व्यक्तिगत आरोप से कम हुई जनतंत्र यात्रा की गरिमा, अन्ना के मंच से राजनैतिक आरोप

म.प्र. शिवपुरी। जन जागरण के लिए देश भर की यात्रा पर जनतंत्र यात्रा कि गरिमा तब कम दिखाई पड़ी जब अन्ना के मंच से व्यक्तिगत राजनैतिक आरोपों की झड़ी जन समूह मे सुनाई दी। मसला था 1857 के क्रान्तिकारी शहीदों की सहादत और तत्कालीन राजवंश की भूमिका को लेकर जिसकी रिहायत गुलाम भारत में जिन्दा थी।

अन्ना की जनतंत्र यात्रा में अन्ना के साथ देश को जगाने चल रहे एक पूर्व विधायक ने तो दफन मुद्दो के मुर्दे उखाड़ तत्कालीन रिहायत के मुखिया और उनके उžाराधिकारियों तक को देश के गद्दार होने की उपाधि दे डाली। जो कई श्रोताओं को कहीं से कहीं तक उचित नहीं लगा। सिवाये किसी राजनैतिक स्टंड के और कुछ भी नहीं जिन राजनैतिक दलो या राजनैतिक पार्टियों और उनकी भूमिका को जनतंत्र में लेकर अन्ना सख्त दिखाई पड़े। उन्हीं के मंच से राजनैतिक आरोप लेागों की समझ से परे रहा।

अगर इस तरह के आरोप प्रत्यारोपों में देश उलझ गया तो अंगे्रजो की ही नहीं मुगलो की  सेकड़ों वर्ष पुरानी गुलामी के इतिहास को भी खगाल कई गड़े मुद्दे सामने आ सकते है। और अनादि अनादि काल तक मुगलों और अगे्रंजों के उžाराधिकारियों के बारे में भी नये सिरे से सोचना होगा।

अन्ना ने खबरनवीसो से शिवपुरी स्थित सर्किट हाउस पर मुखातिव होते हुए कहा कि आजादी के बाद देश के साथ धोखा हुआ है जिसकी शुरुआत 1952 से हुई और वह आज पर्यन्त तक निर्विवाद रुप से जारी है। उन्होंने विलेज टाईम्स से संपादक वीरेन्द्र शर्मा के एक सवाल के जबाव में कहा कि हमारे संविधान में कहीं उल्लेख नहीं है कि जनप्रतिनिधि और सरकारे राजनैतिक आधार पर चुनी जाये। 

संविधान की स्पष्ट भावना है कि विधानसभा,लोकसभा में चुने वाले जनप्रतिनिधियों का चुनाव जनतांत्रिक ढंग से हो और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का चुनाव जनतांत्रिक ढंग से किया जाये। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी आजादी के पश्चात कहा था कि अब राजनैतिक दल खत्म कर दिये जाना चाहिए। मगर दुर्भाग्य कि ऐसा नहीं हो सका।

अन्ना ने शिवपुरी स्थित गांधी पार्क में स्कूली ब'चे,युवा और बुर्जुगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बगैर जन लोकपाल के व्यवस्था परिर्वतन संभव नहीं आज मौका है कि हम समस्त देश वासी मिल जुल कर देश में जनतंत्र के लिए शुरुआत करे। अंग्रेजो के जाने के बाद आज देश काले अंग्रेजो की जकड़ में है और देश के राजनैतिक दल जनतंत्र का गला गोट अपने स्वार्थेा में मसगूल है।

पूर्व सेना अध्यक्ष वी.के. सिंह ने मंच से सरकारों की नाकामी कुपोषण और अन्तराष्ट्रीय बाजार में रुपये की घटती कीमत के रुप में बताया। उन्होंने देश में सेना की भूमिका और देश व देशवासियों की सेवा में सेना की उपयोगिता का उदाहरण उžाराखण्ड में आई विपदा और राष्ट्र मण्डल खेलों में टूटे पुल को देा दिन में बनाने के रुप में दिये। उन्होंने सरकारों की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश की सेना और सरकारों में यहीं अन्तर है,कि सेना देश को सर्वोपरि मान काम करती है। 

वहीं राजनैतिक दल अपने स्वार्थो को सर्वोपरि मान। इस बीच पत्रकार भारती पूर्व विधायक सुनीलम ने भी जनतंत्र यात्रा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला वहीं पत्रकार भारती के संकेतो में राजनैतिक आरोप और सुनीलम के सीधे राजनैतिक आरोपों ने अन्ना की सवा सुनने पहुंचे लेागों को चौंका दिया। बहरहॉल अन्ना की यात्रा का शहर वासियों ने जोरदार स्वागत किया तथा बारिश के बीच लोगों ने बीगते हुये अन्ना को सुना भी। जिसमें सर्वाधिक उत्साहित स्कूल ब"ो और नौ जवान दिखाई दिये गांधी पार्क में उपस्थित भीड़ में उन नौ जवान और बुजुर्गो की भी संख्या कम नहीं थी। जो देश और देश के भविष्य के बारे में बेहतर सोचते है। इस मौके पर शिवपुरी के कार्यक्रम को मूर्तरुप देने वाले मनोज गौतम एवं मधु सूदन चौबे सर मंच पर मौजूद थे। एवं समस्त कार्यक्रम संचालन समाज सेवी महेन्द्र रावत ने किया।

गरीबों को,नसीब नहीं न्याय, दबंगों के कहर से कराहते लोग


म.प्र. शिवपुरी। आपकी सरकार आपके द्वार,ग्राम संपर्क अभियान, लेाक कल्याण शिविर,जनसमस्या निवारण शिविर,समाधान ऑन लाईन,जनशिकायत,समाधान केन्द्र,लेाक सेवा केन्द्र,जनसुनवाई,सुशासन अभियान,जैसे कार्यक्रम सरकार और शासन स्तर पर चल चुके या चल रहे है। गरीबों के कष्ट हरने या उन्हें न्याय दिलाने मगर दबंगों की दबंगई के चलते लगता नहीं कि गरीबों को न्याय नसीब हो पा रहा है। इतने सारे सरकार और शासन के कार्यक्रमों के बावजूद झुण्ड के रुप में जिला मुख्यालय पर आ कलेक्टर के आगे गुहार लगाना कभी कभी घन्टों इन्तजार के बाद खाली हाथ वापिस लौट जाना इस बात का प्रमाण है कि न्याय अभी भी गरीबों से कोशो दूर है। देखा जाये तो अधिकांश मामले जमीनों से सम्बन्धित है या फिर कुटीर और गरीबी रेखा के राशन कार्डो से सम्बन्धित।

सर्वाधिक मामले जमीन से जुड़े वो है जहां या तो गरीबों के वर्षो से कŽजे वाली कृषि भूमि से वेदखल किया जा रहा है। या फिर उनकी पट्टों की भूमि पर दबंगों द्वारा खुलेआम कŽजा किया जा रहा है। गत दिनों जिला मुख्यालय आये आदिवासी गरीबों ने बताया कि जमीनों को या तो दबंग लेाग ताकत के बल पर जोत रहे है,या फिर उन्हें उस भूमि से बेदखल कर रहे है। जिस पर वह खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। ऐसे ही ग्राम ढोंगरपुर कोलारस, टेहटा,बदरवास के सिरनाम आदिवासी,तुला राम आदिवासी,तथा ग्राम क्रेसर गांव करैरा,ग्राम तिघरा शिवपुरी के राजू संतराम,राम सिहं,वीरना,ने बताया कि दबंगों का आलम यह है कि हमारे कŽजे वाली भूमि पर हम फसल नहीं उगा पा रहे है जिसमें क्रेसर गांव करैरा की आदिवासी वस्ती को तो दबंगों ने हिटेची चला उनके झोपड़े तक जमी दोश कर डाले। हम गरीबों की न तो पुलिस ही सुनने तैयार न ही प्रशासन बहरहॉल यह तो बांनगी भर है इस जिले की न जाने कितने गरीब इन दबंगो का शिकार हों मुफलिसी झेलने पर मजबूर है।

आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन


शिवपुरी। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया के पुत्र एवं वरिष्ठ पत्रकार आदेश भदौरिया पर बीते रोज हुए कातिलाना हमले के विरोध में शिवपुरी के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम अपर कलेक्टर दिनेश चन्द्र जैन को ज्ञापन सौंपा। 

ज्ञापन में पत्रकारों ने प्रदेश के समस्त साथियों की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। ज्ञापन में पत्रकारों ने उल्लेख करते हुए घटना की कड़े शŽदों में भत्र्सना की। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में उल्लेख किया है कि प्रदेश में पत्रकारों के साथ उत्पीडऩ, मारपीट तथा हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं इन घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन एवं पुलिस को सख्त निर्देश दिए जाएं।

 ज्ञापन देने वालों में शहर के पत्रकार सर्वश्री प्रेमनारायण नागर, हरिशंकर शर्मा,रफत अधीर,डॉ.शंकर शिवपुरी, प्रमोद भार्गव, वीरेन्द्र वशिष्ठ, जयसिंह चौहान, अशोक कोचेटा, विपिन शुक्ला, संजय बैचेन,अनुपम शुक्ला,वीरेन्द्र शर्मा भुल्ले, विनय राहुरीकर, ज्ञानचंद जैन, अशोक जैन, मदन नागपुरकर,मेहताब सिंह तोमर,आलोक इन्दौरिया, चन्द्रपाल सिंह सिकरवार, राकेश शर्मा, मुकेश आचार्य, सेमुअलदास, जयनारायण शर्मा, रंजीत गुप्ता, अजय खेमरिया, उमेश भारद्वाज, विजय शर्मा, मनीष शर्मा, संजय पंडित, विवेक वर्धन शर्मा, विनोद विकट, अजय शर्मा, रोहित मिश्रा, दीपक अरोरा, लोकेंद्र सिंह सेंगर, अतुल गौड, योगेंद्र जैन, संजय जोशी,नीरज श्रीवास्तव, भूपेन्द्र विकल्प, फरमान अली, अशोक अग्रवाल, देवेन्द्र समाधिया, सत्यम पाठक, अजय दंडोतिया, केबी शर्मा लालू, नरेंद्र सिंह कुशवाह, दशरथ परिहार, राजू शर्मा, राजू यादव, रशीद खांन, विजय चौकसे, शाहिद खांन, धमेंद्र पाल, जाकिर खांन, मणिकांत शर्मा,समेत, जनसंपर्क अधिकारी अनिल वशिष्ठ शामिल थे।




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