कांग्रेस : हाथ आया मौका जाता रहा, भ्रष्टाचार पर हीला हबाली को लेकर सबाल

व्ही.एस.भुल्ले
म.प्र.ग्वालियर।  पहले म.प्र. के महा भ्रष्टाचार को लेकर हंगामा फिर आसंदी का अपमान,कार्यवाही बतौर बर्खास्त  और फिर बहाली से समूचे म.प्र. में आखिर क्या संदेश गया यह तो जनता जर्नादन ही जाने। मगर इतना तो तय है। कि कांग्रेस ने म.प्र. में सत्तासीन होने का एक अहम मौका गंवा दिया। और कांग्रेस की हीला हबाली के चलते कांग्रेस के हाथ से म.प्र. में सरकार बनाने का मौका हाथ से जाता रहा आखिर  कांग्रेस की क्या मजबूरी रही यह तो कांग्रेस के कर्ताधर्ता ही जाने। मगर फिलहॉल तो सारे प्रदेश में आज भी यह चर्चा सरगर्म है। कि कांग्रेस ने हाथ आये इतने अच्छे मुद्दे को क्यों गवां दिया।

ये सही है। कि बर्खास्त विधायकों से गलती हुई और उन्होने ने वह गलती का वर्खास्तमी के रुप में दंश भी झेला मगर शेष कांग्रेस को क्या सांप सूंघ गया था जो व्यानबाजी तक ही सीमित रही।

वो चाहती तो म.प्र. में हुये महाभ्रष्टाचार को लेकर सामुहिक इस्तीफे विधानसभा में दे सकती थी। और भ्रष्टाचार को लेकर आर पार की लड़ाई लड़ सकती थी। मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। कांग्रेस चाहती तो म.प्र.के महाभ्रष्टाचार पर रिट पिटीशन लगा सकती थी। मगर ऐसा भी नहीं हुआ।

आज अन्य दल खासकर लो.स.पा. के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघु  ठाकुर म.प्र. के राजनैतिक घटना क्रम पर भाजपा कांग्रेस की मिली भगत का आरोप लगा रहे है। आरोप यहां तक है कि म.प्र. में कांग्रेस भाजपा की मिली जुली सरकार चल रही है। वरना क्या बात है। जो विपक्ष म.प्र. में हुये महाभ्रष्टाचार पर कांग्रेस इस तरह चुप है।

दिलीप सूर्यवंशी और सुधीर शर्मा के यहां पढ़े आयकर छापों की बिना पर कांग्रेसी मुंह में मुसीखा डाले बैठे है।

ये अलग बात है। कि अपनी साफ ईमानदार छवि के लिये जाने जाने वाने केन्द्रीय उघोग राज्यमंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया कहते है। कि कांग्रेस की भाजपा के भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई निरंतर जारी है। वही म.प्र. सरकार के पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा कहते है। कि जो आचरण विधान सभा में हुआ वह निन्दयनीय है।

मगर सम्प्रदायिक और फासिसट बादी दलो को समझना इतना चाहिए। कि लेाकतंत्र आम जन की बात को  बहुत अधिक दिन तक दबाया नहीं जा सकता। शायद उसी का परिणाम रहा जो कांग्रेस आज इतनी आक्रोशित है। व्यक्तिगत सम्बन्ध अलग बात है। मगर सार्वजनिक जीवन में उठते सबालातों से मुंह नहीं मोडऩा जा सकता। दिलीप बिल्डकॉन (दिलीप सूर्यवंशी एवं सुधीर शर्मा) वो कड़ी है जिससे भाजपा के भ्रष्टाचार रुपी चेहरे का अक्श आना बांकी है।

बहरहॉल जो भी हों कांग्रेस की म.प्र. से इस तरह बेरुखी आम जमीनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिये यक्ष प्रश्र बना हुआ है। मगर आम गरीब को उम्मीद आज भी कांग्रेस से है। कि देश वासी ही और म.प्र. के गरीब कांग्रेस के उस नारे को आज भी नहीं भूल पाया कि कांग्रेस का हाथ आम गरीब के साथ।
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