एडवोकेट पीयूष की याचिका पर स्थगन, प्लाटों की रजिस्ट्री से रोक हटी

म.प्र. शिवपुरी। 4 महीने में लगभग 5 हजार करोड़ के राजस्व का नुकशान उठाने वाली म.प्र.सरकार को शिवपुरी के एडवोकेट पीयूष शर्मा के स्थगन से राहत की सांस मिली है। ज्ञात हो कि म.प्र. सरकार का वार्षिक लक्ष्य राजस्व के रुप में प्लाटों,भूमि की खरीद बिक्री से लगभग 17 हजार करोड़ के आस पास हुआ करता था। मगर विगत 4 माह से न्यायालय के आदेश पर बिना डायवटे्रट आवासीय प्लाटों की रजिस्ट्रियों पर रोक से सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकशान उठाना पड़ रहा था।
अब जबकि माननीय उ"ा न्यायालय के आदेश के विरुद्ध स्थगन मिल गया है। तो एक बार फिर से म.प्र. में प्लाटों की खरीद बिक्री से शुरु हो गई है। ज्ञात हो विगत माह प्लाटों की रजिस्ट्रीयों पर लगी रोक को विधि सम्मत न मान सर्वो"ा अदालत का दरवाजा खट खटाने वाले शिवपुरी के जाने माने वकील पीयूष शर्मा ने उपलŽध दस्तावेजों के आधार पर पत्रकारों को बताया कि प्रदेश भर में खेती की भूमि आवासीय प्लाटों के रुप होने वाली रजिष्ट्रियों पर से रोक हट गयी  है।

क्योकि उन्होंने उ'च न्यायालय के दिसम्बर 2010 के विरुद्ध न्यायालय में उनकी रिव्यू पिटीशन खारिज हो जाने के बाद उन्होंने 10 मई 2013 को सर्वो"ा न्यायालय में पिटीशन दायर की जिस पर उन्हें स्थगन मिल गया है।

उन्होंने उ"ा न्यायालय में पिटीशन करता पर आरोप लगाते हुये उस व्यक्ति को प्रेस के समक्ष खड़ा किया। जिस व्यक्ति के नाम से फर्जी रुप से जनहित याचिका की गई थी। प्रेस के समक्ष पूरण सिंह नरवरिया ने कहा कि मैने एक एफीडेविट के माध्ययम से भी माननीय न्यायालय को भी निवेदन किया है। कि मेरे द्वारा कोई जनहित याचिका नहीं की गई।

एडवोकेट पीयूष शर्मा ने प्रेस को कुछ दस्तावेश दिखाते हुये कहा कि इन दस्तावेजों को देखकर कर कहां जा सकता है। कि पिटीशन कर्žाा वकील इस तरह की हरकतों के आदि है। अगर भिण्ड के सर्वे क्र.2671,2672,2673 से जुड़े मुकदमों की गहराई से पड़ताल हो तो सारे तथ्य स्वत: ही सामने आ जायेगेे।

बहरहॉल पीयूष शर्मा का कहना था कि हमें माननीय सर्वो"ा न्यायालय ने सुन उ"ा न्यायालय के आदेश के विरुद्ध स्थगन दिया। वह फिलहॉल कॉफी है एक और जहां म.प्र. शासन को होने वाली करोड़ों की राजस्व हानि रुक गयी वहीं लेागों को भी राहत मिली है। अन्त में उन्होंने कहा कि वह जनहित से जुड़े मुद्दे आगे भी उठाते रहेंगे।


एक सेकड़ा से अधिक प्रकरण कायम


म.प्र.शिवपुरी। जिले भर में आ रही अवैध शराब की बिक्री पर संज्ञान लेते हुये सहायक आबकारी आयुक्त शैलेश सिंह के निर्देश पर शिवपुरी आबकारी विभाग ने जिले भर में ताबड़ तोड़ कार्यवाही करते हुये। अवैध शराब विक्रेता उत्पादकों के खिलाफ एक सेकड़ा से अधिक प्रकरण कायम किये है। पकड़े गये अवैध शराब व्रिक्रेताओं उत्पादकों से देशी विदेशी मदिरा,महुआ,लाहन,भांग एवं अवैध शराब निर्माण में उपयोग करने वाले साधन जŽत कर म.प्र. आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है।

जिले भर में अवैध शराब उत्पादक एवं व्रिक्रेताओं की धरपकड़ कार्यवाही करने वाली टीम में सहायक आबकारी अधिकारी डी.एल.यादव पी.के. मंगल उपनिरीक्षक जितेन्द्र सिंह ठाकुर,लोकेश तिवारी,टी.आर.मालेलि हेड कान्शटेवल राम कुमार भार्गव,आरक्षक जगदीश शमीलनाम,राजेन्द्र कौरव,मोहन लाल,अरवहराज,प्रदीप व्यास,यदुवीर जादौन,काशीराम,रतिराम यादव की सराहनीय भूमिका रही।

सहायक आयुक्त आबकारी शैलेश सिंंह ने दूरभाष पर कहा कि इस तरह की कार्यवाही अवैध शराब व्रिक्रेताओं के खिलाफ जारी रहेगी उन्होंने कहा जहां जहां से हमें शिकायत या फिर सूचनायें मिलती है हम कार्यवाही करते है। उन्होंने कहा शिवपुरी में कहीं पर भी अवैध शराब नहीं बिचने दी जायेगी। जो लिप्त पाया गया या पकड़ा गया उनके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी।

 पाँच सौ रूपये न देने पर ले ली प्रसूता की जान

म.प्र. दतिया। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं केन्द्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन के बाबजूद जिले में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति को देख नागरिकों में आम चर्चा हो गइ्र है कि जिला मुख्यालय एवं उससे जुड़े अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों की दशा निरंतर भ्रष्टाचार के चलते बदतर होती जा रही है। किन्तु शासन एवं प्रशासन के कारिन्दों पर किसी प्रकार का असर नजर नहीं आता। जिला कलेक्टर की कार्यवाही एवं लताड़ का भी कोई असर नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं के एवज में बिना किसी डर और भय के आम आदमी से लेनदेन की माँग करना और पूरा न होने पर मरीज के जीवन के साथ खिलवाड़ करना आम बात हो गई है। मरीज के सहयोगियों को कर्मचारियों द्वारा खुलेआम चेतावनी देना कि जाओ शिकायत करदो।

उक्त स्थिति का नजारा गत दिवस इंदरगढ़ और जिला चिकित्सालय दतिया में देखने को मिला जहाँ प्रसूता के परिजनों द्वारा चिकित्सक को पाँच सौ रूपये ने देने के बदले प्रसूता की जान चली गई। परिजनों के अनुसार प्रसूता का उपचार सही समय पर हो जाता तो उसकी जान बच जाती। सेंवढ़ा विकासखण्ड अन्तर्गत आने वाले ग्राम बागुर्दन निवासी बलवीर अहिरवार ने बताया  िकवह अपनी बहू वन्दना पत्नि महेन्द्र उम्र २५ वर्ष को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक केन्द्र इन्दरगढ़ पर लाया गया जहाँ ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक द्वारा ५०० रूपये माँगे। जिसकी भरपाई बलवीर द्वारा की गई और वन्दना ने एक स्वस्थ्य बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के पश्चात चिकित्सक द्वारा पुनः ५०० रूपये माँगें किन्तु बलबीर ने गरीबी और मजदूरी का हवाला देते हुए अनुरोध किया किन्तु असंवेदनशील चिकित्सक द्वारा कुछ देर बाद प्रसूता को जिला चिकित्सालय रैफर कर दिया गया।

बलवीर के मुताबिक जिला चिकित्सालय में रैफर की गई बहू को लाने पर यहाँ नहीं मिले डाक्टर और न ही नर्स। जिसके बजह से मेरी बहू की जान चली गई। जिला चिकित्सालय की यह पहली घटना नहीं है। बल्कि जुलाई माह की दूसरी घटना है। पहली घटना के हाने पर परिजनों ने डाक्टरों की लापरवाही के कारण अस्पताल में तोड़फोड़ की थी। किन्तु ड्यूटी पर पदस्थ चिकित्सक के विरूद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई।

एक सेकड़ा से अधिक प्रकरण कायम

म.प्र.शिवपुरी। जिले भर में आ रही अवैध शराब की बिक्री पर संज्ञान लेते हुये सहायक आबकारी आयुक्त शैलेश सिंह के निर्देश पर शिवपुरी आबकारी विभाग ने जिले भर में ताबड़ तोड़ कार्यवाही करते हुये। अवैध शराब विक्रेता उत्पादकों के खिलाफ एक सेकड़ा से अधिक प्रकरण कायम किये है। पकड़े गये अवैध शराब व्रिक्रेताओं उत्पादकों से देशी विदेशी मदिरा,महुआ,लाहन,भांग एवं अवैध शराब निर्माण में उपयोग करने वाले साधन जŽत कर म.प्र. आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है।

जिले भर में अवैध शराब उत्पादक एवं व्रिक्रेताओं की धरपकड़ कार्यवाही करने वाली टीम में सहायक आबकारी अधिकारी डी.एल.यादव पी.के. मंगल उपनिरीक्षक जितेन्द्र सिंह ठाकुर,लोकेश तिवारी,टी.आर.मालेलि हेड कान्शटेवल राम कुमार भार्गव,आरक्षक जगदीश शमीलनाम,राजेन्द्र कौरव,मोहन लाल,अरवहराज,प्रदीप व्यास,यदुवीर जादौन,काशीराम,रतिराम यादव की सराहनीय भूमिका रही।

सहायक आयुक्त आबकारी शैलेश सिंंह ने दूरभाष पर कहा कि इस तरह की कार्यवाही अवैध शराब व्रिक्रेताओं के खिलाफ जारी रहेगी उन्होंने कहा जहां जहां से हमें शिकायत या फिर सूचनायें मिलती है हम कार्यवाही करते है। उन्होंने कहा शिवपुरी में कहीं पर भी अवैध शराब नहीं बिचने दी जायेगी। जो लिप्त पाया गया या पकड़ा गया उनके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी।





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