भूखे आदिवासियों की गुहार, हम कहां जाए एसडीएम साहब

दतिया। एक ओर जहाँ सरकार सुशासन अभियान के माध्यम से अपनी छवि को सुधारने में एक से बढ़कर एक गतिविधियाँ और कार्यक्रम संचालित कर प्रयासरत है वहीं सरकार के अधिकारी व कर्मचारी लगे है अपने मन मुताबिक योजनाओं के क्रियान्वयन करने में, नहीं है उन्हें किसी का डर न भय।
इस स्थिति का जीता जागता उदाहरण दतिया के ग्राम औरीना और सरमन के डेरा के आदिवासियों ने जिला कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर अपना हक और अधिकार मांगा। सभी आदिवासियों ने अपने ग्राम में आठ महीने से खाद्यान्य वितरित ना होने की शिकायत की। आदिवासियों ने रोते हुए डिप्टी कलेक्टर पुरूषोतम गुप्ता से को खाली राशन कार्ड बताते हुए कहा की वह दाने दाने को मोहताज है।

आदिवासियों ने बताया कि वह भूखों मर रहे है आदिवासी क्षेत्र के बच्चों की हालत है आदिवासी वर्ग का युवा वर्ग क्षैत्र से परिवार लेकर पलायन कर रहे है क्षेत्र में  महिलाऐं नौनिहाल बच्चे और उम्र दराज लोग भूखमरी का जीवन जी रहे है उनकी हालत यही वयां कर रही है कि वह लोग कहां जायें। जन सुनवाई के बाद वह एसडीएम कोर्ट में पहुॅचे उन्होने एस डी एम कमलेश भार्गव से जाकर अपनी हालत वयां की आदिवासियों की हालत देख एसडीएम ने कार्यवाही कां आश्वासन दिया है कि वह तीन दिवस में सख्त कार्यवाही करेगें।

ग्राम औरीना और सरमन डेरा के आदिवासियों की हालत के बारे में पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है उन्होनें कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत की है इस सोसायटी में लगभग सात गांव आते है। पूरे गांव में इसी तरह का आलम है लोगों का आरोप है शासन और सत्ता के लोगों ने मिलकर सोसायटियों के अध्यक्ष अपने हिसाब से बना लिए है जिससे सोसायटियों में जमकर घालमेल किया जा रहा है आदिवासियों की इस हालत से साफ है आदिवासियों की यह हालत खाद्यान्य की कालाबाजारी से है। इस मौके पर औरीना क्षेत्र के लगभग १०० की संख्या में आदिवासी और पिछडें वर्ग के लोग उपस्थित रहे ।

बिजली की समस्या के लिए कौन जिम्मेदार-मुरारी गुप्ता

दतिया। दो दिन से दतिया की जनता बिना बिजली के परेशान हो रही है। गुरूवार की रात को जरा की बारिश क्या हो गई माने दतिया में आफत आ गई। वैसे भी दतिय के विद्युत मंडल को बिजली बंद करने का कोई न कोई बहाना चाहिए होता है और अब तो उनके पास ऐसा बहाना आ गया कि कोई कुछ भी नहीं कहेगा। विद्युत मंडल के अधिकारियों का तो पूरा ध्यान बिल वसूली पर ही रहता है। ये लोग जनता को कैसे विद्युत सुचारू रूप से दे इस ओर इनका कोई ध्यान नहीं रहता है। 

विद्युत मंडल के अधिकारियों ने अभी तक जनता को ये नहीं बताया कि इस जनता को जो परेशानी हो रही है इसके लिए कोई जिम्मेदार है। जरा की आंधी में दो टावर गिर गये। तो आने वाले समय में बरसात का मौसम ही आने वाला है। फिर तो दतिया की जनता पलायन करेगी। क्योंकि जब बिजली के ये टावर अभी जरा सी बारिश नहीं झेल पाए तो आगे क्या होगा। उक्त बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जन-जागरण यात्रा के संयोजक मुरारी गुप्ता ने रिछरा फाटक पर आयोजित बैठक के दौरान कही। 

उन्होंने कहा कि दो दिन से बिजली नहीं होने के कारण आज शहर की जनता एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान हो रही है। जिला अस्पताल में मरीजों का सबसे बुरा हाल है। वो बिचारे को कहीं नहीं जा सकते है। इस भीषण गर्मी और उमस से उन्हेें भारी परेशान हो रही है। दतियावासियों की इस परेशानी का कारण केवल विद्युत मंडल है। मंडल में बैठे अधिकारी पूरी तरह से निरकुंश हो गए है। उन्हें जनता की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है।
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