हाय-तोबा के बीच हैट्रिक की तैयारी.............तीरंदाज

व्ही.एस.भुल्ले/ भैया-प्रदेश ही नहीं समुचे देश में सžाा को लेकर हाय तोबा मची 2 माह बाद प्रदेश में तथा छ: माह बाद देश में चुनावों की डोढ़ी पिटनी है ऐसे में अन्तराष्ट्रीय सूचकांक और नीचे सरकता रुपया, कोयले की कालिख में सुलगता आवंटन तथा वाड्रा के मसले पर पानी पी.पी.कर यू.पी.ए. सरकार को कौसता कमल दल वाला कुनवा सड़क ही नहीं दोनों सदनों में मोर्चा थामे है। तो दूसरी ओर नमों का सिक्का दल ही नहीं देश मेंं कैसे चमके इस जुगत की तैयारी है।

रहा सवाल म्हारे प्रदेश का तो यह तो खुद शिव ही कहते घूम रहे है मय कनुवे के की तीसरी मर्तवा भी सरकार हमारी ही बनने वाली और 2013 में हमारी सरकार की हैट्रिक होने वाली है।

भैये-तो क्या हम कांग्रेसी इस मर्तवा भी मैच फिक्सिंग की भेट चढ़ जायेगें और स्टेडियम के बाहर बैठ ही मैच का लुप्त उठायेंगे म्हारी आंखे तो मुई सžाा देखने पथरा गयी है।

भैया- जहां भी अंधेर नगरी चौपट राजा की कहानी चरितार्थ होगी उस दल का यहीं परिणाम होगा शायद नमो के सानिग्ध में पहुंच लालू जी के  शाले साहब साधू यादव ने सच ही कहा कि राहुल कहा किसी आम नेता या कार्यकर्žाा से मिल पाते है। सो उन्हें कांग्रेस की हकीकत का ज्ञान हों। म्हारे को तो म्हारे साधू जी बात सौआने सच लागे। तभी तो बिहार,आन्ध्र प्रदेश के बाद म.प्र. में कांग्रेस की दुर्गति,पर दुर्गति होती जा रही  है। मने तो अब म.प्र. भी कांग्रेस के हाथों से जाता दिख रहा है। क्योकि जो उम्मीद आम कांग्रेसियों को राहुल गांधी से थी शायद वैसा वह कुछ भी नहीं कर पाये जिसकी की उम्मीद थी अब चुनाव में शेष रहे 2 माह में कांग्रेस ऐसा कौन सा अलाउद्दीन का चिराग लायेगी जिससे 220 विधानसभा सीटों पर मशाल जल जायेगी।

नाथो के बीच अनाथ सी कांग्रे्रस धीरे धीरे सžाा से दूर सैया की ओर बढ़ रही है। जुलाई में टिकिट बांटने वाली राहुल की कांग्रेस अगस्त में भी टिकिट बांटने मेंं हाफनी भर रही है।

भैये- तो क्या 20 वर्षो के लम्बे अन्तराल बाद अपने समर्पित कार्य कर्žााओं को खो चैले छर्रो के सहारे सžाा में लौट पायेगी।

भैया-समर्पित कार्यकर्žाा एक दो जगह ही दफन नहीं है। इनसे तो पूरा म.प्र. ही कब्रों के रुप में पटा पड़ा है,राजनैतिक पण्डितों की माने तो म.प्र. में मौजूद कांग्रेस के मठाधीसों के क्षेत्र मेें कांग्रेस नहीं अब उनका सिक्का चल रहा है। वहीं कोई न कोई गुट तो अवश्य ही अघोषित तौर पर सरकार में भागीदारी कर रहा है। नहीं तो क्या कारण है, जो प्रमुख मुद्दे पर फैल हो चुकी लूटमार में मस्त सरकार हैट्रिक बना रही है। चुनाव के दो माह शेष रहने के बावजूद भी कांग्रेस चौराहे पर नजर आ रही है।

भैये-तू ठहरा बावला भाजपा ही नहीं कांग्रेंस में भी सžाा के लिये संघर्ष चल रहा है। भाजपा ने तो अपने संगठनात्मक ताकत के बल कई बार फैली खिचड़ी समेट ली। मगर जमीनी स्तर पर संगठन विहीन,प्रायवेट लिमिटेड में तŽदील अघोषित कांग्रेस कितना कुछ कर पायेगी जबकि प्रतिस्पर्धा बड़ी तेज है। ऐसे में मने न लागे कि सžाा में कांग्रेस लौट पायेगी। मने तो लागे विभीषणों के चलते जो हालत आज आन्ध्र बिहार,उžारप्रदेश में है, बैसी ही हालत म.प्र. में कांग्रेस की होने वाली है।

भैया- तो क्या मैं कलफ पयजामे के कलफ पर पैसा न लगाऊ गर लग गई हैट्रिक तो अपनी तो वाट ही लग जायेगी नेताओं की तो आओ भगत बनी रहेगी अपनी तो चड्डी भी बिच जायेगी।


स्वास्थ्य मंत्री द्वारा महाराज निषदराज की मूर्ति का अनावरण किया      

 दतिया दिनंाक 2 सितम्बर 2013 मध्यप्रदेश सरकार के विधि विधायी, संसदीय कार्य, आवास एवं लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा द्वारा स्थानीय करन सागर तालाब के पास मांझी समाज द्वारा स्थापित निषादराज भगवान की मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान मध्यप्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री कैलाश विनय भोपाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा द्वारा महाराज निषदराज की मूर्ति का विधिवत अनावरण कर तिलक लगाया एवं माला पहनाई। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मांझी समाज की मांग पर डेढ़ लाख रूपये की राशि बाउण्ड्री बॉल हेतु देने की घोषणा की।  कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुशवाह, श्री प्रमोद मांझी, श्री धर्मेन्द्र मांझी, श्री दीपक मांझी श्री अशोक मांझी, श्री नरेश मांझी, श्री सुरेश मांझी, श्री परशुराम मांझी, श्री बलवीर सिंह आदि उपस्थि रहे।

स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि मेेरी प्रबल इ'छा थी की मांझी समाज के अराध्य देवता निषादराज महाराज की मूर्ति दतिया में स्थापित हो आज मुझे इस कार्यक्रम में अपार प्रसन्नता है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान की शोभा वृक्षों से होती हैं आप सभी सामाजिक बंधुओ ंसे अनुरोध हैं कि यहां पर छायादार फलदार पैधे लगाकर इस स्थान को हराभरा बनाये। हाईवे किनारे होने के कारण इस स्थान की महत्वता और भी बढ़ जाती है। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मांझी, बाथम, केवट समाज के व्यक्तियों के लिए दी जा रही सुविधाओं एवं योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि दतिया में जो भी तालाबों के पट्टे मछली पालन हेतु हुये है। वह सभी पट्टे, आपकी समाज के परम्परागत लोगों को दिये गये है। उन्होंने कहा कि दतिया में जो विकास हुआ हैं उसका नगर व जिले के सभी नागरिकों को मिल रहा हैं। मेरी इ'छा हैं कि जिले के हर नौजवान को काम मिले। इसके लिए मैं निरंतर प्रयत्नशील रहूॅगा।

कार्यक्रम के दौरान मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री कैलाश विनय भोपाल द्वारा अपने विचार व्यक्त किये तथा श्री विपिन गोस्वामी द्वारा दतिया में हुये विकास कार्यो को धारा प्रवाह जानकारी दी। इस दौरान मांझी समाज के सर्वश्री सीताराम, दीपक, प्रकाश, राजेन्द्र, विनय, संतोष, कालीचरण, सुरेश, शिवकुमार आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में श्री धमेन्द्र मांझी द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों पर नि:शुल्क प्रशिक्षण

16 सितम्बर से 26 अक्टूबर तक

गुना 2 सितम्बर 2013/ बेरोजगारी की समस्या के निदान तथा देश के आर्थिक विकाश को गति देने में उद्यमिता विकास कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । खेती को लाभकारी बनाने के उद्वेश्य से एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने एवं इसके विस्तार करने हेतु शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती है । शासन द्वारा खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमियों को प्रोत्साहन स्वरुप अनेक सुविधाएं एवं छूट भी प्रदान की जाती है एवं अनेक सहयोगकारी योजनाएं भी संचालित की जा रही है ।

इसी उद्वेश्य की पूर्ति हेतु गुना जिले में खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित 6 साप्ताहिक नि:शुल्क उद्यमिता विकास कार्यक्रम 16 सितम्बर से 26 अक्टूबर तक श्री कृष्णा ग्रामोत्थान समिति गुना आयोजित करने जा रहा है । कार्यक्रम में कक्षागत प्रशिक्षण व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ सफल उद्यमी से चर्चा, प्रोजेक्ट प्रोफाइल निर्माण एवं बाजार सर्वेक्षण इत्यादि पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी ।

कार्यक्रम का उद्येश्य गुना जिले एवं राष्ट्रीय स्तर पर  लघु उद्यमों हेतु नीतियां तैयार करने में शासन को सहायता प्रदान करता है साथ ही संभावित उद्यमियों को अभ्यास अनुसंधान शिक्षा , परामर्श और प्रशिक्षण जैसी सुविधा उपलव्ध करवाने के साथ- साथ उपयुक्त इकाई के चयन हेतु परामर्श देना एवं इकाई स्थापना हेतु मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान करना है ।

कार्यक्रम में भाग लेने हेतु प्रतिभागियों की न्यूनतम शेक्षणिक योग्यता 10 (हाई स्कूल) आयु 18 से 40 वर्ष एवं उपलव्ध सीटें मात्र 30 है । इ'छुक युवक एवं युवतियां अपना नामांकन 14 सितम्बर 2013 से पूर्व अवश्य करवा लें । चयन एवं लिखित परीक्षा के माध्यम से होगा ।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर जौरासी से सिंध नदी तक भारी वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध

ग्वालियर से होकर दतिया की ओर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से में मालवाहक भारी वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध जौरासी घाटी से डबरा होते हुए सिंध नदी के पुल तक की सीमा में लागू होगा। प्रतिबंध की अवधि प्रातः ८ बजे से रात्रि १० बजे तक रहेगी।

    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पी नरहरि ने राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षतिग्रस्त होने के कारण सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखकर उक्त आशय की अधिसूचना जारी की है। उन्होंने यह प्रतिबंधात्मक अधिसूचना मोटरयान अधिनियम १९८८ की धारा-११५ तथा ११६ (१) ख एवं मध्यप्रदेश मोटरयान नियम १९९४ के नियम २१५ एवं २१६ में प्रदत्त शक्तियों का  प्रयोग करते हुए यातायात के बढ़ते हुए दबाव एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षतिग्रसत हो जाने के कारण सार्वजनिक सुरक्षा के लिये उत्पन्न हुई विपरीत परिस्थिति के मद्देनजर जारी की है।

    जिला दण्डाधिकारी ने अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया है कि विशेष परिस्थितियों में जौरासी घाटी से डबरा तथा सिंध नदी के पुल तक भारी वाहनों के प्रवेश की अनुमति अपर जिला दण्डाधिकारी द्वारा दी जा सकेगी।



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