पूर्व मुख्यमंत्री सिंह की पत्नी के निधन पर शिवपुरी में शोक की लहर

शिवपुरी। म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह की धर्म पत्नी श्रीमति आशा सिंह के निधन पर शिवपुरी जिले के कांग्रेस जनों सहित नागरिकों ने शोक जताया है। बीते रोज दिल्ली में निधन होने के बाद उनका शव दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा उनके ग्रह नगर राद्यौगढ़ ले जाया गया।

शिवपुरी ग्वालियर वायपास पर सैकड़ों की तादाद में मौजूद कांगं्रेसी नेता और कार्यकर्žााओं ने स्व. श्रीमती आशा सिंह के एम्बूलेंस में रखे पार्थिक शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर शोक सवेदना व्यक्त की। पार्थिक शरीर के साथ पूर्व मुंख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी और उनके साथ आये तमाम कांग्रेसी नेता अन्य वाहनों में चल रहे थे।


इस मौके पर सिंह से कई कांग्रेसी नेताओं ने मिल उन्हें ढांढस बंधाया शोक संदेश व्यक्त करने वालों में विलेज टाईम्स के प्रधान संपादक वीरेन्द्र शर्मा भुल्ले के अलावा कांग्रेसी नेताओं ने श्री प्रकाश शर्मा,रामसिंह यादव,विजय सिंह चौहान,शिव प्रताप सिंह,उपेन्द्र सिंह तोमर,ब्रजेश गुरु,जगदीश अग्रवाल,दुर्गे सिंह कुशवाह,नरेन्द्र जैन भोला,वाजिद खांन,वासिद अली,रुप किशोर वशिष्ठ,आजाद खांन,संजय चर्तुेवेदी,र्निभय सरदार,हरिवल्लभ शुक्ला,राकेश अमोल एवं कई नेता थे।

सबाई माधौपुर-झांसी, रेल मार्ग, बजट से बाहर

व्ही.एस.भुल्ले@अब भारतीय रेले 100 वर्ष पुराने पुल पुलियों या पटरियों पर दौड़े या फिर लेागों के सीने पर बंसल जी के बजट से जहां आलाकमान खुश है। वहीं उनके दल की सरकारे बाग-बाग, मगर इस बीच सहयोगी विरोधी भले ही डकराने या फिर आम यात्री छाती पीटता नजर आये फिलहॉल तो सुधार का रेल सफर अब कुछ मंहगा होगा।

भले ही भविष्य की आधारभूत सोच मृत हो, हाफनी भरती नजर आती हो मगर वर्तमान रेल्वे का कुछ वैसा ही है, जैसा आज तक चला आ रहा है। एक मर्तवा जरुर भारतीय रेल ने स्वर्गीय राजीव जी की सरकार में अवश्य लम्बी छलंाग लगाई थी स्व.श्रीमंत माधवराव सिंधिया जब वह तत्कालीन स्वतंत्र प्रभार मंत्री थे। शताŽदी श्रंृखला के साथ रेलवे स्टेंशनों का सुधार और इतना ही नहीं भारतीय रेल ने विदेशों में भी खासी ख्याती अर्जित  की थी। मगर पवन कुमार बंसल के बजट ने भले ही सुरक्षा सुधार और चुनावों के मद्देंनजर बेहतर समन्वय भिड़ाने का प्रयास किया हो सेवा,सुधार और सियासत के लिए जिसकी प्रसंशा देश के प्रधानमंत्री जी ने भी है। और मैज तपतफा यू.पी.ए. अध्यक्ष ने स्वागत किया हो मगर सहयोगी दल रा.ज.द.स.पा. सहित अन्य विपक्षी दलों ने बंसल की राय से उलट अलग अलग राय रखी है। मोटी बात बंसल जी के बजट की यह है कि 26 नई पैंसेन्जर 67 नई एक्सप्रेस 5 मेमू,8 डेमू तथा 57 गाडिय़ों के रुट का विस्तार किया गया है। साथ ही रेल्वे कचरे को को बेच 4500 सौ करोड़ जुटाने,6 नये रेलनीर पानी बोतल प्लान्ट,450 कि.मी. छोट लाइनों को बड़ी रेल लाइन,500 कि.मी. बड़ी लाइने 750 कि.मी. लाइनों का दोहरी करण 850 करोड़ का घाटा डीजल दाम वृद्धि से दर्शाया गया है।  इसके अलावा आलाकमान के संसदीय क्ष्ेात्र रायबरेली,अमेठी वाले प्रदेश,हरियाणा सोनीपथ,राजस्थान,भीलबाड़ा तथा कांग्रेस जीत की संम्भावना वाले क्षेत्र प्रतापगढ़ कालीहाड़ी,कुरनूल,पालाकार्ड में रेल आधारित नये उघोगों की स्थापना 1-2   के अलावा भूमि विकास प्राधिकरण और रेल्वे विकास प्राधिकरणों को क्रमश:1000-1000 करोड़ की व्यवस्था की गई है। वहीं 1.52 लाख की भर्ती तथा माल भाड़े में 6 फीसदी बढ़ोतरी की व्यवस्था है। वहीं चुनिंदा गांउिय़ों में आदर्श सुविधाओं वाली एक आधुनिक ,,अनुभूति,, बोगी भी लगाये जाने की बात कहीं गयी है। इसके अलावा 60 नये आदर्श स्टेशन बड़े स्टेशनों पर 179 स्वचालित सीढिय़ां 400 नई लिफट,ऑटो मेटिक Žलॉक सिंग्गल रुटों पर ट्रेन प्रोटेक्शन वार्मिग सिस्टम 17 पुलो का जीर्णोद्वार बिना चौकीदार वाली 1097 क्रासिंगों की समाप्ति इत्यादि इत्यादि।

मगर यहां यक्ष प्रश्र यह है,कि वो कौन सी मोटी बाते रही जिनका इस बजट में सर्वथा आभाव रहा। जिस पर बंसल जी का बजट बिल्कुल चुप है।

रेल बजट में माल भाड़ा यात्रा रेल पथ के नव निर्माण विकास पर तो पर्याप्त फोकस है। मगर रेल की राष्ट्र और राष्ट्र बासियों के लिये उपलŽधता राष्ट्रीय सुरक्षा और रेल पटरियों पुलों पर बढ़तें दवाव,रेल यात्रियों की बढ़ती संख्या तथा कई जगह रेल सुविधाओं से होने वाली अपर्याप्त आय और यात्री सुरक्षा  का कोई विशेष प्रावधान नही। जिस रेल संचालन को कभी 19 लाख कर्मचारी ढोते थे आज उनकी संख्या मात्र 14 लाख के आसपास है।

मगर सबाल यहां यह है कि मुख्य मद्दों को देेखे कौन, न तो किसी को राष्ट्रीय  सुरक्षा और रेल्वे की समृद्धि सहित आम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा की दरकार है न ही  बढ़ते घाटे की पूर्ती के लिए कोई अजूबा हथियार। जनरल डिŽबों में गाजर मूली की तरह भर भगवान भरोसे यात्रा करने वालो का क्या बजट कि संवेदनशीलता तो इसी से उजागर होती है। जिस तरह के तोहफे कांग्रेस सरकार वाले प्रदेशों और आलाकमान के संसदीय क्षेत्रों को मिले है। यह तोहफे उन प्रदेशों को नहीं मिल सके जहां गैर कांग्रेसी सरकारे है।

मगर हद तो तब है। जब इस बजट में आजादी से लेकर आज तक सुरक्षा की द्रष्टि से सबसे अहम रेल मार्ग सवाईमाद्यौपुर राजस्थान वाया श्योपुर शिवपुरी म.प्र. झांसी उ.प्र. प्रस्तावित रेल मार्ग का आज तक सर्वे ही पूरा नहीं हो सका। जिसकी शुरुआत तत्कालीन रेल मंत्री स्व.माधराव सिंधिया ने बैचारिक तौर पर की थी।  जबकि रेल मंत्रालय ने वोटो की राजनीति के चलते ग्वालियर,श्योपुर कला छोटी लाइन को तो बड़ी लाइन में तŽदीली का फैसला कर लिया,जिसका भौगोलिक द्रष्टि से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई उपयोग नहीं न ही रेल्वे की आय बढ़ाने का मोटा जरिया जो कतई उचित नही।ं ये सहीं है कि यात्रियों की सुविधा द्रष्टि से छोटी लाइन बड़ी लाइन में तŽदील हो मगर राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर नहीं।

वर्षो से लटका सवाईमाधौपुर झांसी रेल मार्ग उतना ही जरुरी है। जितनी रेल्वे को रेल्वे की जान, अगर इस बजट में यह मार्ग जिसकी लम्बाई लगभग 250 कि.मी. हेागी को राष्ट्रीय सुरक्षा की द्रष्टि से लिया जाता तो इस मार्ग पर कई सेना छावनी कैम्प ऐसे है जहां से सेनाये कुछ ही घन्टों में पूर्वी सीमा से पश्चिमी सीमा तक कुछ ही घन्टों में बगैर आगरा और बीना का फेरा लिये पहुंच सकती है। वहीं आर्थिक द्रष्टि से भी अगर  पर्यटन को बढ़ावा देने की द्रष्टि से भी आय बढ़ाने सोचा जाता तो यह एक अहम रेल मार्ग बन सकता था। क्योकि इस रेल मार्ग पर जहां 3 राष्ट्रीय नेशनल पार्क रण थंम्बोर,कूनापालपुर, माधव राष्ट्रीय उद्यान पड़ते है। वहीं दिल्ली,मथुरा, आगरा,जयपुर,सवाईमाद्यौपुर,श्योपुर, शिवपुरी,झांसी और खजुराहों को सीधा जोड़ा जा सकता है। जिससे रेल्वे को पर्यटकों सें मोटी आय हो सकती थी वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा को भी और मजबूत किया जा सकता था,मगर इस अहम मामले में भी बंसल जी का बजट चुप ही रहा। काश सवाईमाधौपुर और झांसी रेल मार्ग निर्माण को भी बंसल जी ने अपने बजट में लिया होता तो यह भारत और भरतीय रेल को दूर की कोणी साबित होता।



नौनिहालों  की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है प्रदेश सरकार- मुरारी गुप्ता

दतिया। प्रदेश सरकार मासूम बच्चों से उनके जीने का अधिकार छीन रही है। उक्त उद्गार जिले के कॉग्रेसी नेता मुरारीलाल गुप्ता ने जन जागरण यात्रा के दौरान ग्राम भागौर में व्यक्त किये। उन्होंने प्रदेष की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के नौनिहालों को नकली दवाओं से उपचारित किया जा रहा है। गंभीर बीमारियॉ ंतो दूर खसरे तक का इलाज करने में असफल है। उन्हांेने प्रदेश सरकार को भ्रष्टाचार में लिप्त करार देते हुए उनके जीवन से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया, जिसके परिणाम स्वरूप प्रतिदिन ५८ बच्चे काल के गाल में समां जाते हैं।

अन्य वक्ताओं द्वारा जन जागरण यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में बीते वर्ष २१ हजार ४०४ बच्चों की मौंत हुई है। जिसमें ०-६ वर्ष के बच्चों की संख्या २० हजार ८६ है, वहीं ६-१२ वर्ष के बच्चों की संख्या १३८१ है। यात्रा के संयोजक श्री गुप्ता ने प्रदेश के मुखिया श्री शिवराज सिंह चौहान व स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया है कि क्या कारण हैं कि इतने मासूम बच्चे काल के ग्रास बन गये हैं। श्री मुन्ना खॉ ने जिला अस्पताल में प्रावधान २३० विस्तरों का है किन्तु ऐसा अस्पताल में नहीं है। मरीजों को समय पर न तो उपचार मिल रहा है और न ही निर्धारित आहार का वितरण हो रहा है। यात्रा का संचालन चतुर्वेदी गौतम ने किया। जन जागरण यात्रा में पूर्व नपा उपाध्यक्ष गिन्नीराजा, धर्मेन्द्र परमार, अनिल श्रीवास्तव आदि सम्मिलित रहे।  

गूंगी बहरी महिला के साथ यौन हिंसा

दतिया। सेंवढ़ा अनुभाग के लाँच थाना क्षत्रांतर्गत आने वाले ग्राम कुलैथ में एक कामांध युवक एक गँूगी बहरी महिला के साथ यौन हिंसा को अंजाम दे डाला। जानकारी के मुताबिक महिला का पति पीएससी की परीक्षा देने दतिया आया हुआ था और अपनी माँ के साथ पत्नि को छोड़ आया था। सास अपने खेत पर काम करने चली गई थी तभी पीड़िता घर में अकेली रह गई थी।  इसी दौरान पड़ौसी कामांध युवक ने घर में घुसकर २४ वर्षीय महिला के साथ दोपहर के वक्त यौन हिंसा कर दी। पीड़िता ने थाने आकर अपने पति के साथ प्रकरण पंजीवद्ध कराया। पीड़िता ने अपने साथ हुए दुराचार को इशारों से बताकर जानकारी दी।



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