स्थापित सिद्धान्तों के उलट व्यवहारिक राजनीति में सशक्त लेाकतंत्र

व्ही.एस.भुल्ले/म.प्र. ग्वालियर। वर्तमान में प्रचलित 5 राज्यों के चुनावों में निर्वाचन आयोग की स्वस्थ और शसक्त प्रयासों ने कुछ हद तक यह साबित करके दिखाया है,कि अगर सच्चे मन से प्रयास हों तो सफलता अवश्य हाथ लगती है।
मगर निर्वाचन आयोग के प्रयासों और देश में स्थापित सिद्धान्तों के उलट व्यवहारिक राजनीति ने साफ कर दिया है,कि जो नई पर परायें लेाकतंत्र में फल फूल रही हैऔर जिस तरह का लेाकतंत्र तैयार हो रहा है,उसको देखकर नहीं लगता कि चुनाव सुधार के नाम पर बहुत कुछ होने वाला है।

देखा जाये तो भारतीय लेाकतंत्र में जिन नई पर पराओं को बल मिला है उसमें सबसे अहम स्थान धन का है। जिससे आगे का रास्ता तय होता है। जिसके चलते ही निर्वाचन आयोग ने भी प्रत्याशियों के खर्चे की सीमा 10 लाख के पार कर दी है। भारतीय लेाकतंत्र का यह एक कटु सच है,कि बगैर धन के इस लोकतंत्र में कोई भी जन सेवा के लिये सत्ता हासिल नहीं कर सकता। इसीलिये हमारे लेाकतंत्र में दल खूब फल फूल रहे है। और उसी के पीछे व्यवस्थापक चल रहे है ये अलग बात है कि राजनैतिक दलो की धन व्यवस्था कार्यकत्र्ता के चन्दे और चन्दा देने वालो के मार्फत होती है। जिससे वह अपने अपने प्रत्याशियों को घोषित अघोषित धन मुहैया करा चुनाव मैदान में सामूहिक रुप से सत्ता हासिल करने उतारते है। वहीं छोटे-मोटे दल जिन पर न तो सं या में अधिक कार्यकत्र्ता होते है न ही चन्दा देने वाले लेाग। जो किसी पार्टी के सदस्य होने के बावजूद भी निर्दलीय कहलाते है। जिस चुनाव में अधिकांश कार्यकत्र्ता, समर्थक,चाय पानी से लेकर नास्ता,खाने तक का मन बना अपने प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी कार्य करने आते है,जो समाज जाति,धर्म, क्षेत्र के नाम पर सशक्त लेाकतंत्र बनाने पर उतारु हो जिस जन समूह को झूठे वादे,अपवाहे फैला प्रभावित किया जा सकता हों वहां धन की जरुरत अवश्य हेाती है।

निश्चित ही हमने आज घोषित,अघोषित तौर पर स्वस्थ सशक्त लेाकतंत्र के नाम पर एक ऐसा तंत्र स्थापित कर लिया है जहां घुटन होना स्वाभाविक है। कारण साफ है,कि हमारे लेाकतंत्र में जन सेवा के लिये सत्ता का होना उतना ही जरुरी है,जितना कि एक जीवित शरीर में सांस होना,जो लेाकतंत्र के स्त बों के शौर शरावे दम तोड़ता नजर आता है जिसके लिये बहुत हद तक हमारी लेाकतांत्रिक व्यवस्था ही है,जो आजादी के 65 वर्ष बाद भी न तो अधिकांश देश वासियों को जागरुक  ही कर पाई और न ही एक परिपक लेाकतंत्र स्थापित कर पाई। आज हमारे बीच स्वस्थ लेाकतंत्र के नाम एक ऐसा अदकुचला समाज है,जिसकी विकलांगता का लाभ उठा राजनेता व राजनैतिक दल लेाकतंत्र के नाम सत्ता में काबिज हो राजा बन जाते है और लेाकतंत्र में  राजा रुपी जनता प्रजा की शक्ल में आ जाती है। पूरे 5 वर्ष में एक माह के लिए राजा या रंक बनी जनता 5 वर्ष के लिये याचको की मुद्रा में नजर आती है।

यहीं सच्चाई है हमारे लोकतंत्र काश देश के हर ऐसे नागरिक को जिसे कम से कम एक प्रतिशत स्थानीय मतदाताओं का लिखित समर्थन प्राप्त हों जो सहज और निर्भीकता के साथ चुनाव लड़ सकता हो। एक चुनावी व्यवस्था के तहत हर प्रत्याशी को अपनी बात रखने और निर्धारित स्थान पर अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हों, जिसके चुनाव का स पूर्ण खर्च व्यवस्था उठाये तब निश्चित ही देश के अन्दर स्वस्थ पारदर्शी और सशक्त लेाकतंत्र स्थापित हो सकता है। बरना हम हमारे लेाकतंत्र के नाम पर मोटी-मोटी कानून की किताबे बना इसी तरह स्वस्थ और सशक्त लेाकतंत्र का इंतजार करते रहेगें।

किरायेदारों, घरेलू नौकरों की सूचना देना अनिवार्य, उल्लंघन पर होगी अभियोजन की कार्रवाई
इंदौर 30 नव बर, 2013 जिला प्रशासन द्वारा दण्ड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत जनसामान्य के हित, जानमाल की सुरक्षा एवं लोक शांति बनाये रखने के लिये अपने मकानों एवं दुकानों पर किरायेदार एवं घरेलू नौकर रखने से पूर्व इसकी सूचना संबंधित थाने में दिये जाना मकान/दुकान मालिक के लिये अनिवार्य कर दिया गया है। सूचना न देने पर भारतीय दण्ड संहिता के प्रावधानों के तहत मकान/दुकान मालिक के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की जायेगी।
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी द्वारा आदेश जारी किये गये हैं कि किरायेदारों, घरेलू नौकरों एवं व्यवसायिक नौकरों की सूचना निर्धारित प्रारूप में मकान/दुकान मालिक द्वारा संबंधित थाने में दी जाये। इसके पहले मकान/दुकान किराये पर न दी जाये। छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों की सूचना संबंधित थाने में दी जाये। होटल, लॉज, धर्मशाला में रूकने वाले व्यक्तियों से पहचान-पत्र अनिवार्य रूप से लिया जाये तथा ठहरने वालों की सूची थाने में दी जाये। भवन निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूर एवं कारीगरों की सूचना ठेकेदार द्वारा तथा पेईंग गेस्ट की सूचना संबंधित मकान मालिक द्वारा थाने में दी जाये। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति 15 दिन से अधिक कहीं निवास करता है तो उसकी सूचना थाने को दी जाये।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक मु यालय इंदौर द्वारा कार्यालय जिला दण्डाधिकारी जिला इंदौर को अवगत कराया गया था कि बाहरी व्यक्तियों के आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने से अपराधों की रोकथाम एवं तहकीकात करना कठिन होता जा रहा है एवं लोक संपश्रि की क्षति का भी भय बना हुआ है। बाहरी व्यक्तियों की जानकारी न होने पर पुलिस को जांच करने में परेशानी होती है तथा अपराधों की रोकथाम व नियंत्रण करना कठिन हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में यह आवश्यक है कि इंदौर शहर में प्रतिदिन आने वाले व्यक्तियों की जानकारी संबंधित थाने में रहे।
                   
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन कदाचरण के आरोप में उत्कृष्ट उ.मा.वि. हर्रई की प्राचार्य निलंबित
जबलपुर, 30 नवंबर, 2013 विधानसभा निर्वाचन 2013 में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर सिविल सेवा आचरण नियम के अंतर्गत कदाचरण के आरोप में छिंदवाड़ा जिला के हर्रई स्थित उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य विद्या डेहरिया को संभागायुक्त दीपक खांडेकर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
संभागायुक्त ने यह आदेश जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर छिंदवाड़ा के पत्र के आधार पर जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि प्राचार्य विद्या डेहरिया ने विद्यालय परिसर के बाहर लगे एक राजनैतिक दल के होर्डिंग को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की और ना ही इस संबंध में संबंधितों को कोई सूचना ही दी। इस होर्डिंग को प्लाइंग स्क्वाड ने भ्रमण के दौरान निकलवाया। श्रीमति डेहरिया पर आरोप है कि उन्होंने अपने विरूद्ध आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतों के प्राप्त होने के बाद भी अपना पक्ष या जवाब प्रस्तुत नहीं किया। जो कि कदाचरण का द्योतक है।

सिरमौर के मतदान केन्द्र क्रमांक 151 बैकुंठपुर में पुर्नमतदान 2 दिस बर को होगा
रीवा 30 नव बर/  विधानस ा निर्वाचन 2013 के सिलसिले में जिले के विधानस ा क्षेत्र क्रमांक 68 सिरमौर अंतरगत मतदान केन्द्र क्रमांक 151 बैकुंठपुर में पुर्नमतदान 2 दिस बर को होगा । निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुर्नमतदान का समय प्रात: 8 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा तथा मतदान कार्य स पन्न कराने हेतु गठित मतदान दल एक दिस बर को मतदान सामग्री सहित मतदान केन्द्र में पहुंच जायेगा । पुर्नमतदान दिवस 2 दिस बर को मतदान केन्द्र में प्रात: 8 बजे से पूर्व माकपोल कराते हुये मतदान प्रारं होने से लेकर प्रति दो- दो घंटे में मतदान की सूचना निर्वाचन आयोग को प्रेषित किये जाने के निर्देश दिये गये है । कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एस एन रूपला ने पुर्नमतदान को दृष्टिगत रखते हुये संबंधित क्षेत्र में 30 नव बर की शाम 5 बजे से 2 दिस बर को मतदान समाप्ति तक शुष्क दिवस  घोषित करते हुये मदिरा के विक्रय पर प्रतिबंध लगाये जाने का आदेश दिया है ।
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