लोकतांत्रिक क्रान्ति के मुहाने पर देश- भाई वीरेन्द्र

म.प्र.भोपाल। जिस तरह देश की राजनीति और देश के आम लेागों के बीच समझ बड़ी है उसको देखकर लगता है,कि वो दिन दूर नहीं,जब देश वासी असली लेाकतंत्र की हवा में सांस ले पायेगेंंं। हालाकि देश की राजधानी दिल्ली में आप पार्टी को मिली जीत और उसके प्रारा िभक क्रिया कलापों के रुझान से इतना तो तय है कि अगर वह अपनी लीक चल निकली तथा देश के प्रमुख राजनैतिक दलो के खिलाफ जनता में आक्रोश इसी तरह लेाकसभा चुनाव तक बना रहा और उन्हें मजबूत तीसरा पक्ष मिला तो निश्चित ही क्षेत्रीय दलो के साथ देश के दोनों बड़ें दलों को नुकसान उठाना पड़ेगा।

अभी तक देश की जनता की मजबूरी होती थी कि दो प्रमुख दलो से किसी एक को चुनना,जो सरकार बना सकते थे। इनके विकल्प के रुप में कई प्रदेशों में कुछ क्षेत्रीय दलों को भी जनता ने इस उ मीद में सत्ता से नवाजा कि वह उनके दुख दर्द उनके साथ रहेगें उनके बेहतर भविष्य के लिये काम करेंगें। मगर प्रमुख दलों की तरह क्षेत्रीय दलों से भी उन्हें आजादी के 65 वर्ष बाद भी निराशा ही हाथ लगी और कई वर्षो से स्वयं को ठगा महसूस कर विकल्प की तलाश में आक्रोशित ही दिखी। जैसे ही उन्हें आप पार्टी के रुप में मजबूत विकल्प दिखा,उसने जमकर उसे नवाजा। परिणाम कि दिल्ली में अब आप की सरकार होगी।

मगर देश ही नहीं,खासकर म.प्र. के युवा,बुर्जुग,माता-बहिनों को म.प्र. में भी ऐसा विकल्प मिल सकता है,अगर वह दिल्ली वासियों की तरह अपना और अपने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिये आगे आये और अपनी सरकार लेाकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के सहयोग से महात्मा गांधी,राम मनोहर लेाहिया के सपनों का देश बनाये। जिससे बच्चे जवान और बुर्जुगों को यह एहसास हों,कि यह देश हमारा अपना है,यहां बनने वाली सरकार अपनी है और देश का काम धेनु वर्ग यह महसूस कर सके,कि उनका अपने देश में एक स्थान ही नहीं उनका स मान भी है।

जिस तरह की बयार देश ही नहीं,म.प्र. में चल रही है,उसे देखकर लगता है,कि अब वह समय आ गया जिस तरह का स्वराज महात्मा गांधी चाहते थे,जिस तरह का समाजवाद लेाहिया चाहते थे उसके लिये राजनीति का माहौल माकूल है। बस जरुरत है,ऐसे लेागों को सबक सिखाने की जो नाम तो गांधी जी और लेाहिया का लेते है और काम उनकी विचार धारा के विपरीत। ऐसे दल महात्मा गांधी ही नहीं स्व.लेाहिया जी के भी अपराधी है,जिन्होंने उनके विचारों को तार-तार कर देश की राजनीति को दूषित तथा देश को लेागों को परेशान किया। मगर अब देश जाग रहा है,अगर ऐसे में देश और देश की आवाम के बारे में सोचने वाले आगे आते है,तो निश्चित ही देश के लिये इससे बड़ा कोई काम नहीं होगा।

शासकीय सेवक की मृत्यु पर परिवार को अब 50 हजार तक अनुग्रह अनुदान

जबलपुर 27 दिस बर 2013 राज्य शासन ने शासकीय सेवक की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर उसके परिवार को बैंड वेतन तथा ग्रेड पे के योग के 6 गुना बराबर, अधिकतम 50 हजार रूपए तक अनुग्रह अनुदान स्वीकृत करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2009 के एक जनवरी 2006 से प्रभावशील होने के फलस्वरूप लिया गया है।पूर्व में शासकीय सेवक की सेवा के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में 6 माह के वेतन के बराबर तथा अधिकतम 25 हजार की सीमा तक अनुग्रह राशि देने का प्रावधान था।

इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में 34 जिलों के रसोईयों के लिये 10 दिवसीय प्रशिक्षण जारी

ग्वालियर 27 दिस बर 2013/ सितारा होटलों के रसोईयों की तर्ज पर मध्यान्ह ोजन से जुड़े रसोईयों को ी पाक कला सिखाई जा रही है। राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत यहाँ महाराजपुरा स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में प्रदेश के 34 जिलों के रसोईयों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण के जरिए स्वादिस्ट एवं पौष्टिक ोजन तैयार करने की विधियां सिखाई जा रही हैं। यह प्रशिक्षण बीते रोज शुरू हुआ है। प्र ारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत की मु य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सूफिया फारूकी वली ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान मध्यान्ह ोजन के रसोईयों को सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण ी दिया जा रहा है। साथ ही नए-नए व्यंजन तैयार करने के तरीके ी व्यवहारिक रूप में बताए जा रहे हैं। धुँआ रहित चूल्हे और नवीन तकनीक से निर्धारित कैलोरी का ोजन तैयार करना इस प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। विकास आयुक्त कार्यालय ोपाल में पदस्थ उपायुक्त सुश्री नीरजा उपाध्याय ी इस प्रशिक्षण में महती ूमिका नि ा रही हैं। इस प्रशिक्षण के जरिए तैयार हुए रसोईए मास्टर ट्रेनर्स का ी काम करेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त स ी रसोईए अपने-अपने जिलों में जाकर मध्यान्ह ोजन से जुड़े अन्य रसोईयों को उच्च गुणवश्रा का और स्वादिष्ट व पौष्टिक ोजन तैयार करने की बारीकियां सिखायेंगे।

हर विभाग दृष्टि पत्र और जन-संकल्प के क्रियावन्यन की कार्य योजना बनायेगा- मु यमंत्री श्री चौहान

इंदौर 27 दिस बर,2013 मु यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जन-संकल्प 2013 तथा दृष्टि पत्र 2018 प्रदेश के विकास का रोडमेप और जन-आकांक्षाओं का प्रतीक है। इसके क्रियान्वयन के लिये रियल लीडरशिप संबंधित विभाग के मंत्री के हाथ में होगी। हर विभाग इसके क्रियान्वयन के लिये सौ दिन, एक वर्ष और पाँच वर्ष की कार्य योजना तैयार करे। संबंधित विभाग के मंत्री इसे अंतिम रूप देंगे। मु यमंत्री श्री चौहान आज यहां मंत्रालय में मंत्रीगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में मंत्रीगण, मु य सचिव और पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।

सौ दिन की कार्य-योजना एक जनवरी से

मु यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि अपने कार्य के माध्यम से प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनायें, जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें, एक दिन भी व्यर्थ नहीं गँवायें। पाँच वर्ष में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का दृष्टि पत्र तैयार किया गया है। इसके क्रियान्वयन में विभागीय मंत्री सुधार कर सकते हैं। विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री स्वयं प्रस्तुतिकरण दें। उन्होंने कहा कि विश्राीय अनुशासन की अनदेखी नहीं की जाये। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति रहे। किसी भी हालत में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। पूर्ण स्वच्छ और पारदर्शी प्रशासन दें। स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करें। अधिकारी की कार्य क्षमता तथा ईमानदारी परख कर ही मैदानी पदस्थापना की जाय। विभागीय जाँच समय-सीमा में निपटायी जाये। हर काम की समय-सीमा हो। समय-सीमा में कार्य नहीं होने पर जि मेदारी तय की जाये। विभागीय मंत्री विशेषज्ञों से परामर्श ले सकते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कोई भी सश्राा का नाजायज फायदा नहीं उठाये। सौ दिन की कार्य-योजना अगली एक जनवरी से लागू हो जायेगी। कार्य प्रदर्शन का आकलन इसी के आधार पर किया जायेगा। मंत्री कार्य-योजना अपने विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करें तथा इस संबंध में जनता के सुझाव भी लें। सभी विभाग प्रक्रिया का सरलीकरण करें। निर्माण कार्यों की गुणवश्राा से कोई समझौता नहीं किया जाये। अच्छी मंशा से प्रदेश के विकास के लिये किये गये काम में मु यमंत्री आपके साथ हैं।

कृषि में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ायें
मु यमंत्री ने कहा कि कृषि में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता, बीज प्रतिस्थापन की दर, दुग्ध उत्पादन बढ़ायें। सिंचाई क्षमता पाँच वर्ष में 40 लाख हेक्टेयर करना ही है। नकली खाद-बीज के विरुद्ध स त कार्रवाई करें। बताया गया कि दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश अगले दो-तीन साल में गुजरात तथा पंजाब से आगे होकर देश का न बर एक राज्य होगा।

शिक्षा में अधोसंरचना विकास की कार्य-योजना
श्री चौहान ने निर्देश दिये कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। स्कूली शिक्षा में अधोसंरचना विकास की कार्य-योजना बनायें। उच्च शिक्षा तथा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महाविद्यालयों में प्राध्यापकों का युक्तियुक्तकरण करें। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों को मध्यप्रदेश में लाया जाय। अस्पतालों की साफ-सफाई व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन करें, चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें, मातृ-शिशु मृत्यु दर और कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिये ठोस कार्य-योजना बनायें। पोषण आहार की उपलब्धता ग्रामीण स्तर तक सुनिश्चित करें। महिला सुरक्षा के प्रयासों पर विशेष ध्यान दें। मंत्रीगण भ्रमण के दौरान औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का निरीक्षण जरूर करें। अगले पाँच वर्षों में दस लाख युवाओं को स्व-रोजगार में लगाने का संकल्प रस्म अदायगी न रह जाय। निर्देश दिये गये कि हर बसाहट में एक पेयजल स्रोत तथा गाँव में नल के माध्यम से घरों में जलप्रदाय हो, इस लक्ष्य से कार्य करें। ग्रामीण परिवहन की नई व्यवस्था बनाने पर विचार करें।
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