पितामह का मार्गदर्शन या राजनैतिक शैया की तैयारी.

व्ही.एस.भुल्ले@तीरंदाज/  भाजपा के पितामह से मार्ग दर्शन की तैयारी। कहीं पितामह के राजनैतिक शैया की तैयारी तो नहीं बैसे भी कहते राजनीति मे...

व्ही.एस.भुल्ले@तीरंदाज/  भाजपा के पितामह से मार्ग दर्शन की तैयारी। कहीं पितामह के राजनैतिक शैया की तैयारी तो नहीं बैसे भी कहते राजनीति में सब कुछ जायज है। सो भैया अगर भाजपा के नवनियुक्त आलाकमान राजनाथ जी ने भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में फरमाया कि भाजपा के पितामह आर्थात आडवाणी जी अब पार्टी का मार्गदर्शन करेंगे।

तो इसमें हर्ज ही क्या? मगर थारे जैसे खबरची है सो मारी पार्टी की इस कदर उछाले जा रहे है। मानों देश में कोई मुद्दा ही न बचा हो भले ही मारे चितम्बरम, बंसल के तत्काल बाद पहले पेट्रोल फिर डीजल झटका लगा हो। वैसे भी 2013-14 के बजट में ब'चे,युवा,बुजुर्गेा को गरीबों के साथ हाथ वालों से कुछ भी नहीं मिला हो।  शिक्षा,स्वास्थ की गारन्टी,बुजुर्गे को सम्मानिधि चारो खाने चित पढ़ी हो। यमुना आन्दोलन को देख यू.पी.ए. की सांस फूल पढ़ी हो। मगर भाया मारे पितामह का क्या होगा। वर्ष 2014 में होने वाला महाभारत में किसका इकबाल बुलंद होगा। क्योकि भीष्म पितामह के प्रिय महाभारत में अर्जुन थे। और मारे पितामह के भी प्रिय इस राजनीति में भाई नरेन्द्र मोदी रहे है। मगर तब के और अबके महाभारत में फर्क इतना है। तब स्वयं भगवान पाण्डवों के साथ थे मगर अब इन्सान तक के लाले है।

मगर समय परिस्थिति सब समान है

भैये तू तो बावला शै आखिर तू क्या कहना चाहता है हमारी तो समझ से परे है। कौन अर्जुन,कौन भीष्म,कौन दुर्योधन कैसी सैया भाया ये कोई महाभारत या फिर धर्म युद्ध नहीं ये तो कर्म युद्ध है। रहा सवाल भाजपा के राजनाथ जी का सो उनका राष्ट्रीय परिषद में जयकारों के बीच कुछ तो कहना था सो कह दिया।

भैया-मगर राजनाथ जी आर्शीवाद भी तो ले सकते थे आखिर उन्होंने मार्गदर्शन ही क्यों चाहा। क्या उन्हें यह नहीं मालूम कि पितामह आज भी फुल फिटफाट अन्दाज में बैटिंग पी.एम. है। तो फिर मार्गदर्शन कैसा।

भैये- क्या तेरे को मालूम नहीं कि मार्गदर्शन बुजुर्गेा से ही लिया जाता है। इस समय भाजपा में आडवाणी जी सबसे बुजुर्ग ेनेता कौन है और फिर तेरे को यह भी मालूम होना चाहिए कि भाजपा नेता कम कार्यकर्žाा वैसेज पार्टी है। फिर नेतृत्व भी तो वहीं बोलेगा जो कार्य कर्žाा चाहते है। सो राजनाथ के मुख से कार्यकžााओं की भावना फूट पढ़ी तो तेरे या मारे मीडिया वालो के पेट में दर्द कैसा?

भैया-हाजमा खराब हो तो पेट में दर्द न हो , यह कैसे हो सकता है। देखों  न सबसे पहले मुस्काराते अन्दाज में मारे रेल मंत्री पवन बंसल के रेल बजट ने हमारी यात्रा खराब कर डाली। रही सही कसर चिदम्बरम के राजनैतिक मगर व्यवस्था गत बजट ने निकल डाली उस पर से,डीजल,पेट्रोल, की बढ़ती  कीमत ने तो मंहगाई की आड़ में हर घर की हवा ही निकाल डाली। देश भर के ब'चें बेकार युवा,मुस्तंड घूम रहे है। देश के बैसहारा बुजुर्ग या ब"ों ईश्वर के दिये टुकड़ों पर पल रहे है अस्पतालों में घिसटती दम तोड़ती जिन्दगियां बढ़ती मंहगाई से चीख चीख कर दम तोड़ रही है। वहीं किसानों की काठियां घटिया कृषि नीति, सूखा, कर्ज से झूल रही है भाया इस बजट को देख मारा मन तो छाती कूटना चाहे मगर क्या करे हमारे स्वाभिमानी राष्ट्र पर इन सžाा सीने को जरा भी शर्म नही। विदेशी निवेश के मौहताज इन सžाासीनों को क्यों स्वाभिमानी देश और देश वासी नजर नहीं आते। अगर देखना है चाहते हो इस देश के स्वाभिमान को, तो बगैर किसी कानून के स्वे'छा कर बुलालो विदेशी निवेश तो दूर घर का धन भी विदेशों में नहीं लगा पाओगें।

भैये- मैं ठहरा चिन्दी पन्ने वाला पत्रकार मैं क्या जानू बजट का गूढ़ ज्ञान। वो तो थारा सवाल था इसीलिये तुझे कुछ बताने का मुझे भी मलाल था मगर में एक बात अवश्य इस मौके पर कहना चाहुं। कि कहीं कौये के कोसने से ढोर नहीं मरते, मारे विžामंत्री जी इतने महान है कि उन्होंने सारी व्यवस्था चुनावों की इसी बजट में पूरी कर कर ली कै थारे को मालूम नहीं कि पहले 3 तीन रा'यों के विधान सभा होगें उसके बाद लेाकसभा सो बटते बटोने के सहारे हम हाथ वालो की तो गरीबों के सहारे कट जायेगी। मंहगाई की गाज किसी पर भी गिरे न गिरे मगर हम पर नहीं गिर पायेगी।

भैया-बस यहीं अंहकार तो ले डूबेगा साइन इण्डिया वालो का सूरज भले ही पिछले दो मर्तवा अस्त रहा हो मगर यहीं हाल रहा तो कीचड़ और पितामह के मार्गदर्शन मे ही सही कमल दल अबकी बार अवश्य खिलके रहेगा। फिर ठूढे से भी तुझे इन अंहकारियों का कुनवा सांसद में भी नहीं मिलेगा।

शान्त फिजा में उपद्रव का जहर

शिवपुरी। शिवपुरी में विगत दिनों घटित घटना, पहले मासूम बालक का अपहरण फिर हत्या, दुखद ही नहीं दिल को झंझकोर देने वाली रही। घटना के विरोध में आक्रोशित लेागों ने पूरे दो घन्टे शहर की सड़कों पर जो बवाल काटा वह भी किसी से छिपा नही। उपद्रव के बाद जगी पुलिस ने अगले ही दिन भले ही शहर को छावनी में तŽबदील कर दिया हो मगर इस घटना ने समुची भाजपा सरकार के चूल्हें तक हिला दिये वो तो भला हो कलेक्टर शिवपुरी आर.के जैन और उनके अमले ए.डी.एम.,एस.डी.एम. का जिन्होंंने पुलिस की भूमिका निभा पत्रकारों के साथ शहर की स्थिति सम्हालने रात में ही सड़कों पर निकल पढ़े। एक वाक्या तो ऐसा आया जब उपस्थित बल आक्रोशित भीड़ को देख आगे जाने तैयार न थी। जब कलेक्टर ने स्वयं भीड़ के सामने जा मौर्चा सम्हाला और पुलिस का नेतृत्व कर हौसला बढ़ाया तब जाकर स्थिति काबू में आयी।

हालाकि दुखित परिवार को ढंाढस बधाने और शहर में चल रहे बन्द,प्रदर्शनों को शान्त कराने जब कोई बड़ा नेता 3 दिनों तक सामने नहीं आया तब जाकर ग्वालियर सांसद यसोधरा राजे सिंधिया स्वयं बगैर किसी सूचना के शौकाकुल परिवार के बीच पहुंची और शौक सन्तत्व परिवार को ढांढस बंधाया साथ उन्होंने पुलिस व प्रशासन के बीच बैठक की और शहर लेागों से चर्चा कर 15 दिवस में चालान प्रस्तुत कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सैकड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर शहर की स्थति सामान्य हुई।

इस बीच मासूम उत्सव का अपहरण और हत्या को लेकर विधान सभा में कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर जमकर हमले बोले हड़बड़ाई सरकार ने कांग्रेसियों की सम्पूर्ण मांग न मानते हुये। केवल टी.आई.का स्थानानतरण कर अपने कर्žाव्यों की इतश्री कर ली हालाकि  कि अब भोपाल के आला अफसरों ने माना है कि पुलिस से चूक हुई है। जिस हल्के ढंग से मामले को लिया गया और जो रणनीति का आभाव रहा उसके चलते इतनी बड़ी घटना घटित हुई। जिसको लेकर पुलिस मुख्यालय द्वारा शिवपुरी के पुलिस अफसरों की जमकर कक्षा ली गई। हालाकि अब इन बातो का कोई मतलब नहीें।

मगर शहर काजी साहब ने शिवपुरी शहर में आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार मय परिवार के साथ घोषणा की और शौक संतत्व परिवार के बीच वह पहुंचे उससे शिवपुरी शहर ही नहीं सारे देश में एक मिशाल कायम की जिसके सुखद परिणाम हर समाज के आगे भविष्य में आयेगें अगर इस तरह की शुरुआत हर समाज करे और अपराधियों का समाज से बहिष्कार हो तो समाज सुधार की दिशा में यह दूर की कोणी साबित होगी। जिसका कि आज हर समाज में सर्वाधिक आभाव है।

फिलहॉल तो शान्त सुन्दर शहर का ढर्रा शान्ति की ओर अग्रसर है। मगर शहर में अचानक कटे बबाल की समीक्षा जरुरी । निश्चित ही घटना कॉफी दुखद है। न हीं सहने योग्य मगर अचानक आगजनी उपद्रव यहां तक शहर बसाने वाले व्यक्ति की प्रतिमा को भी छिन्न भिन्न कर दिया गया। यह शर्मनाक और अफसोस जनक है।



सभ्य समाज में अधिवक्ताओं की अग्रणी भूमिका-न्यायमूर्ति गंगेले


श्योपुर। सभ्य समाज के निर्माण में अधिवक्ताओं की भूमिका अग्रणी व महत्वपूर्ण है, इसलिए अधिवक्तागण मीन्स ऑफ लीविंग्स और पर्पज ऑफ लिविंग्स को दृष्टिगत रखते हुए सिविलाईज्ड सोसायटी के निर्माण के लिए आगे आकर काम करें। अधिवक्ताओं को न्याय की अवधारणा के मुताबिक दोषियों को पयरप्त सजा और पीडितों को समुचित न्याय दिलाने के लिए भी पूरी दक्षता व सजगता के साथ प्रयास करना चाहिए। 

उक्त विचार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के न्यायमूर्ति एस.के. गंगेले ने शनिवार की मध्याह्न जिला न्यायालय परिसर में आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। इस सम्मान समारोह का आयोजन विधि-व्यवसाय में विगत चार दशकों से संलगन् वरिष्ठ अभिभाषकों को सम्मानित किए जाने के उद्देश्य से जिला अभिभाषक संघ के तत्वाधान में एक अभिनव पहल के रूप में किया गया था। समारोह में राज्य उपभोक्ता फोरम दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बी.ए. जैदी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही जिन्होने संघ की इस पहल को अनुकरणीय व स्वागतयोग्य बताते हुए अपनी भावनाओं को सहजता के साथ व्यक्त किया तथा श्योपुर से जुडी अपनी स्मृतियों को सदन के समक्ष रखा।

 उन्होने सम्मानित अभिभाषकों को अपनी शुभकामनाऐं प्रदान करते हुए उनके सुदीर्घ जीवन व उज्जवल भविष्य की कामनाऐं भी कीं। न्यायमूर्त्तिद्वय ने इस समारोहान्तर्गत विधि के क्षेत्र में सुदीर्घ सेवाओं के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता देवीशंकर सिंहल, नंदकिशोर गुप्ता, एस.जे.एम. खालिद, विजयसिंह राठौड तथा दीनदयाल मुदगल का तालियों की गडगडाहट के बीच माल्यार्पण करने के साथ-साथ शॉल-श्रीफल, सम्मान पत्र व स्मृतिचिह्न भेंट करते हुए सम्मान किया। 

इससे पूर्व समारोह को जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र पी.एस. अरोरा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिशिरकांत चौबे सहित राज्य अभिभाषक संघ के सदस्य प्रेमसिंह भदौरिया, उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ ग्वालियर के अध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा, सचिव जितेन्द्र शर्मा, प्रबल प्रताप सिंह, पूर्व विधायक एवं अधिवक्ता दुर्गालाल विजय, वरिष्ठ अभिभाषक ओ.पी. गुप्ता, शरीफ अंसारी, भोलानाथ चौहान, रामविलास रावत आदि ने भी सम्बोधित किया। आरम्भिक औपचारिकताओं व सत्कार परम्पराओं के साथ विधिवत आरंभ हुए इस समारोह के आरम्भिक चरण में स्वागत भाषण जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष पी.सी. वर्मा ने दिया जबकि अंतिम चरण में आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष सी.सी. गुप्ता ने किया। 

जिला अभिभाषक संघ के सचिव पी.बी. राठौर तथा कैलाश गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से संचालित इस समारोह में जिलाधीश ज्ञानेश्वर बी पाटील, पुलिस अधीक्षक एम.एस. सिकरवार, जिला पंचायत के मुख्य कायर्पालन अधिकारी एच.पी. वर्मा, अतिरिक्त जिलाधीश जे.सी. बोरासी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय सिंह, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी संजीव जैन, न्यायाधीशगण अशोक गुप्ता, संजय अग्रवाल, मुनेन्द्र वर्मा, राजेन्द्र सिंह, बृजेन्द्र सिंह रावत सहित अतिथि अभिभाषक पवन विजयवर्गीय, अंशु गुप्ता, अशोक राठौर, लोकेन्द्र सिंह, रवीन्द्र सिंह, जिला अभिभाषक संघ के पदाधिकारियों, सदस्य अभिभाषकों, अधिकारियों-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों व पत्रकारगणों की व्यापक भागीदारी रही। 

वरिष्ठ अभिभाषकों के सम्मान हेतु आयोजित समारोह में भागीदारी से पूर्व न्यायमूर्तिद्वय ने नगरी के एतिहासिक व प्राचीन किले का रूचिपूर्वक अवलोकन करते हुए परिसर में मौजूद पुरातात्विक सम्पदाओं को देखा तथा संग्रहालय में सज्जित आदिवासी लोकरंग से अवगत होते हुए जिले की समृद्ध लोक-संस्कृति की सराहना की। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी और अभिभाषक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उनके साथ थे।

महिलायें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों - कलेक्टर श्री जी.पी. कबीरपंथी


दतिया/ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में स्थानीय शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई हायर सैकेण्ड्री कन्य विद्यालय में एक विचार गोष्ठि का आयोजन किया गया। जिमसें कलेक्टर श्री जी.पी. कबीरपंथी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुशवाह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री के.जी. शुक्ला, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती गौरी देवराणी, पी.टी. अध्यक्ष श्रीमती नीलम गुप्ता के अलावा विद्यालय के अध्यापकगण श्री कुंज बिहारी गोस्वामी, श्रीमती किरण बुधौलिया, श्रीमती पुष्पा गुप्ता, श्रीमती संगीता गुप्ता, श्रीमती नील बाला सक्सैना, श्री महेश्वर खरे, श्रीमती ऋतु शर्मा, श्रीमती सुषमा गोस्वामी सहित अन्य स्टॉफजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता श्री अशोक शुक्ला एवं श्रीमती शशि प्रभा मिश्रा द्वारा किया गया। विचार गोष्ठि का शुभारंभ मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्र'वलित कर किया गया।

कलेक्टर श्री जी.पी. कबीरपंथी ने अपने उदवोधन में कहा कि महिलाओं की सशक्तिकरण हेतु हम सबको सामूहिक प्रयास करना है। महिला सशक्त होगी तो समाज सशक्त होगा। उन्होने कहा कि जिस दिशा में महिलाओं को स्वयं जागरूक होने की जरूरत है वह स्वयं अधिकारों के प्रति जागरूक हो और उनके विरूद्व किसी भी प्रकार की बात आये जिसमें भ्रूण हत्या आदि शामिल है, तो उसका खुलकर विरोध करें। उन्होने कहा कि आज महिलाऐं सभी क्षेत्रों में आगे है। महिलाओं को चाहिए कि वह देश के नारी जगत में जो महान हस्तियां हुई है उनके पद चिन्हों पर चल कर अपना और अपने देश का नाम रोशन करें। श्री कबीरपंथी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण मे ंहमारा गौरवशाली इतिहास रहा है। महारानी लक्ष्मीबाई, सरोजनी नायडू, महादेवी वर्मा, इंदिरा गांधी जैसे अनेक महिला हस्तियों ने अपने कृतित्व से देश का नाम रोशन किया है आज जरूरत है कि हम महिला सम्मान की रक्षा एवं गौरव हेतु हम सब मिलकर प्रयास करें। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुशवाह एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री के.जी. शुक्ला द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किये गये।

प्रदेश में कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की नियमित समीक्षा होगी

ग्वालियर 09 मार्च 2013/ प्रदेश में कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की नियमित समीक्षा के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को कुष्ठ रोगियों के आवश्यक उपचारए सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रदेश के लगभग एक चौथाई जिलों में ही कुष्ठ रोगी हैं जिनकी संख्या लगभग 6 हजार हैए लेकिन प्राथमिकता निर्धारित करते हुए कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास के लिए स्क्रीन शिविर आयोजित करनेए कुष्ठ रोगियों को पुनर्शल्य क्रिया के लिए भेजने और पंचायतों के माध्यम से आस्था अभियान के रूप में जन जागृति के कार्य करने को कहा गया है। प्रदेश में राजधानी भोपाल सहित जबलपुर एवं सनावद जिला खरगोन में शल्य क्रिया केंद्र संचालित हैं।

प्रदेश में जिन स्थान पर गत 5 वर्ष में कोई भी कुष्ठ रोगी न मिलने की पुष्टि होगी वहाँ आस्था उत्सव के रूप में एक आयोजन किया जाएगा। कुष्ठ रोग के प्रति गलत मान्यताएँ और कुष्ठ पीडि़त लोगों के साथ भेदभाव की स्थिति समाप्त करने के लिए सामाजिक सहयोग प्राप्त किया जाएगा। कुष्ठ मुक्त पंचायतों की जानकारी प्रचारित होने से अन्य ग्राम पंचायतों में ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस कार्य में शासकीय विभागों का सहयोग भी लिया जाएगा। अभियान की विस्तृत कार्य-योजना से विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। प्रति पखवाड़े अभियान की समीक्षा की जाएगी।


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तीरंदाज,328,व्ही.एस.भुल्ले,523,
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Village Times: पितामह का मार्गदर्शन या राजनैतिक शैया की तैयारी.
पितामह का मार्गदर्शन या राजनैतिक शैया की तैयारी.
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