200 करोड़ का सत्यानाश: सिंधिया के सपने को पलीता

व्ही.एस.भुल्ले/ शिवपुरी/ शहर स्थित गांधी पार्क में कै.श्रीमंत माधवराव सिंधिया जी जयन्ती पर आयी लाइफ लाइन एक्सप्रेस का उत्घाटन करते हुये क्षेत्रीय सांसत वर्तमान में केन्द्रीय मंत्री 'योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि एक मर्तवा मेरी आंख में चोट लगी तो उस समय मेरा इलाज देश के चुनिन्दा डॉक्टरों से कराया गया था शिवपुरी मेरा परिवार है।

और मुखिया होने के नाते मेरा कर्žाव्य है। कि वही सुविधायें चिकित्सा मेरे शहर के लेागो को भी मिले इसलिये मैं यहां देश के चुनिन्दा डॉक्टरों के साथ लाइफ लाइन एक्सप्रेस लेकर आया हूं। आगे भी मेरा प्रयास होगा। कि मैं ऐसी योजनाऐं लाऊं जिन पर मुझे और मेरे शहर बासियों को गर्व महसूस हो। और लेागों को उ"ास्तरीय सुविधायें मुहैया हो।

इसी प्रकार उन्होने चुनावों के दौरान शहर बासियों से 100 करोड़  की योजनाऐं लाने का बादा किया था। मगर उन्होंने 100 या 150 नहीं पूरे 200 करोड़ की योजनाऐं लायी जिनका सीधा सरोकार जनसुविधाओं और शिवपुरी के विकास से है।

जिनमें प्रमुख रुप सिन्ध जलावर्धन,झील सरंक्षण,सीवर प्रोजक्ट,नवीन चिकित्सालय भवन,और प्रायलट प्रोजक्ट अगर इन प्रोजक्टों पर ही ठीक से कार्य हो जाता तो शिवपुरी शहर प्रदेश ही नहीं देश का एक मात्र ऐसा शहर होता जहां लेाग 100 टी.एम.सी. क्वालिटी का पेयजल अर्थात मिनिरल वॉटर से अ'छी गुणवžाा का पेयजल मात्र पी ही नही रहे होतेे बल्कि नहाने से लेकर कपड़े तक धेा रहे होते। क्येाकि प्रोजक्ट में जिस स्तर के फिल्टर प्लान्टों का प्रावधान है,उससे मिनरल वाटर से उ"ा गुणवžाा का पेयजल शहर बासियों को मुहैया होता। साथ ही शहर में मौजूद 1000 से अधिक बॉरबैलो का खत्म हो तेजी से जमीन के अन्दर वॉटर लेवल बढ़ता और शहर पुन: हरा भरा हो शीतल और सुन्दर होता। तथा ग्रीष्म कालीन राजधानी के 100 वर्ष पूर्व स्वरुप की ओर बढ़ता।

इसी प्रकार झील संरक्षण योजना के तहत 100 वर्ष पूर्व निर्मित तालाबों की वेस्ट वीयरों में बहता गन्दा पानी,गन्दगी जिन्हें अब नाला कहा जाता है। वर्तमान में मौजूद शहर के समस्त नाले पहले नाले न लेकर शहर मौजूद तालाबों की वेस्ट वीयर थी। जिनका निर्माण वर्षात में तालाब ऑवर फलो होने की स्थति में पानी वेस्टर वीयर से होकर जाधव सागर,करबला होता हुआ सैलिंग क्लब स्थित संख्या सागर में जाये। साथ ही गूजर तालाब का पानी ऑवर फलो होने की स्थिति में गुलाब शाह की दरगाह तालाब से होता हुआ छत्री के अन्दर से निकल भदैया कुण्ड और फिर संख्या सागर में जाये।

खासकर शहर के शेष बचे तालाबों का संरक्षण,सीवेज गन्दे पानी के निपटान तथा सुन्दर बगीचों के निर्माण सहित शहर के मुख्य नाले पर स्ट्रीवाटर ड्रेन,शुलभ कॉम्पलेक्स,स्टॉपडेम,कन्टूर जैसे कार्य किये जाने थे। जिससे शहर की गन्दगी और गन्दा पानी तालाबों में न जाये।

अगर झील संरक्षण प्रोजक्ट के तहत पूरी निष्ठा से कार्य होते तो गन्दे पानी के निवटान के साथ शहर के मुख्य नालों पर सी.सी. सड़कें नीचे नाले कई नये मनोरम बगीचे सुन्दर स्थल सहित सीवेज लाइनों का निर्माण होता। जिससे शहर का नक्शा ही बदल जाता चौड़ी,नई सड़के और बगीचा युक्त और गन्दगी मुक्त शहर होता।

रहा सबाल 300 बिस्तर वाले अस्पताल का तो विगत वर्ष से स्वीकृति के बाबजूद शासकीय जमीन न मिलने से धक्के खाता घूम रहा है। शासन अभी तक उक्त अस्पताल को भूमि मुहैया नहीे करा पाया जबकि कई शासकीय भूमि या तो अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई। या फिर लेाग लाल फीताशी से मिल ठिये ठिकाने लगा चुके है। जिसका जीता जागता उदाहरण शहर में अवशेष के रुप में बचे तालाबों,नालो की भूमि जहां अवैध कालोनियां या लोग के मकान बन चुके है।

रहा सबाल पायलेक्ट प्रोजक्ट का लगभग 43 वृहत तालाब नहरों का जीर्णोधार और मरम्मत के करोड़ों रुपया किस कदर लालफीताशाही सबके सामने निगल गयी किसी से छिपा नहीं जिसका साक्षात उदाहरण लेाकयुक्त और विभाग द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों की जांच किया जाना है।

मगर जिस तरह से झील संरक्षण के स्वरुप के विपरीत उसके पैसे को ठिये ढिकाने लगाया गया सबके सामने है। न ही शहर की गन्दगी हटी न ही नालों से उडऩे वाली गन्ध बन्द हुई। सुनते है। सीवर लाइन का पुन: सर्वे और आज तक टेन्डर प्रक्रिया ही चल रही है। अगर निर्धारित वर्तमान ऐजेन्सी की माने तो 3 में से एक भाग के जो टेन्डर बुलाये गये उसमें मात्र एक ही ठेकेदार ने फार्म डाला। अर्थात गाड़ी नई स्वीकृति के बाबजूद वही की वहीं खड़ी है।

ऐसा ही हॉल जलावर्धन पेयजल योजना का है। जो फिलहॉल पर्यावरण के आगे करोड़ों फूंक हॉफति नजर आ रही है। अगर देखा जाये तो शहर की इन 4 माहती योजनाओं के लगभग 200 करोड़ सत्यानाश का सबाल है। तो इसके मूल में कहीं न कहीं लालफीताशाही की मनमानी और स्थानीय विधायक जनप्रतिनिधि की उदासीनता और स्वार्थ ही रहे। जिसका एक ही कारण यह भी है। कि कुछ लोग घर भरने,कलफ कुर्žाा चमकाने वाले रहे जिनकी जबावदेही बनती थी। कि वे वेनकाव करे ऐसे जनप्रतिनिधि,अधिकारियों को जो इन माहती योजनाओं में मनमानी कर लूटपाट कर अभी भी पलीता लगाने में लगे है।

मगर मजे की बात तो यह है। कि इस शहर का एक भी नेता मुंह बजा राजनीति चमकाने के अलावा इस लालफीताशाही के सामने नहीं आया। जबकि देश मेें लेाकायुक्त,आर्थिक अपराध न्यायालय जैसी संस्थायेें मौजूद है,चाहते तो जनसुविधाओं,शहर सुन्दरता पर डाका डालने वालों को सीखचो के पीछे पहुंचा सकते थे। मगर शहर का दुर्भाग्य कि वह सिंधिया द्वारा अथक प्रयास से आम जन को लायीं गई करोड़ों की योजनाओं का लाभ आज तक नसीब नहीं हो सका।


खनिज माफियाओं के विरूद्ध अभियान जारी रखें : कबीरपंथी


म.प्र. दतिया। जिला कलेक्टर श्री जी.पी. कबीरपंथी द्वारा खनिज माफियाओं के विरूद्ध धरपकड़ अभियान के निर्देशों के पालन में आज भी सेवढ़ा व इन्दरगढ़ दोनों तहसीलों में अनुविभागीय अधिकारी सेवढ़ा श्री आर.सी. मिश्रा तहसीलदार श्री के.डी. शर्मा व इन्दरगढ़ अनुविभागीय अधिकारी श्री रूपेश उपाध्याय द्वारा कार्यवाही जारी रखी गई। सेवढ़ा में ८ डम्फर जप्त कर मंगरौल थाने में रखवाये गये जबकि इन्दरगढ़ क्षेत्र के गोराघाट थाने में ४ डम्फर व दो ट्रैक्टर अवैध परिवहन करते हुए पकड़े गये।

कलेक्टर श्री जी.पी. कबीरपंथी के द्वारा एस.डी.एम. दतिया, सेवढ़ा, भाण्डेर, इन्दरगढ़ को निर्देश जारी किये है कि अवैध परिवहन को सख्ती से रोका जाये और अवैध परिवहन करते पाये गये वाहनों को पकड़ा जाये। कलेक्टर के निर्देश पर एस.डी.एम. सेवढा, इन्दरगढ़ द्वारा धर पकड़ अभियान चलाया गया जिसमें १४ वाहन जप्त किये गये। इसी तरह विगत दिवस भाण्डेर में १५ वाहन और सेवढ़ा में ११ वाहन अवैध परिवहन करते पाये गये। जिन्हें जप्त कर थाने के सुर्पद किया गया था। कलेक्टर श्री जी.पी. कबीरपंथी द्वारा बताया गया कि इस प्रकार अभियान निरंतर जारी रहेगा।


सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रारम्भ हुआ


सूूचना के अधिकार अधिनियम २००५ के अन्तर्गत जिला स्तरीय लोक सूचना अधिकारियो, सहायक लोक सूचना अधिकारियों तथा प्रथम अपीलीय अधिकारियों के लिए क्षमता सम्बर्धन परियोजना के तहत (ट्रेंनिंग आफ एसपीआईओएस एण्ड एफएएएस) दो दिवसीय प्रषिक्षण  कार्यक्रम दिनांक -   ४ जनबरी २०१३ को जिला पंचायत के सभाकक्ष में प्रारम्भ हुआ ।

प्रषिक्षण सत्र के प्रारम्भ में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया डॉ. आर.के. द्विवेदी द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम २००५ के प्रावधानों के तहत आवेदनों के निराकरण करने हेतु सभी लोक सूचना अधिकारियों से आव्हान किया गया ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रषासन अकादमी भोपाल के द्वारा प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स श्री मनोज द्विवेदी एवं श्री बी.के. उज्जैनिया द्वारा सूचना के प्रावधानों के सम्बन्ध में सभी प्रषिक्षणार्थियों को अवगत कराया गया तथा उनकीशंकाओं का समाधान किया गया । 
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