राहुल का प्रोजेक्ट ऑफ ग्लास: प्रधानों को शक्ति,शिक्षा कौशल,सदभाव सभी का साथ समेकित विकास

व्ही.एस.भुल्ले/ मंच के बजाये बोली बॉडी लेंग्यूज मैदान में भी एक दिखें तो बात बन सकती है। मगर मंच और मैदान दोनों ही अलग-अलग विषय वस्तु है...

व्ही.एस.भुल्ले/ मंच के बजाये बोली बॉडी लेंग्यूज मैदान में भी एक दिखें तो बात बन सकती है। मगर मंच और मैदान दोनों ही अलग-अलग विषय वस्तु है,बड़ी मांग थी राहुल अपने विजन के बारे में कुछ बोले मगर देश के धुरंधर उद्योगपतियों के मंच से उन्होंने अपना प्रोजेक्ट ऑफ ग्लास ही रखा न कि समुची डी.पी.आर. उद्योग जगत के मंच से उन्होनें पूरी समझदारी के साथ केवल वह मोटी-मोटी बाते की जो कांग्रेस विचार धारा के इर्द गिर्द है। मगर उन्होंने सबसे अहम बात जो ढाचागत परिवर्तन की है वह अहम हो सकती मगर यह उतना आसान नहीं जैसा कि राहुल के थिंकटेक मानते है।

यह सही है कि देश की प्रकृति के अनुसार सदभाव सभी का साथ और उनका विकास होना चाहिए जिसके लिये शिक्षा,कौशल की भी जरुरत है। रहा सवाल सžाा और पावर का तो जो शक्ति पी.एम. लेवल पर होती वह प्रधानों पर भी होना चाहिए मगर यहां राहुल के व्यानों का विश्लेषण करेे तो सीधे तौर पर उन्होंने मोदी के विकास को नकारा है। मगर यहां यह बताना उचित होगा कि जो स्थति आज देश और मौजूद व्यवस्था तथा लेाकतंत्र की है वहां अवश्यकता मोदी मॉडल के साथ राहुल के विचारों की भी है। मगर देश का सबसे अहम यक्ष प्रश्र यह है कि शुरुआत कौन करे। कौन विभिन्न जरुरतों और समस्याओं के बीच समन्वय स्थापित करे। न तो देश मे सोच की कमी है न ही करने वालो की आशावादी ऐसे कि दो-दो पीढ़ी देश के बेहतर भविष्य की तलाश में सुलट ली मगर बेहतर भविष्य की तलाश 1.20 अरब जनता लेाकतांत्रिक तरीके से चुने गये मात्र 600-700 सांसद,5000 विधायक मे से 200-300 के सहारे तलाशने में जुटी रहती है,65 वर्षो की अन्धी यात्रा में अगर  एक अन्धा दूसरे से पूछे अंधा कौन तो इससे हास्यपद बात इस लोकतंत्र में कोई हो ही नहीं सकती।

जयपुर सम्मेलन में बोलते वक्त राहुल भावनाओं में वह भूलवश या फिर दिल से सच कह गये कि रात 4 बजे मेरी मां मेरे कमरे में आयी और रोकर कहने लगी कि सžाा विष के समान होती है,निशंदेह हर मां को अपने ब"ाों को सुरक्षित और सक्षम देखना उसका सपना होता है। शायद जब जयपुर सम्मेलन में राहुल को मुख्य भूमिका में देखने की मांग पार्टी जनों द्वारा की जा रही थी ऐसे में एक मां को अपने ब"ो को ममत्व भरी समझाइश देना एक मां का दायित्व ही नहीं उसका स्नेह भी से होता है। इसलिये सम्मेलन के दौरान राहुल को मुख्य भूमिका में लाने की बजाए उन्हें उपाध्यक्ष पद की जबावदेही सौंपी गई। भले ही वह अनौपचारिक रुप से कांगं्रेस पार्टी में वह नं.1 की भूमिका में हो,मगर नम्बर एक नहीं। इसलिये राहुल से अचानक बहुत सारी उम्मीदे पालना ऑन बेहेव कांग्रेस,गलत है।

हालाकि उद्योगपžिायों के मंच मे जो विचार उन्होंने रखे वह उनके या फिर उनके थिंकटेकेा के हो सकते है और यह स्वभाविक प्रक्रिया भी है। जैसा कि वह स्वयं भी अपने भाषणों में स्पष्ट करते आए है। कोई एक व्यक्ति सारी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। इसमें सभी के सहयोग की आवश्यकता  होगी। सदभाव के साथ का सहयोग शिक्षा,शक्ति और कौशल के सहारे ढांचागत सुधार की जरुरत, निश्चित ही राजनैतिक दल समाज और व्यवस्था में जरुरी है। मामला साफ है कि पहली जरुरत सभी क्षेत्रों में ढांचागत सुधार की है। चाहे राजनैतिक क्षेत्र हो या फिर आर्थिक,सामाजिक और व्यवस्थागत क्षेत्र जिसमेंं देश की प्रकृति अनुरुप पहला कदम सदभाव शिक्षा,कौशल और जमीनी  लेवल पर सžाा को शक्ति समपन्न बनाना है। निश्चित ही किसी भी समाज को या देश को सुसंस्कृत करने के लिए शिक्षा सम्पन्न बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण और संप्रभु शक्ति सम्पन्न बनाने के लिए सžाा का विकेन्द्रीकरण के साथ आय जन मानस के बीच सदभाव ही किसी राष्ट्र या समाज के सफलता की कुंजी हो सकती है इसलिये राहुल के विचारों पर या उनकी भावनाओं पर नकारत्मक टीका टिप्पणी देश के उस नौजवान के साथ अन्याय है जो एक नये समृद्ध, सम्पन्न, शक्तिशाली, राष्ट्र का सपना देख संघर्षरत है। मगर राहुल को बजाए विचार,भाषण के अलावा देश के लिए स्वयं की भूमिका की तलाश भी खुद ही करनी होगी। जिसके लिए 1.20 अरब लेागों में लाखों लेाग ऐसे मिल जाएगें जो उनके विचारों से सहमत हो सिपाही बन उनके संघर्ष में तन,मन,धन में साथ देने खड़े होंगे।

जरुरत है उन्हें अपने दरबारियों से इतर दिल और दिमाग के दरवाजे खोलने की। क्योंकि भले ही राहुल ने देश भर में राजसी व्यवस्था के बीच दौरे कर आम व्यक्ति से संपर्क किया हो। मगर दरबारियों की धमा चौकड़ी और निहित स्वार्थो ने कमी उन्हें आम लेागों के बीच एक आम नागरिक के रुप में प्रस्तुत नहीं होने दिया। नतीजा,कि विरोधी एक जुनून भरे नेकनियत ऊर्जावान राहुल जैसे नेता को आम लेागों में नेता बनने में बाधा बन जब तब उन्हें असफलता का भाव कराने से नहीं चूकते।

किसी ने सच ही कहा हे कि लेागों के दिलों पर राज करना है तो लेागों से दिली मिलान करना ही पड़ेगा। बजाय किसी व्ही.व्ही.आई की तरह मिले, आम लेागो के बीच उनमें जैसा बन सतत संपर्क रखना होगा। जिस 1.20 अरब की आबादी की बात राहुल ने अपने भाषणों में की जिन्हें 600-700 सांसद पांच हजार विधायक के बीच मात्र 200-300 लेाग चलाते है यह सही है। क्या राहुल ने स्वयं ये संज्ञान कभी लिया कि उनका सीधा संपर्क 120 करोड़ लेागों में से कितने प्रदेश कितने केन्द्र शासित प्रदेश और जिला, विकासखण्डों के लेागों से हो सका है। छोड़ उनका संसदीय क्षेत्र या फिर दोस्त,यार पार्टी जन और दरबरियों के। उžार साफ है कि  राहुल ने उद्योगपतियों के मंच से जिन देश के 120 करोड़ देश वासियों की दशा और दिशा की बात की उस देश के 200 जिले भी ऐसे नहीं जहां वह सीधे नाम लेकर किसी आम व्यक्ति बुद्धि जीवि,समाज सेवी को पुकार सके। या फिर देश और देशवासियों की दिशा और दशा पर आम लेागों से सीधे मंत्रणा कर सके।

सच तो यह है कि आम व्यक्ति तो दूर की कोड़ी कोई खास व्यक्ति भी आज की स्थिति में राहुल से न तो सीधे संवाद कर सकता है और न ही देश और देश वासियों की दशा बता सकता है। अगर वाक्य में ही राहुल जैसा बोलते है और चाहते है तो उन्हें देश वासियों से सीधा संवाद कायम करना होगा। और 10 जनपथ और 24 अकबर रोड के काकस से निकल नया शंखनाथ करना होगा तभी उनकी भाषा उनके विचार एक अरब 20 करोड़ के बीच विरोधियों को छोड़ दें तो आम आदमी के बीच प्रवाह हो पाएंगें। ये अलग बात है कि पार्टी, 10 जनपथ और 24 अकबर रोड़ में लगे लेागों की अपनी अहमियत है। मगर वह व्यवस्था तो हो सकते है विचार नहीं। जिस विचारों की राहुल ताकीत करते है उन विचारों को जमीन पर लाने के लिए उन्हें बगैर किसी लाग लपेट के आम जन के बीच सीधा समन्वय  बैठाना होगा। क्योंकि राहुल को यह नहीं भूलना चाहिए कि मौजूदा यूपीए सरकार तथा कांग्रेस में बड़े बड़े पदों पर बैठे नेताओं और 10 जनपथ सहित 24 अकबर रोड़ की बाते अब 120 करोड़ के गले नहींं उतरती। शायद इसलिये यूपीए सरकार 10 जनपथ 24 अकबर रोड़ के मन में राहुल नाम को आगे कर सžाा में बने रहने की छटपटाहट बनी हुई है। क्योंकि वह जानते है कि उनके पास अब बहुत कुछ सžाा में बने रहने शेष नहीं। इसलिये राहुल ही एक ऐसा नाम है जो 2014 में कांग्रेस की नैया पार घाट लगा सकता है।

स्थापना दिवस के साथ विकास पर्व भाजपा के लिये गौरव की बात : रिशिका

शिवपुरी। आज भाजपा क ा स्थापना दिवस तो है ही लेकिन इस दिन को हम विक ास पर्व के रूप मेंं इसलिये मना रहे है क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा अनुरूप ही हमने जनता के साथ मिलकर शिवपुरी शहर में विकास की ऐसी आधार शिला रखी है जो आने वाले समय में इस शहर की विकास यात्रा में मील का पत्थर सावित होगी। उक्त उद्गार आज नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमति रिशिका अनुराग अष्ठाना ने भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर सैकडों की भीड के समक्ष पुरानी शिवपुरी में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुये व्यक्त किये। 

उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसंह चौहान की तीर्थ दर्शन योजना हो या ब"िायों की शादी का खर्चा वहन करने की सरकार की योजना या बहू वेटी की डीलेवरी औैर ब"ाों की किताबे अथवा ड्रेस इन सभी योजनाओं को लागू कर प्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया शिवराजसिंह चौहान ने आमजन का दिल जीत लिया है किसानों को तालाब खुदवाने की मदद हो या फिर गरीब और मजदूर तबके के बीमें की बात हो मुख्यमंत्री ने बारीकी से समाज के सभी वर्गो को अपने साथ लेकर ही प्रदेश में विकास की नीवं रखी है। ज्ञात रहे समूचे प्रदेश भर की तरह शिवपुरी में भी आज ६ अप्रैल के दिन भाजपा का स्थापना दिवस जोर शोर से जुलूस और सभाओं के द्वारा मनाया गया। 

शिवपुरी नगर में भाजपा के स्थापना दिवस को विकास पर्व के रूप मेंं मनाने वाली नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमति रिशिका अष्ठाना व भाजपा के पूर्व नगर मण्डल अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता अनुराग अष्ठाना ने मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान की मंशा अनुरूप ही इस स्थापना  दिवस को जनता के बीच पहुॅचकर भाजपा की प्रदेश सरकार की जन हितैशी नीतियों को आमजन तक पहुॅचाकर प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की विकास गाथा को जनता के साथ सांझा किया। 

नपाध्यक्ष रिशिका अष्ठाना ने कहा कि पिछले तीन में करोडों के विकास कार्य कराये जाने के दौरान नगर पालिका ने शहर की हर गली हर मोहल्ले में सीसी रोड से लेकर गंदगी हटाने के लिये जगह जगह नाली निर्माण और सूखा ग्रस्त क्षेत्रों मेेंं ट्यूब खनन के कार्य करायें। उनके द्वारा शहर क ी पिछडी वस्तीयों ठकुरा पुरा से लेकर मनियर बछौरा नौहरी बडोदी महल सराय इत्यादी क्षेत्रों में जरूरत के हिसाब से हर तरह का कार्य कराया गया और विकास का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। 

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता विमल मामा, अशोक खंडेलवाल, पाषर्द भोपाल सिंह दांगी, श्रीमति सावित्री यादव, मथुरा प्रजापति, सुरेश भोज, शकुन्तला भदौरिया, गोपाल यादव, श्रीमति अनीता भार्गव, बलवीर यादव, रत्नेश जैन, श्रीमति मीना बाथम, मुकेश बाथम, पकंज महाराज, सुजान भदौरिया, नीरज बेडिया, संदीप भार्गव, श्रीमति सरोज भार्गव, प्रशांत पाण्डे, आलोक अष्ठाना, अशोक कुशवाह, सतीश श्रीवास्तव, महेश डागौर, राकेश जैन, अजय अग्रवाल सहित सैकडों भाजपा कार्यकर्ता व आमजन की भीड मौजूद थी इससे पूर्व नपाध्यक्ष रिशिका अष्ठाना व अनुराग बहादुर अष्ठाना सहित सभी भाजपाईयों का काफिला मुख्य चौराहे से होकर पुरानी शिवपुरी पहुॅचा जहां से यह यात्रा शहर के विभिन्न वार्डो में आम जनता से रूबरू हुई।

चार महीने में शहर को मिलेगा सिंध का पानी

पुरानी शिवपुरी क्षेत्र में जनसभा को सम्बोधित करते हुये भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर रिशिका अनुराग अष्ठाना ने यह घोषणा भी की कि आने वाले चार महीनों बाद ही शहर में सिंध का पानी आ जायेगा। उन्होने कहा कि वन विभाग द्वारा नौ किलोमीटर की पाईप लाईन वन क्षेत्र में विछाने के लिये जो एक करोड बारह लाख रूपये मांगे जा रहे थे उसकी राशि श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया के विशेष प्रयास से चौबिस घंटे के भीतर शिवपुरी नगर पालिका के खाते में जमा हो गई जिन्हें वन विभाग को दे दिया गया और इस तरह अब यह कार्य तेजी से शुरू हो गयो हे जिससे आने वालेे चार महीने के भीतर शिवपुरी को सिंध के पानी की सप्लाई शुरू हो जायेगी।

विकास किया ही नही तो कांग्रेस क्या जाने विकास पर्व : अनुराग

पुरानी शिवपुरी क्षेत्र में जन सभा को सम्बोधित करते हुये भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुराग बहादुर अष्ठाना ने कांग्रेस को आडें हाथो लेते हुये यह भी कहा कि भाजपा तो विकास पर्व मना रही है लेकिन कांग्रेस इस शŽद का अर्थ ही नहीं जानती उन्होने कहा कि कांग्रेस ने जब विकास किया ही नही तो वह क्या जाना विकास पर्व क्या होता है। पूर्व नगर मण्डल अध्यक्ष अनुराग बहादुर अष्ठाना ने कहा कि शिवपुरी में पानी की समस्या पहले भी थी और सिंध नदी भी पहले से है लेकिन सिंध परियोजना को गम्भीरता से चालू कर शिवपुरी वासियों के घर तक पेयजल पहुॅचाने का ध्यान केवल भाजपा सरकार को ही आया कांग्रेस अब तक इस पर क्यों नही चेती। इस मौके पर पुरानी शिवपुरी क्षेत्रवासियों की विशेष मांग पर काली माता मंदिर से लेकर नीलगर चौराहे तक दो माह के भीतर रोड बनाने का वादा भी उन्होने नपाध्यक्ष की ओर से जनता के समक्ष किया।

नेतराम की हत्यारी है दतिया पुलिस-मुरारी गुप्ता

दतिया। प्रदेश में इन दिनों अराजकता का माहौल है। पुलिस प्रशासन बेलगाम हो गया है। कानून के रक्षक ही इन दिनों भक्षक बने हुए है। कानून की हिफाजत करने की जिन पर जिम्मेदारी होती है, वही अब कानून को हाथ में ले रहे है। पूरे प्रदेश के साथ ही दतिया में भी पुलिस अपराधियों को सरंक्षण दे रही है और निर्दोषों पर कार्रवाई कर रही है। दतिया पुलिस नेतराम की हत्यारी है। इसी के कारण एक निर्दोष व्यक्ति की मौत हुई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बाते तो बड़ी-बड़ी करते है लेकिन जमीन पर सच्चाई कुछ और ही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान केवल लोगों को भ्रमित करना जानते है। दतिया में पुलिस प्रशासन इतना बेलगाम हो चुका है कि अब निर्दोषों को ही फांसी पर लटकाने लगा है। जिले की उदगुवां पुलिस चौकी के पास नेतराम की मौत की अगर सही तरीके से जांच की जाएं तो कई बडे़ पुलिस अधिकारी बेनकाब हो जाएंगे। नेतराम की हत्या में पुलिस की भूमिका है और पुलिस सच्चाई के साथ लीपा-पोती कर रही है। उक्त बात ग्रामीण क्षेत्रों का सफल दौरा करने के बाद दतिया के वार्ड क्रमांक एक में आयोजित जन-जागरण यात्रा के संयोजक मुरारी लाल गुप्ता ने कही। उन्होंने कहा कि पुलिस इन दिनों निर्दोष लोगों को परेशान कर रही है। इसी लिए पूरे प्रदेश की जनता पुलिस प्रशासन से भयभीत है। प्रदेश सरकार भ्रष्टाचारियों और अपराधियों को अपना संरक्षण दिए हुए है। नुक्कड़सभा को संबोधित करते हुए डॉ सरनाम सिंह ने कहा कि दतिया में पुलिस केवल निर्दोष लोगों मंे भय दिखाने का काम कर रही है। निर्दोष लोगों को परेशान करना इनका काम है। नेतराम जैसे निर्दोष लोगों को पुलिसिया अत्याचार के शिकार हो रहे है। अपराधी अराम फरमा रहे है। अर्जुन सिंह ने कहा कि प्रदेश में दलितों पर अत्याचार बढा हैं। प्रदेश सरकार दलित विरोधी सरकार है। शहर कांग्रेस के अध्यक्ष अनु पठान ने कहा कि मैं मुरारी गुप्ता को ग्रामीण क्षेत्रों में सफल भ्रमण करने पर उन्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूॅ। आपने कहा कि भाजपा की सरकार लोगों को भ्रमित करने का काम कर रही है। ये सरकार केवल होडिंगों के दम पर चल रही है। चतुवेदी गौतम ने कहा कि केन्द्र सरकार की कई योजनाओं देशभर में चल रही है और यहां की प्रदेश सरकार इन योजनाओं को अपना बताकर झूठी वाहवाही लूट रही है। दतिया शहर का जितना भी विकास हुआ है वह केवल बुंदेलखंड पैकेज से हुआ है। विनोद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में किसी प्रकार का राज्य चल रहा है कोई समझ नहीं सकता है। गिन्नी राजा की पत्नी का गलत तरीके से निलंबन किया गया जबकि स्वास्थ्य मंत्री के भाई को कुल सचिव बनाया गया। नुक्कड़सभा को शंकर सिंह यादव, दीपेन्द्र पुरोहित, भानु ठाकुर, संघर्ष सिंह यादव, विष्णु गुर्जर आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरसी झष्या ने की और संचालन नरेन्द्र गुर्जर ने किया। उनकी दतिया में पहली सभा के दौरान जगदीश अहिरवार पार्षद ने अपने साथियों के साथ उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भाण्ड़ेर आगमन 10 अप्रैल 2013

दतिया। मध्यप्रदेश षासन के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान दिनांक १० अप्रैल २०१३ को दोपहर भाण्ड़ेर पहुंचकर एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। आयुक्त ग्वालियर संभाग के.के. खरे, आई.जी. चम्बल रेंच एस.एमल अफजल, डी.आई.जी डी.के. आर्य, जिला कलेक्टर संकेत भोंडवे द्वारा भाण्ड़ेर पहुंचकर सभा स्थल हैलीपैड़, आने जाने के रास्ते आदि व्यवस्था देखी कार्यक्रम में मण्ड़ी प्रांगण में आयोजित होगा जबकि हैलीपैड़ डिग्री कॉलेज के पीछे बनाया गया हैं। अधिकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, मंच टैंट, मुख्य अतिथि के आने जाने हेतु सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान एस.डी.एम अनिल व्यास तहसीलदार संतोष तिवारी. ई.ई.पी.डब्लू.डी. एस.ई. पी.डब्लू.डी. एस.डी.ओ.पी. एन.के.परिहार. टी.आई. बी.एल.धुव्रकारिया. सी.ई.ओ .ए.के. कानूनगो. सी.एम.ओ.एम.पी.दीक्षित. सहित अन्य राजस्व एवं पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहें।

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Village Times: राहुल का प्रोजेक्ट ऑफ ग्लास: प्रधानों को शक्ति,शिक्षा कौशल,सदभाव सभी का साथ समेकित विकास
राहुल का प्रोजेक्ट ऑफ ग्लास: प्रधानों को शक्ति,शिक्षा कौशल,सदभाव सभी का साथ समेकित विकास
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