मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना का शुभारंभ

शिवपुरी/ प्रदेश के सामान्य प्रशासन एवं नर्मदा घाटी विमानन राज्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री के.एल.अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को भोजन के साथ-साथ आर्थिक संपन्नता बढ़ाने में भी मदद करेगी। यह बात श्री अग्रवाल ने आज शिवपुरी जिले के मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के शुभांरभ अवसर पर कही।
कार्यक्रम में जिला पंचायत श्री जितेन्द्र जैन गोटू, विधायक सर्वश्री माखनलाल राठौर, प्रहलाद भारती, रमेश खटीक, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रिशिका अष्ठाना, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, केन्द्रीय सहकारी बैक के अध्यक्ष श्री भैया साहब लोधी सहित अन्य गणमान्य नागरिक, कलेक्टर श्री आर.के.जैन, पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र सिंह सिकरवार उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष पहल पर निर्धन, गरीब परिवारों को दो वक्त का भोजन आसानी से उपलब्ध कराने के उद्धेश्य से मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से अंत्योदय परिवारों को एक रूपयें किलोग्राम के मान से ३५ किलो तथा बी.पी.एल. परिवारों को २० किलोग्राम गेहूं तथा एक रूपयें किलो नमक प्रदान किया जावेगा। यह परिवार एक दिन की मजदूरी से अपने महीने भर का राशन खरीद सकेगे तथा शेष राशि अपने परिवार के आर्थिक विकास में खर्च कर सकेगें और गरीब आदमी अपने परिवार की बेहतर देखभाल कर सकेगा।

श्री अग्रवाल ने मध्यप्रदेश सरकार के समाज के सभी वर्ग के कल्याण हेतु अनेक योजनाऐं संचालित की गई है जिनके कारण गत १० वर्षों मंे प्रदेश का परिदृश्य बदल गया है।

विधायक शिवपुरी श्री माखनलाल राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के अथक प्रयासों से मध्यप्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आकर विकसित राज्यों की श्रेणी में आ खड़ा हो गया है।

विधायक पोहरी श्री प्रहलाद भारती व विधायक करैरा श्री रमेश खटीक ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार ने कार्य कर रहे सभी व्यक्तियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि आज का दिन शिवपुरी जिले का स्वर्णिम दिन है जिसमे जिले के १ लाख ४० हजार परिवार लाभान्वित हो सकेगें।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जितेन्द्र जैन ने कहा कि गत १० वर्षों में मध्यप्रदेश में विकास की नई ईवारत लिखी गई है। श्री रणवीर रावत ने कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ दिया गया है। इसके अतिरिक्त श्री भैया साहब लोधी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह में प्रभारी मंत्री ने गरीब परिवारों को ३५ किलोग्राम व २० किलोग्राम गेहूं का वितरण कर जिले में योजना का शुभारंभ किया।

दादी, चाचा की मारपीट से ईसागढ़ से भागी बालिका शिवपुरी पहुंची


शिवपुरी। गुना जिले के ईसागढ़ इलाके से बीते रोज घर से भागी एक बालिका शिवपुरी में बरामद की गई है। बताया जाता है कि इस 10 वर्षीय बालिका अंजली को उसकी दादी व चाचा मारपीट करते थे। इसी मारपीट के चलते वह सोमवार को घर से भाग निकली थी। अंजली की मां का देहांत लगभग 7 वर्ष पूर्व हो चुका है। शिवपुरी पहुंची युवती को फिलहाल विशेष किशोर पुलिस इकाई के सुपुर्द कर जिला बाल कल्याण समिति ने ब"ाी के भविष्य को देखते हुए उसकी छानबीन शुरू कर दी है। समिति ने बताया कि जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

जानकारी के अनुसार ईसागढ़ थाने के ग्राम पारसोल की अंजली बाल्मिक पुत्री भगवानलाल जो कि कक्षा 5वीं पास उžाीर्ण है। बालिका के पिता द्वारा अंजली की सही तरीके से देखभाल न होने के कारण उसे उसकी दादी एवं चाचा आए दिन मारपीट करने लगे। बताते हैं कि इस मासूम बालिका से परिजन घर का काम भी इतनी तादात में कराते थे कि ब"ाी बुरी तरह थक जाती थी। गृह कार्य न होने पर परिजनों के द्वारा इतनी मारपीट की जाती थी कि वह डरी सहमी रहती थी। सोमवार को जब पिता भगवान लाल मजदूरी के लिए गया तो बालिका गांव से भाग खड़ी हुई। पारसोल से लापता हुई यह बालिका शिवपुरी पहुंची। शहर में जब अंजली न्यू Žलॉक क्षेत्र के ओबीसी बैंक के पास दोपहर 12 बजे घूम रही थी। बालिका के रोते हुए समीप रहने वाले र"ान बाल्मिक ने उसे पुचकारा और पूछा कि वह कहां की है ? बालिका ने नगर पालिका में कार्यरत र"ान बाल्मिक को अपनी पूरी व्यथा कथा सुनाई। मासूम बालिका की बात सुनकर र"ान ने उसे किसी तरह एक दिन के लिए घर में आश्रय दिया और मंगलवार को विशेष किशोर पुलिस इकाई लेकर पहुंचा। यहां पर कार्यरत कर्मचारियों ने बालिका को अपनी सुपुर्दगी में लिया और तžकाल बालिका के मिलने की खबर उसके पिता भगवानलाल को दी। ब"ाी के मिलने की खबर पाकर पिता भी शिवपुरी आ गया। विशेष किशोर पुलिस इकाई के आग्रह पर जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन, सदस्य श्रीमती उमा मिश्रा, विनय राहुरीकर, रवि गोयल आदि ने बालिका के बारे में इकाई पहुंचकर छानबीन शुरू की। समिति के सदस्यों ने बालिका से एकांत में पूछताछ की तो उसने स्वीकार्य किया कि वह उसकी दादी व चाचा की मारपीट के कारण घर से भाग खड़ी हुई थी। बालिका ने कहा कि अब वह पिता के घर नहीं जाना चाहती है क्योंकि पिता की गैर मौजूदगी में अन्य परिवार वाले उसे बेरहमी पूर्वक मारपीट करते हैं। बालिका के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद समिति के सदस्यों ने इसे बाल सुधार गृह या स्थानीय माधव निकेतन भेजने के बारे में विचार किया लेकिन आखिर में यह निर्णय लिया कि एक दिन के लिए ब"ाी को विशेष किशोर पुलिस इकाई के कर्मचारियों की मौजूदगी में रखा जाए जिससे उसका भय दूर हो सके। खबर लिखे जाने तक समिति के लोग ब"ाी के भविष्य को लेकर गहन मंथन में जुटे हुए थे।

अकेली होने के कारण करते थे  प्रताडि़त

बताया जाता है कि भगवानलाल बाल्मिक की कुल 6 संतानें हैं जिसमें दो ब"िायां  बबीता की शादी कोलारस के अम्हारा तथा पूनम का Žयाह पोहरी क्षेत्र में किया गया है। भगवानलाल के तीन लड़कों की अस्मायिक मृत्यु हो चुकी है। परिवार में मात्र बालिका अंजली होने के कारण भगवान लाल की मां एवं भाई उसे कहीं बेचने की फिराक में थे। इसीलिए वह बालिका को तरह-तरह की यातनाएं देते थे। मां रामबाई की प्रसव के दौरान मृत्यु होने के बाद बालिका पर प्रताडना का दौर जारी रहा तो कल वह भी घर से भाग खड़ी हुई।

बालिका ने घर जाने से किया इंकार

समिति के सदस्यों के समक्ष पारसोल गांव के पूर्व सरपंच अमर सिंह यादव से मोबाइल फोन पर तथा नजदीकी मिलने वाले सुखलाल बाल्मिक से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बालिका अंजली को पिता को देने की गुहार की। पिता भगवानलाल भी अपनी गल्तियां को सुधारते हुए उसे घर ले जाने की इ'छा थी। बालिका के मन में इतना डर एवं भय व्याप्त था कि उसने धीरे से कहा कि अब वह पिता के घर नहीं जाना चाहती है। ऐसी स्थिति में समिति ने फिलहाल मासूम बालिका को अम्हारा गांव स्थित उसकी बहन एवं बहनोई विनोद बाल्मिक के सुपुर्द कर दिया है। समिति ने इस मामले में 27 जून को पुन: बालिका को शिवपुरी लाने के निर्देश दिए हैं।



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