कांग्रेस दिमाग के साथ दिल से करे काम

व्ही.एस.भुल्ले। जब देश भावुक और परेशान हो, ऐसे में देश की आवाम के बीच कांगे्रसियों में अर्थहीन बोलने का दिमागी फोबिया हो चुका हो,तो इतना कुछ लेाकसभा 2014 में भी विधानसभा 2013 की तरह उसकी लुटिया डुबोने कॉफी है।
कांग्रेस ने शायद अभी भी बेवजह के व्यानों से 4 राज्यों में हुई शर्मनाक हार से कोई सबक नहीं लिया, जो उसके नेता अभी भी पानी पी.पी. कर बेवजह के ब्यान दे रहे है। जबकि देश की आम आवाम 2014 केे लोकसभा चुनावों को लेकर और गये दिने हुये विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मोशन पर है और कांग्रेसी बेवजह की ब्यानबाजी में मस्त। ऐसे में कांग्रेस का भविष्य क्या होगा अंदाजा लगाया जा सकता है?

अब कांग्रेस की शीला दीक्षित हो या दिल्ली प्रदेश के नवनियुक्त अध्यक्ष लब्ली सिंह जो यह कहते नहीं थकते कि हमारा समर्थन बिल्कुल बिना शर्त,नहीं,वहीं कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता जर्नादन द्विवेदी कहते है कि सारे नेता समर्थन के पक्ष में नहीं।

जबकि राहुल जहां आप पार्टी से सीखने और शिन्दे सहित कुछ नेता बिना समर्थन की बात कह चुके है। जब देश का दिल जागा हो और दिमाग से उस प्रहार हो तो यह कहां कि समझदारी है। जबकि होना यह चाहिए था जब जनता ने एक सिरे से दिल्ली में कांग्रेस को नकार दिया हो तो चुपचाप समर्थन, समर्थित सरकार को दे,आप पार्टी को सरकार चलाने का मौका देना चाहिए न कि सरकार बनने से पहले ही किन्तु,परन्तु और सरकार के कार्यो पर भविष्य वाणियाँ करना चाहिए।

देखा जाये तो अपनी रणनीति के चलते भाजपा ने कांग्रेस की खीच का जो फायदा उठाया,उसका लाभ आप पार्टी को भी मिला है। भाजपा 3 बड़े राज्यों में सत्ता में है। तो आप पार्टी दिल्ली में सरकार बनाने वाली।

जबकि आय दिन भाजपा मोदी के माध्ययम से साम,नाम,दण्ड,भेद की नीति अपना कांग्रेस को मूल मुद्देां से भटका उकसाने का कार्य सारे देश में कर रही है। वहीं कार्य आप पार्टी भी अपनी तीखी भाषा शैली को हथियार बना दिल्ली में बैठ देश भर में कर रही है।

जबकि कांग्रेस के रणनीतिकार अपने मूल स्वभाव और सिद्धान्तों को छोड़ बौखलाहट भरे लहजे में बेतुके जबाव दे रही है। जिसका भरपूर लाभ,भाजपा ही नहीं आप भी उठा रही है।

मामला साफ है कांग्रेस के पास सब कुछ है मगर इनके पास कुछ भी नहीं। कांग्रेस के पास उसका ल बा इतिहास है, उसके कार्य है, जबकि इनके पास कोसने के अलावा कुछ नहीं,जबकि आम आवाम व्यवस्थागत त्रुटियों से परेशान है। जनता की इसी परेशानी बदबहासी का लाभ यह लेना चाहते है, और कांग्रेस सत्ता मुक्त। लगभग फिलहॉल ऐसा हो भी रहा है। पहले अन्ना,बाबा,केजरी,भाजपा,आन्दोलन इन्होंने ने देश और आवाम को सिर्फ उनकी परेशानी बदहाली का जि मेदार कांग्रेस को बताने का काम किया। ये अलग बात है कि अब आप पार्टी भाजपा कांग्रेस को समान रुप से कोसती है जिसका नुकशान कॉग्रेस के साथ भाजपा,दिल्ली प्रदेश की सत्ता से बाहर हो उठा चुकी है और नई रणनीति भी बना चुकी है।

मगर कॉगे्रेस की हालत उस खेत के बैलो की तरह है जिसने जबानी में खूब हल चलाया अब उन्हें फसल आने पर मक्खीयों के झुन्ड में छोड़ दिया। प्रचार ये है कि बैल पागल है और खाली पढ़े खेंत इन्हीं के द्वारा खूंदे खाये गये है। खेत का मालिक अर्थात देश की आवाम है जो अपने प्यारे बैलों को चारा पानी तो दूर ल_ लिये खड़ा है। जैसा कि सबक 4 राज्यों के विधानसभा चुनावों में सिखा चुका है। अगर मक्खियों के काटने फुफकारने की रफतार और उस पर कांग्रेस का प्रतिकार ब्यानों में ऐसा ही रहा तो 2014 लेाकसभा दूर नहीं,जिसके चलते कांग्रेस का शेष बचा काम भी पूर्ण होने मेें देरी न होगी।

बेहतर हो कांगे्रस अपने मूल स्वरुप प्रकृति अनुसार कार्य करे न कि उकसाने के आधार पर, अगर कांग्रेस ने आने वाले समय में गलत ब्यानबाजी औरअपने, ऐसे ब्यान वीरों पर जो मीडिया टी.वी. चैनलों में अपनी राजनीति चमकाने और पार्टी की सांख दांव पर लगाने से नहीं चूक रहे। रोक नहीं लगाई तो,कांग्रेस का भविष्य साफ है,जिसे समझाने जरुरत नहीं।

गौ-वंशीय पशु प्रतियोगितायें आयोजित

ग्वालियर 25 दिस बर 2013/ ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में किसान मेला एवं पशु प्रतियोगिता के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इस कड़ी में बुधवार को गौ-वंशीय पशु प्रतियोगितायें आयोजित हुईं। इन प्रतियोगिताओं ने गौ-वंश की लगभग एक दर्जन विधाओं में यह प्रतियोगितायें आयोजित की गईं।

 ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार गौ-वंशीय पशु प्रतियोगिता में हरियाणा गाय, हरियाणा ओसर, हरियाणा बछड़ा, होलिस्टन फ्रीजन गाय, होलिस्टन फ्रीजन संकर सांड, होलिस्टन फ्रीजन बछिया, होलिस्टन फ्रीजन बछड़ा, संकर जर्सी गाय, बछड़ा व संकर जर्सी बछिया, मारवाड़ी गिर एवं हरियाणा बैल जोड़ी की प्रतियोगितायें आयोजित की गईं। इन सभी नस्लों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार निर्णायक मण्डल द्वारा दिए गए। निर्णायक मण्डल में पशुपालन विभाग के सेवानिवृश्र अधिकारी डॉ. डी पी यादव, डॉ. एस जी शर्मा, डॉ. के एस तोमर, डॉ. आर एस तिवारी व डॉ. सी बी सचान सहित संयुक्त संचालक डॉ. एस के बामनिया शामिल थे।

विकेन्द्रीकृत योजना निर्माण कार्यो की समीक्षा की गई

डिण्डौरी ,25 दिस बर 2013कलेक्टर श्रीमति छवि भारद्वाज ने आज कलेक्ट्रेड सभाकक्ष मे डिण्डौरी जिले के लिये वर्ष 2014-15 की विकेन्द्रीकृत विभिन्न योजनाओ से हितग्राहियो को लाभन्वित करने वाली योजनाओ की समीक्षा की । विकेन्द्रीकृत विभिन्न योजनाओ का प्रस्ताव 28 दिस बर 2013 को यूएनडीपी हाल विन्ध्याचल भवन में प्रस्तुत की जानी है। इस योजना की पूर्व तैयारी के लिये आज सभी विभागों की योजनावार गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस समीक्षा बैठक मे जिला पंचायत के मु यकार्यपालन अधिकारी श्री सुदर्षन सोनी जिला योजना से ओ0पी0 सिरसे सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

पुलिस असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटे- गृह मंत्री

इंदौर रू 25 दिस बर, 2013 गृह एवं जेल मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने कहा है कि प्रदेश में भयमुक्त समाज के लिये पुलिस अधिकारियों को असामाजिक तत्वों के खिलाफ स ती से निपटना चाहिये। उन्होंने कमजोर वर्ग और महिलाओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिये। श्री गौर भोपाल में पुलिस मु यालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक को स बोधित कर रहे थे। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक श्री नंदन दुबे भी मौजूद थे।गृह मंत्री श्री गौर ने कहा कि पुलिस थानों में आम आदमी से संवाद कायम करने की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि सुबह-शाम जब सड़कों पर ज्यादा आवाजाही होती है, उस दौरान थानों का पुलिस बल विशेष रूप से सड़कों पर गश्त करे। श्री गौर ने कहा कि थानों में अच्छा माहौल निर्मित किया जाये। थाना परिसर से जब्त वाहनों को हटाकर शहर में चिन्हित स्थान पर रखा जाये। उन्होंने थाना परिसर में वृक्षारोपण किये जाने पर भी जोर दिया।गृह मंत्री ने कहा कि गल्र्स कॉलेज और स्कूल के पास महिला पुलिस की गश्त पर विशेष ध्यान दिया जाये। छेडख़ानी की घटनाओं में लिप्त तत्वों के खिलाफ स त कार्यवाही की जाये। गृह मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती आबादी के अनुपात में पुलिस बल में वृद्धि की जायेगी।
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