माई बाप के सुशासन की नफरमानी ...? तीरंदाज?

भैया-सुशासन की पहल करते वक्त माई बापों तो यह थी कि कैसे भी हो भक्त के भण्डारे से भगवानों को भी खूट मिल जाये वो भी बगैर किसी सवाल जबाव के नजीर भी ऐसी थी कि भगवानों के मठ मन्दिरों पर पहुंच परसादी चढ़ाई जाये। इसके पहले कि भक्त के भण्डारे से भगवानों को खूट नसीब हो पाती कि पैरोकार भक्त के भण्डारे को देख मच पढ़ें।
और खुद के पैट की खातिर सड़कों पर उžार ओय अब सुनते है। कुछ दिनों से माई बापों के मठों के सामने ही तम्बू गाढ़े बैठे अधिकारियों के नाम नफरमानी पर उतरे है। कहते है उनके साथ भक्त की सरकार ने धोखा दिया है। शायद इसीलिये नफरमानियों ने भी भक्त के भगवानों की सेवा से हाथ खींच लिया है।


भैये-अब कोई भगवानों की सेवा से हाथ खीचें या पैर माई बाप के तेवर बड़े सख्त है,सो ग्राम ठर्रा पहुंच पटवारी सचिव को निपटा दिया वहीं माननीय सरपंच महोदय को भी हाथों हाथ धारा 40 में पद से प्रथक करने का नोटिस थमवा दिया। बोल भैया कैसी रही भगवानों के दर खूट चढ़े न चढ़े कम से कम लाला जी की हेकड़ी तो खूटी पर टंग गयी। मैं तो बोल्यू भाया तू भी चुप कर और माई बापों के हुकुम का रोड़ा मत बन क्योकि कहावत माई बापों की अगाड़ी और घोड़े की पिछाड़ी दोनों ही खतरनाक होती है।

भैया-तो क्या इस भीषण गर्मी में जन सेवा के कर्žाव्य को छोड़ अधिकार मांगने वालों का जमीर ही मर गया है। जो सारे के सारे जनसेवा छोड़ सड़क पर तम्बू गाड़ अधिकार मंागने बैठे।

भैये-जमीर को छोड़ और कोई बात कर,जिसे दफन हुए पूरी की पूरी सदी होने वाली तू उसके जिन्दा होने की बात कर रहा है। कुछ तो शर्म कर कुछ नहीं तो जहां भी जितना बचा हो उसी जमीर पर गर्व कर। काश जमीर जिन्दा होता तो न तो सुशासन की पहल हो पाती न ही अधिकारों की मांग के लिए बैठी फौज तम्बू गाढ़ बैठ पाती , न ही प्रदेश में कोई भक्त बनता न ही गरीबों की ऐसी दुर्गति हो पाती।

भैया-तू छोड़ भगवान,भक्तों की कहानी सुना है स्पॉट फिक्सिंग में फस रहे बड़े बड़े धुरंधरों के देश भर में चल रहे हल्ले के बीच एक भक्त की आवाज आयी है। जिन्हें हॉल ही में म.प्र. की सेवा हेतु जबावदेही की बात हुई है,और यह मांग म.प्र. के बुन्देल,बघेल,खण्ड वालो ने की है। राजा तो पहले ही मोती वालो को मुख्यमंत्री की दौड़ में आगे बता गुगली डाल चुके है। और समुची फील्डिंग अपने चैले छर्रो से जमा चुके है। अब तो सारा दारोमदार टीम प्रबन्धकों पर निर्भर है। अगर प्रबन्धकों ने नई टीम बना डाली तो मोती वालो की बल्ले। क्योकि बड़े बड़े धुरंधर मेाती वालो की कप्तानी चाहते और हर कीमत पर कांग्रेस की जीत देखना चाहते है।

क्योकि अब मात्र मैच फिक्सिंग का ही खटारा नहीं इसका भी बाप स्पॉट फिक्सिंग का खटारा भी कुछ कम नहीं हुआ है। असल क्रिकेट में तो वैसे भी कईयों की गर्दन नापने वाली है। कहीं हमारा प्रदेश इसका शिकार न हों जाये। वस इतनी गुजारिस है कांग्रेस के युवराज से हमारी ।

भैये-तू तो बावला शै कै थारे को मालूम कोणी कांग्रेस के युवराज ने म.प्र. राजस्थान दिल्ली में अपनी इ'छा जता दी है। और किसी को पता हो या न हो उन्होंने यह बात भी समझा दी है। कि आलाकमान तो दयालू है। मगर मैं नहीं साथ ही विपक्ष के आरोपों की टी.वी.पर जबाव देने वालो की लिस्ट में मोती वालो ने भी जगह पा ली।

भैया-मगर म्हारे महान श्रीनिवासन साहब का क्या जो बगैर हाथ आजमाये ही बोल्ड हों गये और आई.पी.एल. का कलंक क्रिकेट जगत पर छोड़ गये।

भैये-तू ठहरा शिव नगरी का वासी जहां लेाग विगत 25 वर्षो से शुद्ध पेयजल पाने,नेता,सरकारों हुक्का भर रहे है। और इतने वर्ष बाद भी भीषण गर्मी में शुद्ध पेयजल के लिए रतजगा कर भटक रहे है। 25 करोड़ की योजना 90 करोड़ के पार होने वाली है। मने न लागे कि महाराज की 15 अगस्त की अन्तिम गाइड लाइन भी सिन्ध का शुद्ध पेयजल दिलाने वाली है।

भैया-मने तो बस इतना जानू कि म्हारे भक्त ने जल्द से जल्द और महाराज ने 15 अगस्त का अल्टीमेटम दिया है। दिसम्बर में सब चुकता हो जायेगा। किसने ने सिन्ध और शहर वासियों को क्या-क्या दिया है। भाया मने तो बस इतना कहना चाहुं,चल गया तो जादू,चूक गये तो मौत,कम्पनी का प्रचार है।

जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं को देख प्रमुख सचिव झल्लाये

दतिया। पूर्व निर्धारित निरीक्षण हेतु तैयारियों पर भी मिला अव्यवस्थाओं का अंबार, कहीं यह निरीक्षण औचक होता तब क्या स्थिति मिलती इसका अंदाजा लगाया जा सकता है जिला चिकित्सालय एवं पोषण पुनर्वास केन्द्र व अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं की दुर्गति देखकर। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग प्रवीण कृष्ण द्वारा दतिया जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। उक्त बदहाल स्थिति को देख प्रमुख सचिव ने अस्पताल प्रशासन एवं उसके कारिंदों को आड़े हाथों लेते हुए प्रमुख सचिव द्वारा ओ.पी.डी., एस.एन.सी.यू., पुरूष, महिला वार्ड, जच्चा वार्ड, लेबर रूम, भण्ड़ार कक्ष, पोषण पुर्नवास केन्द्र आदि का निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं के चलते डॉ. जगराम माँझी एवं डॉ. डी.के. गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबन के निर्देश दिये।

निरीक्षण के उपरांत निर्देश दिये कि एस.एन.सी.यू. की सभी नर्स व स्टाफ जो बच्चों को भर्ती छोड़कर हड़ताल पर चले गये उन्हें सेवा से पृथक कर नई भर्ती की जावे। चिकित्सकों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। साफ सफाई हेतु ४० स्टॉफ लगाया जाये। ६ धोबी तथा एस.एन.सी.यू. के लिए १० नर्सो की नई भर्ती की जावे। ६ धोबी भर्ती कर वांशिग मशीन लगाई जावे।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने ५० लाख रूपये तत्काल जारी करते हुए निर्देश दिये कि अस्पताल चकाचक किया जावे और पैसे की कमी हो तो मांग कर ली जावे। सभी वार्डो में दो-दो टन के ए.सी. लगाये जावे, बिजली की फीटिंग, पेयजल के वाटर चीलर, डस्टबिंन, पलंग, चादरें आदि सभी व्यवस्थायें की जावे। प्रमुख सचिव द्वारा अस्पताल में पोषण पुर्नवास केन्द्र में एक भी बच्चा भर्ती न पाये जाने पर असंतोष प्रकट किया। जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के बाद आपने ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया।

जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संचालक भोपाल डा. पी.एन.एस. चौहान, प्रभारी कलेक्टर सुरेश कुमार शर्मा, स्वास्थ्य की संयुक्त संचालक डा. निधि व्यास, सहित अन्य चिकित्सकगण मौजूद रहें।

भाण्डेर में अवैध हथियार का कारखाना मिला

दतिया। पुलिस अधीक्षक दतिया को बारबार अवैध हथियारों के संबंध में सूचना मुखबिर द्वारा दी जा रही थी कि भाण्डेर का पप्पू उर्फ अब्दुल खान अपने घर में अपने साथियों के साथ अवैध हथियार बनाकर बेच रहा है। पुख्ता सूचना पर कि पप्पू अपने साथियों के साथ हथियारों की खेप बेचने जा रहा है , इस सूचना पर थाना प्रभारी गोराघाट एंव टीआई कोतवाली फोर्स के साथ सोनागिर तिराहे पर लगाया गया। पप्पू उर्फ अब्दुल रशीद को एक १२ बोर बंदूक के साथ पकडा गया पूूछताछ पर अपने घर पर निर्माण करना और ५०००/- रूपये में १२ बोर एंव ८०००/- में ३१५ बोर व दो-दो हजार रूपये में कट्टे बेचना बताया।

पुलिसबल के साथ भाण्डेर स्थित पप्पू के मकान पर तलाशी ली गई तो घर में हथियार बनाने का कारखाना मिला जिसमें ड्रिल मशीन, लेत मशीन , ग्राइन्डर , हथियार बनाने का कच्चा माल नाल, फर्मा, खोका  आदि मिला । पूछताछ पर ४ कट्टा बंदूक विजय नि. बसवाहा , ३ बंदूक २ कट्टा संतोष परिहार को सीतापुर में बेचना बताया एंव कुछ हथियार मनोज परिहार को पूर्व में बेचना बताया। पुलिस की अबतक की कार्यवाही में ३ बंदूक १२ बोर की एक कट्टा ३१५ बोर का , ३ चले हुये १२ बोर के खोका २ खोका ३१५ बोर के व हथियार बनाने के उपकरण जप्त किये गये हैं। आरोपी पप्पू उर्फ अब्दुल रशीद पुत्र मौलाना बख्श बोहराना मोहल्ला भाण्डेर , विजय पुत्र मथुरा प्रसाद नि. बसवाहा , संतोष पुत्र लखन परिहार नि. सीतापुर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी के मार्गदर्शन में कार्यवाही की गई। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी।

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