मातृ मृत्यु समीक्षात्मक कार्यशाला सम्पन्न

दतिया। मेंटरनिटी बिंग जिला चिकित्सालय दतिया में जिला स्तरीय मातृ मृत्यु समीक्षात्मक कार्यषाला श्रीमान कलेक्टर दतिया संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
कार्यषाला में ग्वालियर से मातृ मृत्यु के संबध में विषय विषेषज्ञ राज्य स्तर से अधिकृत डॉ० श्रीमती अर्चना सिंगवेकर द्वारा कार्यषाला में उपस्थित जिले के समस्त मेडिकल ऑफीसर एंव सीएमएचओ दतिया डॉ. आर एस गुप्ता कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. के एम बरूण, स्वदेष ग्रामोत्थान समिति व मेंटरयूथ क्लब संचालक रामजीषरण राय, बाल प्रगति संस्था के एस.आर. चतुर्वेदी, डॉ० डी के गुप्ता, डॉ. प्रदीप उपाध्यााय, डॉ. नवीन नागर समस्त विकास खण्ड चिकित्सा अधिकारीयों के समक्ष मातृ मुत्यु के संबध में ओडियो बीडीयो के माध्यम स विस्तृत चर्चा की गई तथा जिले में सही रिपोर्टिग करने के निर्देष दिये दतिया जिले में गत वर्ष प्रसव के आकडो के मान से  ३६ एमएमआर होना चाहिये थी जो मात्र १२ एमडीआर प्रकरण रिपोर्ट किये गये ओर २४ प्रकरणो का पता न होने के प्रति खेद व्यक्त करते हुये समस्त स्टॉफ को सजग रहकर प्रत्येक मातृ मृत्यु को २४ घंटे में पंजीकृत कर जिला मुख्याालय में सूचना भेजने के निर्देष दिये । सभी कारण जानकर आगामी समय में एमएमआर को कम करने में दतिया उन्नति पर होगा ।

कलेक्टर संकेत भोंडवे ने निर्देष दिये कि जिला मुख्यालय पर एमडीआर बैठक प्रतिमाह चतुर्थ सोमवार को टीएल के बाद आयोजित की जाये । सभी मेडिकल ऑफीसर/वीएमओ ध्याान देवे कि आज दिनांक तक दो दिवस में तत्काल मातृ मृत्यु प्रकरण रिपोर्ट करे अन्यथा जिसके क्षेत्र में मातृ मृत्यु प्रकरण छूटा पाया जावेगा उसके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी साथ ही दैनिक रूप  में २४ घंटे के अंदर मातृ मृत्यु की सुचना कलेक्टर महोदय के दूरभाष पर अथवा ईमेल पर सूचना भेजने की व्यवस्था सुनिष्चित करे ।

दिनांक २६.६.२०१३ को श्रीमती गिरजा मुन्ना लाल दोहरे सरसई के बारे में सामाजिक कार्यकर्ता रामजीषरण राय ने जानकारी दी। यह मृत्यु निजी नर्सिंग होम उनाव में होने के कारण, उनाव बीएमओ द्वारा निजी नर्सिग होम उनाव के संचालक पर नियमानुसार कार्यवाही करने बाबत, कारण बताओ नोटिस दिया गया साथ ही मातृ मृत्यु पर गम्भीरता पूर्वक विचार कर कारण एंव बचाव के संबध में निर्देष दिये ।

नहीं सुलट पा रहे पट्टो के रट्टे

म.प्र. शिवपुरी। हर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर होने वाली जन सुनवाई में दिन व दिन पट्टों के रट्टो की की अजीवों गरीब शिकायत सामने आ रही है। तो कहीं भूअर्जन में भूमि गवां चुके गरीब मुआवजे के लिए धक्के खा रहे है। तो वहीं गरीबी रेखा केे नीचे जीवन यापन करने वाले बुजुर्ग जन सुनवाई में चक्कर लगा लगाकर राशन कार्ड वृद्धा,वस्था पेन्शन न मिलने पर नेताओं को कोसते नजर आ रहे। गरीबों की भूमि पर दंबगों की दबंगई ऐसी कि गरीब खेती वाड़ी तो दूर जमीन पर जाने तक से कतरा रहे है।

मगर वर्षो से गुहार लगाने वाले शिवपुरी के गरीब आदिवासी अपना हक भी इन दंबगों से नहीं ले पा रहे है।

ऐसा ही एक मामला मुआवजे का उकायला गांव के एक आदिवासी का है। जिसका आवार्ड 2009-10 में हो चुका है। मगर मिला कुछ नहीं वहीं पतारा, बड़ी राई के कई मामले ऐसे है जहां आदिवासियों पर पट्टे तो है मगर कŽजा नहीं रहा सवाल बी.पी.एल कार्ड और वृद्धावस्था पेन्शन का तो जिला मुख्यालय के विभिन्न वार्डो की सेकड़ों महिलायें चक्कर लगा लगा नेताओं को कौसती रही।

अब जब चुनाव सर पर और जनता बेहाल जिसकी सेवा का दम भरते भाजपा सरकार के मुखिया नहीं थकते वह गरीब जनता इस अन्धी बेहरी सरकार के राज में बेहाल है। क्योकि घर भरने में जुटे लेागों को ख्याल ही कहाँ कि जनता बेहाल है।

आवासीय भूमि के पट्टे दिए जाने के संबंध में बैठक

भोपाल: रा'य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के मुताबिक जिले में भूमिहीन व्यक्तियों को आवासीय भूमि के पट्टे दिए जाने के संबंध में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा के लिए एक जरूरी बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई । बैठक में तय किया गया कि 31 जुलाई,13 तक पट्टा बनाने और वितरण की कार्रवाई को सुनिश्चित कर लिया जाये । जिले के नजूल वृश्रों की झुग्गी बस्तियों के रहवासियों की जानकारी के लिए किए गए सर्वे की जानकारी भी  बैठक में दी गई ।

बैठक में आयुक्त नगर निगम श्री विशेष गढ़पाले, एडीएम दक्षिण श्री बसंत कुर्रे, सभी एसडीएम, तहसीलदार और जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी श्री सत्येन्द्र धाकरे  मौजूद थे ।

उत्तराखंड आपदा में दिवंगत प्रदेश के तीर्थयात्री के

ग्वालियर/ उश्रराखंड प्राकृतिक आपदा में मध्यप्रदेश के दिवंगत तीर्थ यात्रियों के परिजन को मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 2 लाख रूपये की राहत राशि के अलावा उश्रराखंड सरकार की ओर से 2 लाख रूपये एवं केन्द्र सरकार की ओर से 3 लाख रूपये की राहत राशि प्राप्त होगी। इस तरह प्रति दिवंगत तीर्थ यात्री के परिजनों को 7 लाख रूपये की राहत राशि का भुगतान होगा।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उश्रराखंड की यात्रा पर गये ऐसे तीर्थ यात्रियों के परिवारों को राहत राशि प्रदान करने के निर्देश दिये है। जो अब तक वापिस नही लौटे है। राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित मार्गदर्शी सिद्वांतों के अनुसार जिला कलेक्टर उश्रराखंड गये अपने जिले के लापता लोगों की सूची तैयार करेंगे। इसके लिये 8 जुलाई 2013 की तिथि निर्धारित की गई है। इस दिनांक तक लापता पाये गये तीर्थ यात्री के प्रकरण तैयार किये जायेंगे। इस तरह के राहत प्रकरणों के संबंध में संबधित कलेक्टर द्वारा उसी सप्ताह रा'य शासन को अवगत भी कराया जायेगा। पूर्व में राजस्व विभाग द्वारा 17 जून को जारी निर्देशों में इस अवधि को 60 दिन निर्धारित किया गया था। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा इस अवधि को घटाते हुये 21 दिन करने के निर्देश दिये गये।

प्रमुख सचिवए राजस्व श्री आर के चतुर्वेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में राजस्व विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स को यह कार्य शीघ्र पूर्ण कर प्रतिवेदन रा'य सरकार को भेजने को कहा गया है। कलेक्टर द्वारा अपने जिले से उश्रराखंड गये लोगों की यात्रा टिकटए टैक्सी के बिल एवं अन्य प्रमाण के आधार पर राजस्व प्रकरण तैयार करते हुये आवश्यक जाँच की जायेगी और मिसिंग व्यक्ति को मृत व्यक्ति घोषित करने संबंधी कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर की सूची के आधार पर संबंधित परिवारों को आवश्यक राहत राशि देने का कार्य किया जायेगा।

सिंगल विंडो सिस्टम

उश्रराखंड आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत राशि प्राप्त करने के लिये संबंधित जिला कलेक्टर के अलावा किसी अन्य व्यक्ति अथवा कार्यालय से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रमुख सचिव राजस्व ने बताया है कि इस ह्मदय विदारक आपदा से प्रभावित परिवारों को बिना बाधा राहत राशि मिल जायेए इस उद्देश्य से यह सिंगल विंडो प्रणाली लागू की जा रही है।
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