मुख्यमंत्री कन्यादान योजनांतर्गत नि:शक्त व्यक्तियों का सामूहिक विवाह का आयोजन 29 को

सीधी 11 जनवरी 2014 मुख्यमंत्री कन्यादान योजनांतर्गत नि:शक्त व्यक्तियों का सामूहिक विवाह का आयोजन 29 जनवरी 2014 को किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों के संबंध में गत दिवस कलेक्टर सुश्री स्वाति मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक का आयोजन किया गया ।
बैठक में मु य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस.एन.शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी गोपद बनास श्री श्रृंगार श्रीवास्तव,, उप संचालक सामाजिक न्याय श्री संतोष शुक्ला, मु य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, समाजंसेवी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर द्वारा समाजसेवियों को नि:शक्त व्यक्तियों के सामूहिक विवाह आयोजन में अपना सहयोग किए जाने की अपेक्षा की गई। 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सामूहिक विवाह में अपना योगदान दें। समाजसेवी श्री चन्द्रमोहन गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि हम सभी सामूहिक विवाह स पन्न कराने में हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। स्वयंवर पैलेस के संचालक श्री योगेन्द्र सिंह चौहान द्वारा सामूहिक विवाह हेतु नि:शुल्क स्वयंबर पैलेस दिए जाने की बात कही। उप संचालक श्री शुक्ला ने बताया कि सामूहिक विवाह आयोजन के पूर्व नि:शक्त व्यक्तियों का परिचय स मेलन 22 जनवरी को विवेकानंद विकलांग आश्रम सीधी में आयोजित किया जाएगा।

जिसमें संभाग के अंतर्गत निवास करने वाले नि:शक्त व्यक्तियों जो सामूहिक विवाह में स िमलित होकर विवाह स पन्न कराना चाहते हैं, वे उपस्थित होकर अपना पंजीयन विवाह हेतु करा सकेंगे। इस पुनीत कार्य को स पन्न करने हेतु अध्यक्ष गुरूकुल संस्कृत शिक्षा समिति सीधी का विशेष योगदान रहेगा। 

स्वामी विवेकानंद ने अपने ओजस्वी विचारों से देश-दुनिया को दी नई दिशा : डॉ. रमन सिंह 
रायपुर, ११ जनवरी २०१४ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल १२ जनवरी को महान दार्शनिक और समाज सुधारक स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।डॉ. रमन सिंह ने विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि स्वामी जी केवल ३९ वर्ष की युवा अवस्था में इस संसार को छोड़ गए लेकिन उन्होंने अल्प जीवन काल में भारतीय संस्कृति और भारतीय दर्शन को पूरी दुनिया में एक नई पहचान और नई प्रतिष्ठा दिलायी। वह एक ऐसे मनीषी थे, जिन्होंने अपने ओजस्वी विचारों से देश और दुनिया को नयी दिशा दी। स्वामी जी युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत थे। यही कारण है कि उनकी जयंती देश भर में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में भी मनायी जाती है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह हम छत्तीसगढ़वासियों का सौभाग्य है कि स्वामी विवेकानंद ने बालक नरेन्द्र के रूप में सन् १८७७ के आस-पास अपने बचपन के लगभग दो वर्ष रायपुर में अपने पिता श्री विश्वनाथ दत्त के साथ बिताए, जो उस समय के प्रतिष्ठित वकील थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती से स्वामी विवेकानंद के इस जुड़ाव को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने उनके १५०वें जन्म वर्ष को यादगार बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वामी विवेकानंद अध्ययन केन्द्र की स्थापना और वहां विवेकानंद साहित्य उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। स्वामी जी रायपुर के जिस घर में रहते थे, उस भवन को एक संग्रहालय के रूप में भी हम विकसित करेंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने विगत वर्षो में स्वामी विवेकानंद की छत्तीसगढ़ से जुड़ी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए वर्ष २००५ में उनके नाम पर तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना की। छत्तीसगढ़ विधानसभा में हम सबने मिलकर संकल्प पारित किया और राज्य सरकार की पहल पर केन्द्र सरकार की ओर से वर्ष २०१२ में राजधानी रायपुर के माना विमानतल का नामकरण स्वामी विवेकानंद विमानतल किया गया, जो देश का पहला और इकलौता ऐसा विमानतल है, जिसका नामकरण उनके नाम पर हुआ है। राज्य सरकार ने उनके १५०वें जन्म वर्ष को यादगार बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा भारत दर्शन योजना की भी शुरूआत की है। इसके अन्तर्गत युवाओं को देश के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों और ज्ञान-विज्ञान के प्रसिद्ध केन्द्रों के अवलोकन के लिए निःशुल्क सामूहिक यात्रा में भेजा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की चौथी विधानसभा के पांच दिवसीय प्रथम सत्र के पांचवे दिन कल मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सदन में छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से भारत के प्रज्ञा पुरूष स्वामी विवेकानंद छत्तीसगढ़वासी उनके जीवन और आदर्शो के प्रति अगाध श्रद्धा बनाए रखने का संकल्प प्रस्तुत किया था। पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच हुई चर्चा के बाद यह संकल्प ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। स्वामी जी के १५०वें जन्म वर्ष (सार्ध-शती) के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने स्वयं यह संकल्प पेश किया था।

विद्युत संबंधी कार्यों के लिए राज्य में नई किसान नीति बनाई जाएगी -ऊर्जा मंत्री
जयपुर, 11 जनवरी। ऊर्जा मंत्री गजेन्द्रसिंह खींवसर ने कहा कि राज्य में विद्युत संबंधी कार्यों के लिए राज्य में नई किसान नीति बनाई जाएगी। इसमें विद्युत आपूर्ति, बिजली के कनेक्शन आदि कार्यों के प्रावधान कर किसानों के लिए नीतिगत कार्य करवाए जायेंगे। श्री खींवसर शनिवार को जोधपुर जिले के कोलू, गुमानपुरा एवं मण्डला सहित ग्यारह ग्राम पंचायतों में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपनी इस यात्रा के दौरान चान्दसभा, ऊंटवालिया, कलाऊ, जेठानिया, जैतसर, सेतरावा, चौर्रिडय़ा व देचू ग्राम पंचायतों में भी ग्रामीणों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं पूरे राजस्थान का दौरा कर जानकारी प्राप्त कर रहे है और जल्दी ही किसानों के लिए विद्युत संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए नीतिगत कार्य किया जाएगा जिसके लिए राज्य में नई किसान नीति बनेगी। उन्होंने कहा कि विद्युत आपूर्ति के लिए राज्य में ढाणियों में विद्युत कनेक्शन देना शुरू कर देंगे। इसके साथ ही मु यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की घोषणा के अनुसार घरेलू कनेक्शन देना शुरू किया है। हमें गत सरकार से घरेलू कनेक्शन के लिए डेढ़ लाख फाईलें जमा मिली है। हम एक माह में डिमंाड नोट जारी कर विधानसभा चुनाव से पहले जमा की गई इन फाइलों का निस्तारण कर विद्युत कनेक्शन जारी किए जाएंगे और भी फाइलें कनेक्शन के लिए जमा करेंगे। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में सभी गांवों, ढाणियों, कस्बों व शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे घरेलू बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी प्रयासों में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। विकास के लिए जो वायदें वर्तमान सरकार ने किए है उनको पूरा करेेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कोलू गांव में विकास कार्यों की जरूरतों के मास्टर प्लान बनाया जाएगा ताकि गांव का सुनियोजित विकास हो सके। उन्होंने कोलू में 33 के. वी. के चार जी.एस.एस. बनाने के साथ 132 के वी का जी.एस.एस. बनवाने तथा उप तहसील के लिए भी पूरे प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने गुमानपुरा में कहा कि भौतिकीय जांच करवाकर पानी की उपलब्धता पर वहंा नलकूपों का निर्माण करवाया दिया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि मण्डला में पेयजल जैसी बुनियादी जरूरत की पूर्ति के लिए दस से पन्द्रह करोड़ लागत की जलप्रदाय योजना बनायी जाएगी। उन्होंने यहंा उपस्थिर्त िडस्कॅाम अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए जी. एस. एस. शीघ्र स्थापित करने की कार्यवाही के लिए आवश्यक निर्देश दिए। 

प्रदेश में 1700 करोड़ से अधिक की खनिज राजस्व प्राप्ति
इंदौर 11 जनवरी , 2014 प्रदेश में खनिज साधन विभाग द्वारा अप्रैल से नव बर, 2013 तक 1737 करोड़ 20 लाख रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त किया गया है। यह लक्ष्य का 68.94 प्रतिशत है। चालू माली साल में खनिज विभाग को 2520 करोड़ रुपये के राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया है। प्राप्त राजस्व राशि में कोयले से सिंगरौली जिले में 686 करोड़ 82 लाख रुपये, शहडोल जिले में कोयले से 90 करोड़ 5 लाख रुपये, छिन्दवाड़ा जिले को 82 करोड़ 77 लाख, बैतूल जिले को 54 करोड़ 33 लाख एवं उमरिया जिले को 50 करोड़ 36 लाख रुपये का राजस्व कोयले से प्राप्त हुआ है। अनूपपुर जिले को बॉक्साइट एवं कोयला खनिज से 311 करोड़ 83 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। चूना पत्थर से सतना जिले को 70 करोड़ 84 लाख, नीमच को 21 करोड़ 19 लाख, रीवा जिले को 23 करोड़ 65 लाख एवं कटनी जिले को चूना पत्थर एवं बॉक्साइट से 35 करोड़ 15 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। बालाघाट जिले को मेग्नीज एवं कॉपर से 59 करोड़ 29 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है।
खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर रोक खनिज विभाग प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर रोक लगाने के निरंतर प्रयास कर रहा है। विभाग ने वर्ष 2013 में अप्रैल से नव बर की अवधि में अवैध उत्खनन के 127 प्रकरण दर्ज कर 89 लाख की जुर्माना राशि वसूल की। अवैध उत्खनन के 35 प्रकरण सिवनी जिले, ग्वालियर और उमरिया में 19-19, खण्डवा में 15 तथा पन्ना, रीवा और शहडोल में 13-13 प्रकरण दर्ज किये गये हैं। प्रदेश में खनिजों के अवैध परिवहन के 982 प्रकरण दर्ज किये गये। इसमें 7 करोड़ 11 लाख की जुर्माना राशि वसूल की गई। अवैध परिवहन के सबसे अधिक 258 प्रकरण भिण्ड जिले में दर्ज किये गये हैं। छतरपुर में 198, धार में 186, सीहोर में 170 एवं इंदौर में 170 प्रकरण दर्ज किये गये हैं।खनिज के अवैध भण्डारण के 101 प्रकरण दर्ज कर दोषियों से 41 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। सीहोर जिले में अवैध भण्डारण के सर्वाधिक 49 प्रकरण बनाये गये हैं। कटनी में 20, शहडोल में 14, छिन्दवाड़ा में 10 तथा पन्ना जिले में 8 प्रकरण अवैध भण्डारण के बनाये गये हैं। संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री व्ही.के. ऑस्टिन ने बताया कि प्रदेश में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिये जिले में पदस्थ खनि अधिकारियों को पुलिस, राजस्व एवं वन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त मुहिम चलाने के निर्देश दिये गये हैं।

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