सफल सरदार की सिपहसालारों को सीख

व्ही.एस.भुल्ले/ कहते गर सितारा बुलन्द है तो उदय से पूर्व सूर्य भी सलाम करता है। गर सितारा गर्दिस में हो तो वह चन्द्रमा की रोशनी में भी नहीं दिखाता है। ऐसा ही हॉल आजकल कॉग्रेस भाजपा का चल रहा है।

म.प्र की नव गणित भाजपा सरकार के मु यमंत्री ने सबसे पहले शपथ ग्रहण के साथ ही मंच से फाइल साइन,फिर वीडियों कॉन्फे्रन्स अब भोपाल में अपनी मंशा अनुरुप विभागों की बैठक बुला यह साफ कर दिया कि प्रदेश का तेजी से विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं में कोताही और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जायेगा।

इसके बावजूद भी ऐसा होता है तो स बन्धित अधिकारी कड़ी कार्यवाही के लिये तैयार रहे। शायद तीसरी पारी खेलने से पूर्व म.प्र. के मु यमंत्री की मंंशा साफ है कि जिस जनता ने भ्रामक माहौल के बावजूद उनके नेतृत्व में भाजपा को सेवा के लिये चुना है। वह उसके साथ कतई विश्वास घात नहीं कर सकते और न ही उनके धर्म,संस्कार भी इसकी इजाजत देते।
मगर इसके उलट,सुनियोजित षडय़ंत्र और अंहकारी व्यवहार का शिकार तीसरी मर्तवा सत्ता से बाहर कांग्रेस भले ही इस चुनाव में छदम राजनीति का शिकार रही हो। मगर अब तो उसनेे म.प्र. में सरकार के सकारात्मक विरोध का भी अधिकार खो दिया। जिसके परिणाम 2014 में होने वाले लेाकसभा में सामने होगें। मगर लगता नहीं जिस तरह का प्रतिबिंब राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का बन चुका है। तुष्टीकरण की राजनीति और अन्ना आन्दोलन के चलते।

आज जिस लेाकपाल को पास करा कांग्रेंस के रणनीतिकार इस उपलब्धि पर इठला रहे है। वह बहुत कुछ कारगार होने वाला नहीं, क्योकि आम आदमी पार्टी,पूरी ताकत से मैदान में और देश की जनता का आक्रोश 7 वे आसमान पर, ऐसे में अध्यक्षों की अदला बदली से भी अब बहुत कुछ होने वाला नहीं।

मगर म.प्र. में जिस तरह से आगे बढ़ती शिवराज सरकार संयमित रह सिपहसालारों को समझा रही है। वह कांग्रेसियों के मातम के बीच बधाई देने जैसी है। खासकर, उस संगठन को जिसके लिये शिवराज काम करते है, क्योकि बातों की माने तो उनका जीवन संगठन आधारित है। वह तो सिर्फ निर्मित मात्र है। जैसा कि वह जब तब लेागों के बीच कहते भी है और संगठन द्वारा बताये रास्ते पर भी चलते है।

बहरहॉल चर्चा तो चर्चा तक सीमित होती है। हकीकत क्या? यह तो ऊपर वाला ही जाने मगर जिस सूत्र पर कांग्रेस बढ़ रही है उस पर 2014 में उसका सफाया सुनिश्चित है। क्योकि अब लेाकतंत्र ही नहीं,कांग्रेस की सच्ची सेवा में जुटे सिपहसालारों को भी दरकार है। कि कांग्रेस का शुद्धिकरण जल्द से जल्द हों। हो सकता है कांग्रेस सड़े गले अंगों को अलग कर स्वस्थ रहने विभिन्न बीमारियों से मुक्त हो साफ सुथरा जीवन चाहती हो और 5 वर्षो तक विपक्ष में बैठ मंथन चाहती हो, बरना क्या कारण है। जो कांग्रेस की भाषा और बॉडी लेंग्यूज में हार के बावजूद कोई सुधार ही नहीं।

मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत किया राजस्थान विजन-2020
जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए टीम राजस्थान को जुटकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने राजस्थान विजन-2020 प्रस्तुत करते हुए कहा कि राजस्थान हमेशा से ही गर्व का पर्याय रहा है, लेकिन हम गरीबी, पिछड़ेपन, बेरोजगारी और युवाओं के अधूरे सपनों को पूरा करने पर ही अपने आपको सही मायने में गौरवान्वित महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि आज का युवा कोई वादा नहीं, बल्कि नौकरी चाहता है। ऐसे में हमने 15 लाख युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की है। इसके लिए उनको बेहतर शिक्षा एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण देकर उनका कौशल विकास करेंगे, जिससे कि उन्हें नौकरी के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। श्रीमती राजे सोमवार को यहां मु यमंत्री कार्यालय के सभागार में राज्य मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों, मु य सचिव, सभी अतिरिक्त मु य सचिवों, विभागों के प्रमुख शासन सचिवों, शासन सचिवों तथा विभागाध्यक्षों के समक्ष राज्य सरकार का दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हमें विकास के सभी मापदण्डों पर विशेष ध्यान देते हुए प्रमुखत: विकास दर में वृद्घि,  मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने, स्कूलों में नामांकित बच्चों को स्कूल छोडऩे से रोकने जैसी अनेक चुनौतियों का मुकाबला करते हुए राज्य का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित करना है। मु यमंत्री ने कहा कि हमारा चुनाव घोषणा-पत्र अब राज्य सरकार का नीति-पत्र बन गया है। उन्होंने निर्देश दिये कि अधिकारी घोषणा-पत्र का विस्तृत अध्ययन करें और तमाम घोषणाओं को निश्चित समयावधि में पूरी करने के लिये आज से ही जुट जायें, क्योंकि हमारी सरकार का मु य उद्देश्य जनता से किये गये वायदों को पूरा करना है। उन्होंने विजन-2020 में शिक्षा, सड़क विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, स्वच्छ पेयजल, बिजली, कृषि एवं पशुपालन, आर्थिक क्षेत्र में गतिविधियों का सफल संचालन, निवेश को बढ़ावा देने के साथ ही विकास दर को आगे बढ़ाने, युवाओं को रोजगार सुलभ करवाने के लिये उन्हें तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, राज्य में साक्षरता वृद्घि के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराने पर बल दिया। श्रीमती राजे ने राज्य के चहुंमुखी विकास के लिये अपने इस दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए सभी विभागाध्यक्षों को इसे अपने-अपने विभाग के प्रस्तुतीकरण में शामिल करने के निर्देश भी दिये। श्रीमती राजे ने कहा कि वर्ष 2003 से 2008 के बीच हमारी सरकार ने बीमारू राजस्थान को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिये महत्वपूर्ण निर्णय लिये थे। उस वक्त जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हमारी सरकार ने आमजन को बेहतर सुविधाएं देने में कोई कमी नहीं रखी थी। लेकिन पिछले पांच साल विकास की दृष्टि से अच्छे नहीं रहे। इसलिये अब हम सब मिलकर एक बार फिर से राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनायेंगे लेकिन इसके लिये हम सबको मिलकर टीम राजस्थान के रूप में काम करना होगा तभी जाकर हम जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतर पायेंगे।
SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment