यसोधरा के प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष बनने पर बधाईयों का तांता लगा

शिवपुरी। ग्वालियर सांसद एवं पूर्व मंत्री श्रीमंत यसोधरा राजे सिंधिया को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने पर ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र बासियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गयी है अपने प्रिय नेता को भाजपा प्रदेश कार्याकारणी में सम्माजनक पद देने के लिए जहां भाजपा आलाकमान का लेागों ने आभार माना है वहीं शुभचितंकों ने श्रीमंत को बधाई भी दी है।

बधाई देने वालों में वरिष्ठ पत्रकार संपादक वीरेन्द्र शर्मा,राजेश पाराशर एवं भाजपा नेता अनुराग अष्ठाना,कैलाश कुशवाह,उपाध्यक्ष कृषि मंण्डी उपज शिवपुरी जिला पंचायत उपाध्यक्ष जन्डेल सिंह गुर्जर पत्रकार विनय राहुरीकर ,सनी कुशवाह एवं जेपी शर्मा ने बधाई दी है।


आजादी की आड़ में अराजकता, बेहाल है शिवपुरी


शिवपुरी। शिवपुरी शहर में आजादी के नाम जिस तरह से अराजकता बढ़ रही है। उसने आम आदमियों का जीना दूभर कर दिया है। सर्वाधिक लाभ इस अराजकता कर कोई उठा रहा है। तो जो सक्षम और संगठित है। यह फिर जो शासन प्रशासन में है, मगर जनता फिलहॉल बेहाल है। मगर इन दीन हीन गरीबों की गुहार सुनने की फुरसत शिवपुरी से लेकर भोपाल में बैठे आला अधिकारियों को कहां।

शासन से मिले कानूनी संरक्षण की आड़ में किस कदर मिलने वाली सुविधाओं का भुर्ता बनाया जा रहा है। किसी से छिपा नहीं बेहद परेशान व्यक्ति इन मठाधीसों के आभाव में अगर सच बोल जाये या हक हासिल करने इन अधिकारियों से भिड़ जाये दो शासकीय कार्य में बाधा या स्वयं ही बाहूबल के सहारे उसे चलता कर देते है। जरुरत पढऩे पर कर्मचारी एकता के नाम मजम्मत कर पुलिस रिपोर्ट तक कर देते है बैचारा डरा सहमा व्यक्ति खुद की समस्या तो दूर एक नई समस्या में उलझ जाता है। बड़े अधिकारियों यू तो मिलते नहीं मिल भी जाये तो सुनते नहीं लाखों की पगार जनता के खून पसीने की कमाई से डकारने वाले इन मठाधीसों की कब्र शासकीय कार्य में बाधा,मानहानि हो जाए पता नहीं।

शासकीय अर्धशासकीय विभागों में पसरी अराजकता को ले अभी हॉल ही के दो-तीन उदाहरण ऐसे है। जिनसे अन्दाजा लगाया जा सकता है। कि किस कदर अराजकता सुविधा और सेवाओं के नाम पसरी है। मगर क्या करे आम आदमी जो बगैर प्रमाण के कैसे अपना दुखड़ा प्रमाणित कर सके।

उदाहरण क्र. एक नगर पालिका परिषद शिवपुरी में जनता तो दूर की कोणी है 5-6 पार्षद जनप्रति निधियों की ही एफ.आई.आर. पुलिस में कराने का मामला सामने है।

उदाहरण क्र.दो विधुत वितरण कम्पनी का है। अगर आपकी लाइट नहीं आ रही है। तो चाबीघर से लेकर जे ई,.ए.ई यहां तक कि मध्यक्षेत्र विधुत वितरण कम्पनी के सी.एम.डी. से मोबाईल पर बात करना चाहते है। तो कई मर्तवा फोन करने के बाद भी उनका मोबाइल नहीं उठता उदाहरण क्र.तीन शिवपुरी दूर संचार निगम जिसके उभोक्तओं पर फिक्स प्लान के हर माह हजारों रुपये के बिल तो पहुंच जाते है समय पर भुगतान न होने पर सेवायेे रोक दी जाती है। अब आलम यह है कि आपका बिल भी जमा है फिर भी आपकी सेवा काट दी जाती ही। रहा सबाल खराब स्टूमेन्टों का तो महिने स्ट्रूमेन्ट खराब रहने के बाद भी न तो ठीक हो पाते न ही बदले जाते। अगर कोई कुछ कह दे तों लडऩे रिर्पोट लिखाने तक तैयार हो जाते है। रहा सबाल भोपाल में बैठे सी.जे.एम. का तो उनके फोन पर घन्टी तो बजेगी मगर फोन उठेगा नही।

अब ऐसी आजादी के बीच सरीफ इन्सान कहा  इन्साफ मांगने जाये प्रभारी मंत्री को उदघाटन स्वागत से फुरसत नहीं विधायक की राम-राम से ही काम चल रहा है। झूठी दलीलों में माहिर इन अधिकारियों पर लगाम कैसे लगेगी ये शिवराज या फिर भगवान ही जाने मगर शिवपुरी की हालत बहुत ही बदहॉल है।



 अतिक्रमण की चपेट में गली मोहल्ले

शिवपुरी। शिवपुरी के मुख्य मार्गो या पालिका,राजस्व की भूमियों पर पसरे अतिक्रमण को छोड़ दे। तो गली मोहल्लों मे होते अतिक्रमण का आलम यह है कि आम रास्ते से लेागों का निकलना दूभर है।

यू तो गली मोहल्लों के मार्गो पर होते अतिक्रमण पर कोई बोलता नहीं अगर इन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ शिकायत की कोई जेहनत उठाये भी तो कोई कार्यवाही नहीं होती। कारण साफ है बैचारी 39 वार्डो व सबा दो लाख की आबादी वाले 5 वाई 5 किलो मीटर में फैले शिवपुरी शहर की भूमि पर नजूल,नगर पालिका का हक है। शहर को अन्दर से गुजरने वाली सड़कों पर नगर पालिका और पी.डŽलू.डी. और एन.एच.का हक है।

जहां तक पी.डŽलू.डी. और नजूल का सबाल है। तो इन देानेां पर तो लम्बा चोड़ा फौज फाटा है जो अतिक्रमण रोकने में अक्षम है। वही राष्ट्रीय राजमार्ग खत्म हो रोड़ एन.एच.ए.आई. के पास जा चुका है,जो फिलहॉल राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. को 4 लाइन करने की प्रक्रिया में व्यक्त है।

रहा सबाल नगरपालिका का तो ले देकर एक कर्मचारी तैनात है। जो बड़ी मिन्नत से जल्द ही रिटार्यमेन्ट होने की आस लगाये बैठा है। अब ऐसे में कौन अतिक्रमण रोके सो सक्षम बाहूबली जमकर शासकीय नगरपालिका पी.डŽलू.डी. सहित,राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर अतिक्रमण कर लूट पाट में जुटे है।





सामाजिक जागरूकता से ही हो सकता है मद्य निषेध  - श्रीमती कुशवाह


महात्मा गांधी की पुण्य तिथि पर विचार गोष्ठि एवं सेमीनार सम्पन्न

दतिया। नशा एक सामाजिक बुराई है जिससे नशा करने वाले व्यक्ति जहां स्वयं पतन होता है वही उसका परिवार नष्ट होने के कागर पर पहुंच जाता है। हमें सामाजिक जागरूकता से ही नशा की प्रकृति रोकने के प्रयास करने होगे तब इसी बुरीलत से समाज को छुटकारा मिल सकता हैं। उक्त विचार नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुशवाह ने मुख्य अतिथि की आशान्दी से कहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं के सहयोग एवं सहभागिता के लिये अच्छे प्रयास बतलाये।

इस अवसर पर उपसंचालक पंचायत एवं डिप्टी कलेक्टर पुरूषोत्तम गुप्ता, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी एवं उपसंचालक शिक्षा के.जी. शुक्ला, युवा समन्वयक नेहरू युवा केन्द्र अरविन्द यादव रहे तथा अध्यक्षता समाजसेवी श्री बलदेवराज बल्लू ने की। कार्यक्रम के अतिथियों द्वारा महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। अतिथि स्वागत सर्वश्री गणेश मिश्रा, रम्मू पटैरिया, मुराली लाल आदि द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम पुलिस कंट्रोल रूम में रखा गया। जिसकी शुरूआत सांस्कृति प्रस्तुतियों के साथ हुई जिसमें श्री द्वारिका प्रसाद कुशवाह व श्री हरनाम सिंह कुशवाह ने गीतों से नशा मुक्ति हेतु प्रभावी गीत प्रस्तुत किये। कार्यक्रम के बीच में कवि मुन्नीलाल शर्मा व राजेन्द्र शुक्ल ने अपनी गीत रचनाओं से नशा मुक्ति एवं नशा से होने वाली हानी के विषय पर प्रस्तुति दीं

कार्यक्रम में आमंत्रित विद्धानों ने अपने विचार व्यक्त किये जिनमें डा. लखन लाल सोनी, ओम प्रकाश श्रीवास्तव भैया जी तथा सभी आमंत्रित अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किये। इसी तारतम्य में एम.एल.बी. में हुई निबंध प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कये गये। जिसमें प्रथाम स्थान कु. पायल कौशिक, द्धितीय प्रीति पटवा व तृतीय स्थान पर निशा वानो को दिया गया। कार्यक्रम का संचालन संयोजक विनोद मिश्र द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन उपसंचालक पंचायत एवं डिप्टी कलेक्टर पुरूषोत्तम गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मोहन गर्ग, रामअवतार दोहरे, चिन्टू लाल, मोती सिंह व अमर सिंह का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर ५ व्यक्तियों ने नशा छोड़ने की शपथ ली। आमंत्रित अतिथियों ने सभी को संकल्प एवं शपथ दिलाई।





संभाग आयुक्त ने ग्रामीण अंचल में पहुँचकर विकास कार्यों का लिया जायजा


आईजी, कलेक्टर व एसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी पहुँचे

ग्वालियर 31 जनवरी 2013/ संभाग आयुक्त श्री एस बी सिंह ने गुरूवार को विकासखण्ड भितरवार के ग्रामों में भ्रमण कर विकास कार्यों का जायजा लिया। साथ ही भितरवार में मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में प्रस्तावित खण्ड स्तरीय अंत्योदय मेले के आयोजन स्थल को भी देखा।

पुलिस महानिरीक्षक श्री यू सी षडंगी, कलेक्टर श्री पी नरहरि, पुलिस अधीक्षक डॉ. जी के पाठक, अपर कलेक्टर श्री शिवराज वर्मा व वन मण्डल अधिकारी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उनके साथ थे।

इस दौरान संभाग आयुक्त ने ग्राम अमरौल में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत दो हैक्टेयर रकबे में विकसित किए गए वन ग्राम और शांतिधाम का अवलोकन किया। साथ ही ग्राम चीनौर में मर्यादा अभियान के तहत बनवाये गये शौचालय देखे और ग्राम करहिया में छात्रावासों का निरीक्षण किया। श्री सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवश्रा का ध्यान रखने और कार्यों को समय सीमा में पूरे करने के निर्देश इस मौके पर दिये।

संभाग आयुक्त ने भितरवार के स्टेडियम मैदान का अवलोकन भी भ्रमण के दौरान किया। विदित हो आगामी 6 फरवरी को इसी मैदान पर खण्ड स्तरीय मेला आयोजित होने जा रहा है। इस अंत्योदय मेले में मुख्यमंत्री के पहुँचने की संभावना भी है। मुख्यमंत्री द्वारा अंत्योदय मेले में हजारों हितग्राहियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रूपए की इमदाद बांटी जायेगी।

अंत्योदय मेले आयोजन स्थल का जायजा लेते समय संभाग आयुक्त ने खासतौर पर हितग्राहियों की बैठक व्यवस्था, विभिन्न विभागों के स्टॉल, हैलीपेड़ आदि के बारे में विभागीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये। कलेक्टर श्री नरहरि ने खण्ड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि विकासखण्ड भितरवार के गाँव-गाँव में पहुंचकर पात्र हितग्राहियों को अंत्योदय मेले में लाभान्वित कराने के लिये चयनित करें। साथ ही अंत्योदय मेले की सभी तैयारियाँ समय सीमा में पूरी हो जायें।



संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित


समीक्षा बैठक अब प्रतिमाह की 10 तारीख को



मुरैना 31 जनवरी 2013/ विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा बैठक माह के प्रत्येक शनिवार के स्थान पर अब प्रत्येक माह की 10 तारीख को आयोजित हुआ करेगी। अगर 10 तारीख को सार्वजनिक अवकाश रविवार होता है तो बैठक अगले दिन के कार्य दिवस में की जायेगी। यह निर्देश चम्बल संभाग के कमिश्नर श्री शिवानन्द दुबे ने दिये है।

कमिश्नर श्री दुबे ने आदेश जारी करके संभाग के तीनों जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन के संभागीय उपायुक्तों एवं कृषि विपणन बोर्ड के उप संचालक को निर्देश दिये हैं कि माह फरवरी 2013 की समीक्षा बैठक 11 फरवरी को आयोजित होगी। क्यों कि 10 फरवरी 2013 को रविवार का अवकाश होने के कारण यह बैठक अगले दिन सोमबार 11 फरवरी को अपरान्ह 2.30 बजे से आयोजित होगी।

अल्ट्रासाउण्ड कराने हेतु गर्भवती महिलाओं को


घर के पते की पहचान कराना आवश्यक होगा



भिण्ड 31 जनवरी 2013/ अल्ट्रासाउण्ड कराने के लिए अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र जाने वाली गर्भवती महिलाओं को वहां अपने घर के पते की पहचान कराना आवश्यक होगा। इसके लिए उन्हें घर के पते से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना होंगे। यह निर्णय आज यहां सम्पन्न हुई पीसी एण्ड पीएनडीटी समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने की। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राकेश शर्मा भी मौजूद थे।

कलेक्टर श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि वे इस बात का व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें कि गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउण्ड कराने हेतु अपने घर के पते की पहचान कराने के लिए घर के पते से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक रहेगा। उन्होंने कहा कि इस बावत् गांव में मुनादी कराकर भी प्रचार-प्रसार कराया जावें, ताकि आम लोगों को इसकी जानकारी प्राप्त हो जाए। उन्होंने इस संबंध में दीवार लेखन कराने के भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के जरिए भी गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउण्ड कराने के लिए घर के पते की तस्दीक कराने की जानकारी दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस बावत् ग्रामसभाओं में भी लोगों को जानकारी देने की व्यवस्था करने के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए। इस व्यवस्था के सरलीकरण हेतु सुझाव देने के लिए कलेक्टर ने एक समिति भी गठित की, ताकि गर्भवती महिलाओं को सहुलियत रहे।

कलेक्टर ने कहा कि अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों के माध्यम से किसी भी सूरत में लिंग परीक्षण नहीं होना चाहिए, इस पर सतत नजर रखी जाए। इसके लिए अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों की जांच भी की जानी चाहिए। किन्तु यह ध्यान रखा जाए कि जांच से अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र संचालकों को अनावश्यक परेशानी न हो। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से कहा कि पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के संबंध में अगर किसी व्यक्ति विशेष द्वारा नोटिस दिया जाता है, तो उसका समय-सीमा में निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि पीसी एण्ड पीएनडीटी के उल्लंघन संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए तत्परता दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों के माध्यम से पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन संबंधी कोई भी गतिविधि संचालित ना हो। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड ने बताया कि प्रदेश में पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के संबंध में शिकायत दर्ज कराने के लिए रा'य सरकार द्वारा एनआईसी सर्वर पर एक शिकायत प्राप्ति वेबसाईट ूूू 222.द्धड्डद्वड्डह्म्द्बड्ढद्बह्लद्ब4ड्ड.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ  शुरू की गई है, जिस  पर किसी भी व्यक्ति द्वारा एक्ट के उल्लंघन के संबंध में शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। इन शिकायतों का विधिक निस्तारण करना संबंधित जिला समुचित प्राधिकारी का उश्ररदायित्व होगा। इन शिकायतों के निस्तारण के दौरान समुचित प्राधिकारी अथवा उनके प्रतिनिधि द्वारा निरीक्षण करके शिकायत पर की गई कार्रवाई से संबंधित विवरण वेबसाईट पर दर्ज किया जावेगा।



कलेक्टर ने जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर के आयोजन की तैयारियों की की समीक्षा


भिण्ड 7 ३०-जनवरी-२०१३कलेक्टर श्री अखिलेश श्रीवास्तव ने आज यहां स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक में फरवरी माह में भिण्ड में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर एवं कैंसर शिविर के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर कलेक्टर ने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में जटिल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को लाना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि उनका लक्ष्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी दूरदराज अंचल में रहने वाले उन गरीब व्यक्तियों को ईलाज के लिए चिन्हित करें, जो गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो और जिन्हें मदद की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपे जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि गंभीर बीमारी से ग्रस्त कोई भी मरीज जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में आने से छूटे नहीं। कलेक्टर ने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि वे गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का तत्परता से पंजीयन कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वे प्रचार-प्रसार के जरिए गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को बताए कि वे अपने क्षेत्र के खण्ड चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में अपना पंजीयन कराए अथवा वे जिला अस्पताल में भी अपना पंजीयन करा सकते है। इन मरीजों की न सिर्फ नि:शुल्क जांचें होंगी, बल्कि उन्हें नि:शुल्क दवाईयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उपचार के दौरान उन्हें बाद में भी दवाईयां दी जाती रहेगीं। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से कहा कि जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में ग्वालियर से चिकित्सा विशेषज्ञों को बुलाकर गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की जांच कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। 
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