म.प्र. में किसान महापंचायत: जख्मों पर मरहम या मजाक...?

सच क्या है। ये तो म.प्र. की सरकार और उसके मुखिया ही जाने मगर एक दैनिक समाचार पत्र में नेशनल क्राइम व्यूरो की रिर्पोट का सच यही है। जिसमें ...

सच क्या है। ये तो म.प्र. की सरकार और उसके मुखिया ही जाने मगर एक दैनिक समाचार पत्र में नेशनल क्राइम व्यूरो की रिर्पोट का सच यही है। जिसमें वर्ष 2011 में म.प्र. में आत्म हत्या करने वाले विभिन्न वर्ग का आंकड़ा 9259 रहा वही विभिन्न कारणों से आत्म हत्या करने वाले किसान (महिला,पुरुषों)का आंकड़ा 1326 रहा।
जिस तरह केडर वाले ने प्रदेश भर से खासी तादाद में भोपाल के जंबूरी मैदान पर अटल महापंचायत कर मरहम लगाया है वह वाक्य में ही मरहम है या फिर मजाक,क्योकि जिस रफतार से 2011 में नेशनल क्राइम व्यूरो की रिर्पोट में आत्म हत्या करने वाले किसानों के आंकड़े है। 2011 की तुलना में वर्ष 2012 में खाद बीज के भाव बाजार में मौजूद है। जो लगभग दो गुने के आसपास है उस पर से बिजली का तो भगवान ही मालिक कव आयेगी कब जायेगी बिल कितना होगा डी.पी. कब लगेगी कुछ भी निश्चित नहीं।

फिलहॉल तो किसानों को वर्ष 2011 में मिलने वाला डी.ए.पी.467,700,965 रु अब 2012 में 1272 रुपये है सोयाबीन बीज 2100 रु प्रति बेग अब है 5000 रुपये प्रति बेग हो गया। ये हकीकत है किसानों की 100 रु. केन्द्र 100 रु रा'य के बोनस के बदले ऐसा उपहार कही देखने मिले ऐसे में केडर वालो द्वारा आयोजित किसान महापंचायत में किसानों को बगैर व्याज रिण,किसानों को मुफत इलाज,कृषि कार्य के दौरान मृत्यु मुआवजा 1 लाख,टियूव बेल खनन पर 40 हजार अनुदान अब धान पर भी 100 रुपया बोनस, सभी को 24 घन्टे किसानों 10 घन्टे बिजली खाद के दाम कम करने विधान सभा में संकल्प पारित के अलावा कई घोषणा हुई न कुछ से कुछ तो किसानों को मिलने वाला है। मगर जिस तरह से केडर वालो के नेताओं ने कृषि को लाभ का धन्धा और 18 प्रतिशत विकास दर म.प्र. की पर प्रदेश के मुखिया की पीठ थपथपाई है। और जिस तरह से म.प्र. सरकार की किसानो को मुफत व्याज की नीति को केन्द्र में राज.ग. की सरकार बनने पर समुचे देश में लागू करने की घोषणा की है। ने चुनावी विगुल फूक दिया है।

हॉलाकि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह,नरेन्द्र सिंह,प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के उदबोधनों में किसान की पीढ़ा भले ही केन्द्र में रही हो मगर जिस प्रकार केन्द्र की संप्रत्र सरकार की नीतियों और नीयत को कौसा गया। यह कांग्रेस नेतृव्य वाली संप्रग सरकार को गले की हड्डी साबित हो सकता है। क्योकि जिस नीति को लेकर वर्ष 2013 के विधानसभा 2014 के लोकसभा चुनावों में नैया पार लगाने की शुरुआत भाजपा ने की है। उसे कितना लाभ इस वोट राजनीति में मिलेगा। 

मगर इतना सब होने के बाबजूद अल्पवर्षा के चलते म.प्र. का आम किसान आज जिस चौराहे पर खड़ा है। उसकी मुसीबते कम होने वाली नही। क्योकि 5000 रुपये क्विटल सोयाबीन बीज तथा 1300 रुपये बेग डी.ए.पी. खाद और बिजली की आंख मिचौली  फिलहॉल तो किसान का जीना हराम किये हुये है। मगर मजे की बात यह है। कि मात्र एक साल में ऐसा क्या पहाड़ टूटा जो खाद,बीज, के दाम दो गुने,हो गये शायद इसका जबाब अपने जख्मों का मातम तो मना सके। खुशी न सही तो क्या........?

COMMENTS

Name

तीरंदाज,328,व्ही.एस.भुल्ले,523,
ltr
item
Village Times: म.प्र. में किसान महापंचायत: जख्मों पर मरहम या मजाक...?
म.प्र. में किसान महापंचायत: जख्मों पर मरहम या मजाक...?
Village Times
http://www.villagetimes.co.in/2012/07/blog-post_16.html
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/
http://www.villagetimes.co.in/2012/07/blog-post_16.html
true
5684182741282473279
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy