सुधार के लिए समय नहीं,वक्त ही काफी है: कौन है,कुर्बान मेरे देश पर

व्ही.एस.भुल्ले/ सत्ता की अंधेरी गलियों में घूमता मेरा जमीर आज मुझसे सवाल करते नहीं थकता,कौन है कुर्बान मेरे देश पर जबकि सुधार के लिए समय नहीं वक्त ही काफी होता है। सरकारें बनाये रखने होते सौंदे। आखिर किससे छिपे है मगर म्हारे महान देश में लेाकतंत्र की खातिर सब कुछ चल रहा है। अफसोस कि आज भी देश के लिए युवाओं का दिल आहे नही  भर रहा है आखिर क्यों? जिस नस्ल पर इतना गुमान था।

उनकी रक्त कोशिकायें दिगभ्र्रमित हो चुकी है। क्या हम इतने स्वार्थी हो गये है। कि हमें अब सिर्फ स्वयं के अलावा न तो देश और न ही समाज दिख रहा है। सभ्यता तो दूर की कोणी अब हमारे संस्कार पर कुठाराघाट हो हमारा स्वाभिमान ही नंगा हो रहा है। बरना क्या बात है जिस देश समाज में माता बहिनों,बेटियों को देवियों की तरह पूजा जाता हो और जहां मेहमानों को अतिथि देवों भव माना जाता हो वहां दरिन्दगी का नंगा नाच चल रहा है। ऐसा तो लेागों ने अंग्रेजों के जमाने में भी न तो देखा न ही सुना तो यह क्रूर संस्कृति हमारे देश समाज में कब घर कर गयी। जो ऐसे संस्कार हमें देखने मिल रहे है। क्या सžाा के आगे हमारी सभ्यता संस्कृति,संस्कार समाज इस हद तक मौथरे हो गये। जिसे रोकने में सख्त कानून भी न काफी साबित हो रहे है।

नहीं तो क्या कारण है जो दिल्ली गैंग रेप के बाद देश भर में बलात्कार गैंग रेपों की बाढ़ सी आयी हुई है। श्योपुर के चर्चित बलात्कार,मुरैना,शिवपुरी,गुना,इन्दौर में दुराचार और दतिया में विदेशी महिला के गैंग रेप सहित भिण्ड के मौ कस्वे में अगवा कर एक साध्वी से मारपीट ने हमें शर्मसार कर दिया है। इतना ही नहीं स्वार्थाे की खातिर हिचकोले लेती सरकारों में भी दम कहा जो भय,भ्रष्टाचार से निकल कुछ समाज और देश के लिये सौच पाये।

वर्तमान हालातों में तो मानों हमारे महान देश की सभ्यता संस्कृति और संस्कार,राजनीति नये स्वरुप में ही स्थापित जान पड़ती है। जहां राजनीति नीति से भटक राज हासिल करने तक सिमट गयी है। वहीं सžाा लेनदेन के  संस्कार में अगर ऐसे में इ'छा के गुलाम और सरकारों तथा समाज का चाल चरित्र भारतीय स्वाभिमान,सभ्यता संस्कारों,संस्कृति से मेल नहीं खाता तो हर्ज ही क्या।

दिनारा में तिहरे हत्याकाण्ड का पर्दाफाश

शिवपुरी 1 अप्रैल का.-शिवपुरी शहर के नवागत एस.पी.डॉ.रमन सिंह सिकरवार के कार्यकाल की सफलता में पहले चरण की शुरूआत अंधे कत्ल के पर्दाफाश के साथ हुई। जब शिवपुरी आकर डॉ.रमन सिंह सिकरवार ने एसपी का पदभार ग्रहण किया कि  उसी समय दिनारा क्षेत्र में मॉं सहित दो बेटों की हत्या का मामला सामने आया जिस पर शुरू से ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एस.पी.डॉ.सिकरवार ने अपनी रणनीति के माध्यम से इस अंधे हत्याकाण्ड को चंद दिनों में ही सुलझा दिया। इस वारदात के पीछे अवैध संबंध मुख्य कारण सामने आया है। हत्या को अंजाम देने वाले चार आरोपी पुलिस ने पकड़ लिए है जिनके पास से हत्या में प्रयोग की गई तीन छुरियां व खून से लगा पेंट, एक तौलिया जिससे खून साफ किया और हत्या के लिए प्रेरित करने वाली महिला राजकुमारी पत्नि वनमाली अहिरवार उम्र 50 वर्ष निवासी दिनारा एवं कालू उर्फ राजीव पुत्र तुलाराम अहिरवार उम्र 19 वर्ष निवासी दिनारा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन आरोपियों के विरूद्ध घटन के बाद से ही फरियादी भानु पुत्र नाथूराम अहिरवार की रिपोर्ट पर थाना दिनारा ने अपराध क्रं.35/13 पर धारा 302,450,460 ता.हि. के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था।

दिनारा क्षेत्र के तिहरे हत्याकाण्ड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ.रमन सिंह सिकरवार ने कंट्रोल में रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि बीती 15-16 मार्च को दिनारा में अज्ञात आरोपियों द्वारा श्यामरति अहिरवार और उसके दो लड़के आकाश व जितेन्द्र की गला रेतकर निर्ममता से हत्या कर दी थी इस मामले को पुलिस ने शुरू से ही गंभीरता से लिया और मामले की विवेचना कर रहे एसडीओपी करैरा पी.एस.सोलंकी, दिनारा थाना प्रभारी परमानन्द शर्मा, अमोला थाना प्रभारी सुरेश शर्मा, उपनिरीक्षक निशा अहिरवार, चौकी प्रभारी अमोलपठा रविन्द्र सिंह सिकरवार, साईबर सैल प्रभारी मसीह खान एवं उनके समस्त स्टाफ तथा सीहोर थाना प्रभारी के.सी.चौहान व इनके समस्त स्टाफ ने इस ओर कार्यवाही की और इस हत्याकाण्ड में शामिल चार आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में कृष्णकान्त उर्फ छोटू पुत्र वनमाली जाटव उम्र 19 वर्ष निवासी पुराने स्कूल के पीछे दिनरा, जितेन्द्र पुत्र अशोक जाटव उम्र 22 वष्ज्र्ञ निवासी पीएचई कॉलोनी शर्मा फार्म ग्वालियर और बबलू उर्फ रवि पुत्र रामसेवक अहिरवार उम्र 20 वर्ष निवासी पीएचई कॉलोनी ग्वालियर को गिरफ्तार किया है इनके पास से हत्या में उपयोग किए गए धारदार हथियार तीन छुरियां भी पुलिस ने बरामद की है। डॉ.सिकरवार ने बताया कि मृतक श्यमरती का पति श्रीनाथ बिजली विभाग में कार्यरत था और इसके साथ ही वनमाली अहिरवार भी काम करता था लेकिन बीते 15 वर्ष पूर्व मौत श्रीनाथ की करंट लगने से मौत हो गई तो उसकी मौत के बाद वनमाली की संवेदनाऐं उसके परिवार के साथ जुड़ गई जिसके चलते वनमाली ने श्यामरती की पेंशन व विभाग से पैसा दिलवाने व उसकी ब"ाों की सहायता की जिसके चलते इन दोनंो के बीच अवैध संबंध बन गए जिससे वनमाली के परिवार पर आर्थिक संकट का ओझा आने लगा। जब इस मामले की जानकारी वनमाली की पत्नि राजकुमारी को लगा तो आए दिन राजकुमार व श्यामरति में विवाद होने लगा और कई बार झगड़े हुए। जिसके चलते राजकुमारी ने अपने छोटे बेटे कृष्णकांत से सलाह करके श्यामरति को मारने की योजना बनाई और इन सभी ने मिलकर 15 मार्च की रात को श्यामरति के घर में घुसकर उसकी हत्या कर दी जिस पर जब चीख पुकार मची तो उसके बेटे आकाश व जितेन्द्र जाग गए जिस पर आरोपियों की पहचान होने पर इन सभी ने मिलकर दोनों बेटों की भी हत्या कर दी। एस.पी.डॉ.रमन सिंह सिकरवार ने बताया कि मामले की शुरूआत से ही पुलिस आरोपियों के पीछे लगी हुई थी जिसके चलते 5 हजार का ईनाम भी आरोपियों पर था। पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करने के साथ ही आमजनता का विश्वास जीतने में सफलता हासिल की है।

पुलिस ने मेरे बेटे की पीट-पीटकर हत्या की है- मृतक की माँ

दतिया। पुलिस चौकी उदगुवाँ में कथित तौर पर पुलिस अभिरक्षा में हुई ग्वालिया थाना सीहोर जिला शिवपुरी निवासी नेतराम खंगार की मौत के मामले में पुलिस अधिकारी वास्तविकता को छुपाने में लगे हैं, साथ ही मेरे बेटे के शरीर पर चोटों के निशान हैं जिससे स्पष्ट है कि पुलिस ने ही मेरे बेटे की पीट-पीटकर हत्या की हैै। उक्त आरोप मृतक की माँ श्रीमती फूलाबाई ने लगाते हुए अपने मृतक बेटे के शव का पोस्टमार्टम शिवपुरी के जिला अस्पताल में कराने की माँग की है ताकि मृत्यु का सही कारण पता लग सके। वहीं दतिया पुलिस मृतक के परिजनों को शव का पुनः पोस्टमार्टम न कराने के लिए लालच दे रही है। साथ ही पुलिस किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मजिस्ट्रियल जाँच कराने की बात कहकर मामला शांत करने हेतु प्रयासरत है।


दतिया पुलिस हिरासत या पुलिस प्रताड़ना का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले की खकी दो बार दागदार हो गई चुकी है। दोषियों पर कार्यवाही करने के वजाय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कार्यवाही करने का आश्वासन दे-देकर मामले को शांत करने का सतत प्रयास कर रहे हैं। किन्तु आज तक दोषियों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। दतिया थाने में ५ मार्च को आनन्द पुत्र राकेश गुप्ता उम्र १७ वर्ष की गुमशुदगी का मामला कायम किया था बाद में उसे अपहरण में तब्दील कर दिया गया। उक्त अपहरण के प्रकरण संबंधी पूछताछ के लिए बुलाया था मृतक को।

उल्लेखनीय है कि उदगुवाँ चौकी में पूछताँछ के लिए बुलाये गये नेतराम खंगार निवासी ग्वालिया थाना सीहोर जिला शिवपुरी का मृत शरीर संदिग्ध परिस्थितियों में ग्राम पलोथर में एक खेत में झूलती पाई गई थी। पुलिस का कहना है कि मृतक थाने से शौच के बहाने भाग खड़ा हुआ था और उसने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं मृतक की माँ के अनुसार  उसके बेटे को पीट-पीटकर पुलिस द्वारा मौत के घाट उतारा हैं। पीड़िता की कहानी में कुछ हद तक सच्चाई भी हो सकती है, क्योंकि पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को लेकर सतर्कता बरती जो मामले में पुलिस की ओर इशरा करती है।

पुलिस अधिकारियों के विरोधाभाषी कथन - दतिया जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.एस. प्रजापति ने बताया कि पुलिस ने नेतराम को २९ मार्च को छोड़ दिया था इसके बाद उसने पेड़ पर लटककर आत्महत्या की है जबकि एस.डी.ओ.पी. एम.एल. ढोढ़ी का कहना है कि नेतराम पुलिस हिरासत से शौच के बहाने भाग खड़ा हुआ।

पुलिस ने दिया बंदूक लयसेंस का लालच - मृतक की माँ का आरोप है कि अंतिम संस्कार के लिए उन्हें पाँच लाख रूपये तथा दो बंदूक लायसेंस देने का लालच दिया गया। पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला और नरवर के ब्लॉक काँग्रेस अध्यक्ष सगीर खाँन ने नेतराम की मौत की मजिस्ट्रियल जाँच कराने की माँग की है।

दतिया आयोग मित्र डॉ. रतन सूर्यवंशी ने कहा- लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हैं। आयोग के पास पुलिस प्रताड़ना संबंधी दो-तीन आवेदन ही प्रतिमाह आते हैं। पहले लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना होा। कई मामलों में आवेदक आयोग के पास शिकायत करने ही नहीं आते। आवेदक सामने न आने पर आयोग लाचार हो जाता है। यदि आवेदक अपनी समस्या लेकर आये तो स्थानीय अधिकारियों से समाधान कराय जा सकता है। जब तक आवेदक प्रकरण दर्ज न कराये तो आयोग कुछ नहीं कर सकता।

जैदा मण्डी से गेंहू खरीदी कार्य का शुभारंभ

श्योपुर, 01 अप्रेल 2013/ कलेक्टर श्री ज्ञानेश्वर बी पाटील के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर किसानों से गेंहू खरीदी के लिए जनप्रनिधियों की उपस्थिति में जैदा मण्डी में विधिवत कांटे की पूजापाट के साथ खरीदी कार्य का शुभारंभ आज किया गया है।

इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती गुड्डीवाई, क्षेत्रीय विधायक श्री बृजराज सिंह चौहान, भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री महावीर सिंह सिसौदिया, पूर्व विधायक श्री दुर्गालाल विजय, मण्डी अध्यक्ष श्री कांशीराम सेंगर, अपर कलेक्टर श्री जेसी बोरासी, पार्टी पदाधिकारी श्रीमती उमा शर्मा, श्री रामलखन नापाखेडली, श्री दिनेश भटजीवाले, श्री रमेश गर्ग, श्री महेश राठौर, श्री ओम राठौर, श्री अरूण ओसवाल, श्री धमेंद्र मीणा, विभागीय अधिकारी, अन्य पदाधिकारी, व्यापारी और किसान उपस्थित थे।

जैदा मण्डी में जनप्रनिधियों, विभागीय अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों की उपस्थिति में संयुक्त रूप से इलैक्ट्रोनिक तौल कांटे की पूजा अर्चना के उपरांत मयापुर के किसान श्री गिर्राज के गेंहू खरीदी कार्य के अंतर्गत तुलाई कराकर, कार्य का विधिवत शुभारंभ किया।


6907 रसोईयों को एक करोड़ 37 लाख रूपये का

मुरैना 1 अप्रेल 2013/ जिले की 2685 प्राथमिक माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह भोजन योजना में कार्यरत 6907 रसोईयों को माह फरवरी 2013 एवं मार्च 2013 तक के दो माह की अवधि का एक करोड़ 37 लाख 94 हजार रूपये के पारिश्रमिक भुगतान की स्वीकृति जारी की गई है । इनमें ग्रामीण क्षेत्र की 2451 प्राथमिक माध्यमिक शालाओं में कार्यरत 6190 रसोइयों को एक करोड़ 23 लाख रूपये और शहरी क्षेत्र की 234 प्राथमिक शालाओं में कार्यरत 717 रसोईयों को 2 माह का 4 लाख 34 हजार रूपये के भुगतान की स्वीकृति दी गई है । यह स्वीकृति जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा ने दी है ।

तहसील मुख्यालयों पर जनसुनवाई कार्यक्रम में एसडीओ एवं तहसीलदार को मिलकर

भिण्ड 1 अप्रैल2013/ कलेक्टर श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने तहसील मुख्यालयों पर जनसुनवाई कार्यक्रम में आम लोगों की समस्याओं का मिलजुलकर निपटारा करने के अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व और तहसीलदारों को कड़े निर्देश दिए है। कलेक्टर ने इन अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे जनसुनवाई कार्यक्रम में न सिर्फ स्वयं बैठें, बल्कि वहां अपने क्षेत्र के पटवारियों और पंचायत सचिवों को भी बैठाना सुनिश्चित करें, ताकि दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों की समस्याओं की ढंग से सुनवाई कर उनका  निराकरण किया जा सके। कलेक्टर ने इस आशय के निर्देश आज यहां सम्पन्न हुई विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए।

कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों का हरहाल में निस्तारण करना सुनिश्चित करें और जनसुनवाई कार्यक्रम को आम लोगों के लिए लाभदायक एवं परिणाममूलक बनाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने जिला मुख्यालय पर जिला कार्यालय में आयोजित होने वाले कलेक्टर के जनसुनवाई कार्यक्रम में भिण्ड अनुविभाग एवं अटेर अनुविभाग के पटवारियों एवं पंचायत सचिवों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के इन अनुविभागों के अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए। कलेक्टर ने इस जनसुनवाई कार्यक्रम में आवेदकों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन पत्रों की पावती के रूप में उन्हें एक पत्र दिए जाने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित आवेदक संबंधित कार्यालय में जाकर अपने आवेदन पत्र के निस्तारण की स्थिति के बारे में पता कर सके। इस पत्र में एक कोड नम्बर भी अंकित रहेगा, ताकि आवेदक सहित कार्यालय को सहूलियत रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आवेदन पत्रों में आवेदको का मोबाईल नम्बर भी लिखवाना सुनिश्चित करें, ताकि आवेदन पत्र के संबंध में आवेदक से संपर्क किया जा सके।

कलेक्टर ने जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चुस्त बनाए रखने के अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को कड़े निर्देश दिए और कहा कि जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि वेयर हाउस से खाद्यान्न का उठाव कर शासकीय उचित मूल्य दुकान तक पहुंच जाए और उसका उपभोक्ताओं में समय पर वितरण हो जाए, यह सुनिश्चित करना अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए कि शासकीय उचित मूल्य दुकानों से राशन के वितरण की वास्तविकता का अपने जांच दलों से उपभोक्ताओं से बात कराकर सत्यापन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कहीं गड़बड़ी पाई जाती है, तो गड़बड़ी करने वाले के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए कि वे अपने कार्य क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम एवं पोषण आहार वितरण कार्यक्रम की नियमित रूप से मानीटरिंग करना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने एक अप्रैल से आरंभ हुई मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार प्रसार कराने के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार इस योजना का लाभ उठा सकें। कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के बारे में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के माध्यम से होर्डिंग लगवाए जाएं तथा योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के माध्यम से सांसदों, विधायकों एवं जिला पंचायत सदस्यों को योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। इसीप्रकार नगरीय क्षेत्रों में मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के माध्यम से इसकी जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि वे परिषद की बैठक में पार्षदों को इस योजना के बारे में अवगत कराना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए कि वे अपने कार्य क्षेत्र में कृषकों को ऋण पुस्तिकाओं और बी-1 बंटवाने हेतु चलाए जा रहे अभियान की प्रतिदिन समीक्षा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति ऋण पुस्तिका एवं बी-1 प्राप्त करने से छूटना नहीं चाहिए। कलेक्टर ने ग्रीष्म ऋतु में जल संकट से निपटने हेतु मौजूदा जल स्रोतों का पता करने हेतु सर्वे कराने के अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए। उन्होंने अवैध कॉलोनाईजरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के भी अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देश दिए।

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