बिहार की तरह बैखबर सरकार,भगवान भरोसे मिड डे मील

व्ही.एस.भुल्ले/ बिहार के मिड डे मील में 22 ब'चों की मौतों ने भले ही देश वासियों की आत्मा को झंझकोर आतंकित कर रखा हो। मगर म.प्र. में अब भी विगत 8 वर्षो से अप्रशिक्षित रसोईयाँ मिड डे मील में ब"ाों को रुचि कर भोजन पका रहे है।
इसे देख कहा जा सकता है कि म.प्र. में भगवान भरोसे चल रहा है, मिड डे मील। भले ही प्रदेश के मुख्यमंत्री अपनी अपील में म.प्र. के एक लाख 15 हजार प्राथमिक माघ्यामिक शालाओं में लगभग 80 लाख छात्र छाात्राओं को मध्याहन भोजन की व्यवस्था है। 

जिसे स्व'छ ढंग से स्वादिष्ट रुचिकर,गर्म पकाने का जिम्मा प्रदेश के 79 हजार स्थानीय स्वसहायता समूह तथा 2 लख 40 हजार रसोईयों के कन्धों पर है। नगर निगम,नगर पालिका और कुछ जगह केन्द्रीयकृत व्यवस्था के माता पिता या फिर निराश्रित बुजुर्गो,अन्तोदय परिवारों का जोड़ा गया है। साथ ही ग्राम सभा स्वस्थ ग्राम तदर्थ सीमित द्वारा भी भोजन का निरीक्षण किया जाता है। ऐसा दावा करते न थकते मगर हकीकत कि परते उलटे तो ब"ाों को स्व'छ रुचिकर भोजन कैसे मिलता होगा जब पकाने वाले रसोईयाँ ही अप्रशिक्षित हो।

देखा जाये तो म.प्र. के स्कूलों में विगत लगभग 7-8 वर्षो से अप्रशिक्षित रसोईयों द्वारा मध्याहन भोजन तैयार कर ब"ाों को खिलाया जा रहा है। जिस भोजन को अप्रशिक्षित रयोईयों तैयार करते हो वह कितना पौष्टिक,रुचिकर होगा,अन्दाजा लगाया जा सकता है।

रहा सवाल ब"ाों के भोजन की जांच परख का तो ब"ाों के माता पिताओ से पूछा तो उन्हें पता ही नहीं कि ब"ाों को क्या भोजन परोसा जाता है। जिन निराश्रित अन्तोदय परिवार व्यक्तियों को जबाव देही है उन्हें तो एक निवाला भी नसीब नही हो पाता है।

अगर हम म.प्र. के शिवपुरी जिले को ही ले तो यहां 2292 प्राथमिक विद्यालय के 2,16,72 छात्र छात्राओं एवं 656 माध्यमिक शालाओं के 1,11,898 छात्र छात्राओं को 2053 प्राथमिक 594 माध्यमिक स्वसहायता समूहों के माध्ययम से अप्रशिक्षित रसोईये भोजन पका रहे है। समुचे प्रदेश का क्या हॉल है यह तो भगवान ही जाने। इतना ही नहीं 1832 आंगनबाड़ी तथा 439 मिनी आंगनबाडिय़ों में भी अप्रशिक्षित रसोईया ही पोषण आहार तैयार कर रहे है। मगर अफसोस कि म.प्र. सरकार इतनी लापरवाह कैसे हो सकती है।

इतने अहम मसले पर जबकि कई बार ब'चों के भोजन में छिपकली तो कभी कीड़े होने की खबरे तो आती रही है। मगर बिहार के 22 ब'चें की मौतों ने तो सारे देश को झझंकोर कर रख दिया है। मगर म.प्र. है जो आज भी सबक लेने के बजाये अप्रशिक्षित रसोईयों से भोजन बनवा और पौष्टिक भोजन का दावा करता नहीं थकता।


मातृमत्यु एवं पी.सी.पी.एन.डी.टी समीक्षा बैठक सम्पन्न

दतिया। गर्भधारण पूर्व और प्रसूतिपूर्व निदान तकनीकि (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम एवं मातृ मृत्यु (एमडीआर) की समीक्षा बैठक का आयोजन कलेक्टर सभाकक्ष में कलेक्टर श्री संकेत भोंड़वे की अध्यक्षता में किया गया।

बैठक में जिले में हुई गत माह हुई मातृमृत्यु की रिपोर्ट नहीं होने पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कलेक्टर श्री भोड़वे द्वारा कड़े निर्देश दिये कि आगामी प्रकरणों की रिपोर्ट २४ घंटे के अंदर आवश्यक रूप् से की जावे।  साथ उन्होंने प्रत्येक मातृमृत्यु के रिव्यू पर विशेष ध्यान देने एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर दिया।

बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि होने वाली मातृमृत्यु के परिजनों को आगामी बैठक से बुलाने की व्यवस्था की जावे ताकि सही ढंग मातृमृत्यु कारणों का पता चल सके साथ ही भविष्य में मातृमृत्यु को रोकने हेतु क्या वचाव किये जा सकते हैं।

बैठक में जिले में गिरते लिंगानुपात पर चिंता जाहिर करते हुए कुछ निर्देश जारी कियंे गये हैं। जिनमें प्रचार प्रसार पर जोर दिया गया है। लिंगचयन की शिकायत करने हेतु शासन द्वारा संचालित बेबसाइट ूूूण्ींउंतपइपजपलंण्दपबण्पद का भी प्रचार प्रसार किया जावे। इस बेबसाइट पर अपनी पहचान बताकर एवं पहचान बिना बताये भी शिकायत दर्जकाने का प्रावधान है।

साथ ही सोनोग्राफी सेंटर पर लगे ट्रेकर्स को दुरस्त कराने एवं सोनोग्राफी सेंटरों को ऑनलाइन रिाने का निर्णय लिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता रामजीशरण राय के प्रस्ताव पर कलेक्टर श्री भोंड़वे द्वारा निगरानी दल के सदस्यों को निरीक्षण हेतु पहचान पत्र भी अविलम्ब देने की निर्देश दिये। निगरानी दल एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को फार्म एफ उपलब्ध कराये जावें ताकि सुधार किये जा सकंे। लिंग चयन की सूचना देने वाले को पुरूष्कृत करने का भी निर्णय बैठक में लिया गया। ताकि समुदाय के लोग सूचना देने के लिऐ प्रंेरित हों और सूचनायें ज्यादा से ज्यादा आ सकें।

बैठक में मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. गुप्ता, डॉ. नवीन नागर, रामजीशरण राय स्वदेश ग्रामोत्थान समिति, जीतेन्द्र सविता एडवोकेट,  डॉ. डी.के. गुप्ता (नोडल अधिकारी एमडीआर), डॉ. अशोक सिंह बी.एम.ओ. इन्दरगढ़, डॉ.आर.के. पुनियाँ बी.एम.ओ. उनाव, डॉ. पी.के. शर्मा बी.एम.ओ.भाण्डेर, प्रभारी मीडिया अधिकारी शिवकुमार पाठक, डॉ. अरूण दधीच (सिद्धि विनायक), डॉ. एस.के गुप्ता (नोडल अधिकारी पीसी-पीएनडीटी) उपस्थित रहे।


पंचायत सचिव निलंबित

ग्वालियर 23 जुलाई 2013/ महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित अन्य शासकीय कार्यक्रमों के प्रति उदासीनता बरतने पर ग्राम पंचायत आरोन के सचिव श्री श्यामबिहारी मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार निलंबन अवधि में इस पंचायत सचिव का मुख्यालय जनपद पंचायत बरई (घाटीगाँव) रहेगा।

पंच परमेश्वर योजना के तहत नगद राशि आहरण करने वाली

अन्जू अग्रवाल/ गुना 23 जुलाई 2013/ जिले की 51 ग्राम पंचायतों द्वारा पंच परमेश्वर योजना की राशि का नगद आहरण करने , आय व्यय ब्यौरा प्रस्तुत न करने तथा समय सीमा में कार्य पूर्ण न करने के कारण उक्त ग्राम पंचायतों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये हैं ।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शेखर वर्मा ने बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशो के बावजूद उक्त पंचायतों के पंचायत सचिवों एवं सरपंचों द्वारा पंच परमेश्वर योजना की राशि का नगद आहरण करने और आय व्यय प्रस्तुत न करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस दिये गये हैं । जिसमें बमोरी विकास खण्ड के ग्राम पंचायत के ऐन्दवाड़ा ,खड़ेला , खेजरा वावा, बीलखेड़ा , बरोदिया , बरवन , बागेरी , बेरखेड़ी , कोतर , खमीरपुर , रत्नागिर देहरी , वरघा , गोलाखेड़ी , धनोरिया, खडग़पुर , झागर और मुरादपुर शामिल हैं । राधोगढ़ विकास खण्ड के मक्सूदनगढ़, कंजई , कीताखेड़ी, खेरखेड़ा, रामनगर, पचगोडिय़ा, अहीरखेड़ी, विधोरिया, दीतलवाड़ा, गादेर ,वन्दरगड़ा , परेवा और उकावद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसी प्रकार चांचोड़ा विकास खण्ड के खेजड़ारामा, डावरया, कोटरा, पीपल्यामोती, गेंहूखेड़ी , जलालपुरा, मुरेला , मृगवास, म्मावद, वीजनीपुरा, घाटाखेड़ी, कैकड़ायाखुर्द, सींगनपुर, टोड़ी, खेजड़ाकला, सालई, झिरी, गुलवाड़ा, बरखेड़ाकला, मदागनमाफी ,को म्ी कारण बताओ नोटिस दिये गये हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि जिले की शेष ग्राम पंचायतों के संबंध में बैंकों से सम्पर्क कर आहरण की स्थिति की जानकारी एकत्रित की जा रही है । जिसके आधार पर संबंधितों पर एफ.आई.आर.दर्ज कराई जायेगी ।  उन्होंने बताया कि शासन के नियमानुसार पंच परमेश्वर योजना के तहत सरपंच/ सचिव द्वारा राशि का नगद आहरण नहीं किया जा सकता है ।


मध्यान्ह भोजन में गड़बड़ी पाये जाने पर शिक्षक निलंबित

शिवपुरी, 23 जुलाई 2013/ स्कूली ब'चों को प्रदाय किए जा रहे मध्यान्ह भोजन की आकस्मिक जांच हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुधकर अग्नेय द्वारा पिछोर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बदरवास के माध्यमिक विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा मध्यान्ह भोजन में अनियमितता पाये जाने पर एक शिक्षक को निलंबित करने तथा स्वसहायता समूह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अग्नेय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय ग्राम बदरवास में ब'चों को निर्धारित मैन्यू के विपरीत व अपर्याप्त भोजन प्रदान किया जा रहा था। शाला विकास समिति द्वारा बनवाये जा रहे इस मध्यान्ह भोजन में ब'चों को पर्याप्त बर्तन भी उपलब्ध नहीं कराये गये थे जिस पर श्री अग्नेय द्वारा शिक्षक श्री अनिल भट्ट को निलंबित करने तथा ब'चों को बर्तन प्रदाय न करने वाले स्वसहायता समूह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराये जाने के निर्देश दिए है। इसी प्रकार माध्यमिक विद्यालय में 175 दर्ज संख्या के विरूद्ध उपस्थिति 110 ब'चों के लिए तैयार किया गया भोजन अपर्याप्त था तथा खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। इस पर खाना बनाने वाली दुर्गा स्वसहायता समूह की सेवाऐं समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए है। उन्होंने सभी वरिष्ट अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान विद्यालय का निरीक्षण आवश्यक रूप से करें तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को भी चेक करें।


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