घर-घर पहुंचायें मतदाता पर्ची: जबलपुर-रीवा-शहडोल संभागों की चुनाव तैयारियों की समीक्षा

जबलपुर। भारत निर्वाचन आयोग के उप आयुक्त श्री सुधीर त्रिपाठी ने कहा है कि विधानसभा निर्वाचन के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण प्रक्रिया का दृढ़ता से पालन किया जाए।

डाकमत पत्र और फोटो युक्त मतदाता परिचय पर्ची वितरण कार्य सुनियोजित ढंग से निर्धारित समय सीमा में पूरा करें।श्री त्रिपाठी जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग की विधानसभा निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा जबलपुर में कर रहे थे। उन्होंने निर्वाचन तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षकों से निर्वाचन तैयारियों तथा समस्याओं के संबंध में जानकारी ली।

बैठक में मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जयदीप गोविंद, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल. कान्ताराव, संभागायुक्त जबलपुर श्री दीपक खाण्डेकर, शहडोल तथा रीवा संभाग के संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन उपेन्द्र जैन सहित अन्य पुलिस जोन के आई.जी., डी.आई.जी., कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, तीनों संभागों के सभी सामान्य एवं निर्वाचन व्यय प्रेक्षक मौजूद थे ।

भारत निर्वाचन आयोग के उपायुक्त सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव की सभी व्यवस्थायें सुव्यवस्थित ढंग से समय-सीमा में पूरी करें ।  चुनाव में विघ्न डालने वालों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाय ताकि मतदाता स्वतंत्र और भयमुक्त होकर मतदान कर सकें । उपायुक्त श्री त्रिपाठी और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जयदीप गोविन्द ने कहा कि फोटोयुक्त मतदाता पर्चियों के वितरण की निगरानी कलेक्टर स्वयं करें तथा यह कार्य 22 नवंबर तक पूरा कर लिया जाय ।  मतदान के दिन मतदाता पर्ची की अतिरिक्त प्रति मतदान केन्द्र के बाहर भी रखी जाय । इस बार फोटोयुक्त वोटर स्लिप मतदान के लिये आमंत्रण स्वरूप होगी ।  अधिकारी द्वय ने कहा कि जिलों में बेहतर एवं सुदृढ़ कम्युनिकेशन प्लान बनाया गया है ।  इसका पूर्व रिहर्सल अवश्य किया जाय । अवैध शराब और धनराशि को रोकने के लिये जिले अपने सूचना तंत्र को मजबूत करें।

इंदौर जिले में 25 नवम्बर को 21 लाख 65 हजार 428 मतदाता
इंदौर 14 नवम्बर,2013 इंदौर जिले में विधानसभा निर्वाचन-2013 की व्यापक तैयारियां जारी हैं। जिले में आगामी 25 नवम्बर को विधानसभा आम निर्वाचन के लिये 21 लाख 65 हजार 428 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। मतदान के लिये जिले में 2 हजार 279 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। जिले में सर्वाधिक 3 लाख 7 हजार 939 मतदाता विधानसभा क्षेत्र इंदौर-5 में हैं। जिले में सबसे कम 1 लाख 87 हजार 185 मतदाता विधानसभा क्षेत्र इंदौर-3 में हैं।

जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में मतदाताओं की कुल संख्या 21 लाख 65 हजार 428 है। इसमें से 11 लाख 34 हजार 292 पुरूष मतदाता, 10 लाख 31 हजार 79 महिला मतदाता तथा 57 अन्य मतदाता हैं। जिले में विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता और मतदान केन्द्रों की जानकारी निम्नानुसार है:-



क्र. विधानसभा क्षेत्र मतदाताओं की संख्या मतदान केन्द्रों की संख्या

पुरूष म्हिला अन्य योग

1 203 देपालपुर 105232 97572 2 202806 237

2 204 इंदौर-1 156515 136329 5 292849 282

3 205 इंदौर-2 151057 133599 4 284660 269

4 206 इंदौर-3 96871 90296 18 187185 234

5 207 इंदौर-4 117071 110327 7 227405 248

6 208 इंदौर-5 160694 147237 8 307939 299

7 209 महू 115148 105399 6 220553 248

8 210 राऊ 121410 110422 2 231834 226

9 211 सांवेर 110294 99898 5 210197 236

महायोग 1134292 1031079 57 2165428 2279



           मतदान केन्द्र की १०० मीटर परिधि में मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित

                २०० मीटर के दायरे के बाहर बना सकेगें पर्ची बाटने वाले बूथ

शिवपुरी, १४ नवम्बर २०१३/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आर.के.जैन ने कहा कि मतदान दिवस पर मतदान केन्द्र की १०० मीटर की परिधि में कोई भी व्यक्ति मोबाइल या कार्डलेंस फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा तथा अभ्यर्थी मतदान केन्द्र से २०० मीटर की परिधि के अंदर कोई भी बूथ नहीं बना सकेगें। कलेक्टर श्री जैन ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा १४४ के अंतर्गत जारी आदेश में कहा कि २५ नवम्बर २०१३ को निर्वाचन संपन्न होने तक मतदान केन्द्र की १०० मीटर की परिधि अंतर्गत कोई भी व्यक्ति मोबाइल, कार्डलेंस फोन्स का उपयोग नहीं करेगा, परन्तु यह प्रतिबंध पीठासीन अधिकारी एवं निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, सुरक्षा में लगे अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारी पर लागू नहीं होगा, उक्त अधिकारियों को भी अपना मोबाइल साइलेंट मोड में रखना होगा। मतदाताओं को अशासकीय मतदाता पहचान पर्ची जारी करने हेतु मतदान केन्द्रों की परिधि के २०० मीटर के अंदर कोई बूथ स्थापित नहीं किया जावेगा। एक ही परिसर में एक से अधिक मतदान केन्द्र होने पर भी ऐसे परिसरों से २०० मीटर की दूरी पर ऐसे मतदान केन्द्रों के लिए एक उम्मीदवार का एक ही बूथ बनाया जावेगा। ऐसे बूथ पर केवल एक मेज एवं दो कुर्सियां दी जायेगी और उसके साथ एक छत्री या त्रिपाल का टुकड़ा ही लगाया जा सकेगा, जिससे उन कुर्सियों पर बैठने वाले व्यक्ति धूप, वर्षा से अपनी रक्षा कर सकें, ऐसे बुथ के साथ कन्नाते नहीं लगाई जायेगी।

उन्हांेने बताया कि ऐसे बूथ बनवाने की इच्छा रखने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को पहले से लिखित रूप में रिटर्निंग आफिसर को उन मतदान केन्द्रों के नाम और कम संख्या बतानी चाहिए जहां ऐसे बूथ उसके द्वारा स्थापित करवाये जाते है, ऐसे बूथ स्थापित करवाने से पहले इस संबंध में स्थानीय कानून के अधीन, संबंधित सरकारी प्राधिकारी अथवा स्थानीय प्राधिकरणों अथवा स्थानीय प्राधिकरणों जैसे नगर पालिकाओं, जिला परिषदों, शहर क्षेत्र समितियां आदि से लिखित अनुमति भी लेनी होगी। बूथ प्रबंधकों को पुलिस, संबंधित निर्वाचन प्राधिकारियों द्वारा मांग करने पर इस प्रकार की लिखित अनुमति प्रस्तुत करनी होगी। ऐसे बूथ बनवाने पर आने वाले व्यय का लेखा निर्वाचन व्यय लेखा-जोखा में रखना अनिवार्य होगा। ऐसे बूथ निर्वाचकों को केवल गैर सरकारी पहचान पर्चियां जारी करने के एकमात्र प्रयोजन के लिए इस्तेमाल किए जायेगें, ये गैर-सरकारी पहचान पर्चियां आयोग के अनुदेशानुसार ही मुद्रित की जाएगी, जिन पर अभ्यर्थी का नाम या प्रतीक अथवा राजनीतिक दल का नाम नहीं होना चाहिए। किसी भी दल के ध्वज की अनुमति का कागज, पर्ची भी निषेधित है।
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