अलाली लूट खसौट के अड्डे बने निकाय, स्व.राजीव की कोशिश,बापू का सपना बेकार

छितड़ी सोच, कुव्यवस्था के चलते गांवों और शहरों का जो कुरुप चेहरा, अराजकता, निकाय, पंचायती राज की आड़ में गांवों एवं शहरों  में बरपी है। उसन...

छितड़ी सोच, कुव्यवस्था के चलते गांवों और शहरों का जो कुरुप चेहरा, अराजकता, निकाय, पंचायती राज की आड़ में गांवों एवं शहरों  में बरपी है। उसने पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी गांधी की कोशिश और बापू महात्मा गांधी की मंशा दोनेा को ही बैकार कर दिया है। जिसके मूल में केन्द्र राज्य सरकारों की संवेदनहीनता और अर्कमण्य नौकरशाही के नंगे नाच ने सब कुछ  तवाह कर दिया है।

केन्द्र तथा रा'य सरकारों की अदूरदर्शिता और अनमने मन से लागू पंचायती राज व निकाय व्यवस्था सशक्त तथा जनसेवा युक्त संस्थान  बनने के बजाये लूट खसौट के अड्डों में तŽदील होकर रह गई है। जो बड़े पैमानें पर जनसुविधायें व जनकल्याण के बजाये  या तो निर्माण एजेन्सी या फिर आधे-अधूरे कर्žाव्यों की आड़ में,जनता से पठानी बसूली की वायस बन कर रह गयी है।

जबकि महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज के रुप में स्थानीय स्तर पर स्थानीय जरुरतों,उपलŽधता के मद्देनजर ऐसी सशक्त संस्थाओं की कल्पना की थी जो लेागों की जरुरत अनुसार तत्काल निर्णय ले एक स्वस्थ संस्थाओं की भांती तत्कालिक जरुरतों को विकास और जनकल्याण की द्रष्टि से बगैर किसी हस्तक्षेप के पूरा कर सके। इसी को मूर्त रुप देने तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी ने संविधान में 73 वाँ तथा 74 वाँ संसोधन कर एक ईमानदार कोशिश की।  जिसकेे चलते देश में त्रिस्तरीय सशक्त पंचायती राज और नगरीय प्रशासनअपने कर्žाव्यों के लिये सशक्त नजर आये मगर सरकारों की छितड़ी सोच ने इसे फलीभूत नहीं होने दिया।

कहने को म.प्र. सहित समुचे देश में ग्रामीण विकास व जनकल्याणकारी योजनाओं को अमली जामा पहनाने त्रिस्तरीय पंचायती राज और रुट लेवल पर गांवों का विकास करने हेतु 23 हजार से अधिक पंचायते,313 जनपदे 50 के लगभग जिला पंचायतें है। इसी प्रकार शहरों के विकास हेतु। 360 नगरीय निकाय और 14 नगर निगम है।

रहा सवाल इनके कर्žाव्यों का तो जहां स्थानीय विकास निर्माण,पेंयजल,स्ट्रीट लाइट साफ सफाई,पर्यावरण,खेल के लिये सीधे कुछ जगह इन्हें अधिकार है तो कुछ जगह नहीं है। जिन्हें पूरा करने इन संस्थाओं को या तो सरकारों के अन्य विभागों का मुंह ताकना पड़ता है। या फिर सरकारों से मिलनें वाले धन का इन्तजार देखा जाए तो इन संस्थाओं को सीधे तौर पर कोई भी नहीं निर्णय  लेने या पहल करने का अधिकार नहीे है। जो तत्कालिक रुप से जनहित में निर्णय ले उन्हें मूर्तरुप दे सके। कहीं न कहीं इनके अधिकारों के बीच शासन की किन्तु परन्तु आ जाती है।

ऐसा नहीं कि पंचायती राज अधिनियम और नगरीय निकाय अधिनियम 1961 में इन संस्थाओं के स्पष्ट कर्žाव्य,अधिकारों का उल्लेख न हो मगर सरकारों की अधूरी इ'छा शक्ति,और नौकरशाहों द्वारा सरकार की केन्द्रीकरण की मनह स्थति को फलीभूत करने समय समय पर ऐसे दिशा निर्देश जारी किये जाते जिनका अम्बार लगते लगते ये संस्थायें जनकल्याण तो दूर की कोणी,निर्माण एजेन्सिीयां बन अघोषित रुप से लूट के अड्डे बन कर रह गयी है।

जो भी माननीय चुने जाते है जीतने के बाद मात्र उन्हें एक ही दुख सताता है। कि वह कौन सा कार्य कराये कैसे कराये जिससे गांव,गली मोहल्ले की तस्वीर भले ही न बदले मगर उनकी तकदीर और तस्वीर बदल जाये। जिसके लिये हमराज,हम मददगार प्रशासनिक कर्मचारी और नौकरशाहों का गोल बन विकास जनकल्याण के बजाए इन जनप्रतिनिधियों के मंसूबों की आड़ में धन कबाडऩे में लग जाता है। और हर चुनाव से पूर्व अपने जनप्रतिनिधियों के मुख से नयें नयें वादे आश्वासन सुन हर चुनाव में वोट दे आम आदमी बाद में ठंगा सा रह जाता है।

देखा जाये तो विगत एक दशक में केन्द्र व रा'य सरकारों ने जितना धन खासकर गांव और ग्रामीणों के विकास पर मूल विकास को तिलांजली दे लुटाया है। अगर उसका सदउपयोग होता तो म.प्र. के 53 हजार के लगभग गांव और 23 हजार से अधिक पंचायतों का स्वरुप ही कुछ और होता। लेकिन कुछ गांवों को ऊंट के मुंह में जीरे के समान छोड़ भी दे तो पंचायती राज के पूर्व मौजूद गांवों से वर्तमान गांवों और ग्रमीणों की  हालत काफी बदžार  है।

ऐसा ही हॉल नगरीय निकायों का है। समुचे शहरों में फैला अतिक्रमण,अवैध कॉलोनियां सड़कों पर बहती गन्दगी,खत्म होते वर्षाती नाले निस्तारी तालाबों में कॉलोनी,कांक्रीट के जंगल शहरों में सड़कों के नाम उधड़ी सड़के उड़ती धूल अधंकार में डूबे गली मोहल्ले और शुद्ध पेयजल के लिए रतजगा कर हाथों में कट्टी लिये फिरते लेाग। ये तो नगरीय निकायों की वानगी भर है। 2000 से लेकर 3500 रुपये में दिन भर गरीबों का तेल निकाल मैला साफ कराने और शहर को साफ सुन्दर करबाने वाले नगरीय निकाय जब अपने कर्मचारियों का ही कल्याण करने में अक्षम है। तो ऐसे में इनसे नगरों के विकास और जनकल्याण की बाते बैमानी है।

उदाहरण बतौर अगर हम म.प्र. के शिवपुरी जिले को ले तो शिवपुरी शहर जैसा हर मामले में सुन्दर सूव्यवस्थित शहर समुचे ग्वालियर-चम्बल  संभाग में नहीं मगर यह शहर  अब अतिक्रमणों के चलते सŽजी मण्डी में तŽदील है। न तो यहां पालिका के सेकड़ों बीघा के बगीचें है और न ही 18 के करीब तालाब और न ही कई किलो मीटर लम्बे वर्षाती नाले बचे। शहर की समुंचे संभाग भर सेे चौड़ी सड़के बची। हालत ये है कि

तालाबों में सीमेन्ट क्रांकृीट के महल है तो नालों के किनारे भवन तथा सड़कों पर बाजार अगर कुछ सड़के है भी तो वह भी  अब गली बन बगडन्डियां बन चुकी  है। रहा सवाल मौजूद शेष सड़कों का तो विगत 10 वर्षो से सीवर लाइन का ऐसा फोबिया भड़का है कि जिसकी धमक से शेष सड़के उधड़,गन्दे पानी प्रवाह की वायस है। गड्डों में तŽदील दिन भर शहर की सड़कों पर उड़ती धूल को देख अब तो लेाग भी कहने लगे इससे तो गांव ही ठीक था।

अब ऐसे में सरकार के 73वे व 74 वे संसोधन और लाखों करोड़ फूकने के बाद इन सरकारों और इन्हें चलाने वालों के हाथ क्या लगा ये तो वो ही जाने। आज जरुरत है हमारी सरकारों ,नेताओं को पुन: सोच संकल्पित होने की उन्हें क्या करना है। क्या वह जनता को सीधे तत्काल लाभ देना चाहते है या फिर इसी गफलत में प्रदेश और देश को आगे ले जाना चाहते है। क्योकि जब तक प्रदेश और देश में स्थानीय संस्थायें ईमानदारी से मजबूत नहीं होगी तब तक न तो प्रदेश और न ही देश विकास कर सकेगा। क्योकि हमारे विधायक,सांसदों को तब तक यहीं चिन्ता सताती रहेगी कि किस वार्ड गांव में सी.सी. कहा नाली और किस पंचायत या नगरीय निकाय को काम देना है। जब वह वोट के लिये इसी में उलझे रहेंगे तो सरकारों के निर्णय भी गली मोहल्ले और चव्वनी छाप होते रहेंगे। बेहतर हो सरकारे अपने मूलकर्žाव्यों को पहचाने नीतियां बनाये और पंचायत नगरीय निकायों को अपना कार्य पूर्ण आजादी से करने दे तब ही स्व'छ,सशक्त और सम्पन्न राष्ट्र,प्रदेश गांव शहरों की कल्पना साकार हो पायेगी वरना आजाद भारत में 65 वर्ष ही नहीं और अगले 65 वर्ष गुजर लाखों हजारों करोड़ रुपये की नदियां वहा दी जाये न तो गांव शहर प्रदेश देश की सूरत बदल पायेगी और न ही सरकारे छोटी छोटी मांगों से अपना फन्द छुड़ा पायेगी।

व्यापारियों के दुख दर्द में आगे रहूंगा: स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा


दतिया मध्यप्रदेश शासन के विधि विधायी, संसदीय कार्य, आवास एवं लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा द्वारा बड़ौनी पहुंचकर स्थानीय हाई स्कूल प्रांगण में आयोजित नव गठित व्यापार मण्डल के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। उन्होंने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाई तथा उपस्थित जन समुदाय को संबोधित किया। इस अवसर पर सर्वश्री प्रदीप अग्रवाल, राकेश कुमार दीक्षित, डा. अनुराग सांवला, रामकुमार गुप्ता, श्री कौशिक, उपाध्यक्ष नगर पंचायत श्रीमती किरण सुमित गुप्ता, वीर सिंह यादव, दिनेश गुप्ता, अन्यजन उपस्थित रहें।

स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने उपस्थित व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारियों के दुखदर्द में हमेशा साथ रहता हॅूू। किसी भी प्रकार की बात हो अथवा कोई भी परेशानी में सबसे आगे खड़ा होकर आपके सुख दुख में सम्मिलित होने की कोशिश करता हॅॅॅू। उन्होंने कहा कि आज जब मुझे ओलावृष्टि की खबर लगी तो किसानों के खेतों में पहुंचने से पहले मैं स्वयं उनके खेतों में पहुंचा और उनके नुकसान को देखा और उन्हें तसल्ली दी। उन्होंने व्यापार मण्डल के सदस्यों से कहा कि वह संगठित होकर समस्त व्यापारियों के हित में कार्य करें। उन्होंने सभी व्यापारियों  व पदाधिकारियों को शुभकंामनायें दी। उन्होंने कहा कि शपथ लेना एक बात है और शपथ को अमल में लाना दूसरी बात हैं आप सभी अपनी जिम्मेदारी को समझे और शपथ के वचन को निभायें। कार्यक्रम के दौरान श्री प्रदीप अग्रवाल, श्री राकेश दीक्षित, श्री अनुराग सांवल, श्री सुमित गुप्ता, श्री संतोष कुशवाह आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के प्रारंभ में व्यापार मण्डल के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री रामकुमार गुप्ता रांववाले, उपाध्यक्ष श्री संतोष कुशवाह सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा शपथ ली गई।


किसी को निकाह, किसी को विवाह तो किसी को इलाज के लिये मिली मदद


ग्वालियर 26 फरवरी 2013/ इमदाद की आस लेकर पहुँचे जरूरतमंद फरियादियों के लिये कलेक्ट्रेट की ''जनसुनवाईÓÓ काफी राहत भरी रही। कलेक्टर श्री पी नरहरि ने जनसुनवाई में किसी की बिटिया के निकाह तो किसी की कन्या के हाथ पीले करने के लिये सरकार की विभिन्न योजनाओं व रेडक्रॉस से आर्थिक मदद दी। इसी तरह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से ताल्लुक रखने वाले आधा दर्जन से अधिक जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक मदद के साथ-साथ उनके मुफ्त इलाज का इंतजाम भी हुआ।

मंगलवार को हुई कलेक्ट्रेट की ''जनसुनवाईÓÓ में ललितपुर कॉलोनी निवासी श्रीमती परवीन बानो की बेटी रूबी के निकाह के लिये रेडक्रॉस से आर्थिक सहायता दिलाई गई। इसी तरह एक दुर्घटना में लगी गहरी चोट से नि:शक्त हो चुके जहांगीरपुर मुरार निवासी श्री हाकिम सिंह व गले रोग से पीडि़त नदी पार टाल मुरार निवासी मंजू को भी आर्थिक इमदाद मिली। कलेक्टर ने जनसुनवाई में पहुँची आरोन निवासी श्रीमती कलाबाई जाटव और हुरावली निवासी एक विधवा महिला रेखा जाटव, बंशी की बगिया ललितपुर निवासी शारदा पिप्पल और पिछोर डबरा निवासी चन्दन सिंह को भी आर्थिक मदद दिलाई। लकवा रोग से पीडि़त भीम नगर ठाठीपुर निवासी श्री संजीव अहिरवार व रेशम मिल बिरलानगर निवासी श्रीमती पिंकी शाक्य की बेटी नैंसी और डाँडा खिड़क ग्राम से आए श्री नेकराम मोगिया बी बिटिया की गंभीर बीमारी के मुफ्त इलाज का इंतजाम भी ''जनसुनवाईÓÓ में हुआ।

कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में इस बार लगभग 230 फरियादी पहुँचे। कलेक्टर श्री नरहरि ने नि:शक्त फरियादियों की सुनवाई पृथक से कलेक्ट्रेट के प्रथम तल के सभाकक्ष में की। शेष फरियादियों की सुनवाई हर बार की भाँति नवीन कलेक्ट्रेट में द्वितीय तल पर स्थित बड़े सभाकक्ष में की गई। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री सतेन्द्र सिंह व श्री शिवराज वर्मा, एसडीएम ग्वालियर ग्रामणी श्री मोहित बुंदास, संयुक्त कलेक्टर श्री अनुराग सक्सेना, श्रीमती विदिशा मुखर्जी व श्री एच एस भदौरिया एवं डिप्टी कलेक्टर श्री अनुज रोहतगी ने भी जन सामान्य से आवेदन प्राप्त किए।


पटवारी की वेतन वृद्धि रोकी


हल्का नंबर - 37 (सालवई) के पटवारी श्री मातादीन कुशवाह की दो वेतन वृद्धियाँ रोकने के निर्देश कलेक्टर श्री पी नरहरि ने दिए हैं। ग्राम सालवई डबरा निवासी कास्तकार श्री प्रवीण कृष्ण को उसके खाते की जमीन का ब्यौरा भरकर ऋण पुस्तिका देने में इस पटवारी द्वारा लम्बे समय से आना-कानी की जा रही थी। कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुँचकर श्री प्रवीण कृष्ण ने इस आशय की कलेक्टर से फरियाद की। इस कास्तकार का कहना था कि ऋण पुस्तिका प्रदान करने के लिये डबरा एसडीएम ने संबंधित पटवारी को निर्देश दिये थे। लेकिन पटवारी द्वारा ऋण पुस्तिका देने में आना-कानी की जा रही है।


फर्जी तरीके से लोन निकालने की होगी गहन जाँच


मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुँचकर नौगाँव निवासी एक आदिवासी महिला श्रीमती कैलाशीबाई ने फरियाद की कि उनकी जमीन पर गाँव के ही एक व्यक्ति द्वारा फर्जी तरीके से बैंक से लोन निकाला गया है। कलेक्टर श्री नरहरि ने इसे गंभीरता से लिया और एसडीएम झाँसी रोड़ को तत्परता से इस प्रकरण की जाँच करने और दोष साबित होने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी है।


ओला प्रभावित फसलों का निरीक्षण खेतों पर जाकर करें: राज्यमंत्री


गुना 26 फरवरी 2013/ सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास एवं विमानन रा'यमंत्री श्री के. एल. अग्रवाल ने दो दिवस में विकास खण्ड बमोरी क्षेत्र के ओला प्रभावित ग्राम पाटन, विशनवाड़ा, पीपलखेड़ी , बांसखेड़ी , खेरीखता, भूमराखेड़ी , अजरोड़ा , कोहन, किशनपुर , रामनगर , फतेहगढ़ और पाड़ोन में सघन भ्रमण कर अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राकृतिक आपदा (ओलो) से प्रभावित धनिया , गेंहू , आदि फसलों का निरीक्षण खेतों पर जाकर करें। प्रभावित फसलों का सर्वे किसान हित में हो , ताकि किसान को सहायता राशि मिल सके ।

रा'यमंत्री श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों को बताया कि प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने किसानों के हित में कई कल्याणकारी योजना चलाकर खेती को लाभ का धंधा बनाया गया है । इन योजनाओं के तहत किसान लाभान्वित होकर विकास की ओर अग्रसर है । किसानों को गेंहू की फसल विक्रय पर 150 रुपये के बोनस के साथ-साथ 24 घंटे बिजली उपलव्ध कराई जायेगी। विकास खण्ड बमोरी में विद्युत फीडर सेपरेशन का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। इस क्षेत्र में अधिक से अधिक विद्युत सवस्टेशन स्वीकृत किये गए हैं । बिजली की कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा कि माह मई से 24 घंटे बिजली उपलव्ध कराया जाना सुनिश्चित किया गया है।

रा'यमंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि किसानों के हित में सरकार प्राथमिकता से आगे बढ़कर काम कर रही है । किसानों की मेहनत से सरकार को किसान कर्मण्य पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है । यह सबसे बड़ी उपलव्धि है ,जिसके लिये किसान बधाई के पात्र है । रा'यमंत्री श्री अग्रवाल ने ग्राम भ्रमण के दौरान ग्रामीणों की मांग पर ग्राम भावपुरा में पानी की टंकी , कोहन पंचायत द्वारा बनवाये जाने के निर्देश दिये । ग्राम अजरोड़ा में रामजानकी मंदिर के पास चबूतरा बनवाने की राशि देने और नदी पर पुलिया आर.ई.एस विभाग से बनवाने की सहमति दी गई ।

इस अवसर पर श्री रामजीलाल धाकड़ , मण्डल अध्यक्ष श्री गोपाल अग्रवाल, श्री भगवान लाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि , तहसीलदार श्री एस. डी. धाकड़, नायब तहसीलदार श्री गेहलोत राजस्व अमले के साथ उपस्थित थे ।



जनसुनवाई में 110 आवेदन प्राप्त, विभागों को तत्काल निराकृत करने के निर्देष


अषोकनगर 26 फरवरी 2013/  कलेक्टेऊट कार्यालय में मंगलवार 26 फरवरी 2013 को मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा संचालित जनसुनवाई कार्यक्रम अन्तर्गत कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने प्रात: 10.30 बजे से जनसुनवाई की।  जनसुनवाई कार्यक्रम में 110 आवेदन पत्र प्राप्त हुए।

कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने आम जन की सुनवाई करते हुए तत्काल आवेदन पत्रों पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देष विभाग प्रमुखों को दिये हैं।  जनसुनवाई में विभिन्न विभागों षिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, सामाजिक न्याय विभाग एवं अन्य विभागों के प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही कर प्रतिवेदन भेजने के निर्देष कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने दिये हैं।  जनसुनवाई में डिप्टी कलेक्टर श्री जाटव उपस्थित थे।


जनसुनवाई में दो विकलांग व्यक्तियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देष:-

कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई करते समय तोफानसिंह (गोलू) रामलाल राजपूत निवासी खेराई ने पेंषन, विकलांगता प्रमाण पत्र एवं साइकिल हेतु जनसुनवाई में आवेदन किया।  कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने सुनवाई करते हुए श्री कमलेषसिंह उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग को निर्देषित किया कि तत्काल तोफानसिंह को तत्काल जिला विकलांग एवं पुर्नवास केन्द्र पछाडी खेडा रोड अषोकनगर में चिकित्सीय परीक्षण उपरांत प्रमाण पत्र, पेंषन एवं साइकिल प्रदाय करने के निर्देष दिये हैं।  वही दूसरे विकलांग आवेदिका श्रीमति लछियाबाई पति श्री पदमा मेहतर निवासी राजपुर ने भी ट्राय साइकिल प्रदाय करने व पेंषन 150/- रू. से बढ़ाकर 200/- रू. कराने की मांग की, कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने आवेदिका को परीक्षण कराकर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देष दिये।

रामप्रसाद के राषन कार्ड वहाल करने के दूरभाष पर दिये निर्देष:-

जनसुनवाई के दौरान रामप्रसाद लोधी पुत्र जालमसिंह निवासी वार्ड क्रमांक 8 पिपरई ने जनसुनवाई में आवेदन दिया कि परिवार में केवल पति-पत्नि विकलंाग वृद्व हैं, उनके कोई संतान भी नहीं है, उसका अत्योंदय राषन कार्ड ग्राम पंचायत द्वारा निरस्त कर दिया गया है।   कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने तहसीलदार को दूरभाष पर संबंधित का राषन कार्ड तत्काल बहाल करने के निर्देष दिये।


परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग करने पर लगा प्रतिबंध


मुरैना 26 फरवरी 13/ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 1 मार्च 2013 से प्रारंभ हो रही हायर सेकेण्ड्री एवं हाई स्कूल परीक्षाओं में विद्यार्थियों को पढाई करने में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो इस दृष्टि से जिला दण्डाधिकारी श्री डी.डी.अग्रवाल ने तेज गति से बजने वाले ध्वनि विस्तारक संयत्र के उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाया है । यह प्रतिबंध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 में प्रदश्र शक्तियों का प्रयोग करते लगाया है ।

जारी आदेश में जिला दण्डाधिकारी ने प्रतिबंधित क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों से प्रसारण की स्वीकृति के लिए समस्त एस.डी.एम. तथा तहसील मुख्यालय के लिए तहसीलदार को अनुमति दिये जाने हेतु प्राधिकृत किया है । उनके द्वारा विशेष आधारों पर मंद ध्वनि में केवल दो घंटे की अवधि हेतु अनुमति दी जा सकेगी तथा रात्रि 10 बजे के बाद यह अनुमति नही दी जायेगी । अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थाओं और न्यायालयों के आसपास 100 मीटर के क्षेत्र में यह अनुमति नही दी जायेगी । यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है ।



बंदीगणों के प्रकरणों में सुनवाई समय पर-डी जे श्री अरोरा


श्योपुर/ जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री महेन्द्र पीएस अरोरा ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से बंदियों के प्रकरणों में त्वरित निर्णय लिए जाकर, प्रकरणों में सुनवाई  समय पर करने की पहल की जा रही है। साथ ही प्रत्येक माह में बंदीगणों को प्लीवारगेंनिंग के अंतर्गत समझाइस दी जाकर, उनको सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करने की पहल जारी है। वे आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में उपजेल श्योपुर के प्रागंण में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर केा संबोधित कर रहे थें।

इस अवसर पर जिला रजिस्ट्रार एवं न्यायाधीश श्री अशोक गुप्ता, न्यायाधीश श्री संजय अग्रवाल एवं श्री मुनेन्द्र वर्मा, विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य एवं समाजसेवी डॉ. राध्येश्याम गुप्ता, श्री कैलाश पाराशर, जेलर श्री एचजी माहौर, जेल कर्मचारी और बंदीगण उपस्थित थें।

जिला न्यायाधीश श्री महेन्द्र पीएस अरोरा ने कहा कि बंदीगण कारागार में भाईचारे के साथ रहकर, पेशी के दौरान प्लीवारगेंनिंग की सुविधा प्राप्त करने का लाभ ले सकते है। उन्होने कहा कि अपराध जाने अनजाने में होता है, इसलिए बंदीगण समय का सद्उपयोग करें। जिला न्यायालय के माध्यम से जेल के बंदियों के प्रकरणों में जल्दी निर्णय देने की पहल की जाती है। इसलिए अपने किये गये अपराध के प्रकरण में न्याय प्राप्त करने के लिए विधिक सहायता के माध्यम से वकील आदि की सुविधाऐं ली जा सकती है।



साहब! हम अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों के इन्दिरा आवास कुटिर गांव के एक दबंग ने गिरा दिए हैं


भिण्ड 26 फरवरी 2013ध् साहब! गांव के एक दबंग व्यक्ति ने हम अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों के इन्दिरा आवास कुटिर गिराकर हमारे सर से रहने की छत छीन ली है। आप दबंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर हमारे साथ न्याय करें। यह शिकायत आज यहां जनसुनवाई में जखमौली गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के आठ व्यक्तियों ने मार्मिक शब्दों में कलेक्टर श्री अखिलेश श्रीवास्तव से की। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव के दबंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के फौरन अजाक थाना प्रभारी को निर्देश दिए। गुरजा का पुरा निवासी सूरतराम शर्मा ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि तहसील मेहगांव का कम्प्यूटर ऑपरेटर उसको खसरे की नकल देने के एवज में पांच सौ रूपए मांग रहा है। उसने खसरे की नकल दिलवाने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने इस मामले की जांच करने के अपर कलेक्टर भिण्ड को निर्देश दिए। नेहरा गांव की सरपंच श्रीमती गुड्डी देवी ने कलेक्टर से शिकायत की कि उनकी ग्राम पंचायत को जनभागीदारी योजना के तहत वर्ष 2009-2010 में हैंडपंप खनन एवं सीसी रोड़ निर्माण हेतु अनुदान राशि स्वीकृत की गई थी। कार्य पूर्ण होने के उपरांत उनका मूल्यांकन हो चुका है और कार्य समाप्ति का प्रमाण-पत्र भी जारी हो चुका है। परन्तुु इसके बावजूद उन्हें अनुदान राशि की अंतिम किश्त का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस मामले में तत्परता से उचित कार्रवाई करने के जिला योजना अधिकारी को निर्देश दिए।

मुसाबली निवासी पूरन सिंह ने अपने पांच वर्षीय नेत्रहीन बेटे शिवम की आंखों का ईलाज कराने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने शिवम की आंखों की नि:शुल्क चिकित्सा करने के सिविल सर्जन को निर्देश दिए। भिण्ड निवासी विकलांग कु. वर्षा ने ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की कलेक्टर से फरियाद की। कलेक्टर ने कु. वर्षा को ट्राई साइकिल प्रदाय करने के उप संचालक सामाजिक न्याय को निर्देश दिए। भिण्ड निवासी पिछड़ा वर्ग की श्रीमती गुड्डी देवी ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कलेक्टर को बताया कि पति की मृत्यु हो जाने के बाद वह आर्थिक समस्याओं से जूझ रही है। उसके दो ब'चें है, जिनकी परवरिश करने में उसको कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने गुड्डीदेवी के ब'चों को पिछड़ा वर्ग छात्रावास में भर्ती कराने के जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग को निर्देश दिए और गुड्डीदेवी को मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत दोनों वक्त का भोजन उपलब्ध कराने के जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए।

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Village Times: अलाली लूट खसौट के अड्डे बने निकाय, स्व.राजीव की कोशिश,बापू का सपना बेकार
अलाली लूट खसौट के अड्डे बने निकाय, स्व.राजीव की कोशिश,बापू का सपना बेकार
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