एक और नेता की बैबाकी: आखिर खून बोलता है

लोग को संसय भले ही हो,मगर कहते है खून बोलता है विश्व के महान लोकतंत्र में यह दूसरा वाक्या है। जब किसी नेता ने साफ-साफ बोलता है। पहली मर्तवा जब राजीव जी ने बोला था कि जब हम 100 रुपये दिल्ली से भेजते है तब 15 पैसा आम गरीब को मिलता है। दूसरी मर्तवा तब है जब राहुल ने चापलूसी के खिलाफ बोला है। भले ही मौका था पार्टी बैठक का जिसमें 2014 में होने वाले चुनावों में कांग्रेस को जीत दिलाने का।

मगर जैसे ही उžाराखण्ड के मुख्यमंत्री द्वारा अपना विचार रखा राहुल तिलमिला गये और उन्हें कहना पढ़ा। कि आप अपना काम कीजिए और मैं अपना काम कर रहा हूं। प्रधानमंत्री पद का सही उम्मीदवार कौन है,यह तय करना आलाकमान का काम है आपका या मेरा नहीं। उन्होंने कहा कि मनमेाहन सिंह हमारे प्रधानमंत्री है और वह अ'छा काम कर रहे है। राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं को चेतावनी वाले लहजे में कहा कि जहां अ'छे काम करने पर ईनाम मिलेगा वहीं खराब कामों के लिए सजा भी मिलेगी। 

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हर तीन महीने में एक समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी। अपने एजेंडे में यूपी को सबसे ऊपर रखते हुए राहुल ने यूपी के नेताओं की खिंचाई करते हुए कहा कि जो नेता अपने उम्मीदवार को टिकट दिलाने पर जोर देंगें उन्हें हारने पर जिम्मेदारी भी लेनी होगी। मगर गुटों में बटी कांग्रेस और बैचारिक रुप से निस्तनाबूत होती कांग्रेस  पर दुख सभी को है। मगर राहुल के बैबाक व्यान ने डूबती कांगे्रस को बचाने का कार्य किया है।

काश राहुल अपने के साथ ही, संगठन को जिन्दा कर अपने परिवार की  कुर्बानियो भरे इतिहास को जिन्दा रख अपने पूर्वज की लाख कुर्बानियों के बावजूद उन्हें जिन्दा रख देश बासियों के लिए कार्य करे।

मगर जो तर्क देश,देशबासियों और राष्ट्रहित को सामने रख सोचते है। उनमें एक नाम राहुल का है यह उनका बड़कपन ही नहीं और उनके संस्कार है। जो उन्होंने प्रधानमंत्री का पक्ष लिया उन्होनें ताकित की वह सžाा संगठन में से सर्वोपरि संगठन ही मानते है।

जब लेाग स्वार्थ में डूबे हो तब सžाा को छोड़ संगठन पर जोर देना यह राहुल की महानता है। गर वो चाहते तो निश्चित ही नहीं निशंदेह वे प्रधानमंत्री होते। मगर कहते है। कि खून बोलता है सो पंण्डित जी,इन्दिारा जी ही नहीं स्वर्गीय राजीव जी की आत्मा बोलती है। राहुल में। काश स्व.राजीव जी होते तो कितने खुश होते अपने नौनिहाल की वाकपटूता और कार्यशैली देख।

समाज की उन्नति के लिए सामूहिक विवाह जरूरी - स्वास्थ्य मंत्री


दतिया मध्यप्रदेश शासन के विधि विधायी, संसदीय कार्य, आवास एवं लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा द्वारा मण्डी कमेटी के पीछे चित्रगुप्त समाज के मंदिर पर पहुंचकर सामूूहिक विवाह समारोह में भाग लिया। उन्होंने समाज द्वारा बनाई गई। नवनिर्मित मंच का लोकार्पण किया। वर-वधुओं को आर्शीवाद दिया। समारोह की अध्यक्षता कैंसर हॉस्पीटल ग्वालियर के निदेशक डा. बी.आर. श्रीवास्तव द्वारा की गई। इस अवसर पर चित्रगुप्त समाज के जिलाध्यक्ष के.पी. श्रीवास्तव, एडवोकेट हरिहर निवाास श्रीवास्तव, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुशवाह, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारीयू..एस खरे, कोषाध्यक्ष डी.एन. खरे, अशोक श्रीवास्तव सिंधवारी, संदीप खरे सहित कायस्थ समाज के अन्य जन उपस्थित रहे। के.पी. श्रीवास्तव द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पहारों से स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन डा. राममोहन श्रीवास्तव एवं नीरज श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री डा. मिश्रा ने वर वधुओं को आर्शीवाद देने के उपरांत उपस्थितजन को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन में ही शक्ति हैं और यदि कोई भी समाज संगठित होकर सामूहिक विवाह करता हैं तो यह समाज की उन्नति तथा समाज की प्रगतिशीलता का परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाहों के आयोजन से सामाजिक व्यक्तियों को एक स्थान पर एकत्र होने का मौका मिलता हैं। श्रम, पैसे व समय की बचत होती हैं साथ ही आगे की विकास योजनायें भी बनाने में मदद मिलती हैं। उन्होंने चित्रगुप्त समाज को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए वर-वधुओं को शुभाशीष दिये। इस अवसर पर सहभोज का भी आयोजन किया गया।



मुख्य सचिव ने वर्षा से क्षतिग्रस्त फसलों का आंकलन कराने के


गुना 18 फरवरी2013/ मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में वर्षा एवं ओलावृष्टि से हुई फसलों की क्षति की समीक्षा करते हुये , तत्काल आंकलन कराये जाने के जिला कलेक्टरों को निर्देश देते हुये कहा कि पीडि़त किसानों को नियमानुसार तत्काल सहायता राशि उपलव्ध कराया जाना म्ी सुनिश्चित करें ।

उन्होंने निर्देश दिये कि जिन किसानों की अधिक क्षति हुई है उन किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पहले राहत राशि प्रदाय की कार्यवाही करें । फसलों के क्षति के आंकलन हेतु समीप के तहसील के राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की म्ी सेवाएं म्ी लें । जिससे क्षति का आंकलन का कार्य शीघ्र हो सके । प्रमवित क्षेत्रों में रोजगार मूलक विकास कार्य म्ी शुरु किये जायें । वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान एनआईसी केक वीडियो कान्फ्रेसिंग के हाल में जिला कलेक्टर श्री संदीप यादव , डिप्टी कलेक्टर श्री पी. के. श्रीवास्तव सहित संबंधित विमगों के जिलाधिकारीगण उपस्थित थे ।


बेटियों की आर्थिक आत्मनिर्भरता हेतु राज्य सरकार


ग्वालियर 18 फरवरी 2013/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत बेटियों को राजनैतिक के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सुदृढ़ बनाया जायेगा। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार बेटियों को स्वरोजगार की स्थापना हेतु 25 लाख रूपए तक ऋण मुहैया करायेंगे। जिसकी बैंक गारंटी भी रा'य सरकार देगी। उन्होंने यह बात विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या स्नातकोश्रर महाविद्यालय मुरार में राजमाता विजयाराजे सिंधिया की प्रतिमा के अनावरण तथा प्रशासनिक भवन, वाणि'य भवन, गृह विज्ञान भवन के शिलान्यास अवसर पर कीे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तथा मुरैना के सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की। कार्यक्रम में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री अनूप मिश्रा, स्वास्थ्य मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नरोश्रम मिश्र, गृह परिवहन एवं जेल रा'य मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, रा'यसभा सदस्य श्रीमती माया सिंह, महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, साडा अध्यक्ष श्री जयसिंह कुशवाह, जीडीए अध्यक्ष श्री रविन्द्र सिंह राजपूत सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कॉलेज की छात्रायें में उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ होना अति आवश्यक है, उन्होंने कहा कि बेटियों को सशक्त बनाने के लिये रा'य सरकार द्वारा बेटी शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को स्वरोजगार स्थापना हेतु 25 लाख रूपए तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्णय रा'य सरकार द्वारा किया गया। यह योजना एक अप्रैल 2013 से सम्पूर्ण प्रदेश में लागू होगी। योजनांतर्गत 5 वर्ष तक 5 प्रतिशत ब्याज की छूट भी सरकार प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि बेटियाँ पढ़ाई कर अ'छी नौकरियाँ प्राप्त करें तथा साथ ही उद्योग और व्यापार में भागीदारी दर्ज कराने तथा प्रदेश के आर्थिक विकास में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि तभी मध्यप्रदेश, देश का सिरमौर बन सकेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण के लिये विभिन्न संस्थाओं के निर्वाचन में आधे पद महिलाओं के लिये आरक्षित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की बेटियों में प्रतिभा की कभी नहीं है उन्होंने कहा कि बेटियों आगे बढ़े प्रदेश सरकार उनके साथ है। उन्होंने देश व प्रदेश के इतिहास की याद दिलाते हुए वीरांगना लक्ष्मीबाई से भगिनी निवेदिता तक का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने राजघराने में पैदा होने के बाद भी जनहित में लोकमाता तक मार्ग तय किया और समाज में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय की छात्राओं की माँग पर कॉलेज में स्पोर्ट कॉम्पलेक्स बनाने हेतु पुन: डीपीआर तैयार कराने के निर्देश दिये तथा शीघ्र ही पुन: महाविद्यालय आने का वायदा भी किया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय परिसर में तैयार की गई राजमाता विजयाराजे सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया।


प्रभावित फसलों की क्षति के आंकलन के लिए दल गठित-- कलेक्टर


श्योपुर/ श्योपुर जिले की विभिन्न तहसीलों  के क्षेत्रों में विगत दिनो ओला पानी से प्रभावित हुई फसलों की क्षति के आंकलन के लिए राजस्व, कृषि, उद्यानिकी, आदि विभागों के अधिकारी, कर्मचारियो के दल गठित कर सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। इस आशस की जानकारी कलेक्टर श्री ज्ञानेश्वर बी पाटील ने आज कलेक्टर कार्यालय श्योपुर के सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा के प्रकरणों की समीक्षा बैठक में दी।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री एमएस सिकरवार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एचपी वर्मा, अपर कलेक्टर श्री जेसी बोरासी, एसडीएम कराहल श्री एचसी कोरकू, सहायक आयुक्त आजाका श्री आरएस परिहार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद सिंह, कार्यपालन यंत्री आरईएस श्री सीएन मिश्रा, पीएचई श्री एनआर गोडिय़ा, पीडब्ल्यूडी श्री एसके हनफी, विद्युत श्री संजीव सिंह, आरटीओ श्री वायएस सेंगर, जीएमडीआईसी श्री टीके कटारे, सीएमएचओ डॉ एके मुदगल, एआरसीएस श्री सीके वर्मा, टीओ श्री पीएल गोयल, और संबंधित विभागों के कार्यालय प्रमुख उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री ज्ञानेश्वर बी पाटील ने कहा कि श्योपुर जिले के किसानों की ओला पानी से प्रभावित हुई सभी फसलों का सर्वे कार्य गठित टीमों के द्वारा प्रारंभ करा दिया गया है। इन टीमों को निर्देश दिये है कि सरसों आदि की फसलों का सही रूप से आंकलन किया जावे। किसी भी किसान की फसल सर्वे के कार्य से नही छूटना चाहिए। उन्होने कहा कि नुकसान के आंकलन के पश्चात किसानों की प्रभावित फसल का मुवावजा आरबीसी-6 (4) के प्रावधानों के अनुसार वितरित किया जावेगा। जिसमें नुकशान के प्रतिशत के मान से राशि उपलब्ध कराई जावेगी।

कलेक्टर ने कहा कि रा'य सरकार को अनुमानित क्षति के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव प्रेषित कर दिया गया है। प्रारंभिक तौर पर राजस्व और अन्य अधिकारियों के सर्वे दल के अनुसार मुआवजा राशि वितरित कराने की कार्यवाही को अंतिम रूप देने के प्रयास किये जा रहे है। उन्होने कहा कि जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के नेतृत्व में सर्वे का कार्य पूरा कराया जावेगा। साथ ही राजस्व अमले के अलावा कृषि विभाग के 30 आरएईओ और उद्यानिकी के 6 आरएईओ की भी डयूटी सर्वे कार्य में लगाई गई है। कलेक्टर ने समय सीमा के प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का निराकरण समय पर करने के दिशा निर्देश दिये। 
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