‍कास को क्षेत्र के वि‍कास और शेष भारत के साथ संपर्क बढ़ाने की रणनीति‍के मुख्‍य तत्‍व के रूप में लेती हैं। योजना आयोग के उपाध्‍यक्ष डॉ. मोंटेक सिंह अहलूवालि‍या ने क्षेत्र में बुनि‍यादी वि‍कास पर वि‍स्‍तृत जानकारी दी और कहा कि‍क्षेत्र में ११वीं योजना अवधि‍के दौरान लगातार ध्‍यान देने से संतोषजनक परि‍णाम नि‍कले हैं। क्षेत्र में राज्‍य घरेलू उत्‍पाद वि‍कास ११वीं योजना में पहली बार राष्‍ट्रीय औसत से अधि‍क रहा है जि‍ससे योजना आयोग द्वारा कि‍ए गए उपायों और लगातार नि‍गरानी की सफलता का पता चलता है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र का सकल राज्‍य घरेलू उत्‍पाद (जीएसडीपी) २००७-२०१२ की ११वीं योजना अवधि‍के दौरान लगभग १० प्रति‍शत बढ़ा जबकि‍कुल मि‍लाकर देश का जीएसडीपी ८ प्रति‍शत रहा। इस वृद्धि‍को बागवानी, पुष्‍प, कृषि‍, मत्स्य पालन, रबड़ और ताड़ के तेल के उत्‍पादन सहि‍त कृषि‍क्षेत्र के अच्‍छे नि‍ष्‍पादन से सहायता मि‍ली है। योजना आयोग के उपाध्‍यक्ष ने यह भी बताया कि‍क्षेत्र के लि‍ए एनसीए, एसीए, एससीए और एसपीए सहि‍त कुल केन्‍द्रीय सहायता जहां १०वीं योजना के दौरान ३४,७६४ करोड़ रुपए थी वहां, ११वीं योजना के दौरान दोगुने से भी बढ़ाकर ७३,३७४ करोड़ रुपए कर दी गई थी। इसके परि‍णामस्‍वरूप सभी उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों में योजना परि‍व्‍यय जीएसडीपी के हि‍स्‍से के रूप में अत्‍यधि‍क बढ़ गया है।

अपने समापन उल्‍लेख में प्रधानमंत्री ने कहा कि‍आज की गई समीक्षा से पता चलता है कि‍प्रत्‍येक क्षेत्र में उल्‍लेखनीय प्रगति‍हो रही है। उन्‍होंने केन्‍द्रीय मंत्रालयों के बीच समन्‍वय बढ़ाने के लि‍ए योजना आयोग से एक नि‍गरानी समि‍ति‍गठि‍त करने को भी कहा जि‍समें उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों के प्रति‍नि‍धि‍भी शामि‍ल कि‍ए जाए। केन्‍द्रीय मंत्रालयों ने रेलवे, सड़कों, हवाई अड्डों, दूरसंचार और बि‍जली सहि‍त बुनि‍यादी ढांचे के ‍वि‍कास पर जोर दि‍या है।

बुनि‍यादी ढांचे के प्रत्‍येक क्षेत्र की मुख्‍य बातें रेलवे
१२वीं योजना में उत्‍तर पूर्वी क्षेत्र में रेलों का बड़े पैमाने पर वि‍स्‍तार करने की पहल की गई है। वहां रेलवे की २० परि‍योजनाएं चल रही है जि‍नमें से १० राष्‍ट्रीय परि‍योजनाएं है।
वि‍शेषताएं: रंगि‍या-रंगपुरा (तेजपुर), रंगपुरा-उत्‍तरी लखीमपुर और उत्‍तर लखीमपुर-मुरकोंगसेलक परि‍योजनाओं को पूरा करने के लि‍ए चालू वर्ष में ३१४ करोड़ रुपए के अतिरि‍क्‍त वि‍त्‍तीय स्रोत उपलब्‍ध कराए गए। लमडिंग-सि‍लचर लाइन का मुख्‍य और ब्रांच लाइनों के लि‍ए आमान परि‍वर्तन। चालू वर्ष में अति‍रि‍क्‍त १०० करोड़ रुपए का प्रावधान। मुख्‍य लाइन का मार्च २०१५ में और ब्रांच लाइनों का जून २०१६ में पूरा होने की आशा।

मु यमंत्री से बांग्लादेश के उच्चायुक्त ने मुलाकात की
जयपुर, 20 जनवरी। मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे से सोमवार को यहां मु यमंत्री कार्यालय में बांग्लादेश के भारत में उच्चायुक्त श्री तारिक करीम ने मुलाकात की।
श्री करीम की मु यमंत्री से यह शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर उन्होंने श्रीमती राजे को ढाका के मलमल की शॉल भेंट की। मु यमंत्री ने श्री करीम को पुस्तक ''आर्ट एट सविालय'' की प्रति भेंट की।

दुनिया के खेल मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को मिली एक नयी पहचान प्रदेश का पहला अन्तर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी
हॉकी में हम एक बार फिर शीर्ष पर पहुंचेगा भारत: राज्यपाल श्री शेखर दत्त
भारतीय हॉकी के सुनहरे दिनों की वापसी के लिए सब मिलकर करेंगे प्रयास: डॉ. रमन सिंह
रायपुर, २० जनवरी २०१४ राज्य के प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के लोकार्पण के साथ ही दुनिया के खेल मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को आज दुनिया के खेल मानचित्र पर एक नयी पहचान मिली। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के च्ड्रीम-प्रोजेक्टज् के रूप में जिला मुख्यालय राजनांदगांव में लगभग २२ करोड़ रूपए की लागत से निर्मित इस हॉकी स्टेडियम का लोकार्पण हुआ। प्रदेश के राज्यपाल श्री शेखर दत्त और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लगभग साढ़े नौ एकड़ के रकबे में निर्मित यह विशाल स्टेडियम जनता को समर्पित किया। लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत और लोकसभा सांसद श्री मधुसूदन यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में खेल प्रेमीनागरिक समारोह में उपस्थित थे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने लोकार्पण समारोह में विशेष रूप से उपस्थित अर्जुन पुरस्कार विजेता और पूर्व ओलंपिक हॉकी खिलाड़ी श्री अजीत पाल सिंह, भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सुश्री सबा अंजुम तथा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विन्सेंट लकड़ा और श्री मृणाल चौबे सहित सभी राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा वर्ष २००८ में प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को लगभग सौ करोड़ रूपए की लागत से नया रायपुर स्थित ग्राम परसदा में परसदा में निर्मित अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात मिल चुकी है। इस बीच रायपुर के बूढ़ा तालाब के सामने विशाल इंडोर स्टेडियम का निर्माण पूर्ण कर उसमें खेल गतिविधियां शुरू कर दी गयी हैं। इसके बाद आज २० जनवरी को छत्तीसगढ़ के खेल जगत को रमन सरकार की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के रूप में एक और बड़ी सौगात मिली है। राज्यपाल एकादश और मुख्यमंत्री एकादश के बीच हॉकी के प्रदर्शन मैच के साथ राजनांदगांव में इस नये स्टेडियम का लोकार्पण हुआ।
मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल श्री दत्त ने कहा कि हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है। आजादी के पहले अनेक विश्व स्तरीय हॉकी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने देश को विजयी होने का गौरव दिलाया था। हमारी हॉकी टीमों ने उन दिनों अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश को अनेक स्वर्ण पदक दिलाकर दुनिया में भारत का नाम रौशन किया था।

बेहतर निवेश क्षेत्र के रूप में उभरा है मध्यप्रदेश
ताइवान को निवेश का आमंत्रण दिया मुख्यमंत्री श्री चौहान ने
भोपाल २०जनवरी२०१४ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहाँ मंत्रालय में ताइवान के व्यापारिक प्रतिनिधि-मंडल ने राजदूत श्री चुग क्वांग के नेतृत्व में भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और ताइवान के गहरे सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध है। मध्यप्रदेश के साथ आर्थिक संबंध बढ़ने से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। श्री चौहान ने प्रतिनिधि-मंडल को बताया कि मध्यप्रदेश विगत सात साल से आर्थिक विकास की दर में दो अंक की बढ़त बनाये हुए है। यह देश का सबसे तेज गति से बढ़ता प्रदेश है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में भी प्रदेश ने १८.९१ प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर हासिल की है। अब निवेश बढ़ाने के लिये बड़े पैमाने पर प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्र-संस्करण, इलेक्ट्रानिक्स, निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, सोलर पेनल निर्माण जैसे क्षेत्र में ताइवान के निवेश प्रस्तावों का स्वागत है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश की नीति और प्रक्रियाएँ उद्योग मित्र और पूरी तरह पारदर्शी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश से एक प्रतिनिधि-मंडल ताइवान भेजा जायेगा। यह प्रतिनिधि-मंडल ताइवान और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार एवं निवेश की संभावनाओं का परीक्षण करेगा। उन्होंने ताइवान के निवेशकों और प्रतिनिधि-मंडल को इंदौर में ८,९,१० अक्टूबर २०१४ को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने का आमंत्रण दिया।
ताइवान के राजदूत श्री क्वांग ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए उन्हें लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सतत विकास वृद्धि दर से नेतृत्व क्षमता साबित होती है। उन्होंने कहा कि पूर्व की ओर रूख करने की वैश्विक दृष्टि से दक्षिण-पूर्व के देशों में व्यापारिक हलचल बढ़ी है। इन देशों में २०० बिलियन यू.एस. डालर का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि इन देशों के बीच बढ़ती व्यापारिक प्रतिस्पर्धा, उच्च श्रम और अत्यधिक मांग से अब नये निवेश क्षेत्र की तलाश जरूरी हो गई है। भारत और भारत में मध्यप्रदेश में नया निवेश क्षेत्र उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ही एक आशा है। श्री क्वांग ने बताया कि ताइवान का व्यापारिक प्रतिनिधि-मंडल पंजाब भी गया था। उन्होंने कहा कि निवेश की दृष्टि से मध्यप्रदेश में खाद्य प्र-संस्करण, आटो मोबाइल और कृषि क्षेत्र में निवेश की असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश की प्रगति की सराहना करते हुए श्री चौहान के नेतृत्व की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री क्वांग को मध्यप्रदेश का साहित्य सेट भेंट किया। श्री क्वांग ने उन्हें ताइवान की ओर से स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री पी.के. दाश, सचिव श्री एस.के. मिश्रा और टाइपई आर्थिक और सांस्कृतिक केन्द्र के भारत में कार्यकारी संचालक डॉ. गुआन जीली उपस्थित थे।
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