अपने ही देश में असुरक्षित लेाग, माननीयों समय रहते कुछ तो करिये

व्ही.एस.भुल्ले। क्यों लेाग अपने ही देश में अब असुरक्षित महसूस कर रहे है। चुनौती देश के बाहर कम अन्दर 'यादा दिखती है। आये दिन निर्दोषों की हत्या मासूम बच्चियों से बलात्कार, महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार के जघन्य मामले सामने आ रहे है।
क्यों हम आतंकबाद,नक्सलबाद को ठीक से नहीं समझ पा रहे है? क्यों हम धर्म,जाति,क्षेत्रवाद की आग में झुलसते जा रहे है? आखिर क्या हेागा माननीयों कुछ करो? हम देश वासी तो आपके पद का सम्मान और गरिमा का ख्याल रखते है,और आपसे हम उम्मीद भी करते है। कि आप हमारा ही नहीं देश का भी भला करेगें। आप हमें शान्त माहौल और सुरक्षित जीवन देने में हमारी मदद करेगें। 

हम तो हर वर्ष आपको सम्मान और संविधान का पालन कर वोट दे अपने गाड़े पसीने की कमाई से देश ही नहीं देश को चलाने वालो के घरों के चूल्हें जलाते है। फिर भी हमारे घरों के दीपक क्यों बुझ रहे है? क्यो हमारे घरों के दीपको को बचाने हमारे हाथ जल रहे है। कुछ करो भई कहां दिक्कत है। माननीयों ? समाज के माननीयों का देश में मान सम्मान है ,धर्म गुरुओं का समाज में सर्वोपरी स्थान है। सžाा में बैठ देश चलाने वालो के लिये शक्ति सम्पन्न हमारा संविधान है। 

देश में लाखों हमारे महान शक्तिशाली सैनिक,समुचे देश में पैरा मिलट्री फोर्स और लाखों पुलिस जवान है। लगभग 16 लाख करोड़ का बजट और सवा अरब इन्सान है देश के बाहर जहां लेागों की भारत पर आंख उठाकर देखने की जुर्रत नही। वहीं देश के अन्दर कहीं आतंकबाद तो कहीं नक्सलबाद तो कहीं धर्म जाति क्षेत्र के नाम खुलेयाम कतलेयाम हो रहा है। महिला ब'ियों के साथ हिंसक बलात्कार तो कहीं सामूहिक दुष्कर्म हो रहा है। आखिर हम कहां आ पहुंचे माननीयों कुछ तो करो।

ये भारत महान देश तेरा मेरा नहीं हम सभी का है फिर अपने ही देश में अपने ही लेागों के साथ दुराचार और कत्लेयाम क्यों? आखिर इन्सानियत का तकाजा लिये देश में एक से एक धर्म,अपने कर्मो के आधार पर एक से एक र्कीतिमान स्थापित करने वाली जातियों और प्राकृतिक सम्पदा और सौंदर्य, संस्कृति लिये महान क्षेत्र है। जिनका अन्तिम लक्ष्य इन्सानियत की रक्षा प्रेम से मिल जुल कर आपसी सहयोग से शान्त प्रिय वातावरण निर्माण करना है। न कि एक दूसरे के विनाश में जुट,इन्सानों के लिये बनाई गई खुदा कि खूब सूरत कायानात को मिटाना है।

इसलिये कुछ तो करो माननीयों अगर अब भी आपने इन्सानियत के लिये स्वयं के स्वार्थ को छोड़ देश के लिये कुछ नहीं किया तो न तो यह भू-भाग जिस पर  हम सभी जिन्दा है, और न ही वो खुदा जिसने तुम्हें जन्म दिया, कभी माफ करेगा। और इन्सानियत भी तुम्हें जीवन पर्यन्त कोसती रहेगंी। वैसे गंगा जमुनी संस्कृति वाले महान कबीर दास जी ने कभी लिखा है।

कबीरा हाय गरीब की कभी न खाली जाये, मरी खाल की धौकनी से लेाह भस्म हो जाये।

शिवप्रताप बने किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष

शिवपुरी-अखिल भारतीय किसान कांग्रेस कमेटी में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर शिवपुरी के पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष एवं वर्तमान में किसान कांग्रेस के नव नियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष शिवप्रताप सिंह कुशवाह का मनोनयन किया गया है। यह मनोनयन केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री 'योतिरादित्य सिंधिया के आर्शीवाद से महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा के निर्देश पर किसान कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर द्वारा शिवप्रताप सिंह कुशवाह का मनोनयन प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में किया गया है अपने इस मनोनयन पर शिवप्रताप सिंह ने संगठन को आश्वस्त किया है कि वह पदीय दायित्व को निभाकर कांग्रेस संगठन और किसान कांग्रेस को मजबूती प्रदान करेंगें साथ ही वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उनका चयन किया गया है इसके लिए वह हृदय से आभारी है। शिवप्रताप सिंह कुशवाह के किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें बधाई देेने वालों में कांग्रेस के प्रदेश मंत्री बैजनाथ सिंह यादव, जिलाध्यक्ष रामसिंह यादव, पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष हरवीर सिंह रघुवंशी, पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला, चन्द्रपाल सिंह तोमर, भरत रावत ग्रामीण् अध्यक्ष, पूर्व Žलॉक अध्यक्ष विनोद धाकड़ एड., वीरेन्द्र शर्मा सिरसौद, रविन्द्र सिंह सेंगर, राजेश पाराशर, नन्द किशोर त्रिवेदी, उमेश गुप्ता, लालू राठौर, रामपाल रावत एडवोकेट, अŽदुल रफीक खान अप्पल, विजय यादव, अवतार सिंह गुर्जर, सुरेश धाकड़, नारायण सिंह वर्मा, कमल रावत, हीरालाल सेन, अशोक शर्मा, संजय सांखला, रामकुमार गुप्ता, खलील खान, सफदर बेग मिर्जा आदि शामिल है।


नौ आम्र्स डीलरों को आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और लायसेंस निरस्त करने के नोटिस

ग्वालियर 10 सितम्बर 2013/ जिले की 9 आम्र्स डीलरों (बंदूक दुकानों) के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने और आम्र्स डीलर का लायसेंस निलंबित कर शासन को स्थाई रूप से लायसेंस निरस्ती का प्रस्ताव भेजने के नोटिस दिए गए हैं। इन बंदूक दुकानों पर विभिन्न प्रकार की अनियमिततायें सामने आने पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पी नरहरि ने यह नोटिस जारी किए हैं। विदित हो जिले की सभी बंदूक दुकानों (आम्र्स डीलरों) की गत 5 सितम्बर को छापामार कार्रवाई कर जाँच की गई थी। कलेक्टर श्री पी नरहरि एवं पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दिए गए निर्देशों के पालन में यह कार्रवाई अंजाम दी गई थी। जाँच के लिये गए सभी दलों ने अपने प्रतिवेदन जिला दण्डाधिकारी को सौंप दिए हैं। जाँच में 9 बन्दूक दुकानों पर अनियमिततायें सामने आई हैं। अपर जिला दण्डाधिकारी श्री शिवराज वर्मा ने बताया कि फालका बाजार स्थित शान गन हाउस, लद्धाराम चौधरी एण्ड संस व मंगल गन हाउस, मुरार स्थित शांति गन हाउस व  अजय कुमार एडवोकेट की बंदूक दुकान, ग्वालियर आर्मोरी 18/24 एसएएफ रोड़, राजीव चौधरी आम्र्स डीलर कम्पू, यादव गन हाउस पुरानी छावनी व नीखा गन हाउस डबरा के आम्र्स डीलर को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

अपर जिला दण्डाधिकारी ने बताया कि इन आम्र्स डीलरों की बन्दूक दुकानों पर स्थानीय स्तर पर जिला दण्डाधिकारी की अनुमति बगैर क्रय-विक्रय, स्टॉक पटल पर दर सूची न प्रदर्शित करना, शिकायत के लिये टेलीफोन नम्बर न प्रदर्शित करना, स्टॉक सही न पाया जाना आदि प्रकार की अनियमिततायें मिली हैं। साथ ही जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी किए गए आदेशों का उल्लंघन भी इन दुकानों पर पाया गया है। इन आम्र्स डीलरों ने लायसेंसों की शर्तों का भी सरेआम उल्लंधन किया है। इस परिप्रेक्ष्य में जिला दण्डाधिकारी ने नोटिस जारी किए हैं। साथ ही पुलिस अधीक्षक को भी इन सभी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने के लिये पत्र लिखा गया है।

प्रतिमाएं इस प्रकार विसर्जित करें जिससे जल न्नेतों का पानी दूषित न हो

गुना 10 सितम्बर 2013/ केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण वोर्ड की मार्गदर्शिका के अनुसार गणेश एवं दुर्गाजी की प्रतिमाओं का विसर्जन इस प्रकार किया जाये जिससे प्राकृतिक जल न्नेतों (नदी, तालावों ) का पानी प्रदूषित न हो । इस संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय म. प्र. प्रदूषण नियंत्रण वोर्ड विजयपुर गुना के क्षेत्रीय अधिकारी श्री पी.सी. उ'चारिया ने जन सामान्य एवं मूर्ति स्थापना के समिति संचालकों से अपील की है ।

श्री उ'चारिया ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के पूर्व पूजन सामग्री जैसे वन्न् , फूल एवं साज-स'जा का सामान (पेपर तथा प्लास्टिक का बना ) इत्यादी पृथक करें । प्रतिमा विसर्जन किसी म्ी प्राकृतिक जल न्नेतों जैसे नदियों , झीलों , तालावों में न करें । स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर ही करें । प्रतिमा उत्सव समिति ध्वनि विस्तारक यंत्रों ÓÓ लाउड स्पीकर , डीजेÓÓ  का कम से कम उपयोग करें तथा ध्वनि विस्तारक यंत्र लाउडस्पीकर एवं डीजे रात्रि 10 बजे के वाद न करें । श्री उ'चारिया ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के 24 घंटे के अंदर विसर्जित मूर्ति से उत्पन्न ठोस अपशिष्ट के रुप में वांस रस्सी, बल्ली, मिट्टी , पीओपी प्रतिमा के हिस्से इत्यादि को एकत्रित कर नगरीय ठोस अवशिष्ट नियम 2000 के प्रावधानों के परिपेक्ष्य में जिला प्रशासन एवं स्थानीय नगर निकाय द्वारा किया जाये। उन्होंने कहा कि किसी म्ी नदी जल न्नेत में मूर्ति विसर्जन के परिपेक्ष्य में यह म्ी सुनिश्चित किया जाना है कि कोई सिन्थेटिक मटेरियल कपड़ा , प्लास्टिक फूल केमिकल रंग न जा सके । विसर्जन के लिये चिन्हित जल न्नेतों को विसर्जन के पूर्व मानिटरिंग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं द्वारा उन सम्ी मानकों के लिये किया जावे जो केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दिये गये दिशा निर्देशों के अनुरुप आवश्यक हो । विसर्जन के दौरान एवं पश्चात म्ी उन्ही मानकों का जल गुणवश्रा का मापन किया जाये ।


SHARE
    Your Comment

0 comments:

Post a Comment