आक्रोश में,होश खोना,खतरनाक, दिशा विहीन जोश, बड़ी तबाही का संदेश

व्ही.एस.भुल्ले/ जब भी प्राकृतिक प्रलय या मानव चूक से कोई तबाही होती है,तो तबाही के बाद का मंजर कैसा हेाता है हमने गुजरात का भूंक प,दक्षिण का सुनामी तथा उत्तराखण्ड सहित गोधरा,आयोध्या और अब मुजफफरनगर के दंगो के रुप में देख चुके है।

चुनावों में जनआक्रोशबस जो राजनैतिक तबाही,दिल्ली,राजस्थान,म.प्र. में हुई है वह भी सबके सामने है। दिल्ली में दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दलो को जनता ने बाहर कर आम आदमी पार्टी को सत्ता पर बैठाल दिया है। जिसका मु य मुद्दा, समस्याओं से निजात और भ्रष्टाचार के खात्मे के साथ ही स्वराज के माध्ययम से आम आदमी का राज है। वही जिस तरह से जनआक्रोश ने राजस्थान,म.प्र. में कांग्रेस को सत्ता से दूर कर, मजबूरीबस भाजपा को जो प्रचण्ड बहुमत दिया इसे भाजपा कतई अपनी नीतियों की उपलब्धि न माने क्योकि जिस तरह का सत्ता अंहकार कांग्रेस ने गरीबों की बिना पर राजस्थान में प्रदर्शित किया। उसका सबक राजस्थान की जनता ने कांग्रेस को सिखाया।

रहा सवाल म.प्र. का तो यहां तो नेतृत्व का मलयुद्ध और सत्ता में धमक बनाये रखने की गरज ने साबित कर दिया कि 24 अकबर रोड़ पर तो ,नीरो, की आत्मा जा बैठी है। जिसने अपनी बेसुरी बासूरी के आगे न तो कार्यकत्र्ताओं, न ही मीडिया, न ही बुद्धिजीवियों की सुनी और आई अबाई सत्ता को हाथों से फैंक डाला, ऐंसे में हर जागरुक नागरिक, युवा को, राष्ट्र की चिन्ता होना स्वभाविक है और वाजिब भी है।

मगर देश का दुर्भाग्य कि कहीं राजनैतिक दलों के रुप में कुछ प्रायवेट लिमिटेड पार्टियों है, तो कुछ राष्ट्र भक्त होने के साथ कट्टर पंथियो का दंश लिये विचार धारा के लिये किसी भी हद तक जाने वाले दल है, जिन्होंने देश की आवाम को खाने कमाने और सोने तक वर्तमान अर्थव्यवस्था के चलते सीमित कर दिया है।
रहे कुछ ऐसे दल जो धन बल,बाहूबल को तिलांजली दे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी से राष्ट्र की सेवा,व जनसेवा मे जुटे दलो को मदद करने के अलावा दीन हीन दलो को सुनने की फुरसत कहां,देश में मौजूद भ्रष्ट व्यवस्था के बीच ल बा चौड़ा राष्ट्र का धन लूटने वाली उन उद्यौगिक संस्थाओं को, जो बड़े-बड़े दलो को अरबों का चन्दा दे अपने व्यापार उद्योग को चमकाने मेें लगे है।

ऐसे में जनाक्रोश का देश में उठा तूफान बड़ी तबाही कर देश के विकास को 50 वर्ष पीछे धकेल और न खत्म होने वाली समस्याओं को बंबंडर में उलझा दे तो कोई अतिसंयोक्ति न होगी।
बेहतर हो, देश वासी धैर्य का परिचय दे और एक अच्छे और सच्छे, स्वस्थ लेाकतंत्र की शुरुआत करते हुये अच्छे लोंगों को चुने, न कि किसी दल को। फिर वह प्रत्याशी को जो भले ही किसी ाी दल से क्यों न हो,भले ही वह निर्दलीय हो, वरना सौदे बाजी खरीद फरोस्त की पर परा के चलते 2014 में उठे तूफान की आग को, गरीबों के लिये उठे जनआक्रोश भले ही ठंडा हो जाये,मगर ऐसे में यह व्यवस्था एक बार फिर से आम गरीबों के गले मरे सांप को डालने पर मजबूर होगी।

अगले पांच साल में पांच लाख हेक्टेयर नये रकबे में सिंचाई करने का लक्ष्य- जल संसाधन मंत्री
रायपुर, १३ जनवरी २०१४छत्तीसगढ़ में आगामी पांच सालों में पांच लाख हेक्टेयर नये रकबे में सिंचाई सुविधा विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनायी जाएगी। इसके लिए सबसे पहले प्रदेश के सिंचाई परिदृश्य का सर्वेक्षण किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में सभी जिलों की मौजूदा सिंचाई क्षमता पर एक रिपोर्ट तैयार होगी। उसके बाद नए रकबे में सिंचाई सुविधा विकसित करने के लिए जिलेवार कार्य-योजना बनाई जाएगी। इसी प्रकार वर्तमान में संचालित वृहद, मध्यम और लघु सिंचाई योजनाओं की ९० प्रतिशत क्षमता प्राप्त करने के लिए भी व्यवस्थित कार्य-योजना बनायी जाएगी । इन परियोजनाओं से ९० प्रतिशत सिंचाई क्षमता प्राप्त करने के लिए वहां कराए जाने वाले कार्यों का प्रस्ताव भी बनाया जाएगा। जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने यहां विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों को इस आशय के निर्देश दिए। बैठक में जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एन.के.असवाल, प्रमुख अभियंता श्री एच.आर. कुटारे सहित सभी मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता उपस्थित थे। जल संसाधन मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में विभागीय काम-काज मंे कसावट लाने के निर्देश देते हुए कहा कि विभाग का पूरा काम किसानों और खेतिहर मजदूरों की भलाई का काम है। इस काम में किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि विगत दस सालों में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के मामले में राज्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई है,परन्तु इस दिशा में हमें और तेजी से काम करने की जरूरत है। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक प्रयोजनों से बनाए जा रहे बैराजों से लगभग १० हजार हेक्टेयर रकबे में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा विकसित करने के लिए कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पुरानी नहरों की मरम्मत, गहरीकरण और विस्तारीकरण के कार्य में मनरेगा के मद से धनराशि प्राप्त करने के प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजे जाएं। जल संसाधन मंत्री ने निर्माणाधीन लघु सिंचाई योजनाओं को हर हाल में आगामी ३० जून तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। जल संसाधन मंत्री ने आयाकट परियोजना के तहत भविष्य में काडा नालियों की जगह पाईप लाईन बिछाने के लिए भी कार्य-योजना तैयार करने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि इससे पानी का अपव्यय रूकेगा और नालियों की हर साल मरम्मत की परेशानी से भी मुक्ति मिलेगी। उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पाईप लाईन लगाने के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश भी दिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि देश के अनेक राज्यों में इस तरह की व्यवस्था बनाकर उनका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों को इस व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए संबंधित राज्यों के दौरे पर भेजे जाएं।

राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों के प्रभारी मंत्री नियुक्त किये
जयपुर, 13 जनवरी। राज्य सरकार ने सोमवार को एक आदेश जारी कर मंत्रियों एवं राज्य मंत्रियों को विभिन्न जिलों का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया है।
आदेशानुसार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री गुलाब चन्द कटारिया को जयपुर, अलवर एवं सीकर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ को भरतपुर, करौली व सवाई माधोपुर, जल संसाधन मंत्री प्रो. सांवर लाल जाट को जोधपुर, पाली एवं जालौर, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री नन्दलाल मीणा को सिरोही, जैसलमेर एवं बाड़मेर, खान मंत्री श्री कैलाश मेघवाल को बीकानेर, नागौर व टोंक, शिक्षा मंत्री श्री कालीचरण सर्राफ को हनुमानगढ़, गंगानगर एवं चूरू तथा कृषि मंत्री श्री प्रभुलाल सैनी को अजमेर, भीलवाड़ा व बूंदी जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है।
इसी प्रकार ऊर्जा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को उदयपुर, राजसमन्द एवं चित्तौडग़ढ़, सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री युनूस खान को झालावाड़, बारां एवं कोटा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री अरूण चतुर्वेदी को झुन्झुनू एवं प्रतापगढ़, सहकारिता राज्यमंत्री श्री अजय सिंह को बांसवाड़ा व डूंगरपुर तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री श्री हेमसिंह भड़ाना को धौलपुर एवं दौसा जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है।

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