निकाला मार्च : मांगा न्याय, दिल्ली काण्ड को लेकर जागा श्योपुर

श्योपुर। दिल्ली में चिकित्सा विज्ञान की एक छात्रा के साथ चलती बस में हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में देशव्यापी आक्रोश और असंतोष का असर...

श्योपुर। दिल्ली में चिकित्सा विज्ञान की एक छात्रा के साथ चलती बस में हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में देशव्यापी आक्रोश और असंतोष का असर प्रदेश के सरहदी श्योपुर जिला मुख्यालय के जनमानस पर हालांकि पहले ही दिन से था लेकिन इसका मैदानी तौर पर प्रमाण शनिवार की शाम मिला।

जिला मुख्यालय के तमाम नौजवानों और विद्यार्थियों ने शनिवार की शाम एक पैदल मार्च निकालते हुए बलात्कार पीडिता और उसके साथी के लिए न्याय की आवाज बुलंद की तथा अपने रोष व असंतोष का इजहार जोश-खरोश के साथ नारेबाजी करते हुए किया। न्याय की मांग के साथ निकाले गए इस मार्च में तमाम छात्र नेताओं और युवा जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। 

माना जा रहा है कि आज रविवार को इसी मामले को लेकर प्रदर्शन का सिलसिला अन्यान्य संगठनों के बैनर तले भी जारी रखा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि समाचार पत्रों और चैनलों से लेकर सोशल नेटवर्किंग तक पर सर्वाधिक सुर्खियां बटोरते हुए जनमानस का ध्यान देश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा की ओर आकृष्ट कराने वाले उक्त घटनाक्रम ने आम नागरिकों को भावी चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाने और विचलित करने का काम किया है लेकिन इस घटना के विरोध में संगठनात्मक तौर पर किया जाने वाला प्रतिरोध श्योपुर जिले में कमजोर साबित हुआ है, जिसके प्रभावी होने की उम्मीद की जा रही है।


दरिन्दगी की सजा सिर्फ,सरेयाम सूली किन्तु परन्तु नहीं कड़ा होना चाहिए कानून: भय न्याय का पुत्र होता है


कहते है इन्सान का उलट हैवान हेाता है। मगर हैवानों की बस्ती में भी मादा जाति का सेक्स के प्रति जानवर पशु पक्षियों की तरह सम्मान होता है। मगर वे भी सेक्स को लेकर मादा के प्रति हिंसक नहीं होते बल्कि ऐसे वक्त नर के प्रति मादा द्वारा की गई ङ्क्षहसा को सहर्ष सहन करते देंखे जा सकते है। दरिन्दगी (सामूहिक बलात्कार या गैंग रेप) जैसी घटना शायद ही किसी पागल आर्थात मानसिक रुप विक्षिप्त व्यक्तियों ने की हो। मगर सभ्य समाज में रहने वाले व इन्सान कहे जाने वाले दरिन्दे करते है,जिसका वर्तमान उदाहरण दिल्ली की घटना व भूतकाल में की जा चुकी छेडख़ानी की असम गोहाटी की घटना है। भारत जैसे आन,वान,शान,स्वाभिमान वाले देश के 121 करोड़ लेागों के सामने है।

आज हैवान,इन्सान,जीव जन्तु वन्य प्राणियों,पक्षियों,विक्षिप्त लेागों के बीच दरिन्दों ने भी जीने के लिए जगह बना ली है। जो पूरे मानव जगत को धता बता दरिन्दगी का नंगा नाच कर रहे है।

हमें यह नहीं भूलना चाहिए धर्म जो भी हो हर धर्म में दण्ड का प्रावधान रखा गया है। और वख्त आने पर स्वयं भगवान ने भी दरिन्दों दुष्टों को न्याय की स्थापना हेतु दण्ड दिया है। या फिर संघर्ष किया है,मगर प्राय: आज देखने में आता है, सžाा व ,समाज में बैठे लेाग शायद स्वयं को भगवान बनाने के चक्कर में आजीवन कारावास या बन्द जेल में फांसी दे मौत की सजा को सबसे बड़ा कठोर दण्ड मानते है। जिन्हें हम सभ्य,विकसित,शिक्षित राष्ट्र और समाज मानते है। 

हो सकता है,ठीक हो इन मूढ़धन्य, सभ्य विकसित,शिक्षित राष्ट्र समाजों का यह तर्क क्येाकि इन कानूनों की आवश्यकता इन्सानियत पूर्ण समाज और इन्सानों से हुये बलात्कार जैसे अपराधो के लिए हो। मगर सामूहिक बलात्कार गैंग रैप जैसी हिंसक क्रूरता पूर्ण अपराधों के लिए कदापि नहीं। दरिन्दगी की तो सिर्फ एक ही सजा सभ्य,राष्ट्र,समाज में हो सकती है वह है सूली की सजा जिसमें इन दरिन्दों को सरेयाम सूली पर चढ़ा छोड़ देना चाहिए। जब तक इनकी पैचाशिक सांसे इनके शरीर से अलग हो आत्मा को इनके शरीर से आजाद न कर दे। क्येाकि ऐसी मानसिकता वाले लेाग एक सेकिन्ड भी समाज तो दूर की कोणी जेल में भी रहने लायक नहीं। ये तो वो गन्दगी है। जहां भी रखोगे तो सड़ाध मारेगी बीमारी और बढ़ायेगी बेहतर हो इस गन्दगी का तत्काल निपटान हो और ये तभी संभव है। जब सभ्य,शिक्षित,विकसित राष्ट्र समाजों की दृढ़ इ'छा शक्ति मजबूत हो। क्येाकि आज भी अमेरिका में अधिकतम सजा बलात्कार की 30 वर्ष ब्रिटेन में आजीवन कारावास इत्यादि है। कुछ छितड़े कानूनों के साथ कुछ सजा हमारे देश में भी है। जिसमें किन्तु परन्तु का इतिहास भरा पढ़ा है।

ये सही है। कि व्यापाक व्यवस्था में बलात्कार के पीछे कई कारण हो सकते है। इसीलिये आजीवन कारावास भोगने के बाद फांसी गुणदोष के आधार पर हो जिससे अगर कोई गैर इरादतन या निर्दोष फस भी जाए तो उसे अपने आप को निर्दोष साबित करने का मौका मिल सके।

मगर सामूहिक हिंसक बलात्कार वायलेन्स गैंग रैप जैसे अपराधों में तो कोई गुजांइस ही नहीं ऐसे अपराधों को सिर्फ बलात्कार से जोडऩा किसी भी समाज,राष्ट्र को ठीक न होगा। ये तो विशुद्ध दरिन्दगी की श्रेणाी में आते है। और ऐसे अपराध की सजा सूली पर चढऩा ही हो सकती है।

अगर हम किसी भी धर्म,धर्म गुरुओं राष्ट्र,सभ्य,समाज के अनुयायी है। तो हमें हमारे धर्म को नहीं भूलना चाहिए। और धर्म का पालन करते हुये कठोर से कठोर दण्ड का प्रावधान सामूहिक बलात्कारियों के खिलाफ करना चाहिए। जिससे ऐसी दरिन्दगी को जन्म देने से पहले दरिन्दों की रुह कॉप जाये। क्योंकि कहावत है,कि न तो भय बिन प्रीत रहती और न ही न्याय अपना काम कर पाता सेकड़ों वर्ष पूर्व प्रसिद्ध विचारक प्लेटों ने भी लिखा है। कि भय न्याय का पुत्र होता है।

 

तत्परतापूर्वक कार्यवाही के चलते: पकड़ा गया एम.डी.एम. योजना का खाद्यान्न


श्योपुर।
कालाबाजारी और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कसावट लाने के प्रयास लगातार जारी हैं लेकिन प्रभावी दण्डात्मक कार्यवाही के अभाव में काला-बाजारियों के मनोबल कमजोर नहीं पड़ रहे हैं। इसी का एक नमूना गत दिवस विजयपुर विकासखण्ड में मिला, जहां मध्याह्न भोजन योजना की मद का खाद्यान्न बिकने के लिए बाजार में पहुंच गया। 

गनीमत की बात यह रही कि इस खाद्यान्न को बिकने से पहले ही सूचना के आधार पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही करते हुए अनुविभागीय दण्डाधिकारी विजयपुर मनोज कुमार माथुर ने पकड़ लिया, जिससे इस तरह की करतूतों में संलग्र लोगों में हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गई। बताया जाता है कि अनुविभागीय दण्डाधिकारी विजयपुर श्री माथुर को दूरभाष पर मध्याह्न भोजन योजना के खाद्यान्न को खुर्द-बुर्द किए जाने की सूचना मिली थी और इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए श्री माथुर ने पूर्व प्राचार्य आर.सी. गुप्ता की फ्लोर पर धावा बोलते हुए मौके से गेंहू और चावल के कट्टे पकड़ लिए। 

इस कार्यवाही में राजस्व निरीक्षक हरिओम गुर्जर तथा पटवारी रघुराज सिंह तोमर की भी सराहनीय भूमिका रही। कार्यवाही के दौरान मिल पर तुलते हुए 50-50 कि.ग्रा. भार वाले 25 बोरे गेंहू तथा 07 बोरे चावल सहित खाली किए जा चुके 12 बोरे गेंहू को जप्त कर लिया गया। बताया गया है कि पकड़ा गया खाद्यान्न शासकीय उर्दू माध्यमिक विद्यालय विजयपुर का है, जो प्रधानाध्यापक शरीफ अंसारी द्वारा शुक्रवार को ही संबंधित संस्था से उठाया गया था और अक्टूबर, नवम्बर व दिसम्बर के महीनों से सम्बद्ध था। अब देखना यह है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ किस हद तक कार्यवाही हो पाती है?

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा २१२ यात्रियों को समारोह पूर्वक जगन्नाथ पुरी रवाना किया


दतिया। मध्य प्रदेश शासन के विधि विधायी, संसदीय कार्य, आवास एवं लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में स्टेशन दतिया पर एक समरोह आयोजित किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के २१२ यात्रियों को माला पहनाकर, चंदन कुमकुम लगाकर समरोह पूर्वक रवाना किया। 

समारोह के दौरान कलेक्टर जी.पी. कबीरपंथी, भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह यादव, वरिष्ठ समाज सेवी श्रीमती सावित्री सिंह, भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष प्रमोद पुजारी, शासकीय अभिभाषक राजेन्द्र तिवारी, अपर कलेक्टर सुरेश शर्मा, एडीशनल एस.पी. आर.एस. प्रजापति, एस.डी.एम. कमलेश भार्गव, यात्रा के नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर रूपेश उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी व जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत् विगत माह रामेश्वरम् के लिए ट्रेन रवाना हुई थी। अब यह ट्रेन जग्गनाथ पुरी जा रही है। अगले माह ट्रैन द्वारकापुरी एवं बद्रीनाथ जायेगी। इसके बाद बद्रीनाथ और वैष्णव देवी के यात्रायें करवायेंगे। इसी प्रकार चारो धाम की यात्रायें हो सकेंगी। स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा द्वारा तीर्थ यात्रियों से अपील की कि वह ५८ दुआयें अपने और अपने परिवार के लिए करें और मेरा अनुरोध है कि एक-एक दुआ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व दतिया के विकास के लिए भी करें उन्होंने सभी यात्रियों को तीर्थ यात्रा की शुभकांमनायें दी।

कलेक्टर जी.पी. कबीरपंथी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आप लोग खुस किस्तम है कि आपकों जग्गानाथ पुरी की यात्रा का संयोग मिल रहा है। जग्गानाथ पुरी में शांत समुद्र है जहां लहरें नही आती आप खूब स्नान ध्यान कर जग्गानाथ जी के दर्शन करें। उन्होंने कहा कि हमारे परिचारक आपकी हर सुख सुविधा का ध्यान रखेंगे बस ट्रैन से न उतरें।

भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि जग्गानाथ धाम सुख समृद्धि और धन धान्य के लिए प्रसिद्ध है। जग्गानाथ का भात जगत पसारे हाथ आपकी यात्रा मंगलमय हो। श्रीमती सावित्री सिंह ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद देते हुए सभी के सुख समुद्धि की कांमना की। 

एडवोकेट राजेन्द्र तिवारी ने कहा कि दतिया में नकारात्मक और सकारात्मक विचार धारायें चल रही है। किन्तु स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा की सकारात्मक विचारधारा के कारण दतिया में विकास हो रहा है। कार्यक्रम के प्रारंभ में नोडल अधिकारी रूपेश उपाध्याय ने बताया कि दतिया से २१२ यात्री २३ तारीख को प्रातः ५ बजे जग्गानाथ पुरी पहुंचेगे तथा २४ तारीख को साढे. बारह बजे जग्गनाथ पुरी से दतिया के लिए रवाना होंगे। 

कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा द्वारा सभी तीर्थ यात्रियों को पुष्पहार पहनाकर विदा किया। इस अवसर पर श्रीमती सुलक्षणा गांगोटिया, संतोष कटारे, जिला शिक्षा अधिकारी के.जी. शुक्ला, मुख्य नगर पालिका अधिकारी एस.सी. जैन सहित अन्य जन उपस्थित रहे।

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