कैसे बने स्वस्थ लेाकतंत्र नहीं बचा, गरीबों का तंत्र

व्ही.एस.भुल्ले। लेाकतंत्र में सेवा और सेवा के लिये सत्ता शायद यहीं परिभाषा शेष बची है हमारे महान लोकतंत्र की अगर ऐसा है तो फिर ऐसे में हम कैसे शसक्त और स्वस्थ लेाकतंत्र की कल्पना कर सकते जबकि मतदान के रुप में सत्ता चुनने का मौका हमारे सामने है।

ये अलग बात है कि निर्वाचन आयोग ने इस मर्तवा निष्पक्ष,भयमुक्त मतदान के कॉफी कड़े इन्तजाम अपने स्तर पर किये है मगर जिस तरह से राजनैतिक दलो ने भ्रामक प्रचार-प्रसार की झड़ी लगा दी है। और नये रास्ते ढूढ़ सत्ता हासिल करने अपनी अपनी व्यवस्थाये लगा ली है। सड़े गले तंत्र के अथक प्रयासों के चलते निर्वाचन आयोग की निप्पक्ष निर्भीक मतदान की भावना स्वस्थ शसक्त लोकतंत्र के लिये परिपूर्ण हो पायेगी।
 
व्यक्तिगत,दलगत कीचड़ उछाल आरोप प्रत्यारोपों के बीच प्रमुख राजनैतिक दल आम जनता को तो मु य मुद्दों से भटका ही रहे है। साथ ही वह यह भी बताने में लगे है कि गरीब जनता,कर्मचारियों और प्रदेश देश का विकास कैसे करने वाले है, आम आदमी के जीवन को कैसे खुशहाल बनाने वाले है, मगर इसके लिये वह सिर्फ और सिर्फ सत्ता चाहते है, जिसके लिये वह संगठित तौर पर चुनाव मैदान में है और निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियम कानूनों का तोड़ निकाल सत्ता हथियाने की कोशिस में जुटे है।

ये अलग बात है कि मंहगाई को देखते हुये निर्वाचन आयोग ने खर्चे की सीमा बढ़ाई है। साथ ही इस मर्तवा खर्चो पर स ती कर कुछ हद तक धन बल पर रोक भी लगाई है। मगर कौन नहीं जानता जुगाड़ टेक्नोंलॉजी को जिसने अच्छे अच्छे कानूनों की भी नींद उड़ा रखी है।

कौन नहीं जानता कि क्यों भारी तादाद में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है। कई दल प्रत्याशी या तो मैदान छोड़ लिये या फिर इज्जत के लिये मात्र लड़ रहे है।

जिस मीडिया पर निष्पक्षता के लिये अलग से ऑव्जरवर और समितियों की निगरानी के दावे चल रहे है। उसी मीडिया के स्वर आज भी बागी दिख रहे है। मीडिया वाले आज भी कुछ प्रमुख राजनैतिक दलो को ही प्रमुखत: दे रहे। भले ही किसी विधानसभा में कितने ही उ मीदवार चुनाव क्यों न लड़ रहे हों, भूले से भी उस पर संज्ञान नहीं ले रहे है। ऐसे में कहां से निष्पक्षता रहेगाी।

जितनी राशि आयोग द्वारा प्रति प्रत्याशी निर्धारित है क्या देश का आम गरीब जो स्वयं पेट भरने मजबूर है इतनी भारी भरकम राशि समाज सेवा जुटाने या सत्ता हासिल करने कहां से ला सकता है।

मामला साफ है। गरीब को सत्ता हासिल करने या सत्ता में रहनेे का परिस्थितियों बस आज भी कोई अधिकार नहीं। तो फिर कैसे निष्पक्ष चुनाव शसक्त स्वस्थ लेाकतंत्र बनेगा कैसे लोग निर्भीक हों निष्पक्ष सरकारे चुन पायेगें। यह यक्ष प्रश आज भी भविष्य के गर्भ में है। मगर आयोग के प्रयास आज भी ऐड़ी चोटी का जोर लगा अधिक से अधिक निष्पक्ष,निर्भीक चुनाव कराने पर है। जिसमें बहुत हद तक वह सफल भी होता दिखाई देता है।

असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस बल को दिया फ्रीहैंड

शिवपुरी, २३ नवम्बर २०१३/ शांतिपूर्ण व निर्विघ्न मतदान संपन्न कराना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का खलल डालने वाले तत्वों से कड़ाई से निपटा जावे। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्री आर.के.जैन एवं पुलिस अधीक्षक श्री एम.एस.सिकरवार ने आज पुलिस कंट्रोल रूम में जिला पुलिस बल तथा निर्वाचन कार्य के लिए उपलब्ध कराए गए पैरा मिलिट्री फोर्स के अधिकारियों के साथ बैठक में दिए। बैठक में एडीशनल एस.पी. श्री अलोक सिंह सहित सभी एसडीओपी तथा केन्द्रीय बलों के कंट्रोलिंग अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री आर.के.जैन ने कहा कि शांति पूर्ण मतदान हेतु जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियों के साथ ऐतिहाती कदम भी उठाये गए। जिसके तहत जिले में लगभग १२ हजार अपराधी व असमाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध शराब के विक्रय व परिवहन को कड़ाई के साथ रोका गया है। साथ ही जिले में ३३ एस.एस.टी., १५ एफ.एस.टी. टीमें गठित की गई है तथा ११ स्थानों पर नाकाबंदी कर जिले की सीमाओं को शील कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सभी ११८ सेक्टर आफिसर को कार्यपालिक दण्डाधिकारी के अधिकार प्रदान किए गए है। उन्हें पुसिल फोर्स भी मुहैया कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में २१४ क्रिटीकल मतदान कंेन्द्र तथा ४६ वल्नरेविल ऐरिया चिन्हित किए गए है, इन केन्द्रों पर केन्द्रीय पुलिस बल के सशस्त्र जवान तैनात किए जावेगें, जो हर परिस्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहेगें।

क्षत्रिय महासभा महिला इकाई प्रदेशाध्यक्ष कृष्णकांता तोमर ने ली बैठक 

शिवपुरी-अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की महिला प्रदेश इकाई की प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती कृष्णकांता तोमर अल्प प्रवास पर शिवपुरी आई और क्षत्रिय महिलाओं की बैठक स्थानीय मधु राठौड़ के निवास पर ली। जहां बैठक में क्षत्रिय महिला संगठन के द्वारा की गतिविधियों के बारे में महती जानकारी प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती रंजना सिंह चौहान द्वारा दी गई जिन्होंने बैठक में अपनी सभी क्षत्रिय महिला पदाधिकारी व सदस्यों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मिलकर हरेक सामाजिक गतिविधि में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती कृष्णकांता तोमर ने क्षत्रिय महिलाओं को संगठन को मजबूती के साथ बनाए रखने पर बल दिया और सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ जनसेवा के कार्योँ को करने का आह्वान भी किया। इस बैठक में श्रीमती तोमर ने प्रदेश के वि िान्न जिलों में क्षत्रिय महिलाओं द्वारा किए जा रहे साहसिक कार्यों के बारे में भी बताया गया। बैठक में मु य रूप से ऊषा राजावत, सूरज भदौरिया, नीलम कुशवाह, सोनू गौर, सुनीता गौड़, मंजू सिंह, किरन कुशवाह, रमा कुशवाह, आनंदी तोमर, नीता कुशवाह, कमलेश चौहान, साधना सोलंकी, संगीता चौहान, सपना राठौड़, संध्या बघेल, मनोरमा भदौरिया, मीरा सिकरवार, संगीता चौहान, आरती सेंगर, सुन्दरी चौहान, सुधा सेंगर, अमिता जादौन, मुन्नी चौहान, मीरा कुशवाह, सरोज कुशवाह, आदित्या कुशवाह, कृष्णा राठौड़, आशा चौहान, ममता राठौड़, रतन राठौड़, ममता सेंगर, रामपति परिहार आदि बहुतायत सं या में मौजूद रही और सभी ने मिलकर अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों से प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती तोमर को अवगत कराया।

एसएमएस के दुरूपयोग पर होगी कार्यवाही

दतिया। निर्वाचन अवधी के दौरान एसएमएस प्रचार के दुरूपयोग को रोकने हेतु निर्देश दिए गए है। भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी निर्देशों का पालन कराने हेतु अपर जिला मजिस्ट्रेट एवं नोडल आफिसर व्यय श्री सुरेश शर्मा द्वारा रिटर्निग आफिसर दतिया, सेवढ़ा, भाण्डेर को निर्देशित किया है कि वह सभी अभ्यर्थियों से एसएमएस से दुरूपयोग के संबंध में निर्देशों का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें।
एसएमएस सर्विस प्रोवाईडर बीएसएनएल, आईडिया, डोकोमो, रिलायंस, एयरटेल, वोडाफोन, एयरसेल, वीडियोकॉन आदि को निर्र्देशित किया है कि वह अभ्यर्थियों अथवा राजनैतिक दलों द्वारा किए जाने वाले एसएमएस की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।
२३ नवम्बर को सायं ५ बजे से रहेगी राजनैतिक एसएमएस पर रोक:- निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान समाप्ति के ४८ घंटे पूर्व यानी २३ नवम्बर को सायं ५ बजे से राजनैतिक प्रकृति के बल्क एसएमएस के प्रसारण पर रोक रहेगी।
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