चुनावी मगर,हड़बड़ी का बजट

V S Bhulley 16,65,297 करोड़ के पेश बजट में 5,55,322 करोड़ योजनागत व्यम है। वहीं किसानों के लिये 7 लाख करोड़ का कृषि कर्ज रिण का लक्ष्य ...

V S Bhulley
16,65,297 करोड़ के पेश बजट में 5,55,322 करोड़ योजनागत व्यम है। वहीं किसानों के लिये 7 लाख करोड़ का कृषि कर्ज रिण का लक्ष्य व कृषि मंत्रालय का 27000 करोड़ रक्षा के लिये 203,672 करोड़ शिक्षा 65867 करोड़ ग्रामीण विकास 80,194 करोड़ राष्ट्रीय खादय सुरक्षा 10,000 करोड़ अ.जा.कल्याण 41000 करोड़ अ.जा.28500 करोड़ स्वास्थ्य मंत्रालय 37,330 करोड़ महिला शक्तिकरण 1000 करोड़,पेयजल स्व'छता के लिए 15,260 करोड़, इत्यादि-इत्यादि की व्यवस्था है।

वहीं वृद्ध,विधवा, बच्चों के लिये भी कुछ न कुछ व्यवस्था है वहीं देश को 42800 के करीब अमीरों पर 1 करोड़ की आय पर सरचार्ज की व्यवस्था की गयी 5 लाख से ऊपर आय वालों को कोई रियायत नहीं वहीं 5 लाख तक वालो को 2000 रुपये छूट दी गयी। वहीं पेट्रोल,डीजल,उर्ववरक पर सŽिसटी कम करने के संकेत है। 12 पंच वर्षीय योजना में लगभग 5 करोड़ लेागों को कौशल प्रतिक्षण,सड़क,बिजली,इन्फ्रास्ट्रकचर की भी बात कहीं गई है। जिसमें 3000 कि.मी. सड़कें,चेन्नई,पश्चिम बंगाल में नया औद्यौगिक पश्चिम बंगाल,आन्ध्र में नये बन्दरगाह जिसके लिये टेक्स फ्री बान्ड के जरिये 50,000 करोड़ रखे है।

इसके अलावा संचार क्षेत्र में व बीमा क्षेत्र के विस्तार के पहल की भी बात हुई है।

मगर इससे सबके बावजूद भी इस बजट में कई बाते अनुउžारित ही रही। न तो बढ़ती मंहगाई रोकने की बात हुई,न ही शिक्षा और स्वास्थ में पूर्ण गारन्टी की बात हुई न ही स्वाभिमानी राष्ट्र के स्वाभिमानी नागरिकों के सीधे सहयोग की बात, सबको आश्चर्य चकित करने वाले इस बजट में रॉबिन हुड जैसी छवि दिखाने का प्रयास भले ही हुआ हो मगर सामान्य बातों से हटकर अगर यू कहें कि चुनावी तैयारियों से पूर्व खास लेागों पर आंखे तरेर आम लेागों के होने का सरकार के बजट में अवश्य असफल प्रयास किया, हो सकता है,सरकार के थिंकटेक मानते हो कि उल्झी बातों से इतर जनता से सीधे नफा नुकशान की बात की जाये।

नहीं तों वितमंत्री पठानी बसूली से इतर इस बजट में देश के हर नागरिक से स्वे'छा कर,सहयोग की बात अवश्य करते मगर हो सकता है इसमें सरकार को लगे कि कहीं मंहगाई की मार झेलती जनता न भड़क जायें। और 2014 में सरकार का ही सूपड़ा साफ ही न हो जाये सो उन्होनें टेक्स स्लेव से बगैर छेड़छाड़ किये डीजल,पेट्रोल,उर्रवरक पर सŽसिटी कम और खादय सुरक्षा,अनु.जाति,जनजाति,अल्पसंख्यक वर्ग तथा महिला शसक्तिकरण के नाम बजट में खासा प्रावधान किया है।

मगर देश का बुजुर्ग अपने देश में ढलती उम्र के साथ स्वाभिमान से जी पाये उसके लिये बजट में देश के हर वृद्ध को जिसे पेन्शन न मिलती हो  और जो सम्पन्न हो। को छोड़ सम्मानिधि की व्यवस्था नहीं है। न ही ब"ाों,युवा,छात्रों की शिक्षा सुनिश्चित करने पर्याप्त शिक्षा निधि की व्यवस्था है। और न ही देश के हर नागरिक को स्वास्थ्य की सुरक्षा व्यवस्था।

अगर देश के विžामंत्री और सरकार के थिंकटेक चाहते तो चुनावी हड़बड़ी से इतर एक अ'छा और स"ाा बजट देश के सामने प्रस्तुत कर सकते थे। इस बजट को देखकर लगता है,सरकार और विžामंत्री जी को देश के स्वाभिमानी नागरिकों के बजाये विदेशी-देशी पूंजीपतियों और सरकार के रण कौशल पर 'यादा विश्वास रहा। ये अलग बात है कि ग्लोवलाइजेशन के दैार में देश को समृद्ध बनाने विदेशी करन्सी की भी जरुरत होती है। मगर जरुरी नहीं कि विदेशी निवेश से ही राष्ट्र समृद्ध बने,समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिये। राष्ट्र के हर नागरिक के सहयोग की जरुरत होती है, वह किसी भी रुप में हो सकती है, आज जरुरत है, माहौल पैदा कर एटमोसपियर तैयार करने की जिसका यू.पी.ए. सरकार ही नहीं पूर्व सरकारों में भी सवर्था आभाव रहा है। काश वोट की राजनीति और सžाा में बने रहने की मंशा को दरकिनार  कर  नई शुरुआत करने की क्योकि देश जागरुक है उसे अ'छे भले का भी ज्ञान है। हो सकता इस तरह के बजट से सरकार का मन भर जाये मगर खाली हाथ जनता बढ़ती मंहगाई को कभी बर्दास्त नहीं करेगी जिससे वह आज भी दो चार हो रही है। क्योकि बढ़ते डीजल,पेट्रोल,उर्रवरकों के भावों ने देश के आम गरीब का दीवाला निकाल रखा विžामंत्री चाहते तो स्वे'छा कर। सहयोग,अनौपचारिक टेलीफोन,मोबाइल कॉल,इलेक्ट्रॉनिक,उत्पाद,ऑटो मोबाईल,उत्पाद,शराब,तम्बाखू,सिगरेट उत्पाद हवाई,जल,सड़क यात्रा टिकिट पर कास्मैटिक उत्पाद लग्झरी फर्नीचर उत्पाद इत्यादि पर नाम मात्र का कर बसूलते तो देश लाखों करोड़ वैसे ही इक_े हो जाते। मगर देश की चिन्ता किसे  सबका लक्ष्य वोट और सžाा है। मगर एक बात के लिए पी.चिदम्बरम धन्यवाद के पात्र है। जो उन्होने 5 वर्षो से देश में बीमा के नाम लूट में लगी प्रायवेट बीमा कम्पनियों को सबक सिखाने Žलॉक स्तर तक एल.आई.सी. ब्रान्च की घोषणा की है।


कम से कम बीमा के नाम प्रायवेट कम्पनियों के हाथों लुटते देश वासी तो बच जायेगें।


बहरहॉल जो भी हो फिलहॉल बजट के रुप में यू.पी.ए. सरकार की दशा और दिशा तो स्पष्ट हुई है। मगर कड़े बजट के साथ देशवासियों को विभिन्न योजनाओं के मार्फत बटने वाली खैरात कितना लाभ यू.पी.ए. 2 को दिला पायेगी फिलहॉल भविष्य के गर्भ मे ंहै। मगर किसी भी स्थति में इसे स्वाभिमानी बजट नहीं कहा जा सकता। व्यवस्था उन्मुख अवश्य।


स्वेच्छा टेक्स,शिक्षा,स्वास्थ गारंटी, सम्मान निधि से अछूता बजट


सवा अरब की जनसंख्या में मात्र कुछ करोड़ लेाग ही देश को टेक्स देते है कारण साफ है तमाम कानूनी झंझट,लिखा,पढ़ी और आयकर विभाग का पठानी व्यवहार जिसके चलते जो राष्ट्र को कुछ अपनी कमाई का अंश देना भी चाहते है। वह दूर से ही नमस्कार कर जाते है। अगर भारत सरकार देश के हर नागरिक से स्वे'छा टेक्स और देश के नागरिकों को शिक्षा,स्वास्थ और सम्मान की निधि व्यवस्था बनाती है। तो इस देश का स्वरुप ही कुछ और होगा। जरुरत है वर्ष 2013-14 के अन्तिम बजट में स्वे'छा टेक्स,सुनिश्चि शिक्षा,स्वास्थ सेवा और बुर्जुगों के लिये पर्याप्त सम्मानिधि की जिससे देश समृद्ध शिक्षित,स्वस्थ,और सुरक्षित बनता। जब देश का ब'चा, युवा, बुजुर्ग अपने भविष्य को सुरक्षित देखते तो स्वत: ही देश कॉफी सशक्त और समृद्ध बन सकता था। यहां यह बताना उचित होगा कि स्वे'छा टेक्स से तात्पर्य उन लेागों से है जो टेक्स दायरे में नहीं आते अगर ऐसे कुछ लेाग स्वे'छा से राष्ट्र को कुछ शेयर करना चाहते है। तो उन्हें यह अधिकार होना चाहिए बगैर किसी कानूनी निश्चित ही भारत सरकार की इस पहल से जहां राष्ट्र कोष बढ़ेगा वहीं देश के खजाने को समृद्ध बनाने हर देश प्रेमी का सहयोग मिलेगा, जरुरत है एक सटीक पहल की।

इसके अलावा भारत सरकार शिक्षा,स्वास्थ,और बुजुर्गो को पर्याप्त सम्माननिधि की व्ववस्था इस बजट में करती है। तो यह देश के गरीब किसान,मजदूर वासियों और देश की स"ाी सेवा होगी।

यू तो देश मे अब शिक्षा का अधिकार लागू है। जिस सरकार में हजारों करोड़ रूपए हर वर्ष फूंकती है। इसी प्रकार सरकार स्वास्थ सेवाओं और ग्रामीण स्वास्थ मिशन पर भी करोड़ों लुटा रही है। मगर सरकार की कुछ कोशिशों का लाभ आम नागरिक को इसलिये भी आज नहीं है क्योकि  अधूरी इ'छा शक्ति और अर्पाप्त धन ने सरकारों की इन कोशिसों ने कहीं का नहीें छोड़ा। जो उसने शिक्षा,स्वास्थ और निराश्रितों को की है। रहा सवाल सम्माननिधि का तो जो सम्पन्न है। उन्हें किसी सहायता की जरुरत नही। शासकीय कर्मचारी,अधिकारी नेताओं को पहले ही पेन्शन व्यवस्था है। मगर देश के करोड़ों गरीब,मजदूर,किसान या अन्य व्यवसायों से जुड़े गरीबों को कोई व्यवस्था नहीं 2-5 सौ रुपये की सहायता ही वह भी जब वह निराश्रित हो ऐसे में आम नागरिक में सुरक्षा का भाव एक अवूझ पहेली ही है अगर सरकार देश के हर बुर्जुग को सम्मान के साथ 60 वर्ष की आयु पश्चात जीवन यापन हेतु पर्याप्त सम्मान निधि देती है। तो यह राष्ट्र और राष्ट्र में फैली कुव्यवस्था के लिए दूर की कोणी होती। मगर ऐसा हुआ नहीं, कारण साफ है सतत सžाा में बने रहने रहने का लक्ष्य और वोटों के लिये कुर्बान हो चुके राजनैतिक दल ऐसा कुछ नहीं कर सके जो देश और देश वासियों के लिए वायस बन पाता।


दहेज के लिए विवाहिता को पीटा


श्योपुर। दहेज के रूप में ५॰ हजार रुपए और जेवर न मिलने पर एक नवविवाहिता को उसकेससुरालीजनों द्वारा प्रताडित करते हुए उसकी लोहे की पटरी से मारपीट की दी गई। बाद में पीडिता की शिकायत पर पुलिस ने सास,ससुर और पति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक खान मोहल्ला विजयपुर निवासी असगर खां की पुत्री सोनी खान का निकाह गत वर्ष श्योपुर की चंबल कॉलोनी के निवासी सप्पू खां के पुत्र मुसब्बिर के साथ हुआ था, लेकिन विवाह के महज दो माह बाद ही ससुराल पक्ष के लोग विवाहिता सोनी को दहेज में ५॰ हजार रुपए और जेवर लाने की मांग के साथ प्रताडित करने लगे। विगत दिनों हद तो तब हो गई जब सोनी के साथ लोहे की पटरी से भी मारपीट तक कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने पीडिता की रिपोर्ट पर पति, ससुर सहित सास नाजिरा के खिलाफ दहेज प्रताडना और मारपीट का मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया है।

COMMENTS

Name

तीरंदाज,328,व्ही.एस.भुल्ले,523,
ltr
item
Village Times: चुनावी मगर,हड़बड़ी का बजट
चुनावी मगर,हड़बड़ी का बजट
http://2.bp.blogspot.com/-VhbmgMCGEEg/UTDrARjpdBI/AAAAAAAAqqw/yXq62XHSjNU/s200/vs_bhullea.jpg
http://2.bp.blogspot.com/-VhbmgMCGEEg/UTDrARjpdBI/AAAAAAAAqqw/yXq62XHSjNU/s72-c/vs_bhullea.jpg
Village Times
http://www.villagetimes.co.in/2013/03/blog-post.html
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/2013/03/blog-post.html
true
5684182741282473279
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy