धैर्य ही सबसे बड़ा धर्म: हमारे सवाल विचलित हो सकते है,मगर बेबजह नहीं

विलेज टाईम्स. कहते है समीक्षा हर घटना और मुद्दों की पुष्ठी होती है। हॉल ही में देश में एक घटना और दो मुद्दे मीडिया की कृपा से देश भर में काफी चर्चित है। जिन पर देश भर में बवाल कटा पड़ा है। पहली घटना सेनिकों की सहादत से जुड़ी है। दूसरा मुद्दा दुर्गा शक्ति नागपाल तथा तीसरा मुद्दा हो खादय सुरक्षा बिल से जुड़ा हुआ है।

 इन तीनों घटना मुद्दो पर चर्चा पश्चात देश के  सामने जो निकलकर आया है न तो वह बहुत अधिक चौकाने वाला है,न ही इनमें कुछ नया है। मगर जिस तरह के विचलित सवाल इन घटना और मुद्दो को लेकर देश वासियों के सामने है। वह सर्वोपरि हो सकते है। मगर सत्य के धरातल पर इनकी समीक्षा होना इनकी पुष्ठी करती है। रहा सवाल जनभावना का तो वह भी कुछ बातों को लेकर सहमत तो कुछ बातों को लेकर असहमत हो सकती है। मगर जन भावनायें उन मुखियाओं को चर्चाओं के माध्ययम से जब तब सचेत करती रहती है। कहते है धर्म की सबसे बड़ी कुुंजी धैर्य ही होती है। और सत्य को सामने रख समय अनुसार क्रिया प्रक्रिया धैर्य का स्वभाव मगर अन्तराष्ट्रीय सीमा पर हमारे जावाज जवानों की शहादत पर सम्मान जनक सशक्त  प्रतिक्रिया हमारी शक्ति का धोतक होना चाहिए। मगर हमारे सेनिकों की सीमा पर शहादत एक सम्पूर्ण सत्य है जिसके सामने हर देश वासी को उनके सम्मान में नस्तवस्तक होना चाहिए।

रहा सवाल समाजवादी पार्टी की सरकार और उस सरकार में नौकर आ.ई.एस. अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन जिसको लेकर देश भर में कई दलीले और सवाल किये जा रहे है। मगर हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारतीय लोकतंत्र में संविधान सर्वोपरि है जिसमें उसके अधीन हर संस्था में बैठै लेागों एवं देश के नागरिकों के अधिकार और कर्žाव्यों का स्पष्ट उल्लेख है। विवाद की स्थिति को निपटाने देश में न्यायालय मौजूद है। मगर लेाकतंत्र के चौथे स्तम्भ के बीच होती चर्चा परि चर्चाओं में सत्य के स्वर स्वत: ही फूटते दिखाई देते है। जो व्यवस्था ही नहीं आम जन मानस का भी मार्ग प्रस्त करती है। मगर जब चर्चायें परि चर्चायें तीखी और दिशाविहीन होती है। तो चिंता स्वाभाविक है।

कई बार देश और देश वासियो के सामने कई संवेदनशील मुद्दें या घटनायें चर्चा में आते है। तो जिम्मेदारी विहीन चर्चायें एक अप्राशिक्षु प्रतिक्षणार्थीयों की तरह अर्थ का अनर्थ करने लगती है। ये सच है मीडिया एक आयने की तरह होती है,मगर भारतीय संविधान के तहत उसके भी अधिकारों के साथ कुछ कर्žाव्य है। जिनका संवैदनशील मुद्दो पर अक्षारश:पालन होना चाहिए। न कि सिर्फ सनसनी फैलाने चर्चा आज जब देश संवेदनशील मुद्दो पर जन भावनाओं से जूझ रहा हों ऐसे में सभी की जबावदेही समान होना चाहिए। तभी हम एक संवदेनशील शसक्त राष्ट्र बन पायेंगे। और भारतीय लोकतंत्र को और अधिक जबावदेह तथा शसक्त बना पायेंगे।

अब पुलिस ने क्रेन से उठाए नो पार्किंग में खड़े वाहन

शिवपुरी। शिवपुरी में भी महानगरों की तर्ज पर यातायात नियम और नो पार्किंग में खड़े वाहनों को पुलिस की क्रेन ने उठाना श्ुारू कर दिया। यह कार्यवाही देख आमजन हतप्रभ हुआ और अपने उठाए गए वाहनों को पाने के लिए पीछे भागते देखा गया। इन पकड़े गए वाहनों को सीधे यातायात थाना लाया गया जहां वाहन मालिक के आने पर उसे पहले समझाईश दी और आगे से नो पार्किंग में वाहन मिला तो जुर्माना वसूला जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के लिए गत दिवस पुलिस अधीक्षक डॉ.महेन्द्र सिंह सिकरवार ने माधवचौक चौराहा, झांसी तिराहा, गुरूद्वारा, राजेश्वरी रोड, सदर बाजार, कोर्ट रोड सहित अन्य क्षेत्रों का भ्रमण किया और यातायात को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए अभियान शुरू किया।

बीते लंबे समय से शहर में यातायात अव्यवस्थित रूप से चल रहा था इसके लिए नोपार्किंग में खड़े वाहनों पर आज पुलिस ने कार्यवाही की और कई वाहनों को उठाकर यातायात थाने में रखवाया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आज यातायात प्रभारी ने शहर के माधव चौक गुरूद्वारा चौक, झांसी तिराहा, राजेश्वरी रोड़, कोर्ट रोड़ पर खड़े बेतरतीब वाहनों को क्रेन से लटकाकर आज  यातायात थाने ले जाया गया। जहां आज पहलीबार की गई कार्यवाही के उपरांत वाहन चालकों को समझाईश देकर छोड़ दिया गया। साथ ही उनसे कहा गया कि अगली बार से यदि किसी भी प्रकार की गलती की जाती है तो उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। ट्रेफिक प्रभारी पुरूषोžाम विश्नोई ने बताया कि वाहन चालक अपने वाहनों को पार्किग स्थल पर ही खड़ा करें। शहर की यातायात व्यवस्था में जिससे सुधार आ सके। इसके लिए नगर पालिका को बाजारों में लाईनिंग डालने के लिए पत्र लिख दिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री सिकरवार द्वारा गुरूद्वारा चौराहे की यातायात व्यवस्था अ'छी देखे जाने पर राजेन्द्र त्रिवेदी को पुरूस्कृत किया गया। यातायात व्यवस्था के दौरान यादव होटल के पास खड़े एक चार पहिया वाहन पर अवैध रूप से लगी पीली बžाी को पुलिस कर्मचारियों द्वारा तुरंत हटवा दिया गया। जिसकी नागरिकों द्वारा प्रशंसा की गई।

कलेक्टर ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा


जबलपुर.कलेक्टर विवेक पोरवाल ने परियट नदी में कल आई बाढ़ से प्रभावित गांवों सोनपुर, घाना, बीरनेर, कंदराखेड़ा और पिपरिया परियट का दौरा कर पीडि़त लोगों से भेंट की और राहत शिविरों में रह रहे लोगों से उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली ।  इस दौरान कलेक्टर ने पीडि़तों को शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए उन्हें संक्रामक रोगों के उत्पन्न होने के खतरे के प्रति सचेत किया और उनसे खान-पान में स्व'छता बरतने की अपील की । श्री पोरवाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाने और प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव करने के निर्देश भी इस दौरान दिये ।  बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान पुलिस अधीक्षक हरिनारायणचारी मिश्रा, अपर कलेक्टर छोटे सिंह, अनुविभागीय अधिकारी जबलपुर संजय जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. चौहान तथा खाद्य, पी.एच.ई. एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे । ज्ञात हो कि परियट नदी में कल आई बाढ़ से इससे लगे पनागर तहसील के तकरीबन 13 गांवों में पानी घुस गया था और लगभग 3 हजार 500 लोग प्रभावित हुए थे । प्रशासन द्वारा बाढ़ पीडि़त गांवों में फौरन राहत एवं बचाव कार्य का संचालन कर करीब 3 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बनाये गये राहत केम्पों में पहुंचा दिया गया था ।  जहां उनके भोजन एवं रहने के समुचित इंतजाम किये गये हैं ।  हालांकि आज प्रभावित गांवों के हालात सामान्य दिखाई दिये । बाढ़ का पानी कल रात को ही उतर चुका था ।  लोगों  की दिनचर्या रोजमर्रा की तरह चल रही थी ।

कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित गांवों के अपने भ्रमण के दौरान पीडि़त लोगों को बाढ़ से मकानों को क्षति का शीघ्र आंकलन कराने भरोसा दिया ।  उन्होंने बताया कि इसके लिए सर्वे दलों का गठन कर दिया गया है और एक-दो दिन के भीतर प्रभावितों को राहत राशि का वितरण भी शुरू कर दिया जायेगा ।  कलेक्टर ने ग्रामीणों से खान-पान में स्व'छता बरतने की अपील की ।  उन्होंने ग्रामवासियों से कहा कि वे शुद्ध और साफ जल का ही पीने के लिए उपयोग करें ।  कलेक्टर ने बताया कि गांवों में सरपंच एवं स्वास्थ्य कार्यकश्र्राओं के पास पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन की गोलियां रखवा दी गई है । संक्रामक रोगों के उत्पन्न होने से रोकने  के लिए आवश्यक दवाईयों का भी स्टाक गांवों में उपलब्ध करा दिया गया है ।  इसके अलावा चिकित्सा दल भी तैनात कर दिये गये हैं जो प्रभावित क्षेत्र का लगातार भ्रमण कर रहे हैं ।

श्री पुरूषोत्तम गुप्ता व डा. आर.सी. मिश्रा संयुक्त कलेक्टर बने

दतिया. जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर श्री पुरूषोत्तम गुप्ता एवं डा. आर.सी. मिश्रा एस.डी.एम. सेवढ़ा को मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा पदोन्नत कर संयुक्त कलेक्टर बनाया है। डिप्टी कलेक्टर द्वय के संयुक्त कलेक्टर बनने पर उनके ईष्ट मित्रों एवं शुभचितंकों ने बधाई दी है।


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