कानून व्यवस्था बेहतर होगी: मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा है कि अपराधों पर नियंत्रण कर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का बेहतर संधारण सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने 60 दिन की कार्य योजना के तहत चिन्हित कार्यों को समयबद्घ कार्यक्रम के तहत पूर्ण करने के निर्देश भी दिये।

श्रीमती राजे ने अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा अपराधियों के विरूद्घ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बिगाडऩे वालों को ब शा नहीं जाएगा। श्रीमती राजे शनिवार को मु यमंत्री कार्यालय में गृह विभाग की समीक्षा बैठक में विचार प्रकट कर रही थी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से हर तरफ चौकसी रखी जाए। उन्होंने अवैध खनन को स ती से रोकने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गृह विभाग 60 दिन की कार्ययोजना के तहत ल िबत प्रकरणों की जांच को गति देने के लिए एक विशेष जांच दल बनाये तथा आपदा प्रबन्धन की दृष्टि से भी पुलिस विभाग का सुदृढ़ीकरण किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने आरपीए, जयपुर में स्थित अस्पताल को क्रमोन्नत करने की दिशा में भी त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। यहां उल्लेखनीय है कि ये सभी बिन्दु घोषणा पत्र में शामिल हैं। श्रीमती राजे ने जयपुर के केन्द्रीय कारागार में आने वाले आगन्तुकों के बैठने हेतु हॉल के निर्माण के लिए भी 60 दिन की कार्य योजना के तहत कार्यवाही शुरू किये जाने के निर्देश दिए। 

बैठक में प्रमुखत: अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, सूचना तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अनुसुचित जाति, जनजाति तथा महिला उत्पीडऩ को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने, सड़क सुरक्षा, पुलिस प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, होम गार्डस् के सुदृढ़ीकरण, विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफ.एस.एल.) में बेहतर व्यवस्थाएं सुलभ करवाने तथा कारागारों में रचनात्मक वातावरण के साथ आवश्यक संसाधन जुटाने तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की गतिविधियों को मजबूती प्रदान करने जैसे मुद्दों पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री ओमेन्द्र भारद्वाज, पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड) श्री सुरेश चौधरी, अतिरिक्त महानिदेशक (ए.सी.बी.) श्री अजीत सिंह, अतिरिक्त महानिदेशक (कारागार) श्री सुनील मेहरोत्र तथा एफ.एस.एल. के निदेशक (अति. प्रभार) श्री आर. वैकटेश्वन ने प्रस्तुतिकरण दिए।बैठक में मु य सचिव श्री राजीव महर्षि, अतिरिक्त मु य सचिव (गृह) श्री सुनील अरोड़ा, अतिरिक्त मु य सचिव श्री अशोक स पतराम, प्रमुख सचिव वित्त श्री सुभाष गर्ग, आयोजना सचिव श्री अखिल अरोरा सहित स बन्धित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की बेवसाईट का वाणिज्यिक कर मंत्री द्वारा शुभारंभ

रायपुर। वाणिज्यिक कर मंत्री श्री अमर अग्रवाल द्वारा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के आनलाइन वेब साईट का आज शुभारंभ किया गया। इस वेबसाईट के प्रारंभ होने से पंजीयन विभाग की गाईड लाईन दर अनिवार्य एवं ऐच्छिक पंजीयन के दस्तावेजों, ई-स्टाम्पिग आदि समस्त जानकारी, दिशा निर्देश आम जनता को एक ही जगह उपलब्ध होगी। 

इस वेबसाइट को www.cgregistration.org के पते पर लॉगआन किया जा सकता है। वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर सचिव, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) श्री आर.एस. विश्वकर्मा, महानिरीक्षक पंजीयन श्री एस. प्रकाश, उप महानिरीक्षक पंजीयन श्री कृपाल, वरिष्ठ जिला पंजीयक रायपुर श्री जे.एस. आर्मो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

पाले से फसलों की सुरक्षा करें किसान भाई- उपसंचालक कृषि

शिवपुरी/ वर्तमान समय में तापमान में आई अत्यधिक गिरावट के कारण मौसम अधिक ठण्डा हो गया है, ऐसी स्थिति में फसलों पर पाला पडऩे की संभावना बढ़ जाती है। पाले से हमारी फसलों अरहर, मसूर, चना, सरसो, सब्जी एवं दलहनी/तिलहनी फसले फूल वाली अवस्था पर होने से उनमें पाले के प्रकोप से क्षति होने की संभावना अधिक होती है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि मौसम का तापमान 4 डिग्री से नीचे आ जाये, मौसम साफ रहे एवं हवाओं का बहाव कम हो जावें, तब ऐसी स्थिति में पाला पडऩे की संभावना अधिक होती है। पाले से फसलों को बचाने के लिए किसान भाई इन फसलों में सांय के समय हल्की सिंचाई करे या खेत की मेड़ पर हवा के बहाव की ओर सांयकाल आग जलाकर धुंआ करे या फिर खड़ी फसल पर 0.1 प्रतिशत धुलनशील गंधक के अ ल को पानी में घोलकर छिड़काव करने पर पाले से फसल की सुरक्षा की जा सकती है। 

पाले से फसलों को नुकसान न हो ऐसे उपाये अपनाये जाने हेतु, गांव के कोटबार मुनादी करके गांव के किसानों को बताऐंगे। अधिक जानकारी के लिए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं अपने नजदीकी विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से सतत् संपर्क कर पाले से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।

नेत्र ज्योति प्रदान करना सबसे बड़ा पुण्य - स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा

दतिया. मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, भोपाल गैस त्रासदी एवं संसदीय कार्य विभाग मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा द्वारा गहोई वैश्य समाज द्वारा आयोजित निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर स्थानीय गहोई वाटिका में पहुचकर नेत्र ऑपेरशन कराने वाले मरीजों से मुलाकात की उनका हाल जाना और उन्हें चश्मे व दवाईयां. वितरित की। गहोई वैश्य समाज द्वारा निशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया था जिसमें 255 महिला पुरूषों को नेत्र ज्योति प्रदान की गई।

नेत्र शिविर के समापन अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि नेत्र ज्योति प्रदान करना सबसे बड़ा पुण्य का काम है और इस कार्य के लिए गहोई समाज बधाई का पात्र है। समापन अवसर पर गहोई समाज के अध्यक्ष प्रोफेसर आर.पी. नीखरा, श्री रामबाबू सोनी, श्री कल्लूराम नीखरा, रामस्वरूप सरागी, श्री संतोष कटारे, नेत्र शिविर प्रभारी डा. व्ही.एस गुप्ता, श्री मनोज निगोती, महेन्द्र चउदा, गोविंद विजपुरिया, रमेश गंधी, संजय नाहर के अलावा महिला अध्यक्ष श्रीमती बवीता विजपुरिया, माधुरी रूसिया, पुष्पा गुगोरिया, दया मोर, उमा नोगरैया आदि उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री के गहोई धर्मशाला पहुचने पर समिति के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पहारों से स्वागत किया।

गहोई वैश्य समाज के प्रतिनिधि श्री रामबाबू सोनी ने बताया कि गहोई समाज का यह 34वां नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर था जिसमें 255 लोगों के नेत्र आपरेशन हुये उन्होंने बताया कि नि:शुल्क नेत्र शिविर की श्रृखंला अभी तक 67 हजार नेत्र रोगियों को परीक्षण कराया जा चुका है। इस वर्ष के शिविर में भर्ती किए गए मरीजों का ग्वालियर की चिलत चिकित्सा ईकाई के डा. आरके गुप्ता, मैडम छत्रसाली, डा. चतुर्वेदी, जिला अस्पताल के डा. शर्मा, डा. केसी राठौर, डा. चन्देल द्वारा किये गये। रोगियों के आवास, भोजन, औषधी तथा चश्मों की व्यवस्था गहोई समाज द्वारा नि:शुल्क की जाती है। शिविर का शुभारंभ विगत दिवस सेवढ़ा क्षेत्र के विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल द्वारा किया गया था।

कब्जेधारियों को दो- दो एकड भूमि आवंटित की जायेगी

अलीराजपुर/ जोबट में स्थानीय कृषि विभाग के कृषि फार्म पर गत दिन वर्षो से जोबट परियोना से प्रभावित नागरिकों ने कब्जा जमाये रखा है। सरकारी भूमि पर नीजि व्यक्तियों द्वारा अवैध कब्जा करने के कारणों को जानने के लिये कलेक्टर श्री एनपी डेहरिया ने उनके पास जाकर समस्याएं जानी। कब्जेधारियों ने बताया कि हमें जोबट परियोजना के तहत पुन: स्थापित किया गाया है हमें मुआवजा इतना नहीं प्राप्त हुआ है हम जमीन खरीद सके। पूर्व के कलेक्टर ने तत्कालीन समय में खेती करने की अनूमति प्रदान की गई थी। 

इसके आधार पर हम खेती करते आ रहे है। जिला प्रषासन कलेक्टर श्रीडेहरिया ने प्रभावितों से कहा कि मैं तु हे जोबट के 8 नागरिक व अलीराजपुर के 13 नागरिकों को अन्य जगह दो-दो एकड भूमि प्रदान की जायेगी। इतना ही नहीं आप सभी को षासन की विभिन्न योजनाओं के द्वारा समाज की मु यधारा में लाने का प्रयास भी किया जायेगा। जैसे कपिलधारा कूप योजना अंत्योदय अन्य योयजना, मु यमंत्री आवास गृह आदि का लाभ भी दिया जायेगा। लेकिन इस तरह से तु हारा षासकीय भूमि पर कब्जा कर लेना अवेैधानिक है।

डूब प्रभावितों के साथ चर्चा के दौरान यह देखा गया कि जोबट परियोजना मे प्रभावितों नागरिकों को नर्मदा बचाओं आन्दोलन का सहयोग प्राप्त है वे उनके इसारे पर कार्य को अंजाम दे रहे है। कलेक्टर ने जोबट परियोजना के डूब प्रभावितों को बताया कि सरदार परियोजना की नीति अलग नीति और जोबट की परियोजना की अलग नीति है इन दोनो का आपस में कोई मेल नहीं है। कलेक्टर की बातों को सुनकर डूब प्रभावितों ने भूमि प्राप्त होने के बाद कब्जा छोडने की बात स्वीकार की।

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