बेटी नहीं बचाओगे तो बहु कहां से लाओगे-शिवराज


म.प्र. शिवपुरी नरवर। अन्तोदय मेले में शिवराज की सभा घोषित तौर पर 2013 की तैयारी न हो मगर हकीकत यही है पूर्व लाइन पर चलते मुख्यमंत्री ने पूर्व की भांति मेलों के नाम लेागो के बीच चुनावी शुरुआत कर दी है। अपने पूरे 1 घन्टे के उदबोधन में भले ही उन्होंने मात्र एक बार कांग्रेस शŽद का उ'चारण किया। उन्होंने पूरा भाषण बगैर केन्द्र सरकार या कांगे्रसी नेता का नाम लिये पूरा का पूरा प्रबचन की तरह पड़ डाला हजारों की भीड़ के बीच जहां उन्होनें बेटी बचाओं की बात रखी वहीं बेटियों के संरक्षण के लिये सरकार द्वारा किये गये कार्यो की फेरिस्त  भी उपस्थित जन समूह के सामने रखी।


उन्होंने म.प्र. के शिवपुरी जिले की तेहसील नरवर में गांव गांव से आये अन्तोदय मेले में लेागों को सम्बोधित करते हुये कहा कि बेटी नहीं बचाओंगे तो बहु कहा से लाओगे। उन्होने यहां तक कहां जिस जगह मां,बेटी,बहिन,बहु का सम्मान होता है। वहां देवताओं का वास होता है। उन्होने कहा जनसेवा से बढ़कर पूजा भी नहीं होती जनसेवा सबसे बड़ा धर्म है। और यह भगवान से बढ़कर होती है। इसीलिये मैं केवल मुख्यमंत्री नहीं एक सेवक मुख्यमंत्री हूं। उन्होने युवा पीढ़ी के लिए यह भी नसीहत दी कि जिन ब"ाों ने अपने बुजुर्ग मां बाप को भोजन नहीं दिया तो सरकार ने अब कानून बना दिया है। प्रताडि़त करने वालों को 3 माह की सजा भी हो सकती है। उन्होंने मंच से कलेक्टर कमिश्रर की ओर इशारा करते हुये कहा कि जिनका कोई न हो उनकी व्यवस्था मध्ययान भोजन से की जाये। रहा सबाल बुजुर्गो के लिए धार्मिक स्थलों की यात्रा का तो सरकार ने अब तीर्थयात्रियों के लिए हर सप्ताह एक ट्रेन चला रखी है।

उन्होने युवाओं को भरोसा दिलाया की सभी को सम्मान जनक रोजगार मिले उसके लिये अभी 1 लाख शिक्षको की भर्ती होनी है। और इन्दौर ईनवेस्टर मीट में उघोग लगाने की चर्चा हुई है। उससे जो रोजगार उत्पन्न होगे उसमें स्थानीयस्तर स्तर 50 प्रतिशत लोगों को रोजगार मुहैया होगें। लेाग कुशल बने इसके लिये बड़े पैमाने पर तकनीकी प्रशिक्षण की सरकार व्यवस्था करने में लगी है।

उन्होने 2013 तक 24 घन्टे बिजली देने तथा मुख्यमंत्री सड़क,आवास सहित पेयजल योजना की बात भी कहीं जहां पहले चरण में 2000 आबादी वाले गांव लिये जा रहे है,जिनमें अब पेयजल नलों के माध्ययम से मुहैया कराया जायेगा। उन्होंने जोर देकर कहा मेरे रहते किसी भी ब"ो का भविष्य चौपट नहीं होने दिया जायेगा चाहे शिक्षा क्षेत्र हो या ग्रामीण लघु उघोग जरुरत पढ़ी तो बैकों को गारन्टी मेरी सरकार देगी।

अन्त में उन्होंने घोषणा की शिवपुरी में 111 करोड़ के उघोग तथा वैराड को तेहसील बनाने की चर्चा तो की मगर घोषणा नहीं की। नरवर में महाविद्यल अगले सत्र से शुरु हो जायेगा। वहीं करैरा विधान सभा क्षेत्र के वर्षो पुराने चौन चिरैया अभ्यारण मसले पर उन्होने स्पष्ट किया कि रा'य सरकार ने अपनी रिर्पोट केन्द्र सरकार को भेज दी है। न किसी ने देखी और न है।               

जिले के मंदिरो की वर्षों से नही हुई पुताई


दतिया। आदिकाल व रियासतकाल से जिले मे सरकारी व अर्धसरकारी लगभग 1060 मंदिर है जिनका देखरेख रखरखाव प्रशासन एवं श्रृद्धालुओ द्वारा किया जाता रहा है। इन मंदिरो के इतिहासो के बारे मे कई किदवंतिया है कई मंदिर महाभारत कालीन समय के बताये जाते है ऐसा भी कहा जाता है कि यहॉ की रियासत के महाराजा कृष्ण भक्त थे तो उनकी रानियां राम की उपासक थी इसी कारण से पूर्व की तरफ अधिकांश रामजानकी के स्थित है तो पश्चिम की ओर राधाकृष्ण के मंदिर स्थित है । बुजुर्ग बताते है कि दतिया नगरी को अयोध्या ओर वृंदावन दोनो का मेल कहा जाता है । यहॉ के प्रसिद्ध मंदिरो मे विजयकाली माता का मंदिर,उडनु की टोरिया,पंचपकवि की टोरिया,मडिय़ा के महादेव,नंदकिशोर जी का मंदिर,विजय राघव,विजय शंकर,विजय हनुमान गढ़ी,अवध बिहारी का मंदिर,बिहारी जी का मंदिर,राधावल्लभ का मंदिर,गोविंद जी का मंदिर,रिसाला के शिव जी का मंदिर,पकौडिय़ा महादेव,हनुमान गढ़ी,बक्शी के हनमान सहित जिले मे सैकड़ो मंदिर स्थित है। इन मंदिरो की देखरेख मंदिर के पुजारी व श्रद्धालु द्वारा की जा रही है। समय-समय पर प्रशासन द्वारा भी इनकी पुताई व मरम्मत कराई जाती है। जहां प्राचीन मंदिरो की व्यवस्था सुचारू रूप सें चल रही है वही जिले के अधिकांश मंदिरो जीर्णशीर्ण हालत मे पहुच रहे है यहां तक  की उनकी सालो से रंगाई पुताई भी नही की गई है । जबकि इन मंदिरो मे भी दर्शनार्थियो की भीड़ रहती है श्रद्धालुओ का यह भी कहना है कि बड़े बड़े मंदिरो की व्यवस्था मे प्रशासन समय -समय पर सहयोग करता रहता है वही ओर मंदिरो पर प्रशासन का ध्यान नही जा रहा  है। अधिकांश मंदिरो के पुजारियो की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। स्थिति यह है कि जो पुजारिया का मानदेय है वह भी सालो से नही मिला। दतिया की धर्मप्रेमी जनता ने प्रशासन से मांग की हैकि वह मंदिरो की व्यवस्था मे प्रशासन सहयोग करे जिससे दतिया के प्राचीन मंदिर अपना अस्तित्व न खोये।

अज्ञात युवक की लाश मिली


दतिया। थाना सिविल लाईन क्षेत्र के दिनारा रोड निचरोली क'चे रोड के पास पैतीस वर्षीय एक अज्ञात युवक की लाश पुलिस ने बरामद की। लाश की सिनाख्त के लिये आसपास से पुलिस ने पूछताछ की ओर उसकी सिनाख्त न होने के बाद पुलिस ने मेडिकल उपरांत लाश का नगरपालिका द्वारा जमीनदोज कर दिया। जानकारी के अनुसार सिविल लाईन टीआई को 7 अक्टूबर की रात्रि को आठ बजे के करीब सूचना मिली कि दिनारा रोड निचरौली क"ो रोडके पास एक लाश पड़ी है सूचना मिलते ही टीआई घटना स्थल पर पहुचे जहॉ एक पैतीस वर्षीय युवक की लाश जब्त की तथा घटना स्थल का मुआयना किया। आसपास के लोगो से लाश के  बारे पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नही मिला। पुलिस ने लावारिश समझ कर उसे जमीनदोज कर दिया तथा मर्ग कायम कर लिया।

ट्रैक्टर पलटा एक मृत


दतिया। थाना धीरपुरा क्षेत्र के अंतर्गत जुझारपुर रोड पेट्रोल पंप के पास एसकोर्ट ट्रेक्टर के चालक ने टे्रक्टर का संतुलन का बिगड़ जाने से वह पलट गया जिससे एक बत्तीस वर्षीय युवक की मौत हो गई। एसकोर्ट टैक्टर चालक बादाम पुत्र रामदीन साहू 35 निवासी मलकपहाड़ी ने धीरपुरा जुझारपुरा रोड दतिया के पास ट्रेक्टर को पलट दिया जिसमे कोक सिंह पुत्र नाथूराम लोदी की मोके पर मोत हो गई। पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। उधर 15 सितंबर को ग्राम बेरछे मे दुर्घटना मे घायल शब्बीर मोहम्मद पुत्र अली मोहम्मद 56 दुर्घटना मे घायल हो गया था जिसे ईलाज के लिये ग्वालियर ले जाया गया था जहां उसकी आज ईलाज के दौरान मोत हो गई।

अलग-अलग स्थानो पर चोरी की वारदात


दतिया। थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के ईदगाह मोहल्ला मे स्थित एक मकान के बरामदे से अज्ञात चोर मोटरसाईकिल चुरा ले गये। वही रिछरा फाटक मे स्थित आंगनबाड़ी से अज्ञात चोर बर्तन भाड़े ले उडे । उधर डीएससीएल केंपस सीतापुर से अज्ञात चोर पंद्रह क्वंटल लोहे का सरिया उठा ले गये। लाखन पुत्र भ"ाू कुशवाहा निवासी ईदगाह मोहल्ला ने कोतवाली मे रिपोर्ट की कि 7 नवंबर की रात्रि मे कोई अज्ञात चोर उसके बरामदे मे घुस गया जो उसकी मोटरसाईकिल उठा ले गया जिसकी कीमत करीब दस हजार रूपये है । वही श्रीमती मुन्नी वंशकार पत्नि सुरेश वंशकार मुन्नी की तलैया निवासी ने रिपोर्ट लिखाई कि रिछरा फाटक आंगन बाड़ी केंद्र सुरेश के मकान से अज्ञात चोर आंगनबाड़ी कार्यालय का ताला तोड़कर बर्तन उठा ले गये जिसकी कीमत चार हजार रूपये बताई गई है। उधर डीएचसीएल के प्रबंधक राघवेंद्र पुत्र हरीशंकर शर्मा 32 ने रिपोर्ट दर्ज कराई की कोई अज्ञात चोर लोहे के सरिया पंद्रह क्वंटल ले गया जिसकी कीमत चालीस हजार रूपये आंकी गई है । पुलिस ने तीनो वारदातो मे चोरी का मामला दर्ज कर लिया है

भाषणों में सिमटी कार्यशाला: ना दिखी तैयारियां : ना नजर आई गंभीरता: ऐसे चलेगा बेटी बचाओ अभियान?


म.प्र.श्योपुर। मुख्यमंत्री की सर्वो"ा प्राथमिकता वाले बेटी बचाओ अभियान के क्रियान्वयन को लेकर छुटपुट निर्देशों के बलबूते दायित्वों की इतिश्री कर डालने वाले श्योपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के आमंत्रण पर एक कार्यशाला का आयोजन 08 नवम्बर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया जो सार्थक चर्चा और ठोस नतीजों के बजाय औपचारिक भाषणों में सिमट कर रह गया। तकरीबन एक घण्टे की देरी से कार्यशाला की शुरूआत जिले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय भारद्वाज द्वारा बेटी बचाओ अभियान के संदर्भ में प्रदेश शासन द्वारा संचालित कार्यक्रमों और भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए की गई जबकि इसके बाद वही हुआ जो जनप्रतिनिधित्व के नाम पर नेताओं और दायित्वों के नाम पर नौकरशाहों की भागीदारी वाले आयोजनों में होता आया है। प्रदेश और संभाग में लिंगानुपात के गड़बड़ाते आंकड़ों के हवाले से प्रदेश शासन की मंशा, समाजों के सरोकारों और नागरिकों के दायित्वों को प्रस्तुत करते हुए भाषणों में निपटा दी गई इस कार्यशाला को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती मीरा रमेश गर्ग, भाजपा के जिलाध्यक्ष महावीर सिंह सिसौदिया, भाजपा नेत्री श्रीमती मिथलेश तोमर, जिलाधीश ज्ञानेश्वर बी. पाटील, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एच.पी. वर्मा, अतिरिक्त जिलाधीश जे.सी. बोरासी आदि ने सम्बोधित किया। बेटियों की संख्या में कमी के पीछे गर्भ परीक्षण, अशिक्षा, जागरूकता के अभाव जैसे कारणों को गिनाते हुए उक्त जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने जहां जन-जागरूकता बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया वहीं इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने का आह्वान भी किया। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सिसौदिया का कहना था कि अभियान को लेकर दीवार लेखन का कार्य बड़े पैमाने पर कराया जाना चाहिए ताकि लोगों में जागृति बढ़ सके वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डीबाई ने श्योपुर विकासखण्ड के ग्राम पानड़ी का उदाहरण सामने रखा जहां बेटियों की संख्या बेटों से अधिक है। कार्यशाला में अनुविभागीय दण्डाधिकारी महीप तेजस्वी, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग आर.एस. परिहार, जिला शिक्षाधिकारी अरविंद सिंह, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एन.आर. गोडिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षिकाओं, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।

लीक से हटकर उठाई आवाज....


क्रमिक भाषणों के सिलसिले पर जिलाधीश श्री पाटील द्वारा स्वप्रेरित भावना के साथ रोक लगाए जाने के बाद कार्यशाला में पत्रकार और समाजसेवी बिरादरी की वैचारिक भागीदारी सुनिश्चित हो पाई। इस अनुक्रम में राजकुमार शर्मा ने जहां श्योपुर जेसीज द्वारा अभियान के समर्थन में किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हुए वर्जनाओं को तोडऩे वाली जिले की दो बेटियों मोनिका शिंदे और चित्रांगदा पाठक को अभियान का प्रतीक बनाए जाने की मांग उठाई गई वहीं एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर बेटी बचाओ अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने वाले साहित्यसेवी पत्रकार प्रभात प्रणय ने अपनी नाराजगी व चिंता का इजहार पूरी बेबाकी व गंभीरता के साथ किया। जिले में अभियान के क्रियान्वयन में गंभीरता के अभाव पर असंतोष जताते हुए उन्होने कहा कि गर्भस्थ बेटी को बचा लेने से अभियान कामयाब होने वाला नहीं है तथा बेटियों को जन्म लेने के बाद बचाना तथा सभी मानवीय अधिकार दिलाना लाजमी है। बेटी बचाओ अभियान को लेकर निस्वार्थ भावना के साथ संलग्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सहयोग देने और सुर्खियों में लाई जाने वाली बेटियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में किसी भी तरह की कोई पहल नहीं करने की शिकायत उठाते हुए प्रभात प्रणय ने कहा कि समाज की सड़ी-गली मान्यताओं के विरूद्ध अपने पिता की पगड़ी को धारण करने वाली चित्रांगदा पाठक और पिता को मुखाग्रि देने वाली मोनिका शिंदे ने जहां प्रदेश के अन्यान्य जिलों के लिए प्रेरणा बनने का काम किया वहीं प्रशासन या विभाग उनके सम्मान हेतु आयोजित समारोह में भागीदारी करने तक का समय नहीं निकाल पाया, जो दु:खद है।

कागजी प्रमाणपत्रों ने किया मायूस....


कार्यशाला के आखिरी चरण में जिले के ग्रामीण अंचल से लेकर आई गईं पांच महिलाओं को प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें एक ब"ाी के जन्म के बाद नसबंदी कराने वाली सुशीला पत्नी सुमेर आदिवासी निवासी-रतोदन सहित दो ब"िायों के जन्म के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाली अनुसुइया पत्नी रामलखन, चंद्रेश पत्नी सीताराम निवासी-पांडोला, ममता पत्नी सुग्रीव निवासी-जवासा तथा धप्पो पत्नी रामस्वरूप निवासी मानपुर शामिल थीं जो अपनी छोटी-छोटी ब"िायों के साथ कार्यशाला में उपस्थित रहीं। सामाजिक कुरीतियों और मान्यताओं के विरूद्ध परिवार नियोजन का साहसिक निर्णय लेने वाली उक्त महिलाओं को उम्मीद थी कि लाखों रूपए का बजट पाने वाले अधिकारी उन्हें कोई विशेष भेंट या सौगात इस अवसर पर देंगे लेकिन कागजी प्रमाणपत्रों ने उनके उत्साह को मायूसी में बदलने का काम किया। आयोजन की सम्पन्नता के बाद कलेक्ट्रेट भवन के बाहर एकत्रित उक्त महिलाओं का मानना था कि उन्होने कार्यक्रम में आकर अपना एक दिन बेमतलब में बर्बाद किया।

फर्जी अंकसूचियों के मामले में: पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने का फरमान जारी

श्योपुर। संचालक मध्यप्रदेश रा'य ओपन स्कूल भोपाल द्वारा जांच एवं सत्यापन की कार्यवाही के उपरांत ओपन प्रणाली की हाईस्कूल-हायर सेकेण्डरी प्रमाण पत्र परीक्षा की दो अंकसूचियों को फर्जी करार दिए जाने के बाद जहां ओपन प्रणाली की अंकसूचियों के बनने और उपयोग में लाए जाने का मामला गंभीर व प्रदेशव्यापी हो गया है वहीं इस तरह के प्रकरणों की आशंका जताते हुए शासन ने सभी जिलों में सतर्कता बरते जाने और मामले सामने आने के बाद सम्बद्ध पुलिस के पास आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराने का निर्देश जिला शिक्षाधिकारियों सहित वरिष्ठ अधिकारियों को जारी किया है। 

ज्ञातव्य है कि अंकसूची अध्ययन केन्द्र शासकीय बालक उत्कृष्ट उ"ातर माध्यमिक विद्यालय आष्टा (जिला-सीहोर) द्वारा  श्रवण कुमार पुत्र विक्रम सिंह ठाकुर एवं देवेन्द्र कुमार पुत्र राधेश्याम नामक विद्यार्थियों की कक्षा 12 वीं की अंकसूचियों की जांच की गई थी जो फर्जी पाई गई थीं। इन मामलों के उजागर होने के बाद इस तरह के प्रकरणों को गंभीरता से लिए जाने के आदेश प्रदेश भर के जिलाधीशों, संभागीय संयुक्त शिक्षा संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि फर्जी नोटों की तरह फर्जी अंकसूचियों और कूटरचित अभिलेखों के मामले श्योपुर जिले में समय-समय पर सामने आते रहे हैं लेकिन प्रभावी कार्यवाही के अभाव में दोषियों के मनोबल कमजोर पडऩे के बजाय और बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में आवश्यकता इस बात की है कि शिक्षा विभाग ओपन प्रणाली की फर्जी अंकसूचियों के बनने और उपयोग में लिए जाने के मामलों को खोजने के लिए विधिवत अभियान चलाए तथा प्रभावी कार्यवाही भी सुनिश्चित करे ताकि फर्जीवाड़े पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगना संभव हो सके।

क्या कुछ कहा गया है निर्देश में.....?


संचालक रा'य ओपन स्कूल भोपाल द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी ओपन प्रणाली से संचालित हाईस्कूल व हायर सेकेण्डरी प्रमाण पत्र परीक्षा की फर्जी अंकसूचियां प्रचलित होने की आशंका है जिसे दृष्टिगत रखते हुए जांच-पड़ताल में कोई कसर बाकी नहीं रहने दी जाए। संचालक ने आगाह कराया है कि कोई भी इस प्रकार की फर्जी अंकसूची किसी अनाधिकृत अथवा असम्बद्ध बाहरी व्यक्ति से क्रय अथवा प्राप्त करने की चेष्टा ना करे। आगाह कराया गया है कि यदि किसी के पास परीक्षा की फर्जी अंकसूची पाई जाए तो उसके विरूद्घ तत्काल कानूनी कार्यवाही की जाए और दोषी के विरूद्घ पुलिस प्रकरण दर्ज कराया जाए। जिलाधीश ज्ञानेश्वर बी. पाटील ने उक्त आदेश के अनुपालन में जिला शिक्षाधिकारी श्योपुर सहित प्राचार्य अध्ययन केन्द्र व प्रभारियों को सतर्कता बरतने तथा प्रकरण पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह है कि फर्जीवाड़े के मामलों में अग्रणी श्योपुर जिले में उ"ा स्तरीय आदेश के अनुपालन में जारी किए गए दिशा-निर्देशों पर स्वप्रेरित कार्यवाही की भी जाती है या नहीं?

फर्जीवाड़े को लेकर गंभीर नहीं प्रशासन....


संचालक रा'य ओपन परीक्षा के आदेश के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही का फरमान भले ही शिक्षाधिकारी को जारी कर दिया गया हो लेकिन इसके विपरीत स"ााई यह है कि इस तरह के मामलों में स्वप्रेरित संज्ञान लेते हुए प्रभावी कार्यवाही अंजाम देने की परम्परा जिले में कभी भी नहीं रही है। जीता-जागता प्रमाण है माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा अमान्य किए गए बोर्ड ऑफ सैकेण्डरी ए'युकेशन दिल्ली से सम्बद्ध हाई स्कूल की अंकसूचियों का कारोबार, जो जिले में धड़ल्ले से जारी बना हुआ है। ज्ञातव्य है कि मण्डल द्वारा उक्त संस्थान की हाई स्कूल की अंकसूचियों की समकक्षता और मान्यता को दो साल पहले निरस्त कर दिए जाने के बावजूद जिले में एक कोचिंग संचालक की मदद से कुछ लोग अभिभावकों को भ्रमित कर दस-दस हजार रूपए में अंकसूचियां उपलŽध कराने का खेल जारी रखे हुए हैं, जिसे लेकर समाचारों का प्रकाशन हाल ही में प्रमुखता के साथ किया गया है। यह अलग बात है कि समाचार के प्रकाशन के बाद जहां अंकसूचियों के विक्रेता अभिभावकों को बरगलाने और ग"ाा देने के लिए नए बहाने तलाश रहे हैं वहीं जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग पाई है।
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