दतिया जिला चिकित्सालय में भर्ती दस वर्षीय बालिका लापता

दतिया। गत रोज जिला अस्पताल दतिया में बच्चा वार्ड में भर्ती दस वर्षीय बालिका अचानक लापता हो गई। घटना के 24 घंटे बाद भी बच्ची का पता नहीं चल सका। बालिका जागो हिंद संगठन के कार्यकर्ता की पुत्री है।

जानकारी के मुताबिक बाबूलाल कुशवाह निवासी केवलारी की दस वर्षीय पुत्री आरती कुशवाह को गुरूवार को बुखार आने पर 108 के माध्यम से जिला चिकित्सालय में लाया गया और उसे चिकित्सक द्वारा भर्ती कराया गया। आरती बार्ड में भर्ती थी ओर वह सो गई थी। रात साढे़ दस बजे बाबूलाल को नर्सो ने बाहर निकाल दिया था। बाबूलाल ने ११ बजे के करीब बार्ड में झांककर देख तो बच्ची पलंग पर नहीं थी। उसने अपनी पुत्री के बारे मंे अन्य भर्ती मरीजों के सहायकों से पँूछा तो किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिली।

बाबूलाल ने ड्यूटी पर तैनात नर्सों से पँूछा तो उन्होंने अपनी बड़ी नर्स के पास पहँचा दिया। ज बवह बड़ी नर्स के पास गया तो कहा कि क्या तकलीफ है। बाबूलाल ने बताया कि मेरी बेटी कहाँ है तो नर्स ने कहा कि सो जाओ सुबह देख लेंगे। हैरान पिता रात भर अपनी बेटी की खोज करता रहा किन्तु कहीं पता नहीं चला। सुबह होने पर चिकित्सकों द्वारा पुलिस थाने को भर्ती बालिका की गुमशुदगी की सूचना दी।

इस घटना की खबर जागो हिंद संगठन को लगी और प्रदेश अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव अपने साथियों सहित जिला चिकित्सालय पहँुचे और उन्होंने तैनात चिकित्सकों से बात की किन्तु कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। संगठन कार्यकर्ताओं द्वारा आवाज उठाने के बाबजूद किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली न ही अबतक बालिका का पता चल सका।

शिशु दूध पूरक अधिनियम (आई.एम.एस. एक्ट) संवेदीकरण कार्यशाला में भाग लिया

दतिया। शिशुओं के कुपोषण के नाम पर हो रहे काले कारोबार को रोकने हेतु प्रयासों की श्रंखला में दो वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए किसी भी प्रकार के आहार के प्रयोग को बढावा देने व इसके लिए किसी भी प्रकार के प्रलोभन देने, प्रचार प्रसार करने पर अंकुश लगाने हेतु शिशु पूरक अधिनियम १९९२ पर संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ ही प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में क्षेत्रीय संस्थान बैंगलुरू में आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला में मध्यप्रदेश के ५ सदस्यीय दल एवं दिल्ली, हरियाणा, पांडुचेरी, आन्ध्रा, कर्नाटका, छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र राज्यों आदि के सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आई.एम.एस. एक्ट १९९२ (शिशु पूरक अधिनियम १९९२) के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ ही अन्य हस्तक्षेप योग्य जानकारी प्रदान की गई। साथ ही कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, कम्पनियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कराने एवं जनहित याचिका के पहलुओं पर प्रभावी जानकारी प्रदान की गई।

अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कोई भी उत्पादक डाक्टरों, नर्सों, संस्थाओं को लाभ देता है। उदाहरण के लिए, सेमिनार, मीटिंग, सम्मेलन, प्रतियोगिता आदि को आयोजित करने के लिए फंड, एजुकेशनल कोर्स की फीस, प्रोजेक्ट, अन्वेशण कार्य को स्पांेंसर, यात्रा और डाक्टरों की मीटिंग को स्पोंसर करता है। ऐसी स्थिति में अधिनियम का उल्लंघन होता है और उस पर वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के दलप्रमुख वॉलेन्ट्री एक्शन फॉर सोशल मोवीलाइजेशन एवं स्वदेश ग्रामोत्थान समिति के संचालक रामजीशरण राय रहे। दल में आर.एस. गौर भिण्ड, कौशल्या गौर शिवपुरी, अजय कुमार राय एवं अशोक शाक्य सम्मिलित थे। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन कराने हेतु मीडिया एवं प्रशासन का सहयोग अपेक्षित है। उक्त जानकारी प्रेस को रामजीशरण राय ने दी। 
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