मप्र: वोटिंग से बड़ी दिलो की धकडऩ

व्ही.एस.भुल्ले/ म.प्र.- 25 न बर 2013 को नई विधानसभा के लिये हुये भारी मतदान ने किसी को उ मीदे भले ही न बढ़ाई हो मगर दिल की धड़कने अवश्य तेज कर दी है।
जहां इस मर्तवा निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने खुलकर कै पैन चलाया वहीं उसके द्वारा उठाये गये कदमों ने भी आम मतदाता को मतदान करने के लिये खासा प्रोत्साहित किया,अपने इस माहती अभियान वह कितना सफल रहा, यह तो वहीं जाने।
मगर इस मर्तवा बढ़े वोटिंग प्रतिशत ने 8 दिस बर तक अवश्य कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। जिसकों लेकर जहां भाग्य आजमाने वाले प्रत्याशी सासत में वहीं मैदान में कूदे विभिन्न राजनैतिक दलो के दिल की धड़कने तेज है।
अगर छोटे-मोटे दलो को उनके ही हॉल पर छोड़ दे तो म.प्र. के दोनेा प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस और भाजपा फिलहॉल बैहाल है। ऐसे में सभी को 8 दिस बर तक का तो इन्तजार करना ही पढ़ेगा।
अब रहा सवाल म.प्र. में 10 वर्ष से सत्ता में काबिज भाजपा का तो उसकी भी सांसे फूली हुई है। ाले ही सत्ता में तीसरी मर्तवा लौटने के उसके दावे हो।
ऐसा ही कुछ हाल प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेंस का है जो विगत 10 वर्षो से सत्ता के बाहर है। और इस मर्तवा सत्ता हथियाने आतुर। मगर देखा जाये तो राजनीति के सारे फॉरमूले पूर्ण करने के बावजूद वह भी स्वार्थ परख राजनीति का शिकार हो यह कहने की स्थति में नहीं कि इस मर्तवा सरकार उसी की बनेगी।
देखा जाये तो उसके भी बस कयास भर है कि सरकार उसी की बनेगी। आखिर कार सरकार किसकी बनेगी यह फिलहॉल ई.बी.एम. में बन्द है। जिन्हें 8 दिस बर को खोला जाना है। कोई यह दावा नहीं कर सकता कि सरकार किसकी बनेगी। भगवान करे बढ़ा वोटिंग प्रतिशत निर्वाचन आयोग के खाते में जाये वरना किसी का भी 8 दिस बर को हार्ट फैल होना स्वाभाविक है जो दल सत्ता के सपने सजोये बैठे है।

अपर. सीएमडी एनटीपीसी के लिए डीवीसी के आरोप
डा. अरूप रॉय चौधरी, सीएमडी, एनटीपीसी अपर दिया गया है. अध्यक्ष का प्रभार, दामोदर घाटी निगम लिमिटेड से प्रभावी २८ नवंबर, २०१३ से एक नियमित अवलंबी की नियुक्ति तक या अगले आदेश तक. डॉ. रॉय चौधरी, सितंबर ०१, २०१० को सीएमडी एनटीपीसी के रूप में पदभार संभाल लिया है, और कंपनी उनके नेतृत्व में शक्ति को शक्ति से बढ़ रहा है. एनटीपीसी में अपने कार्यकाल के दौरान लगातार तीसरे वर्ष के लिए उच्चतम कभी क्षमता वृद्धि हासिल की. वित्तीय वर्ष २०१२-१३ के दौरान एनटीपीसी वित्त वर्ष २०११-१२ और वित्त वर्ष २०१०-११ में २४९० मेगावाट में २८२० मेगावाट के विरुद्ध ४१७० मेगावाट गयी. एनटीपीसी रुपये के रिकार्ड के पूंजीगत व्यय हासिल की. वित्तीय वर्ष २०११-१२ के दौरान रुपये १५,९९३.५२ करोड़, २४.५०त्न की वृद्धि के खिलाफ वित्तीय वर्ष २०१२-१३ के दौरान १९,९२५.५३ करोड़ रुपये (स्टैंडअलोन). एनटीपीसी रुपये की एक योजना बनाई केपेक्स है. वित्तीय वर्ष २०१३-१४ के लिए २०,२०० करोड़ रुपए. उन्होंने कहा कि हाल ही में बहुत अच्छी तरह से प्राप्त किया गया है जो इडियट्स द्वारा एक पुस्तक प्रबंधन लिखी हैं. प्रौद्योगिकी, मेसरा और प्रबंधन और आईआईटी दिल्ली के डॉ. रॉय चौधरी से सिस्टम में एक स्नातकोत्तर बिरला इंस्टीट्यूट से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक इंजीनियरिंग, सामान्य प्रबंधन, सामरिक प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के ३४ वर्षों में फैले एक शानदार कैरियर है और व्यापार नेतृत्व. उन्होंने कहा कि अप्रैल में आईआईटी दिल्ली, २०१३ से "बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के प्रदर्शन का आकलन" में डाक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई है.
डॉ. रॉय चौधरी वह अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में शामिल हो गए, जब ४४ साल की उम्र में एक केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (सीपीएसई) के सबसे कम उम्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त है, राष्ट्रीय भवन अप्रैल ३ पर निर्माण निगम लिमिटेड (एनबीसीसी), २००१. पहले उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत की जब १९७९ के बाद से प्रमुख सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों में काम किया था कि करने के लिए.


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