उद्यमशीलता की भावना और राष्ट्र के विकास में अरूप रॉय चौधरी के नेतृत्व करना चाहिए पर ध्यान केंद्रित

नेतृत्व पर उद्यमशीलता और ध्यान देने की भावना भारत अनिश्चितताओं और अस्थिरता की चुनौतियों से बाहर आने में मदद कर सकते हैं देश में प्रबंधन शिक्षा की भूमिका बदलने पर पांचवें महेंद्र नाथ स्मारक व्याख्यान देते हुए डा. अरूप रॉय चौधरी सीएमडी एनटीपीसी आईएमटी गाजियाबाद में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा -Building.Dr बिबेक बनर्जी, निदेशक, आईएमटी और डॉ. एस भट्टाचार्य, कार्यक्रम अध्यक्ष, आईएमटी उपस्थित थे.

युवा दर्शकों की सराहना करते हुए डॉ. रॉय चौधरी जिसका ताजा ऊर्जा और कड़ी मेहनत हमारे समाज के भविष्य के लिए एक वरदान है टिकी हुई है पर युवा मन को संबोधित करने का अवसर कहा. कॉलिंग वह अपने इरादों को शुद्ध कर रहे हैं, जिसका अर्थ है, तुम वह सभी के लिए प्रासंगिक था महसूस किया है, जो जीवन में सफल होने के लिए बाध्य कर रहे हैं, उन्हें अपने Gurujis संदेश संकल्प Shuddha हाय सिध्द के साथ साझा कल भारत के बिल्डरों के रूप में छात्रों को.
उन्होंने इस अवसर पर भारतीय विशेषताओं के साथ प्रबंधन के कुछ बुनियादी बातों का ब्यौरा द्वारा प्रबंधन शिक्षा के पीछे मुख्य अवधारणा के रूप में राष्ट्र निर्माण के बारे में बात की थी.
उन्होंने कहा कि संस्था श्री महेन्द्र नाथ जबरदस्त उद्यमशीलता ड्राइव और नेतृत्व के गुणों के लिए जाना जाता है एक व्यक्ति के संस्थापक के जीवन से पालन करें और जानने के लिए छात्रों से पूछा.

अजा के बेरोजगार युवाओं के लिये रा'य शासन ने शुरू

इंदौर, 27 सितम्बर,2013/ रा'य शासन द्वारा अनुसूचित जाति के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोडऩे के लिये मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति आर्थिक विकास योजना का क्रियान्वयन शुरू किया गया ।  इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति के युवाओं को तीस प्रतिशत के अनुदान पर ऋण मुहैया कराया जाएगा।  25 लाख रूपये तक के ऋण प्रकरणों में रा'य शासन ग्यारंटी देगा ।  योजना के अंतर्गत लाम् लेने के इ'छुक युवा, कलेक्टोरेट स्थित जिला अंत्यावसायी कार्यालय में आवेदन कर सकते है।

जिला अंत्यावसायी विकास निगम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर जिले में इस वर्ष इस योजना के अंतर्गत 200 हितग्राहियों को लामन्वित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।  लक्ष्य की पूर्ति के लिये अनुसूचित जाति के ऐसे युवा जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो और वह मध्यप्रदेश के मूल निवासी हैं आवेदन कर सकते हैं।  आवेदक को किसी म्ी राष्ट्रीयकृत बैंक विश्रीय संस्था तथा सहकारी बैंक का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। आवेदक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8 वीं कक्षा उश्रीर्ण होना चाहिए ।  ऐसे आवेदक जो पारम्परिक व्यावसायिक कौशल उन्नयन प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं या स्वरोजगार से लगे हैं, उनके लिये शैक्षणिक योग्यता का बंधन नहीं है ।  योजना का लाम् लेने के लिये आय का बंधन म्ी नहीं रखा गया है।   योजना अंतर्गत अधिकतम ऋण सीमा म्ी नहीं है।  योजना के अंतर्गत 25 लाख रूपये तक के प्रकरणों में रा'य शासन ग्यारंटी देगा।  इससे अधिक के ऋण प्रकरणों में हितग्राही को स्वयं गारंटी देना होगी।  ऋण प्रकरणों में तीस प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा।  अनुदान की अधिकतम राशि तीन लाख रूपये रहेगी।  हितग्राही को ब्याज अनुदान पांच प्रतिशत की दर से अधिकतम राशि 75 हजार रूपये प्रतिवर्ष पांच वर्ष तक, ग्यारंटी शुल्क एक से डेढ़ प्रतिशत अधिकतम 37 हजार 500 रूपये एक बार तथा ग्यारंटी शुल्क चार वर्ष हेतु आधे से पौन प्रतिशत अधिकतम 75 हजार रूपये चार वर्ष तक के लिये देय रहेगा।

योजना के क्रियान्वयन के लिये रा'य शासन ने चालू विश्रीय वर्ष के बजट में 20 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है।  योजना के क्रियान्वयन में आईटीआई डिप्लोमा, इंजीनियरिंग  तथा अन्य अधिकृत संस्थाओं द्वारा माड्यूलर एम्पलायबल स्किल्स प्रमाण पत्रक धारकों, गरीब परिवारों के युवाओं, महिला, नि:शक्तजन को प्राथमिकता दी जाएगी। ऋण की अदायगी तीन वर्ष से सात वर्ष के बीच करना होगी।

क्षतिग्रस्त फसलों की सर्वेक्षण रिपोर्ट शीघ्र भेजें

श्योपुर, 27 सितम्बर, 2013.मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम ने आज परख वीडियो कान्फ्रेन्सिंग में कहा कि रा'य प्रशासनिक, राजस्व विभाग आदि के स्थानांतरित अधिकारी तत्काल पदभार ग्रहण करें। आगामी विधान सभा निर्वाचन के संदर्भ में अधिकारियों को स्थानांतरित स्थल पर तत्काल दायित्व सम्हालना है। किसी भी दशा में स्थानांतरण निरस्त नहीं होंगे। उन्होंने परख में कलेक्टरों एवं कमिश्नरों से महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की। प्रमुख रूप से अति वर्षा से हुई मकानों और फसलों की क्षति, खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के क्रियान्वयन, आगामी विधान सभा निर्वाचन की तैयारियों और कानून व्यवस्था की स्थिति पर गत दिवस चर्चा हुई। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण परिवहन और विशेष कत्र्तव्यस्थ अधिकारी (मुख्य सचिव कार्यालय) श्री अंटोनी जे.सी. डिसा भी उपस्थित थे।

नाबालिक के अपहरण कर हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास

दतिया. 25 सितम्बर 2013 को न्यायालय विशेष न्यायाधीश श्री जितेन्द्र शर्मा द्वारा एक प्रकरण में बालक का अपहरण कर उसे नहर में फेककर हत्या करने के आरोप में आरोपी सेवाराम पुत्र श्री अमर सिंह रावत निवासी वेरखेड़ा थाना करैरा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड़ से दण्डि़त कर निर्णय पारित किया है।

घटना दिनांक 21-12-2012 की दस वर्षीय विक्रम पुत्र कल्लू जाटव निवासी बेरखेडा अपने नाना के घर ग्राम सुजेड जिला दतिया में रहकर पढ़ता था उक्त घटना में आरोपी सेवाराम अपहृत विक्रम के माता-पिता से रंजिश रखता था, इस कारण आरोपी ने ग्राम सुजेड आकर विक्रम का अपहरण कर उसे सुजेड की बड़ी नहर की पुलिया के पास नहर के पानी फेंक कर विक्रम की हत्या की थी। न्यायालय द्वारा आरोपी को 302, 364, 363 भा.द.सं. एवं 11/13 एम.पी.डी.के एक्ट थाना दुरसड़ा के प्रकरण में दोषी पाते हुए उक्त सजा से दण्डि़त किया है। शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री के.एन. श्रीवास्तव ने की और प्रकरण में विवेचक की भूमिका महत्वपूर्ण रही। आरोपी पक्ष की ओर से पैरवी एडवोकेट श्री के.के. दुबे द्वारा की गई।



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