फुटबॉल बनी जलावर्धन योजना, गेंद पहुंची केन्द्र के पाले, सिन्ध के लिये पैसा, जमीन भी देंगें: शिवराज

व्ही.एस.भुल्ले, म.प्र. शिवपुरी। शिवपुपरी वासियों को सिन्ध का श्ुाद्ध पेयजल मुहैया कराने पर्यावरण की स्वीकृति हेतु रा'य सरकार ने समस्त पूर्तिया कर योजना केन्द्र सरकार को भेज दी है।

साथ ही हम जमीन और पैसा भी देगें उक्त बात म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा शिवपुरी सक्रिट हाउस पर विलेज टाईम्स द्वारा शिवपुरी की पेयजल योजना की दुर्गति को लेकर किये सवाल के जबाव में कही। उन्होंने कहा इस योजना का 60 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। स्वीकृति मिलते ही 40 प्रतिशत कार्य जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा।

वर्तमान में मुख्यमंत्री द्वारा किये इस खुलासे के बाद शिवपुरी की सिन्ध जलावर्धन योजना फुटबॉल बनती दिखाई देती है। जो अब गेंद बन केन्द्र के पर्यावरण मंत्रालय पहुंंच चुकी है।

शिवपुरी वासियों को पहेली बन चुकी जलावर्धन योजना से पेयजल प्राप्त होने में कितना सच या कितना झूठ है। यह तो केन्द्र व रा'य सरकार ही जाने मगर जिस रफतार से पुन: पर्यावरण स्वीकृति के लिये इस योजना को रोका गया है। वह अभी भी अबूझ पहेली बना हुआ है।

हालाकि कि बिन बुलाये,छाट छाट कर बतियाये पत्रकारों के बीच सर्किट हाउस की सीढियों से खड़े खड़े पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से म.प्र. का विनाश किया है,वैसे ही केन्द्र की कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार और कांग्रेस देश का विनाश करने में लगी है।

रुपये की हालात किससे छुपी है दिन व गिरते रुपये के भांव और वापस होते निवेश ने जाहिर कर दिया। कि देश आज किस मुकाम पर खड़ा है।

उन्होंने एक अन्य सवाल के जबाव में कहा कि देश में लोकतंत्र है। और न कोई राजा है न महाराजा जो भी सžाा में होता है। वह जनता का सेवक होता है। और मैं भी जनता का ही सेवक हूं। मेरे लिये तो मेरी जनता भगवान के समान है।

                                         एनटीपीसी में निर्धारक विकास कार्यक्रम

कंपनी के महाप्रबंधक के लिए सितंबर २०१३ ५ - एनटीपीसी व्यावसायिक उत्कृष्टता मॉडल पर निर्धारक विकास कार्यक्रम २ सितंबर २०१३ से आयोजित किया गया था . डॉ. अरूप रॉय चौधरी , अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक , श्री उत्तरप्रदेश पाणि , निदेशक (मानव संसाधन) और श्री ए.के. आहूजा , कार्यकारी निदेशक ( कॉरपोरेट प्लानिंग ) व्यावसायिक उत्कृष्टता मॉडल का महत्व और समग्र उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए इसके कार्यान्वयन पर प्रतिभागियों को संबोधित किया.

सनसनीखेज अपराधों पर निगाह बनायें रखें - कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे
जिले में 7 अपराध सनसनीखेज - कलेक्टर द्वारा समीक्षा की गई
दतिया दिनंाक 7 सितम्बर 2013

कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में सनसनीखेज एवं जघन्य अपराधों की विगत दिवस समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में शासकीय अभिभाषक श्री राजेन्द्र तिवारी, डी.पी.ओ. श्री इन्द्रप्रकाश मिश्रा, शासकीय अभिभाषक श्री सीताराम गुप्ता, शासकीय अभिभाषक श्री के.एन. श्रीवास्तव, एडीशन एस.पी. श्री जयवीर सिंह भदौरिया, अपर कलेक्टर श्री सुरेश शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे द्वारा निर्देश दिये कि सनसनीखेज अपराधों में विशेष निगरानी की जरूरत है। इस प्रकार के अपराधों में विशेष निगाह रखें कोई भी अपराधी ट्रायल के दौरान सजा से न बच पाये। एडीशन एस.पी. श्री जयवीर सिंह भदौरिया द्वारा बताया गया कि वर्तमान में 7 अपराध सनीसनीखेज दर्ज है जिनमें कार्यवाही प्रचलन में हैं वर्तमान में जो अपराध सनीसनीखेज हैं उनमें 30-4-2008 थाना डीपार में सीताराम यादव की हत्या मामले में 23 साक्षी है ट्रायल चल रही है। अजाक्स थाना चिरूला के अंतर्गत सुनील पुत्र अशोक अहिरवार की हत्या का प्रकरण फास्टट्रेक कोर्ट दतिया में प्रचलित है। 28-7-20009 को दतिया में लालचन्द्र साहू की हत्या प्रकरण एडीजे विशेष न्यायालय में प्रचलित है 19 साक्षियों के कथन हो चुके है। चतुर सिंह हत्याकांड 22-4-2010 में 20 साक्ष्ी है। इसी प्रकार कोतवाली दतिया के अंतर्गत 22-4-2011 को घटित डी.पी. गुप्ता हत्याकांड सनसनीखेज में है इसमें 26 साक्षी है। 8-8-2012 को राजेन्द्र अग्रवाल अपहरण कांड सनसनी खेज अपराध में दर्ज हैं जिसमें 16 आरोपी है न्यायालय में कार्यवही प्रचलित है। अतरेंटा थाना अंतर्गत धर्मेन्द्र जाटव अपहरण हत्या कांड भी सनसनीखेज है। जिसमें 29 साक्षी है। प्रकरण एडीजे कोर्ट में प्रचलित है। कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे द्वारा सभी प्रकरणों में तत्परता से कार्यवाही करने के निर्देश दिये ताकि पीडि़त को न्याय में विलम्ब न हो।

           जनपद चांचोड़ा की 53 ग्राम पंचायतों में लगे सुशासन शिविर

          ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर किया निराकरण

गुना 7सितम्बर 2013/जनपद पंचायत चांचोड़ा में आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये 53 ग्राम पंचायतों में सुशासन शिविर लगाकर मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया गया । जिले में सुशासन शिविरों की श्रृंखला के तहत द्वितीय चरण सम्पन्न हुआ । संभागायुक्त श्री के. के. खरे की पहल पर पूरे संभाग में सुशासन शिविर आयोजित किये गए । इन शिविरों के माध्यम से समस्याओं के निराकरण हेतु कलेक्टर श्री संदीप यादव ने सेक्टर अधिकारी नियुक्त कर कर्मचारियों को नियुक्त किया गया। शिविरों के लिये अधिकृत अधिकारी कर्मचारियों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं , नीतियों एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही इन योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के संबंध में भी ग्रामीणों से चर्चा की गई ।

शिविरों के दौरान ग्रामीणों ने बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने, कार्ड बनवाने और वर्षा से नष्ट हुई फसलों का मुआबजा दिलवाने, अतिवर्षा से छतिग्रस्त हुए मकानों की मरम्मत के लिये सहायता राशि दिलवाने संबंधी आवेदन प्राप्त हुए । इन आवेदनों का पंजीयन कर मौके पर ही हल किया गया , जो आवेदन जिला स्तर की कार्यवाही के थे उनको वरिष्ठ कार्यालय को उचित कार्यवाही के लिये अनुमोदित किया गया । चांचोड़ा क्षेत्र की 53 ग्राम पंचायतों में सुशासन शिविर लगाए गए जिनमें ग्राम पंचायत बरखेड़ीमाफी, देदला, रोड़ाखेड़ी, मांगरोन, ऊमरथाना, पीपल्यामोती, झूकरा, जलालपुरा, महेशपुरा, मुहासाकला , आमासेर, मेरियाखेड़ीखुर्द , कुडाल्या, कालीपीपल, मुरैला, अरन्या, टोड़ी, लहरचा, कीताखेड़ी, कोन्याकला, ढाबरया, पीपल्याकला, वापचालहरिया, खातोली, वीजनीपुरा , जयसिंहपुरा, पटोंदी, नलखेड़ा, कोलुआ, घाटाखेड़ी, मेहूखेड़ी, लखनवास, रतोधना, खेजड़ा कलावावा , तेलीगांव,  देहरी , वापचा विक्रम, मेरियाखैड़ीकला , नारायणपुरा, कनकानेहरु, सीमाहेड़ा, पाखरियपुरा, भेंसुआ, जटेरी, पैंची, नेत्याखेड़ी और ग्राम पंचायत कोटरा में सुशासन शिविर आयोजित किये गए ।

श्योपुर जिला प्रशासन को मिला स्कॉच स्मार्ट गर्वनेंस अवार्ड
श्योपुर 07 सितम्बर 2013
भारत की स्कॉच कसंलटेंसी संस्था नई दिल्ली द्वारा ओर्डर ऑफ मेरिट के आधार पर म.प्र. के जिला प्रशासन श्योपुर के पटवारी हल्का मॉडराईजेशन फोर क्वालीफाईंग क्वालिटी अमंगस्ट इण्डियाज बेस्ट-2013 के अंतर्गत स्कॉच सूचना प्रोद्योगिकी का राजस्व की इकाई पटवारी हल्के पर प्रयोग करने के कारण जिला प्रशासन श्योपुर को स्कॉच स्मार्ट गर्वनेंस अवार्ड एवं प्रशसस्ती पत्र 3 सितम्बर 2013 को नई दिल्ली के ली मेरीडीन में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विशिष्ट अतिथिगणों की मौजूदगी में प्रदान किया गया। यह अवार्ड श्योपुर जिले के कलेक्टर श्री ज्ञानेश्वर बी पाटील, एसडीएम श्योपुर श्री एमके तेजस्वी और श्री दीपेन्द्र कटियार ने प्राप्त किया।

भारत की स्कॉच कसंलटेंसी संस्था ने बताया कि सूचना प्रोद्योगिकी का राजस्व की इकाई पटवारी हल्के पर राजस्व रिकोर्ड के रखरखाव, सुधार, प्रबंधन, और अद्यतन करने के लिए प्राजेक्ट तैयार जिला प्रशासन द्वारा सतत् प्रयास किये गये। इसके लिए हल्कावार पटवारियों को प्रोजेक्ट के अनुसार प्रशिक्षण विशेषज्ञों के द्वारा दिया गया। साथ ही समय समय पर सूचना प्रोद्योगिकी के प्रयोग मे आने वाली कठिनाईयों का निदान किया गया। जिसका परिणाम यह हुआ कि श्योपुर जिले के किसानों राजस्व रिकोर्ड सुरक्षित रखने के साथ साथ विभिन्न प्रकार नकलों का वितरण उनकी जरूरत के अनुसार आसान हो गया।

इसके पहले हल्के के पटवारियों ने किसान के खेत पर पहुंचकर, राजस्व अभिलेख में दर्ज विवरण की जानकारी लेबटॉप के माध्यम से फींिडग की गई। साथ ही ई-इंजीनियर द्वारा राजस्व अभिलेखों का रखरखाव, सुधार, प्रबंधन, और अद्यतन का कार्य किया जाकर, जिला प्रशासन श्योपुर द्वारा सफलतापूर्वक लागू किया गया। इस प्रयोग को श्योपुर जिले के किसानों के द्वारा सराहा गया। साथ ही भारत की स्कॉच कसंलटेंसी संस्था नई दिल्ली के 'यूरी मेंबर द्वारा म.प्र. के श्योपुर जिले में लागू की गई इस नई व्यवस्था की निरंतर मॉनीटरिंग की गई। चयन की कई प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद जिला प्रशासन श्योपुर का चयन स्कॉच स्मार्ट गर्वनेंस अवार्ड एवं प्रशसस्ती पत्र के लिए किया गया। जिससे इस प्रयोग को अन्य क्षेत्रों में अपनाया जा सके।  पूर्व में भू अभिलेख कम्प्यूट्राईजेशन हुआ था। लेकिन इससे भू अभिलेख अध्यतन हेतु तहसील लेवल पर डाटाइट्री ऑपरेटर के पास आडर पटवारी से अभिलेख अद्यतन किये जाने थे। उसमें कम से कम 30 दिन का समय लगता था। वर्तमान में लैपटॉप के द्वारा अद्यतन से किसानों के भू अभिलेख का अद्यतन एक दिन में हो रहा है। साथ में नॉन पटवारी हल्कावार पर भी खसरा, बी-1, बी-2 प्रिंट कर देने की स्थिति में है। इससे किसानों के धन समय की बचत हुई है। साथ ही पटवारियों को भी बार-बार डाटाइंट्री ऑपरेटर के पास ऑडर अभिलेख अद्यतन करने की आवश्यकता नहंी होती है। साथ ही प्रक्रिया सरल हुई है।

कलेक्टर श्री ज्ञानेश्वर बी पाटील ने बताया कि भारत की स्कॉच कसंलटेंसी संस्था नई दिल्ली द्वारा प्रदान स्कॉच स्मार्ट गर्वनेंस अवार्ड टीम वर्क का परिणाम हैं। इसके लिए श्योपुर जिले की इकाई पटवारी हल्कावार राजस्व अभिलेखों का रखरखाव, सुधार, प्रबंधन, हकदार और अद्यतन करने के लिए सूचना प्रोद्योगिकी के विशेषज्ञ ई-इंजीनियरों द्वारा प्रोजेक्ट तैयार कराया। साथ ही समय समय पर प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके किसानों से भी जानकारी और सुझावों का संकलन किया जाकर, मूर्तरूप दिया गया। जिसके कारण जिला प्रशासन श्योपुर स्कॉच कसंलटेंसी संस्था द्वारा स्कॉच स्मार्ट गर्वनेंस अवार्ड से नवाजा गया।


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