रिलायंस समूह करेगा 50 हजार करोड़ रूपये का निवेश

भोपाल/ मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा औद्योगिक निवेश आमंत्रित कर विकास की गति और बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध है। इसके लिये सरकार पारदर्शिता और प्रभावी सुशासन के हर संभव प्रयास कर रही है। श्री चौहान आज यहाँ निवास पर रिलायंस उद्योग समूह के अध्यक्ष श्री अनिल अंबानी से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदृढ़ औद्योगिक अधोसंरचना,परिणामोन्मुखी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करवाने पर ध्यान दिया जा रहा है। श्री अंबानी ने मुख्यमंत्री को बताया कि पूरे देश में सिर्फ मध्यप्रदेश ही एक मात्र राज्य है जहाँ एक क्षेत्र विशेष में ४५ हजार करोड़ रूपये का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले ६ माह में प्रदेश में ५० हजार करोड़ रूपये से ज्यादा का निवेश करेंगे। 

उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रगतिशील नेतृत्व को उद्योगों के विकास के लिये सहायक बताते हुए कहा कि अगले ६ माह में सासन परियोजना में ३० हजार करोड़ रूपये का निवेश होगा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में ऐसे समय में निवेश हो रहाहै जिससे भविष्य में प्रदेश को लाभ मिलेगा और बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे न सिर्फ प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी बल्कि प्रदेश में ऊर्जा की उपलब्धता में वृद्धि होगी। 

इनमें से ४ हजार करोड़ रूपये कोयला खदान क्षेत्र में निवेश किये जायेंगे। इसके अलावा १५ हजार करोड़ रूपये का अतिरिक्त निवेश किया जायेगा। उन्होंने बताया कि चितरंगी परियोजना में २००० करोड़ रूपये का निवेश होगा। उन्होंने बताया कि ५ मिलियन टन क्षमता की सीमेंट फेक्ट्री मैहर में स्थापित की जायेगी। इस क्षेत्र में तीन गुना ज्यादा निवेश किया जायेगा। श्री अंबानी ने चर्चा में कहा कि सरकार के साथ स्वस्थ भागीदारी औद्योगिक विकास के लिये जरूरी है। उद्योगों को राजनैतिक स्थिरता, पारदर्शिता और सुशासन चाहिये। मध्यप्रदेश इस दृष्टि से निवेश के लिये उपयुक्त है।

मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डि सा, अपर प्रमुख सचिव उद्योग श्री पी.के.दाश, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव श्री एस.के.मिश्रा, सचिव ऊर्जा श्री मोहम्मद सुलेमान उपस्थित थे।

राज्य के सड़क तंत्र में तेजी से सुधार लायें-मु यमंत्री
जयपुर। मु यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि प्रदेश में सड़क तन्त्र में तेजी से व्यापक सुधार लाने के लिये आगामी पांच वर्षों की विस्तृत कार्य योजना तैयार कर उसके अनुरूप कार्य किया जाए, जिससे राजस्थान सड़क विकास में एक आदर्श राज्य बने। श्रीमती राजे शुक्रवार को मु यमंत्री कार्यालय में सार्वजनिक निर्माण विभाग की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं। प्रदेश के सड़क तन्त्र में सुधार को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों के नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण और विस्तार की समन्वित योजना तैयार कर उस पर समयबद्घ क्रियान्वयन करें ताकि राज्य का तेजी से विकास हो। मु यमंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को और अधिक कार्यकुशल बनाने व इसकी कार्यप्रणाली में सुधार के लिये आवश्यकतानुसार पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। बैठक में मध्यप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, गुजरात, पंजाब व कर्नाटक आदि में सड़क एवं आधारभूत ढांचे में विकास के लिये अपनाये गये श्रेष्ठ तरीकों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में सार्वजनिक निर्माण मंत्री श्री युनूस खान, मु य सचिव श्री राजीव महर्षि, अतिरिक्त मु य सचिव इन्फ्रा श्री सी.एस.राजन, सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री जे.सी.महान्ति, आयोजना सचिव श्री अखिल अरोरा, मु यमंत्री के सचिव (द्वितीय) श्री टी.रविकान्त सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ को ३२२ सड़कों के लिए ४५४ करोड़ रूपए स्वीकृत
रायपुर ३१ जनवरी २०१४  केन्द्र सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए छत्तीसगढ़ १७ में से १२ जिलों के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ३२२ सड़कों के लिए ४५४ करोड़ रूपए की मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में आज प्रधानमंत्री गाम सड़क योजना की सषक्त समिति की बैठक में यह मंजूरी दी गयी। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव श्री एल.सी.गोयल और छत्तीसगढ़ सरकार के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड भी बैठक में उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समय-समय पर इन सड़कों के लिए केन्द्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। अपर मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने बताया कि समिति ने विचार विमर्ष कर राज्य से आये सभी प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि इन ३२२ सड़कों में से रायपुर जिले की ७९ सड़कें, बिलासपुर जिले की ५३ सड़कें, रायगढ़ जिले की ५० सड़कें, कोरबा जिले की ३२ सड़कंे, जषपुर जिले की २९ सड़कें, महासमुंद जिले की २८ सड़कंे, दुर्ग जिले की २७ सड़कंे, बस्तर जिले की ९ सड़कों, कांकेर जिले की ८ सड़कें, सरगुजा जिले की ४ सड़कें, जांजगीर चांपा जिले की २ तथा धमतरी जिले की एक सड़क षामिल है। उन्होंने बताया कि इन सड़कों की कुल लंबाई एक हजार ८० किलोमीटर है जिससे ४९६ बसाहटें मुख्य मार्ग से बारहमासी सड़कों से जुड़ जायेगी। श्री ढांड ने बताया कि जारी वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत कुल १०६३ करोड़ रूपये की स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुधीर अग्रवाल तथा विभाग के मुख्य अभियन्ता शामिल  थे।

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