बगैर मैफ के गांवों शहरों का विकास,बड़ा धोखा

व्ही.एस.भुल्ले/ बगैर मैफ के देश भर ही नहीं प्रदेशों के गांव,शहरों के विकास के नाम जिस तरह से हर वर्ष अरबों रुपया उलीचा जा रहा है। उससे उद्देश्यों की पूर्ति तो दूर, न तो गांव,शहरों की सूरत बदल रही न ही धन का सदउपयोग हों शासन की स्थाई परिसं पत्तियाँ बन पा रही है। अब्बल देश भर में बेतरजीह भूमि का बिगाड़ सीमेन्ट कांक्रीट के जंगल तैयार हो रहे है।

वर्षो से हो रहे गांव शहरों के बगैर मैफिंग के, विकास का आलम यह है कि छोटे शहर ही नहीं बड़े बड़े शहर,महानगर की सड़के जरा सी बारिश में जल मगन हो तालाबों में तब्दील हो जाती है। वे दिशा नालियाँ या नाली विहीन गांव शहर गन्दे पानी के खुले गटर बन बदबू, मच्छर,बीमारियाँ फैलाते है।
इतना ही शासकीय रुप में बनने वाले बगैर मैफ के गांव,शहर के सुनियोजित मैफ के आभाव में मन माफिक ढंग से ठोक दिये जाते है। जिनका कोई उपयोग नहीं रह जाता या खाली पढ़े पढ़े जर्जर हो जाते है। ऐसा ही आलम शहर की पेयजल लाइनों और गांव की पेयजल योजना हेन्डप पों का है। सुना है कुछ सरकारे आवास को लेकर बड़े पैमाने पर आवास बनाने वाली है अगर पूर्व की भांति भविष्य में भी अरबों की राशि यूं ही लुटा दी जाती है। तो यह देश ही नहीं देश वासियों के साथ अन्याय होगा। फिलहॉल खबर यह है कि म.प्र. की शिव सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों आवासों का निर्माण कराने वाली है। जिसमें 5000 का लक्ष्य ग्वालियर को मिला है।
काश देश ही नहीं प्रदेश सरकारे हर गांव,शहर का एक नक्शा निर्धारित कर और हर वर्ष पूर्ण स्थाई सं पत्तियों की पंजी ग्राम,पंचायत,जनपद जिला पंचायत,नगर पालिका नगर निगम की तैयार करा हर विकास निर्माण की स्वीकृति उसी मैफ पर डिमार्केशन की हुई जगह को अनिवार्य करती है तो सरकारों का हर वर्ष फुकने वाला अरबों रुपया भी बच जायेगा साथ ही साथ भ्रष्टाचार के चलते होने वाला फर्जीफिकेशन और सबसे बड़ी समस्या भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लग जायेगा तथा सरकार या देश का कोई भी नागरिक जब चाहे तब मैफ पर पूर्व स्थति, परिस पत्ति,हेन्डप प,सड़क,नाली,खरंजा, पंचायत भवन,स्कूल,आंगनबाड़ी,नहर,तालाब,खेत,मैदान सरकारी गैर सरकारी भूमि हर गांव के नगर के शहर देख पायेगा। तथा गांव की योजना बनाने वाले अधिकारी,कर्मचारी,जनप्रतिनिधि जरुरत या प्रकृति अनुरुप योजना बना सके या स्वीकृति दे सकते है।
किसी भी गांव,शहर में कोई भी शासकीय या अशासकीय निर्माण विकास की स्वीकृति के लिये स्थाई मैफ के साथ निर्मित संरचना का मैफ अक्श खसरा भी होना चाहिए। तभी संबधित संस्था निर्माण करें और स्वीकृति ले और दें। कि वाद्धयता होना चाहिए। क्योकि देश में किसी भी संरचना या परिस पत्ति के निर्माण में अक्स खसरे का प्रचलन ही सबसे बड़े भ्रष्टाचार और शासकीय योजनाओं में शासकीय धन के लूट का कारण है।
एनटीपीसी ्यशद्यस्रड्डद्व पनबिजली परियोजना
आज ्यशद्यस्रड्डद्व जब्त जलाशय की शुरुआत के साथ, प्रमुख एनटीपीसी की जल विद्युत परियोजना वर्ष २०१४-१५ से बिजली उत्पन्न करने के लिए तैयार हो जाएगा. ८०० मेगावाट (४3२०० मेगावाट) की स्थापित क्षमता के साथ ्यशद्यस्रड्डद्व परियोजना उत्तरी ग्रिड के लिए बहुत आवश्यक बढ़ता जा क्षमता प्रदान करेगा. जलाशय डा. अरूप रॉय चौधरी, सीएमडी के भरने के ऊपर उद्घाटन करने के बाद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए एनटीपीसी उनके प्रयासों की सराहना की और कुछ और समय के लिए एक ही उत्साह के साथ जारी है और जल्द से जल्द धारा पर परियोजना लाने के लिए उन्हें आह्वान किया. श्री हृ.हृ. मिश्रा, निदेशक (प्रचालन), श्री ए.के. झा, निदेशक (तकनीकी), श्री एस.सी. पांडे, निदेशक (परियोजना) श्री वी.के. गुप्ता कार्यकारी निदेशक (हाइड्रो) और श्री ए.के. नंदा, महाप्रबंधक (्यशद्यस्रड्डद्व) इस अवसर पर उपस्थित थे.

सुशासन निचले स्तर तक महसूस हो शिवराज
उज्जैन 19 दिस बर। मु यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के आम आदमी के कार्य बगैर किसी अड़चन के हों यह मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आम जन को महसूस हो कि यह उनका अपना शासन है। मु यमंत्री की तरह अधिकारी भी अपने आप को शासक नहीं, जनता का सेवक मानें। श्री चौहान ने कहा है कि जन सुनवाई रस्म अदायगी न होकर जनता की समस्याएँ हल करने वाली हों। प्रशासन कर्मचारियों की सुविधा का ध्यान रखें पर पैनी निगाह रखकर भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टालरेंस की व्यवस्था लागू करें। हर जिला गुड गनर्वेंस का उदाहरण बने। कलेक्टर अपने जिले के विकास का प्रारूप तथा एक साल का एक्शन प्लान बनायें। इसी से उनके काम का मूल्यांकन होगा। मु यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ कलेक्टर-कमिश्नर्स क ान्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा प्रदेश की पूरी साढ़े सात करोड़ जनता मेरी अपनी है। अलग से कोई दोस्त या रिश्तेदार नहीं है। अधिकारी किसी के दबाव में आकर गलत कार्य नहीं करें। जानबूझकर गलती करने वाले और समय पर कार्य नहीं करने वाले परिणाम भुगतने के लिये तैयार रहें। जनसुनवाई रस्मअदायगी न रहे
जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से हो
श्री चौहान ने निर्देश दिये कि कलेक्टर अपने जिले में जन-कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से करायें। लोकतंत्र में जनता की आकांक्षाओं को पूरा करें और प्रदेश के बेहतर विकास में योगदान करें। जन-सुनवाई जैसे कार्यक्रम रस्मी नहीं बनें बल्कि इनके माध्यम से आम जनता से बेहतर संवाद स्थापित करें। सबका आदर करें और उन्हें सुनें। जनता के विश्वास की कसौटी पर खरा उतरें। आम आदमी की जिन्दगी को बेहतर बनाने के लिये काम करें। प्रक्रियाओं का सरलीकरण करें, आधुनिक तकनीक का उपयोग करें और आम जनता को मिलने वाली सुविधाएँ तेजी से दिलवायें। लोक सेवा गारंटी को और अधिक प्रभावी बनायें। कलेक्टर जिले के सीईओ की तरह कार्य करें। भ्रष्टाचार के विरूद्ध राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है, कलेक्टर पैनी निगाह रखें और कहीं भी गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें। अपने अमले की सुविधाओं का ध्यान भी रखें। पूरी गंभीरता से प्रदेश के निर्माण में सहयोग करें, लोगों की जिन्दगी में खुशियाँ लायें और अपने जीवन को सार्थक करें। प्रत्येक काम को समय-सीमा में पूरा करें। विजन 2018 और जनसंकल्प को पूरा करने में सहयोग करें। गरीबों के लिये बनेंगे 15 लाख आवासकान्फ्रेंस के पहले सत्र में गरीबों के लिये 5 वर्ष में 15 लाख आवास बनाने की योजना का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में 10 लाख तथा शहरी क्षेत्र में 5 लाख आवास गरीबों के लिये बनाये जायेंगे। इसके लिये विभिन्न आवास योजना में आवास बनाये जायेंगे। इसमें इंदिरा आवास योजना, इंदिरा होम स्टेड आवास योजना, इंदिरा आवास वनाधिकार योजना, मु यमंत्री अंत्योदय आवास योजना और मु यमंत्री आवास मिशन में आवास बनाये जायेंगे। शहरी क्षेत्र में नगरीय निकायों द्वारा डेढ़ लाख, विकास प्राधिकरण तथा हाऊसिंग बोर्ड द्वारा एक-एक लाख तथा निजी बिल्डरों द्वारा ढ़ाई लाख आवास निर्माण की योजना बनाई गई है। मु यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछले दिनों आई बाढ़ में जिन लोगों के आवास क्षतिग्रस्त हो गये हैं उन्हें आवास के लिये तुरंत मदद की जाये। मु यमंत्री खेत सड़क योजना मु यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रदेश का ऐसा कोई ग्राम न छूटे जहाँ सड़क नहीं हो। जहाँ अन्य कोई योजना से सड़क नहीं बन सकती हो उस गाँव को मु यमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ा जाय। कान्फ्रेंस में खेत सड़क योजना का प्रस्तुतिकरण दिया गया जिसमें गाँवों, मजरे-टोलों और खेत समूह के सड़कों का निर्माण पंचायतों द्वारा करवाया जायेगा। हर पंचायत में कम से कम दो सड़कें बनवाई जायेंगी। सड़क की गुणवश्राा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। मु यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सड़कें कृषि कार्य में उपयोगी होंगी तथा किसानों को फसल लाने ले जाने में सुविधा होगी।
समग्र स्मार्ट कार्ड बनेंगे सामाजिक न्याय विषय के प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि विभाग द्वारा समग्र स्मार्ट कार्ड की योजना तैयार की गई है। इसके माध्यम से हितग्राहियों को शासन की सभी हितग्राही और परिवारमूलक योजनाओं का लाभ मिलेगा। यह कार्य अगले छह माह में पूरा किया जायेगा। बताया गया कि मु यमंत्री कन्यादान योजना में दी जाने वाली सहायता 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दी गई है। मु यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निराश्रित हितग्राहियों को पेंशन हर माह मिले। बिना पूर्व सूचना के किसी वृद्ध निराश्रित की पेंशन बंद नहीं हो। फुटपाथ पर कचरा बीनने वाले बच्चों के कल्याण और शिक्षा की योजना बनायें। मजदूर सुरक्षा योजना के तहत सभी पात्र हितग्राहियों का पंजीयन हो और उन्हें योजना का लाभ मिले। मु यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में यात्रा पर जाने वाले वृद्धजनों के अतिरिक्त देखरेख की व्यवस्था करें। निरूशक्तजनों के लिये अतिरिक्त रूप से संवदेनशील होकर जिलों में योजना बनवायें। अन्त्योदय मेलों का आयोजन जारी रखें। प्रदेश में वर्तमान में 135 कौशल विकास केन्द्र काम कर रहे हैं। मु यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्किल्ड मेन पॉवर तैयार करने पर विशेष ध्यान दें। जिन क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएँ हों उनसे संबंधित व्यवसायों का गुणवश्राापूर्ण प्रशिक्षण युवाओं को दिलवाया जाये। कलेक्टर इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करें। जिलों में सेल्फ इ प्लायमेंट सेल बताया गया कि मु यमंत्री की मंशानुसार अगले पाँच वर्ष के दौरान 5 लाख युवाओं को उद्यमी बनाने तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों का जाल बिछाने की रणनीति बनाई गई है। इसके लिये मु यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना में युवाओं को प्रेरित किया जायेगा। जारी विश्राीय वर्ष में भी करीब 50 हजार युवाओं को स्वरोजगार के लिये सहायता दी जायेगी। मु यमंत्री कारीगर रोजगार योजना में भी सहायता दी जायेगी। मु यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश को बदलने के लिये युवाओं द्वारा लगाये गये लघु और कुटीर उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पूँजी निवेश की दृष्टि से मध्यप्रदेश को देश का अव्वल राज्य बनाया जायेगा। प्रदेश में 27 औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण किया जा रहा है। हर जिले में कलेक्टर युवाओं को उद्यमी बनने के लिये प्रेरित करें। हर जिले में सेल्फ इ प्लायमेंट सेल बनायें जो युवाओं की मदद करें।
मु य सचिव श्री अंटोनी डि सा ने कहा कि आम आदमी के लिये जिला प्रशासन संवेदनशील होकर कार्य करें। इस कान्फ्रेंस में ऐसे विषयों का चयन किया गया है जो विजन 2018 में उल्लेखित हैं। कान्फ्रेंस में संबंधित विभागों के अपर मु य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष आदि उपस्थित थे।
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